आजमगढ़ सरायमीर, नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास
पॉक्सो कोर्ट ने एक लाख छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, साक्ष्य के अभाव में सह-आरोपी बरी
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के बाद हत्या के चर्चित मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास और एक लाख छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सह-आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया। यह फैसला पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी ने गुरुवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 11 फरवरी 2021 को सरायमीर थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय किशोरी अपनी मां के कहने पर रिश्ते के चाचा जितेंद्र यादव उर्फ जित्तू के साथ घर गई थी। जब वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश की और बाद में जितेंद्र के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर दूसरे दिन गांव के एक कुएं से किशोरी का शव बरामद हुआ। मामले में प्रांजल यादव निवासी असई मोलनापुर, थाना दीदारगंज को भी गिरफ्तार किया गया था।
विवेचना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा और दौलत यादव ने 10 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जितेंद्र यादव उर्फ जित्तू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और एक लाख छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि प्रांजल यादव को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

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