Sunday, 1 September 2024

आजमगढ़ तरवां, डीपीआरओ ने जारी किया सेवा समाप्ति का नोटिस 7 साल बीतने के बाद भी स्पष्टीकरण ना देने पर की कारवाई


 आजमगढ़ तरवां, डीपीआरओ ने जारी किया सेवा समाप्ति का नोटिस


7 साल बीतने के बाद भी स्पष्टीकरण ना देने पर की कारवाई



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ तरवां विकास खंड के जुवां गांव में तैनात सफाई कर्मी अजीत कुमार को 12 अक्टूबर 2017 को तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी ने निलंबित करते हुए एडीओ पंचायत कार्यालय पल्हनी से संबद्ध किया था। 


लगभग सात साल बीतने के बाद भी सफाई कर्मी द्वारा न तो अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया और न ही बहाली के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। जिस पर डीपीआरओ कुंवर सिंह यादव ने उसे सेवा समाप्ति की नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि एक बार फिर सफाई कर्मी अजीत कुमार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में अवगत कराने का निर्देश दिया गया है। अगर इसके बाद भी उसके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जाता तो उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।

Saturday, 31 August 2024

आजमगढ़ कप्तानगंज 5 लाख रुपये सुपारी देकर कारवाई गई थी पूर्व प्रधान की हत्या पहले की गई थी सल्फाश खिलाने की कोशिश, फिर गमछे से कसा गला 3 चढ़े पुलिस के हत्थे, मुख्य आरोपी फरार


 आजमगढ़ कप्तानगंज 5 लाख रुपये सुपारी देकर कारवाई गई थी पूर्व प्रधान की हत्या


पहले की गई थी सल्फाश खिलाने की कोशिश, फिर गमछे से कसा गला


3 चढ़े पुलिस के हत्थे, मुख्य आरोपी फरार




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कप्तानगंज बाजार निवासी पूर्व प्रधान त्रिवेणी शुक्ला की हत्या के मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से हत्या में प्रयोग किया गया गमछा व एक शीशी बरामद किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि पूर्व प्रधान की हत्या के लिए उनको पांच लाख रूपये की सुपारी दी गयी थी।


पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने बताया कि 26 अगस्त 2024 को कप्तानगंज थाने में स्थानीय बाजार निवासी चन्द्रजीत प्रसाद शुक्ल पुत्र स्व० योगेन्द्र प्रसाद शुक्ल ने तहरीर दिया कि 25 अगस्त 2024 की शाम को लगभग चार बजे उसके भाई पूर्व प्रधान त्रिवेणी शुक्ला घर से गायब हो गए थे जिसकी चन्द्रकेश यादव सहित अन्य ने हत्या कर शव झाड़ी में फेंक दिया। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना के दौरान प्रकाश में आये महेश सोनकर पुत्र मिलन सोनकर निवासी ग्राम कप्तानगंज थाना कप्तानगंज जनपद आजमगढ़ , आदित्य यादव पुत्र राकेश यादव निवासी ग्राम हसनपुर थाना कप्तानगंज जनपद आजमगढ़ व सौरभ गुप्ता पुत्र चन्द्र प्रकाश गुप्ता निवासी ग्राम कप्तानगंज बाजार थाना कप्तानगंज जनपद आजमगढ़ को कादीपुर हरिकेश से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 



पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि जमीन के खरीद-फरोख्त में पैसों के विवाद को लेकर चन्द्रेश यादव ने त्रिवेणी शुक्ला को मरवाने के लिए हम लोगों को 5 लाख रुपए की सुपारी दी थी। हम लोगों द्वारा 25 अगस्त 2024 को कप्तानगंज बाजार से त्रिवेणी शुक्ला को लेकर ग्राम रौसड़ में कुश की झाड़ियों के पास ले गये, जहाँ उसे सल्फास/सिन्दुर व रंग का घोल पिलाने का प्रयास किये, फिर गमछे से गला घोट दिये। इसके बाद उसकी गर्दन व सीने पर पैर से मार कर हत्या कर दिये। त्रिवेणी शुक्ला की मृत्यु के पश्चात उसके शव को कुश की झाड़ियों में छोड़कर भाग गये। अभियुक्तों की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त गमछा व 01 शीशी गोपलापुर पुलिया से बरामद किया गया है। मुख्य आरोपी चन्द्रकेश यादव अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है।


https://youtu.be/0GbzNzWz25g?si=dgDhrM4FyDT3f09N

आजमगढ़ सीएमओ कार्यालय में तैनात महिला कर्मी सहित 3 गिरफ्तार फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में UP ATS ने की कारवाई

