Sunday, 3 August 2025

आजमगढ़ गंभीरपुर ट्रक में ट्रेलर ने मारी टक्कर, खलासी की हुई मौत रानीपुर रजमो बाईपास पर रात 2 बजे हुआ हादसा


 आजमगढ़ गंभीरपुर ट्रक में ट्रेलर ने मारी टक्कर, खलासी की हुई मौत



रानीपुर रजमो बाईपास पर रात 2 बजे हुआ हादसा




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर रजमो बाईपास पर शनिवार देर रात करीब 2 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ। बरहज से सोनभद्र जा रहे एक ट्रक में पीछे से तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में ट्रक के खलासी अवधेश पटेल पुत्र सोमनाथ सिंह, निवासी चकताकिया, नारायणपुर, मिर्जापुर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक ड्राइवर दिनेश चौबे निवासी भाटपार रानी, देवरिया को हल्की चोटें आईं। हादसे की सूचना मिलते ही गंभीरपुर पुलिस और पीआरबी मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल मोहम्मदपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अवधेश पटेल को मृत घोषित कर दिया। 


गंभीरपुर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने ट्रेलर और ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Saturday, 2 August 2025

आजमगढ़ सदर मण्डलायुक्त ने 12 अधिकारियों का रोका वेतन तहसील दिवस में औचक निरीक्षण के दौरान मिले थे अनुपस्थित, नो वर्क नो पे के सिद्धान्त पर की कार्रवाई


 आजमगढ़ सदर मण्डलायुक्त ने 12 अधिकारियों का रोका वेतन



तहसील दिवस में औचक निरीक्षण के दौरान मिले थे अनुपस्थित, नो वर्क नो पे के सिद्धान्त पर की कार्रवाई



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मण्डलायुक्त विवेक तथा डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने शनिवार को तहसील सदर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 12 अधिकारी अनुपस्थित मिले। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुपस्थित अधिकारियों का इस आशय का स्पष्टीकरण प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया कि नो वर्क, नो पे के सिद्धान्त के तहत उनका वेतन अवरुद्ध करते हुए उनकी अनाधिकृत अनुपस्थिति को उनकी सेवा में व्यवधान क्यों न माना जाय। 


अनुपस्थित अधिकारियों में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता, विद्युत विभाग के सहायक अभियन्ता, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र, खण्ड शिक्षा अधिकारी रानी की सराय, बीडीओ पल्हनी, बीडीओ रानी की सराय, बीडीओ सठियांव, सहायक विकास अधिकारी कृषि, चकबन्दी अधिकारी जहानागंज, चकबन्दी अधिकारी सठियांव तथा चकबन्दी अधिकारी सगड़ी सम्मिलित हैं। मण्डलायुक्त एवं डीआईजी ने इस अवसर पर आमजन से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को भी सुना तथा समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तरण समय सीमा के अन्दर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराये जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया। आमजन से समस्याओं की सुनवाई के दौरान ग्राम परसूपुर निवासी एक व्यक्ति द्वारा अवगत कराया गया कि गांव की नवीन परती पर अवैध अतिक्रमण किया गया है, जिसे अतिक्रमणमुक्त कराने हेतु मा. उच्च न्यायालय द्वारा 6 माह पूर्व आदेश पारित किया गया है, परन्तु लगातार प्रयास के बाद भी उक्त भूमि को अतिक्रमणमुक्त नहीं कराया गया है। 


मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपजिलाधिकारी, सदर नरेन्द्र कुमार गंगवार को निर्देश दिया कि प्रकरण में सम्बन्धित लेखपाल की भूमिका की जॉंच कर आख्या दें। इसी प्रकार कस्बा मुबारकपुर निवासी मुहम्मद सालिम द्वारा इस आशय का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया कि उनके द्वारा अपने तीन बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र हेतु गत फरवरी माह में आवेदन किया गया है, जिस पर उपजिलाधिकारी, सदर द्वारा ईओ मुबारकपुर से रिपोर्ट मांगी गयी, परन्तु बार-बार नगर पालिका कार्यालय से सम्पर्क किए जाने के बावजूद कई माह बाद भी नगर पालिका परिषद मुबारकपुर से कोई रिपोर्ट नहीं भेजी गयी है। 


