हापुड़ सिपाही ने ड्यूटी के दौरान खुद को मारी गोली
गले में गोली लगने से मौत, पिता बोले- छुट्टी में गुमसुम रहता था बेटा
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में तैनात फतेहाबाद निवासी 22 वर्षीय सिपाही आशीष वर्मा ने रविवार को धौलाना थाने में पहरा ड्यूटी के दौरान अपनी सरकारी SLR राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली गले में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी आनन-फानन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। आशीष वर्मा पुत्र त्रिभुवननाथ फतेहाबाद के थाना निबोहरा क्षेत्र के हीरापुरा गांव का निवासी था। वह वर्ष 2025 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उसकी तैनाती हापुड़ जिले के धौलाना थाने में हुई थी। रविवार सुबह करीब 11 बजे वह थाने में पहरा ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान उसने अपनी सरकारी SLR राइफल से गले में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्मघाती कदम उठाने के पीछे क्या कारण था, इसका अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों के मुताबिक आशीष 16 अगस्त 2026 को छुट्टी लेकर घर आया था और 3 सितंबर 2026 को वापस ड्यूटी पर गया था।
पिता त्रिभुवननाथ ने बताया कि उनका बेटा मिलनसार स्वभाव का था। आमतौर पर छुट्टी में वह दोस्तों और परिचितों से मिलता-जुलता था, लेकिन इस बार वह न तो किसी दोस्त से मिलने गया और न ही बाहर निकला। वह काफी गुमसुम रहता था। पूछने पर भी उसने अपनी परेशानी के बारे में कुछ नहीं बताया। पिता स्वयं आशीष को ड्यूटी के लिए थाने तक छोड़कर आए थे। उस समय उन्हें इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि उनका बेटा इतना बड़ा कदम उठा सकता है। आशीष दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई संतोष 18 वर्ष का है और महाराष्ट्र में हलवाई का काम करता है। उसकी एक छोटी बहन की शादी अभी नहीं हुई है, जबकि दूसरी बहन शादीशुदा है। पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आशीष के पुलिस विभाग में भर्ती होने के बाद परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। परिजनों को उम्मीद थी कि नौकरी में आगे बढ़कर वह घर की जिम्मेदारियां संभालेगा। रविवार को उसकी मौत की खबर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां राजकुमारी और पिता त्रिभुवननाथ बेसुध हो गए। घर में मौजूद रिश्तेदार और ग्रामीण परिजनों को संभालने में जुटे रहे।






