Thursday, 3 September 2026

बलिया 3 दिन में उजड़ गया परिवार, बेटी की शादी की तैयारियां मातम में बदलीं एक ही परिवार में 3 मौतों से मचा कोहराम


 बलिया 3 दिन में उजड़ गया परिवार, बेटी की शादी की तैयारियां मातम में बदलीं


एक ही परिवार में 3 मौतों से मचा कोहराम


उत्तर प्रदेश के बलिया जिले उभांव थाना क्षेत्र के पशुहारी गांव में बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे एक परिवार की खुशियां महज तीन दिन में मातम में बदल गईं। शनिवार को पत्नी आशा देवी (46) की मौत के बाद मंगलवार को बुजुर्ग मां जोनिहा (76) ने भी दम तोड़ दिया। परिवार के लोग मां का अंतिम संस्कार कर घर लौटे ही थे कि वाराणसी के ट्रामा सेंटर से बेटी प्रीति (23) की मौत की खबर आ गई। एक के बाद एक तीन मौतों से शिवचंद राजभर का परिवार पूरी तरह टूट गया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। पशुहारी गांव निवासी शिवचंद राजभर अपनी पत्नी आशा देवी, मां जोनिहा, बेटे मनन और बेटी प्रीति के साथ रहते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शिवचंद कई वर्षों से कर्नाटक में रहकर वेल्डिंग का काम करते थे। करीब एक माह पहले वह अपने बेटे मनन के साथ गांव लौटे थे। घर आने के बाद उन्होंने बेटी प्रीति की शादी तय की थी। इसके बाद परिवार में शादी की तैयारियां शुरू हो गई थीं और खरीदारी भी चल रही थी। 


परिजनों के मुताबिक आशा देवी काफी समय से बीमार थीं। उन्हें दिमागी बीमारी और पाइल्स की शिकायत थी। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी और उन्हें सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण स्थानीय स्तर पर ही उनका इलाज कराया जा रहा था। शनिवार को उनकी मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। परिवार अभी आशा देवी की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि मंगलवार को शिवचंद की बुजुर्ग मां जोनिहा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सांस लेने में परेशानी के बाद कुछ ही देर में उनकी भी मौत हो गई। एक ही परिवार में लगातार दूसरी मौत से घर में कोहराम मच गया। इधर, शिवचंद की बेटी प्रीति की तबीयत भी लगातार खराब चल रही थी। परिजनों के अनुसार उसे सर्दी-जुकाम, बुखार, कमर दर्द और खून की कमी की शिकायत थी। उसकी प्लेटलेट्स भी काफी कम हो गई थीं। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान परिवार ने कई यूनिट रक्त की व्यवस्था भी की, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को परिवार के लोग जोनिहा का अंतिम संस्कार करने के बाद घर लौटे ही थे कि वाराणसी से प्रीति की मौत की खबर आ गई। कुछ घंटे पहले जिस घर में बुजुर्ग मां की अंतिम विदाई का गम था, उसी घर में बेटी की मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया। प्रीति की मौत की सूचना गांव में पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण शिवचंद के घर पहुंचने लगे। शिवचंद कई वर्षों से कर्नाटक में वेल्डिंग का काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। बेटे मनन की पढ़ाई में रुचि कम होने पर करीब एक वर्ष पहले वह उसे भी अपने साथ कर्नाटक ले गए थे, जहां मनन दोपहिया वाहनों की मरम्मत का काम सीख रहा था। करीब एक माह पहले दोनों गांव लौटे थे। गांव लौटने के बाद प्रीति की शादी तय हुई तो परिवार में खुशियां लौट आई थीं। शादी के लिए खरीदारी शुरू हो गई थी। शिवचंद भी परिवार के साथ रहकर बेटी की शादी की जिम्मेदारी पूरी करना चाहते थे। लेकिन तीन दिन के भीतर पत्नी, मां और बेटी की मौत ने उनकी पूरी दुनिया उजाड़ दी।