आजमगढ़ सीएमओ कार्यालय में तैनात महिला कर्मी सहित 3 गिरफ्तार


फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में UP ATS ने की कारवाई



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ यूपी एटीएस ने दिनांक 30 अगस्त 2024 दिन शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में तैनात एक महिला कर्मी सहित तीन को गिरफ्तार कर लिया। यह कारवाई नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सी.आर.एस.) पोर्टल पर अधिकृत आईडी का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में की गई है। विगत कुछ दिनों से एटीएस उत्तर प्रदेश को सूचना प्राप्त हो रही थी कि प्रदेश के पूर्वी जनपदों में कुछ लोग सिंडिकेट बनाकर, सरकारी तंत्र में सेंध लगाकर नागरिक पंजीकृत प्रणाली (सी.आर.एस.) पोर्टल पर अधिकृत आईडी को दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म / मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर, भारी धन अर्जित कर रहे हैं। उक्त सूचना को एटीएस उत्तर प्रदेश द्वारा विभिन्न माध्यमों से विकसित किया गया।


विकसित सूचना से ज्ञात हुआ कि जनपद आजमगढ़ में एक सिंडिकेट सक्रिय है, जो सी.आर.एस. पोर्टल पर अधिकृत आईडी का दुरुपयोग कर, अवैध रूप से धन अर्जित कर, फर्जी जन्म / मृत्यु प्रमाण पत्र बना रहा है। उक्त सूचना पर संदिग्ध शिवानन्द से पूछताछ की गयी और उसके इलैक्ट्रॉनिक डिवाइस में उपलब्ध तथ्यों का अवलोकन किया, तो ज्ञात हुआ कि फर्जी जन्म / मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले सिंडिकेट की मुखिया सी.एम.ओ. कार्यालय में कार्य करने वाली संविदा कर्मी अनीता यादव है। उक्त अनीता द्वारा सी.आर.एस. पोर्टल की जनपदीय एडमिन आईडी का दुरुपयोग कर कुछ नवीन एवं कुछ मौजूद ग्राम सचिव की आईडी में अवैध रूप से फेरबदल कर अपने सिंडिकेट के प्राइवेट लोगों को फर्जी रूप से जन्म / मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने हेतु उपलब्ध करायी गयी है। अनीता यादव के इस कार्य में आनंद यादव उर्फ नन्हे यादव द्वारा सहयोग किया जाता है।


 अनीता यादव एवं आनंद यादव द्वारा शिवानन्द को भी फर्जी प्रमाण पत्र बनाने हेतु विभिन्न आईडी उपलब्ध करायी गयी थी, जिनमें से कुछ वर्तमान में शिवानन्द द्वारा प्रयोग की जा रही थी । शिवानन्द के मोबाइल फोन में अनीता यादव व अन्य के साथ अवैध रूप से अर्जित धन के लेन-देन एवं फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जाने के साक्ष्य उपलब्ध है। शिवानन्द उपरोक्त ने पूछताछ पर यह भी बताया कि अनीता यादव एवं आनंद यादव पैसे लेकर इसे फर्जी प्रमाण-पत्र बनाने हेतु आईडी उपलब्ध कराते थे। साथ ही यह भी बताया कि मु.अ.सं. 327/24 पंजीकृत थाना सलौन, जनपद रायबरेली के मास्टरमाइंड अभियुक्त रविकेश निवासी दरभंगा, बिहार भी इस सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था।


पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि सी. आर. एस. पोर्टल के Add Old ऑप्शन का प्रयोग करके बनाए गये प्रमाण पत्र जनपद एवं राज्य स्तर पर दर्शित नहीं होते थे, केवल जिस आईडी का प्रयोग करके प्रमाण पत्र को बनाया गया है, उसी आईडी की हिस्ट्री में उस प्रमाण पत्र को देखा जा सकता था । इस जानकारी का दुरुपयोग कर अभियुक्तों द्वारा सी.आर. एस. पोर्टल पर नया जन्म प्रमाण पत्र बनाने हेतु पोर्टल के Add Old ऑप्शन का प्रयोग किया गया।