मण्डलायुक्त विवेक ने इसे गंभीरता लेते हुए उपलिाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि मामले की जॉंच कर दोषी कार्मिकों को चिन्हित करें तथा तीन दिन के अन्दर आख्या दें। जन समस्याओं की सुनवाई के दौरान ग्राम दूधनारा निवासी अशोक द्वार प्रार्थना पत्र दिया गया कि उपजिलाधिकारी के न्यायालय से आदेश पारित होने के उपरान्त भी बार-बार सम्पर्क किए जाने बाद भी राजस्व निरीक्षक व लेखपाल द्वारा पत्थर नसब की कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसके नतीजे में उनकी जमीन खाली पड़ी हुई है तथा उन्हें काफी नुक्सान उठाना पड़ रहा है। गत मई माह से प्रकरण लम्बित मिलने पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त किया तथा एसडीएम को त्वरित निस्तारण कराये जाने का निर्देश दिया।


इस दौरान दोनों अधिकारियों के समक्ष राजस्व के 47, पुलिस के 4 तथा विकास से सम्बन्धित एक प्रार्थना कुल 53 प्रार्थना प्रस्तुत किये गये। मण्डलायुक्त व डीआईजी द्वारा 6 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने पुलिस से सम्बन्धित मामलों की सुनवाई किया तथा आगामी दिनों के पड़ने वाले त्योहारों, प्रतियोगी परीक्षाओं आदि अवसरों पर क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु थाना प्रभारियों को निर्देशित किया।

बरेली युवती को चोर समझकर पीटा हाथ जोड़कर बोली- प्लीज पहले पुलिस को बुलाओ... भीड़ ने एक न सुनी


 बरेली युवती को चोर समझकर पीटा



हाथ जोड़कर बोली- प्लीज पहले पुलिस को बुलाओ... भीड़ ने एक न सुनी



उत्तर प्रदेश के बरेली के किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला बारादरी में शुक्रवार रात भीड़ ने एक युवती की पिटाई कर दी। युवती ने लोगों से हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगी। कहा कि वह नेपाल की निवासी है और नोएडा से नौकरी के सिलसिले में बरेली आई है। यहां एक परिचित युवक रात में उसे अपने घर ले आया। युवक के साथ उसका फुफेरा भाई भी घर में मौजूद था। इसी दौरान किसी की कॉल आने पर युवती मोबाइल फोन लेकर छत पर चली गई, तभी ड्रोन व चोर की अफवाह में गश्त लगाते घूम रहे मोहल्ले के लोगों ने चोर-चोर का शोर मचा दिया। गुस्साईं भीड़ ने युवती को पकड़ लिया। उसे नीचे ले आए। चोटी पकड़कर युवती को पीटना शुरू कर दिया। वहां मौजूद किसी शख्स ने उसका वीडियो भी बना लिया। युवती हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगती है। कहती है कि प्लीज पहले पुलिस को बुलाओ, लेकिन भीड़ ने उसकी एक न सुनी।


 वीडियो में एक युवक उसकी चोटी पकड़े दिखाई दे रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल रहा है। किला थाना प्रभारी सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उसने तहरीर दी है। मामले में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। वीडियो देखकर आरोपियों की पहचान की जाएगी।

Friday, 1 August 2025

आजमगढ़ तरवां डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाते ही छात्रा की हुई मौत गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में किया हंगामा, लापरवाही का लगाया आरोप


 आजमगढ़ तरवां डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाते ही छात्रा की हुई मौत



गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में किया हंगामा, लापरवाही का लगाया आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के तरवां थाना क्षेत्र के लौरी गांव की 12 वर्षीय छात्रा अंशिका की शुक्रवार को तरवां 100 शैया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। अंशिका अपने पिता मदन के साथ पैर के फोड़े का इलाज कराने आई थी। आरोप है कि डॉ. आरएस मौर्य द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मृत्यु हो गई।



घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सैकड़ों लोग अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर तरवां, देवगांव, गंभीरपुर, जहानागंज और मेंहनगर पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ लालगंज भूपेश पांडेय और नायब तहसीलदार मनोज गिरी ने लोगों को समझा-बुझाकर चार घंटे बाद हंगामा शांत कराया। पुलिस ने डॉक्टर को सुरक्षित थाने पहुंचाया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।


गुस्साए ग्रामीणों ने परमानपुर चौराहे पर सड़क जाम कर दी, जिसे सीओ के हस्तक्षेप के बाद हटा लिया गया। अंशिका अपने भाई में इकलौती बहन थी। उसकी मां संगीता का रो-रोकर बुरा हाल है।


तरवां थानाध्यक्ष चंद्र दीप ने बताया कि अंशिका के पिता मदन ने डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ मेहनगर फर्जी सिम बेचने वाला POS एजेंट गिरफ्तार, 6 जियो सिम बरामद अन्य व्यक्तियों की आईडी पर फर्जी सिम एक्टिवेट कर 2-3 हजार रुपये में बेचता था आरोपी


 आजमगढ़ मेहनगर फर्जी सिम बेचने वाला POS एजेंट गिरफ्तार, 6 जियो सिम बरामद



अन्य व्यक्तियों की आईडी पर फर्जी सिम एक्टिवेट कर 2-3 हजार रुपये में बेचता था आरोपी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के निर्देशन में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मेहनगर कस्बे से एक PoS एजेंट (सिम विक्रेता) को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के कब्जे से 1 जियो एक्टिवेटेड सिम और 5 अनएक्टिवेटेड जियो सिम बरामद की गई हैं।



साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में उप-निरीक्षक योगेंद्र प्रसाद यादव और साइबर सेल की टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि मेहनगर कस्बे में जियो स्टोर पर फर्जी सिम एक्टिवेट कर बेची जा रही हैं। जांच के दौरान पुलिस ने जियो स्टोर के डिस्ट्रीब्यूटर साहिल कुमार, पुत्र रमेश प्रसाद, निवासी धरनीपुर, रानीपुर, आजमगढ़ को सिंचाई विभाग कार्यालय के पास से गिरफ्तार किया।


 पूछताछ में साहिल ने बताया कि वह अन्य व्यक्तियों की आईडी पर फर्जी सिम एक्टिवेट कर 2-3 हजार रुपये में बेचता था। उसने नेटवर्क की समस्या का बहाना बनाकर ग्राहकों से अतिरिक्त फिंगरप्रिंट लेकर सिम एक्टिवेट की और उन्हें बेचा।


गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप-निरीक्षक योगेंद्र कुमार यादव, हेड कांस्टेबल सुखनंदन सिंह यादव, कांस्टेबल सभाजीत मौर्य, रामश्रय यादव और साइबर सेल के हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जायसवाल शामिल थे।

Thursday, 31 July 2025

आजमगढ़ बाजार में बेची जा रही थीं मंडलीय जिला अस्पताल की दवाएं एनसीबी ने लिया एक्शन, फार्मासिस्ट समेत 2 पर मुकदमा दर्ज


 आजमगढ़ बाजार में बेची जा रही थीं मंडलीय जिला अस्पताल की दवाएं



एनसीबी ने लिया एक्शन, फार्मासिस्ट समेत 2 पर मुकदमा दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) गोरखपुर की टीम ने बुधवार को दोपहर में कार्रवाई करते हुए दवाओं को बाजार में बेचकर मुनाफा कमाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। मरीजों का हक छीनकर दवा व्यापारी और झोलाछाप मिलीभगत कर फजीर्वाड़ा कर रहे थे। एनसीबी ने दवा बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, शहर कोतवाली में जिला मंडलीय जिला चिकित्सालय के फार्मासिस्ट रामानंद यादव व एक बाहरी व्यक्ति प्रमोद कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में सरकारी दवाएं मिली हैं।