 परिजनों के अनुसार प्रीति को बुखार के साथ सांस संबंधी परेशानी थी। उसकी दादी जोनिहा को भी सांस लेने में दिक्कत थी। वहीं प्रीति का भाई मनन भी सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित है। हालत खराब होने के कारण वह अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका। एक ही परिवार में तीन दिनों के भीतर तीन मौतों की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। एसडीएम के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम शिवचंद के घर पहुंची और परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य स्थिति के साथ ही तीनों मौतों से जुड़े कारणों की जानकारी ली। अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार सिंह के अनुसार प्राथमिक जांच में पत्नी आशा देवी और बेटी प्रीति की मौत खून की कमी के चलते होने की बात सामने आई है, जबकि बुजुर्ग जोनिहा की मौत सांस लेने में तकलीफ के कारण हुई। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की टीम यह भी जांच कर रही है कि परिवार में डेंगू या किसी अन्य बीमारी का संक्रमण तो नहीं था। एक ही परिवार में तीन दिन के भीतर तीन मौतों की घटना से पशुहारी गांव में हर कोई स्तब्ध है। जिस घर में जल्द ही शादी के गीत गूंजने वाले थे, वहां अब मातम और सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।

Wednesday, 2 September 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर नहर में पैर फिसलने से गहरे पानी में डूबा युवक पानी का बहाव तेज होने से रातभर नहीं मिल सका शव, सुबह पानी कम होने पर हुआ बरामद


 आजमगढ़ गंभीरपुर नहर में पैर फिसलने से गहरे पानी में डूबा युवक


पानी का बहाव तेज होने से रातभर नहीं मिल सका शव, सुबह पानी कम होने पर हुआ बरामद



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर बाज बहादुर गांव निवासी 30 वर्षीय सूरज राम पुत्र राजाराम मंगलवार शाम शारदा सहायक खंड-23 नहर में डूब गया। बुधवार सुबह नहर का पानी कम होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल के पास से उसका शव बरामद किया। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। 


जानकारी के अनुसार, सूरज राम मंगलवार शाम करीब सात बजे शौच के लिए गांव के उत्तरी छोर पर स्थित शारदा सहायक खंड-23 नहर के किनारे गया था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। कुछ दूरी पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और उसे बचाने के लिए नहर में कूदे, लेकिन नहर की गहराई और तेज बहाव के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। 


घटना की सूचना स्थानीय पुलिस चौकी गोसाई की बाजार को दी गई। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी आशीष तिवारी और वीरेंद्र कुमार यादव हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पूरी रात नहर में युवक की तलाश की, लेकिन अधिक पानी और तेज बहाव के चलते सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर नहर का पानी बंद कराया। बुधवार सुबह पानी का स्तर कम होने पर पुलिस और ग्रामीणों ने दोबारा तलाश शुरू की। करीब नौ बजे घटनास्थल के पास ही सूरज का शव बरामद हो गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूरज तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। वह पेंटिंग का काम करके परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब दो वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी और उसकी एक वर्ष की बेटी भी है। सूरज की मौत से पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।

आजमगढ़ फूलपुर बारिश से सरकारी भवनों के आसपास जलभराव, बढ़ी लोगों की मुश्किलें तहसील के ग्रामीण न्यायालय के सामने जमा पानी, वादकारियों और अधिवक्ताओं को परेशानी ऊदपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी भरा पानी, ग्रामीण इलाकों में कीचड़ और गंदगी से बढ़ी दिक्कत


 आजमगढ़ फूलपुर बारिश से सरकारी भवनों के आसपास जलभराव, बढ़ी लोगों की मुश्किलें


तहसील के ग्रामीण न्यायालय के सामने जमा पानी, वादकारियों और अधिवक्ताओं को परेशानी


ऊदपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी भरा पानी, ग्रामीण इलाकों में कीचड़ और गंदगी से बढ़ी दिक्कत


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण फूलपुर तहसील मुख्यालय से लेकर विद्युत उपकेंद्र और ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। सरकारी भवनों के आसपास पानी जमा होने से कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ ही विभिन्न कार्यों से कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फूलपुर तहसील मुख्यालय स्थित ग्रामीण न्यायालय के सामने बारिश का पानी कई दिनों से जमा है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी के साथ गंदगी भी फैलने लगी है। जलभराव के बीच ग्रामीण न्यायालय आने-जाने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं और अन्य लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।


 स्थानीय लोगों का कहना है कि न्यायालय के सामने जलनिकासी की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में हर वर्ष ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। ऊदपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी बारिश का पानी जमा होने से कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। परिसर में जलभराव के कारण विभागीय कर्मचारियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। विभिन्न कार्यों से उपकेंद्र पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलभराव के कारण विद्युत उपकरणों और कार्यालय परिसर की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।


 बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। कई गांवों की सड़क और गलियों में पानी बह रहा है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव के कारण ग्रामीणों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। जगह-जगह पानी जमा होने से कीचड़ और गंदगी की समस्या भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से सरकारी भवनों के आसपास और ग्रामीण क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते जलभराव की समस्या का समाधान किया जाए, ताकि बारिश के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।

बदायूं , बंद शराब की दुकान के बाहर भिड़े पुलिसकर्मी, हेड कांस्टेबल और PAC के दो जवानों में जमकर मारपीट शराब लेने को लेकर शुरू हुआ विवाद सड़क तक पहुंचा, लात-घूंसे चलने से मची अफरा-तफरी मारपीट का वीडियो वायरल होते ही कार्रवाई, हेड कांस्टेबल निलंबित; PAC जवानों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट


 बदायूं , बंद शराब की दुकान के बाहर भिड़े पुलिसकर्मी, हेड कांस्टेबल और PAC के दो जवानों में जमकर मारपीट


शराब लेने को लेकर शुरू हुआ विवाद सड़क तक पहुंचा, लात-घूंसे चलने से मची अफरा-तफरी


मारपीट का वीडियो वायरल होते ही कार्रवाई, हेड कांस्टेबल निलंबित; PAC जवानों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट


उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की नवादा पुलिस चौकी के पास सोमवार देर रात बंद शराब की दुकान के बाहर पुलिसकर्मियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। शराब लेने को लेकर हुए विवाद में डायल-112 में तैनात हेड कांस्टेबल धीरेंद्र और पीएसी के दो जवान लवली व रमन आपस में भिड़ गए। मारपीट के दौरान सड़क पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति रही और यातायात भी प्रभावित हुआ। घटना का करीब पांच मिनट का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में रात करीब 11:18 से 11:23 बजे के बीच पुलिसकर्मियों के बीच पहले कहासुनी और फिर गाली-गलौज होती दिखाई दे रही है। कुछ ही देर में विवाद मारपीट में बदल जाता है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगते हैं। मौके पर मौजूद लोग बीच-बचाव का प्रयास करते नजर आते हैं। 


बताया गया कि सोमवार रात शराब की दुकान बंद होने के बाद हेड कांस्टेबल धीरेंद्र तथा पीएसी के जवान लवली और रमन वहां शराब लेने पहुंचे थे। पहले शराब लेने को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि तीनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। मारपीट करते हुए पुलिसकर्मी सड़क तक पहुंच गए, जिससे वहां कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच के आधार पर डायल-112 में तैनात हेड कांस्टेबल धीरेंद्र को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पीएसी की नौवीं बटालियन मुरादाबाद में तैनात लवली और रमन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पीएसी मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है। 


एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर हेड कांस्टेबल धीरेंद्र को निलंबित किया गया है। पीएसी के दोनों जवानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। मामले की जांच जारी है।

Tuesday, 1 September 2026

आजमगढ़ में H1N1 के 4 पॉजिटिव केस मिले, स्वास्थ्य महकमा अलर्ट अस्पतालों में वार्ड-बेड की व्यवस्था दुरुस्त, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने की अपील


 आजमगढ़ में H1N1 के 4 पॉजिटिव केस मिले, स्वास्थ्य महकमा अलर्ट



अस्पतालों में वार्ड-बेड की व्यवस्था दुरुस्त, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने की अपील



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में मौसमी इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू के चार पॉजिटिव मामलों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिला सर्विलांस अधिकारी को लखनऊ और वाराणसी स्थित चिकित्सा संस्थानों से प्राप्त रिपोर्टों का जनपद स्तर पर सत्यापन किया गया है। इनमें तीन रिपोर्ट चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी और एक रिपोर्ट मेदांता अस्पताल, लखनऊ से संबंधित है। 


मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने बताया कि सत्यापित मरीजों में करीब एक वर्षीय बालिका, 36 वर्षीय महिला, 45 वर्षीय पुरुष और 64 वर्षीय पुरुष शामिल हैं। इनमें दो मामले शहरी क्षेत्र और दो ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित हैं। सभी मामलों में जिला सर्विलांस टीम द्वारा निगरानी के साथ आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी कार्रवाई की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एच1एन1 के संभावित खतरे को देखते हुए जनपद के मेडिकल कॉलेज, मंडलीय जिला चिकित्सालय तथा तरवां, लालगंज और अतरौलिया स्थित 100 शैय्या अस्पतालों में वार्ड और बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की है। अस्पतालों में जांच, उपचार और जरूरी दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी दुरुस्त रखने को कहा गया है।


 सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि एच1एन1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है। बाजार, सार्वजनिक स्थलों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें। खांसते और छींकते समय मुंह-नाक ढकें तथा हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। फ्लू जैसे लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सांस लेने में परेशानी या मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से परामर्श लेने को कहा गया है। डॉ. वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। जनपद में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं, उपचार और निगरानी व्यवस्था सक्रिय है। लोगों से सावधानी बरतने, भीड़ में मास्क पहनने और लक्षण होने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की गई है।

Monday, 31 August 2026

आजमगढ़ सेवानिवृत्त 4 पुलिसकर्मियों को सम्मान के साथ दी गई विदाई एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने पुष्पमाला, मोमेंटो और मिठाई देकर किया सम्मानित


 आजमगढ़ सेवानिवृत्त 4 पुलिसकर्मियों को सम्मान के साथ दी गई विदाई



एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने पुष्पमाला, मोमेंटो और मिठाई देकर किया सम्मानित



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पुलिस लाइन में सोमवार को सेवानिवृत्त हुए चार पुलिसकर्मियों के सम्मान में सेवा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को पुष्पमाला पहनाकर, मिठाई खिलाकर एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी। उन्होंने सभी के उत्तम स्वास्थ्य, सुखद जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


 एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि पुलिस विभाग में लंबे समय तक निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ सेवाएं देने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी विभाग की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और उत्कृष्ट सेवाएं पुलिस विभाग के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जबकि समाज और राष्ट्र के प्रति उनका अनुभव एवं योगदान हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा। समारोह में निरीक्षक ना0पु0 अभय राज मिश्रा, उपनिरीक्षक ना0पु0 सभाजीत, उपनिरीक्षक ना0पु0 चन्द्रमा राम तथा मुख्य आरक्षी चालक नरेश चन्द को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षणाधीन) ईश्वर गुज्जर, क्षेत्राधिकारी नगर सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के दीर्घकालीन योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सम्मानपूर्ण जीवन की मंगलकामना की।

आजमगढ़ थाना कोतवाली, जिला अस्पताल के सामने जाम, पुलिस से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज के मामले में 5 गिरफ्तार शव को ससुराल पक्ष को ले जाने से रोककर एफआईआर की मांग कर रहे थे प्रदर्शनकारी


 आजमगढ़ थाना कोतवाली, जिला अस्पताल के सामने जाम, पुलिस से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज के मामले में 5 गिरफ्तार


शव को ससुराल पक्ष को ले जाने से रोककर एफआईआर की मांग कर रहे थे प्रदर्शनकारी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जिला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने सड़क जाम कर प्रदर्शन करने, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने पांच वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों को सोमवार की देर रात तहबरपुर थाना क्षेत्र के सोहिला गांव से हिरासत में लिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।


 पुलिस के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 को गेलवारा निवासी रेनू पत्नी शिवम की मृत्यु के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चरी में लाया गया था। पोस्टमार्टम के बाद मृतका के मायके पक्ष के लोग शव को ससुराल पक्ष के लोगों के साथ ले जाने से रोकते हुए पहले एफआईआर दर्ज कराने की मांग करने लगे। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास करते हुए थाना सिधारी में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा, लेकिन लोग आक्रोशित हो गए। इसी दौरान शाम करीब 3:40 बजे शनि पुत्र रामजी, निवासी हासापुर, थाना तहबरपुर, अपने करीब 20-25 अज्ञात पुरुष एवं महिला सहयोगियों के साथ जिला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने सड़क पर बैठकर और खड़े होकर जाम लगाने लगा। प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस द्वारा सड़क से हटने और जाम समाप्त करने का प्रयास किए जाने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की। आरोप है कि कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर सड़क पर जमे रहे।


 घटना के संबंध में थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 0445/2026 संबंधित धाराओ के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। कोतवाली पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार (28), चन्द्र भान राम (54), अमरनाथ (48), रामचेत (52) और चैतूराम (55), सभी निवासी ग्राम सोहिला, थाना तहबरपुर, आजमगढ़ को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी रात करीब 12:50 बजे की गई। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति, कांस्टेबल सुमित कुमार, कांस्टेबल पिंटु यादव, रिजर्व कांस्टेबल राहुल पाण्डेय, उपनिरीक्षक महेन्द्र कुमार सिंह, कांस्टेबल अखिलेश मद्देशिया और कांस्टेबल विशाल यादव शामिल रहे।