 इस प्रकार गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों के भारी संख्या में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र सी. आर. एस. पोर्टल के माध्यम से निर्गत किए गये हैं, जिनके सम्बन्ध में जाँच की जा रही है। अभियुक्ता द्वारा पोर्टल पर मौजूद आईडी में संशोधन एवं नवीन आईडी बनाने के सम्बन्ध में संलिप्त व्यक्ति एवं इस सिंडिकेट अन्य सदस्य एटीएस की रडार पर हैं, जिन पर शीघ्र ही विधिक कार्यवाही की जाएगी। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध मु.अ.सं. 487/2024 अन्तर्गत धारा 319(2), 318(4), 336(3), 337, 338, 340 (2), 61 (2) बी.एन.एस. एवं 66सी / 66डी सूचना प्रौद्योगिकी (यथा संशोधित) अधिनियम 2008, थाना कोतवाली, जनपद आजमगढ़ में पंजीकृत कराया गया। अग्रिम विधिक कार्यवाही सम्बन्धित थाना, जनपद आजमगढ़ द्वारा की जाएगी।


 गिरफ्तार अभियुक्तों में शिवानन्द पुत्र रामहित राम निवासी अकबेलपुर, पोस्ट सेवटा, थाना- जहानागंज, जनपद-आजमगढ़, अनीता यादव पत्नी ज्ञान शंकर यादव निवासी कोल पाण्डेय, थाना कोतवाली, जनपद आजमगढ़, आनंद यादव उर्फ नन्हे यादव पुत्र राम मिलन यादव निवास बड़ेगाँव फत्तनपुर , थाना निजामाबाद, जनपद आजमगढ़ हाल पता हरवंशपुर, सिधारी, जनपद आजमगढ़ है। बरामदगी में मोबाइल फोन – 06, सिम कार्ड – 02 व लैपटॉप – 01 है।

 

Friday, 30 August 2024

आजमगढ़ मंडलीय अस्पताल स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा खतरे में, किया प्रदर्शन मरीज की मौत के बाद स्टाफ नर्स की पिटाई के बाद बीएसटी और फाइल उठा ले जाने का मामला


 आजमगढ़ मंडलीय अस्पताल स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा खतरे में, किया प्रदर्शन



मरीज की मौत के बाद स्टाफ नर्स की पिटाई के बाद बीएसटी और फाइल उठा ले जाने का मामला



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ मंडलीय अस्पताल की सुरक्षा बिना डंडे के होमगार्डो के भरोसे है। पूर्व में भी हुई घटनाओं को लेकर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। वार्ड बॉय के साथ मारपीट, चिकित्सा के साथ हुई मारपीट, महिला स्वास्थ्य कर्मी के साथ अभद्रता, इमरजेंसी कक्ष में आए दिन विवाद और मारपीट की हुई घटनाओं को लेकर विभाग और प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों के सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया। आए दिन चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी तीमारदारों के हाथो पीट रहे है। गुरुवार को घटी घटना से स्वास्थ्य कर्मियों को अपनी सुरक्षा को लेकर भय व्याप्त होने लगा। लोगों को जीवन देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को आए दिन तीमारदारों के क्रोध का सामना करना मुश्किल हो गया है। 



वहीं प्रमुख अधीक्षक डॉक्टर अमोद कुमार द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों से कहा गया कि जब मेरी सुरक्षा नहीं है तो तुम्हारी सुरक्षा कहां से होगी। दुर्घटना में घायल वृद्ध को बिना अनुमति के तीमारदार जबरदस्ती ले जाने तीमरदारों का विरोध स्टाफ नर्स को मंहगा पड़ा तो नाराज तीमारदारों ने स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय की जमकर पीटाई कर दी। घटना से नाराज चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों ने शुक्रवार की सुबह इमरजेंसी गेट पर अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए प्रदर्शन करने लगे।


 घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंंचे एसडीएम सदर डॉक्टर अतुल कुमार गुप्ता, शहर कोतवाल शशि मौलि पांडेय और एसआइसी डॉक्टर आमोद कुमार के समझाने बुझाने और सुरक्षा का भरोसा दिया तब जाकर स्वास्थ्य कर्मी काम पर लौटे उसके बाद मरीजों की सेवा बहाल हुई।