ड्रग इंस्पेक्टर सीमा वर्मा ने बताया कि एनसीबी गोरखपुर की टीम ने बुधवार की दोपहर जिला अस्पताल के बाहर छापा मारा था। टीम ने प्रमोद कुमार सिंह नाम के एक व्यक्ति को सरकारी दवाओं के साथ पकड़ लिया। टीम उसे पूछताछ करने के लिए कोतवाली में लाई। आरोपी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि वह मंडलीय जिला चिकित्सालय के फार्मासिस्ट रामानांद यादव से दवा लेता था। इसके बाद उसे कुछ मेडिकल हाल व झोलाछाप के यहां सप्लाई करता था। पूरी जानकारी होने पर टीम ने उन्हें इसकी सूचना दी। वह मौके पर पहुंची और शहर कोतवाली में मंडलीय जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट और एक बाहरी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। 


ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि यह फजीर्वाड़ा लंबे समय से चल रहा था और इससे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन दवाओं की सप्लाई किन-किन इलाकों में और किस माध्यम से की जा रही थी। पकड़ी गई दवाओं की कीमत करीब 50 हजार रुपये है। उन्होंने बताया कि अब तक यह कितने लाख की दवाओं को बेच चुके इसका पता लगाया जा रहा है।

आजमगढ़ फूलपुर शव दफनाने को लेकर 2 समुदायों में तनाव, पुलिस बल तैनात विवादित भूमि पर प्रशासन का फैसला, सरकारी कब्रिस्तान में हुआ अंतिम संस्कार, प्रशासन की मध्यस्थता से शांति


 आजमगढ़ फूलपुर शव दफनाने को लेकर 2 समुदायों में तनाव, पुलिस बल तैनात



विवादित भूमि पर प्रशासन का फैसला, सरकारी कब्रिस्तान में हुआ अंतिम संस्कार, प्रशासन की मध्यस्थता से शांति




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के फूलपुर तहसील के नेवादा शेखवलिया गांव में गुरुवार को एक शव को कब्रिस्तान में दफनाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर मामला शांत कराया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।


विवाद का कारण ग्राम शेखवलिया की गाटा संख्या 308, 317 और 329 थी, जो राजस्व अभिलेखों में पहले कब्रिस्तान के रूप में दर्ज थी, लेकिन वर्तमान में ‘जंगल झाड़ी’ के रूप में चिह्नित है। एसडीएम अशोक कुमार ने विवादित भूमि पर शव दफनाने की अनुमति नहीं दी और शव को ग्राम नेवादा के सरकारी कब्रिस्तान में दफनाने का निर्देश दिया। परिजनों ने निर्देशों का पालन करते हुए शव को वहां सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी में लग गए।




बताते चलें कि फूलपुर तहसील क्षेत्र के नेवादा शेखवलिया गांव में बुधवार रात निधन हुए अरशद की माता के शव को दफनाने को लेकर गुरुवार सुबह तनाव की स्थिति बन गई। परिजन शव को गांव के निकट कब्रिस्तान में दफनाने की तैयारी कर रहे थे, जब दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। उनका दावा था कि उक्त भूमि विवादित है और राजस्व अभिलेखों में ‘झाड़ी’ के रूप में दर्ज है। दूसरी ओर, ग्राम प्रधान ओबैदुल्लाह और नसीम अहमद ने दावा किया कि 1940 और 1967 के मुंसिफ हवेली न्यायालय के आदेशों के आधार पर यह भूमि कब्रिस्तान के रूप में उपयोग होती रही है।


तनाव की सूचना पर एसडीएम फूलपुर , सीओ फूलपुर , कोतवाल फूलपुर और क्षेत्रीय लेखपाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। राजस्व अभिलेखों की जांच में पाया गया कि विवादित भूमि अब ‘जंगल झाड़ी’ के रूप में दर्ज है। प्रशासन ने शव को सरकारी कब्रिस्तान में दफनाने का निर्देश दिया, जिसका पालन किया गया।

 

एसडीएम ने बताया कि दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। विवादित भूमि पर कोई गतिविधि न करने का निर्देश दिया गया है, और स्थिति पूरी तरह शांत है। एहतियातन पुलिस बल तैनात रखा गया है।