बिलरियागंज थाना क्षेत्र के भलुवाई गांव निवासी 55 वर्षीय बौछारी सोनकर बुधवार की शाम बाजार गए थे। कुछ देर बाद मोपेड से घर लौट रहे थे कि सिवनिहवा बाबा मोड़ पर पीछे से आ रही तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिसमें वह घायल हो गए। परिजन आनन-फानन में जिला अस्पताल मेंं भर्ती कराया। गुरूवार की शाम को परिजन स्टाफ नर्स को बैगर सूचना दिए घायल को जबरदस्ती ले जा रहे थे। मेल मेडिकल वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स पूनम व वार्ड बॉय पूजा ने विरोध किया तो नाराज तीमरदारों ने घायल को जबरदस्ती लेकर अपने साथ चले गए। हालाकि गेट के पास पहुंचते ही घायल ने दम तोड़ दिया। उसके बाद नाराज तीमरदारों ने मेल मेडिकल वार्ड में तैनात दोनो स्वास्थ्य कर्मियों की जमकर पीटाई कर दी। स्टाफ रूम में रखे बीएसटी और फाइलों को उठा ले गए। तीमारदार ने स्टाफ नर्स के हाथ पर वाइपर की पाइस से वार कर एक ने उसका हाथ तोड़ दिया। घटना की जानकारी जब स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों को हुई तो उन्होंने ओपीडी न करने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों के साथ सुरक्षा की मांग को उनके साथ खड़े हो गए। 


स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा का मामला दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है। उनके सुरक्षा के ठीक ढंग से इंतजाम न होने के कारण चिकित्सकों में भी आक्रोश है। चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर तीमारदारों के खिलाफ कार्रवाई नही हुई तो आगे बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।

आजमगढ़ में एटीएस की दस्तक कई संदिग्धों को उठाए जाने की सूचना, फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला

आजमगढ़ में एटीएस की दस्तक



कई संदिग्धों को उठाए जाने की सूचना, फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ में एक बार फिर एटीएस की आमद ने लोगों को चौंका दिया है। जिले में जब भी एटीएस ने छापेमारी की है तब तब बड़ा राजफाश हुआ है। जिले से आतंकियों और संदिग्धों के पकड़े जाने का सिलसिला पुराना है। एटीएस का रुख जिला मुख्यालय के आसपास ही है।


 माना जा रहा है कि जांच के बाद एटीएस बड़ा राजफाश कर सकती है। वहीं चर्चा ये भी है कि रायबरेली में फर्जी प्रमाण पत्र बनने के मामले का खुलासा होने के बाद पूरे प्रदेश में इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। जिसे लेकर जिले में एटीएस ने दस्तक दी है। हालांकि इस मामले में जिले स्तर के अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। रायबरेली के सलोन और छतोह ब्लॉक में फर्जी प्रमाण पत्र बनने का बड़ा मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। सभी जिलों के डीएम को जन्म प्रमाण पत्रों की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। वहीं डीजीपी मुख्यालय की ओर से पुलिस को भी जांच में सहयोग करने का आदेश दिया गया है।


 प्रमाण पत्र बनवाने में पीएफआई के सदस्यों की भूमिका की जांच का जिम्मा एटीएस को सौंपा गया है। इसे लेकर एटीएस अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर रही है। सूत्रों की माने तो जन्म प्रमाण पत्र की जांच के लिए एटीएस जिले में धमकी है। टीम पुलिस अधिकारियों से भी मिली। जगह-जगह छापेमारी भी कर रही है। कारण कि आजमगढ़ जनपद में आतंकियों और संदिग्धों के पकड़े जाने का सिलसिला पुराना है।

 

बहराइच पुल से लटकी यात्रियों से भरी बस अटकीं 50 यात्रियों की जान, स्थानीय लोग बने सहारा


 बहराइच पुल से लटकी यात्रियों से भरी बस



अटकीं 50 यात्रियों की जान, स्थानीय लोग बने सहारा



उत्तर प्रदेश बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत रखौना गांव के पास सरयू नहर पर बने पुल पर यात्रियों से भरी बस लटक गई। बस में सवार यात्रियों की सांसे थम गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह बस को नियंत्रित किया। इस दौरान एक बालक पानी में गिर गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने छलांग लगाकर बालक को डूबने से बचाया। आसपास के लोगों ने दौड़कर राहत बचाव का कार्य शुरू किया। डबल डेकर बस एन एल 02 बी 3021 दिल्ली से सवारी लेकर महसी की ओर जा रही थी। बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। स्थानीय लोगों ने सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। उसके बाद जेसीबी मशीन मंगवा कर बस को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।


 घटना की असल वजह पुल की दोनों टूटी हुई रेलिंग व सकरा पुल बताया जा रहा है। उग्रसेन सिंह चौहान 'बंधु' , मनोज बाजपेई, मैनुदीन शाह सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि पुल की टूटी हुई रेलिंग के बारे में कई बार पीडब्ल्यूडी व नहर विभाग के अधिकारियों सहित एसडीएम को शिकायती पत्र सौंपकर मरम्मत कार्य करवाने की मांग की गई है लेकिन विभाग की ओर से कोई अमल नहीं किया गया। बीते चार माह पूर्व भी एक बोलेरो कार पुल से नीचे नहर में गिर गई थी। स्थानीय लोगों की मांग है की पुल की टूटी हुई रेलिंग को दुरुस्त कराया जाए साथ ही सकरे पुल को चौड़ा कराया जाय जिससे हादसा होने से बच सके।

फतेहगढ़ 2 सहेलियों कि मौत के रहस्य से पुलिस ने उठाया पर्दा, जन्माष्टमी पूजा के लिय निकली थी घर से


 

                     मृतक सहेलियों के परिजन 


फतेहगढ़ 2 सहेलियों कि मौत के रहस्य से पुलिस ने उठाया पर्दा,


जन्माष्टमी पूजा के लिय निकली थी घर से



उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद /फतेहगढ़ जनपद मे दिनांक 27.08.2024 को कायमगंज थाना क्षेत्र के भगौतीपुर में घटित घटना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटी मोर्टम हैंगिंग की पुष्टि हुई है एवं किसी प्रकार की चोटें नही पाई गई है। घटना की हर पहलू से जांच प्रचलित है। प्रकरण के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ व मुख्य चिकित्साधिकारी फतेहगढ़ द्वारा दोनों सहेलियों के मौत के रहस्य से पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर खुलासा किया गया 




कायमगंज थाना क्षेत्र के भगौतीपुर गांव में आम के बाग में एक ही डाल पर दो सहेलियों के शव 27 अगस्त 2024 दिन मंगलवार की सुबह फांसी के फंदे पर लटके पाए थे जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना को देखते हुए पुलिस ने जांच पड़ताल की। दरअसल, दोनों सहेलियां जन्माष्टमी के मेले में शामिल होने के लिए घर से निकली थी।


 भगौतीपुर गांव निवासी रामवीर जाटव की 18 वर्षीय बेटी बबली और महेंद्र जाटव की 16 वर्षीय बेटी शशि आपस में सहेली थी। दोनों जन्माष्टमी के मेले के लिए निकली थी 26 अगस्त 2024 दिन सोमवार की रात 9 बजे के बाद दोनों घर से लापता हो गई थी।


 परिजनों ने काफी खोजबीन की पर कहीं पता नहीं चला। गांव के मंदिर पर कार्यक्रम हो रहा था वहां भी परिजन पहुंचे तो जानकारी हुई कि दोनों यहां नहीं आई थी।


 परिजन रात भर इधर-उधर खोजते रहे। मंगलवार की सुबह घर के पीछे भाग में बबली और शशि के शव आम के पेड़ की डाल पर लटकते पाए गए। इसको देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। 


घटना कि जानकारी कायमगंज कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची जांच पड़ताल की। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी भी मौके पर पहुंचे थे। परिजनों से बातचीत की। दोनों के शवो को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया था।



पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ व मुख्य चिकित्साधिकारी फतेहगढ़ द्वारा बताया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटी मोर्टम हैंगिंग की पुष्टि हुई है एवं किसी प्रकार की चोटें नही पाई गई है। घटना की हर पहलू से जांच प्रचलित है।


https://www.news9up.com/2024/08/2_27.html


https://youtu.be/KJvAd5ZKDao?si=hDJ7BClNUFgJQE2A