Thursday, 17 September 2026

आजमगढ़ 2 माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता पद पर हुई पदोन्नति नियम विरुद्ध, निरस्तीकरण के निर्देश 5 वर्ष की मौलिक सेवा व अन्य अर्हताएं पूरी न होने का मामला


 आजमगढ़ 2 माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता पद पर हुई पदोन्नति नियम विरुद्ध, निरस्तीकरण के निर्देश



5 वर्ष की मौलिक सेवा व अन्य अर्हताएं पूरी न होने का मामला


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के दो अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की प्रवक्ता पद पर हुई पदोन्नति को जांच में नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया है। विंध्येश्वरी इंटर कॉलेज तुलसीनगर के सहायक अध्यापक राजकुमार की इतिहास प्रवक्ता तथा गयादीन जायसवाल इंटर कॉलेज खुरासों के सहायक अध्यापक सुनील कुमार की गणित प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के मामले में संबंधित अधिकारियों को निरस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक राजेश कुमार आर्य ने बताया कि दोनों मामलों में जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विंध्येश्वरी इंटर कॉलेज में इतिहास प्रवक्ता हौसिला प्रसाद वर्मा के 31 मार्च 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद पद रिक्त हुआ था। राजकुमार ने आठ फरवरी 2020 को विद्यालय में कला अध्यापक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। जांच में राजकुमार की शैक्षिक योग्यता बीए चित्रकला, एमए चित्रकला और वर्ष 2024 में इतिहास विषय से एमए दर्ज पाई गई। जांच अधिकारी के अनुसार वह बीएड उत्तीर्ण नहीं हैं। साथ ही प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित अन्य अर्हताओं को लेकर भी आपत्ति दर्ज की गई। इसी आधार पर आठ अगस्त 2026 को इतिहास प्रवक्ता पद पर हुई उनकी पदोन्नति को नियम विरुद्ध माना गया।



 वहीं, गयादीन जायसवाल इंटर कॉलेज खुरासों में गणित प्रवक्ता धनंजय पांडेय के आठ जुलाई 2025 को गोरखपुर स्थानांतरण के बाद पद रिक्त हुआ था। सुनील कुमार ने विद्यालय में एक सितंबर 2020 को कार्यभार ग्रहण किया था। जांच में पाया गया कि रिक्ति की तिथि तक उनकी सहायता प्राप्त विद्यालय में पांच वर्ष की लगातार मौलिक सेवा पूरी नहीं हुई थी। सुनील कुमार की ओर से वित्तविहीन विद्यालय में एक अप्रैल 2018 से 29 अगस्त 2020 तक अध्यापन का अनुभव प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किया गया था। जांच में इस सेवा को पदोन्नति के लिए मान्य नहीं माना गया। रिपोर्ट के अनुसार यह सेवा उनके सेवा अभिलेख में दर्ज नहीं थी और सक्षम स्तर से प्रतिहस्ताक्षरित अथवा सत्यापित भी नहीं थी। जांच पत्र में वित्तविहीन विद्यालय की सेवा को अंशकालिक सेवा की श्रेणी में बताते हुए उसे सहायता प्राप्त विद्यालय की मौलिक सेवा के साथ जोड़ना नियमसंगत नहीं माना गया।


इसके अलावा गणित प्रवक्ता का रिक्त पद सीधी भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अधियाचित किए जाने की जानकारी भी सामने आई। इसके बावजूद चयन आयोग और निदेशालय से अनापत्ति लिए बिना पद को पदोन्नति के माध्यम से भरने को भी जांच में अनियमित माना गया। रिपोर्ट में आशंका जताई गई कि सीधी भर्ती से चयनित अभ्यर्थी के आने पर उसी पद को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जेडी राजेश कुमार आर्य ने बताया कि शासनादेश 28 अप्रैल 2025 और इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में निर्धारित व्यवस्था के तहत संबंधित पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देने के बाद दोनों पदोन्नतियां निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Wednesday, 16 September 2026

आजमगढ़ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले को लेकर आजाद समाज पार्टी ने किया प्रदर्शन निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन


 आजमगढ़ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले को लेकर आजाद समाज पार्टी ने किया प्रदर्शन



निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की आजमगढ़ इकाई ने जनहित, सामाजिक न्याय और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं, बाराबंकी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए कथित हमले, पंचायत सहायकों की मांगों तथा 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण समेत चार सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की गई। 


जिलाध्यक्ष धर्मवीर भारती की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि गोंडा में विनोद साहनी और रमेश कोरी तथा अयोध्या में राम लगन मौर्य की हत्या के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद के काफिले को 13 सितंबर 2026 को बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल में रोके जाने के बाद पथराव और हिंसक हमले की शिकायत सामने आई थी। पार्टी ने दावा किया कि घटना में कई कार्यकर्ता घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुंचा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। साथ ही मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई। 


पार्टी ने पंचायत सहायकों की मांगों तथा 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण का समाधान कराने और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई। ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट शेषनाथ राव जिला अध्यक्ष भीम आर्मी, एडवोकेट संजय कुमार, एडवोकेट एके आनंद (मंडल प्रभारी भाईचारा) मंडल आजमगढ़, एडवोकेट सहिलेश कुमार जिला उपाध्यक्ष एएसपी, जनार्दन एडवोकेट सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

आजमगढ़ हत्या मामले में 5 आरोपियों को आजीवन कारावास अदालत ने प्रत्येक पर एक लाख 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया


 आजमगढ़ हत्या मामले में 5 आरोपियों को आजीवन कारावास


अदालत ने प्रत्येक पर एक लाख 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हत्या के करीब नौ वर्ष पुराने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-4 दिनेश कुमार की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर एक लाख पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। सजा पाने वालों में राजेंद्र पांडेय, ऊषा पांडेय, टोनू पांडेय, रीना पांडेय और शोभा पांडेय शामिल हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार मेहनगर थाना क्षेत्र के अहियाई गांव निवासी प्रभात कुमार दुबे ने मुकदमा दर्ज कराया था। 


आरोप था कि उसके पिता वीरेंद्र दुबे का शोभा पांडेय निवासी कस्बा मेहनगर से अवैध संबंध था। शोभा पांडेय और उसके भाई राजेंद्र पांडेय निवासी भीखमपुर थाना मेहनगर वीरेंद्र दुबे पर संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि दो फरवरी 2017 की रात शोभा पांडेय, उसके भाई राजेंद्र पांडेय, ऊषा पांडेय, टोनू पांडेय और रीना पांडेय ने मिलकर गला दबाकर वीरेंद्र दुबे की हत्या कर दी। 


घटना की जांच के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद सिंह, अविनाश चंद्र राय और पूर्व डीजीसी दशरथ यादव ने पैरवी की। अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर एक लाख पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

Tuesday, 15 September 2026

आजमगढ़ मेहनगर मेहनगर डीएम और एसएसपी से लगाई कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार


 आजमगढ़ मेहनगर मेहनगर डीएम और एसएसपी से लगाई कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मेहनगर थाना क्षेत्र के हटवा गांव में बधाई मांगने गईं किन्नरों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले में पल्हना ब्लॉक व ग्रामसभा निवासी रूबी किन्नर समेत आठ किन्नरों ने जिलाधिकारी और एसएसपी 

को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को सुबह करीब 11 बजे रूबी किन्नर, मैना किन्नर, मिष्ठी किन्नर, बहोगी किन्नर, पिंक्की किन्नर, मोना किन्नर, मोनिका किन्नर और निशा किन्नर बधाई मांगने के लिए मेहनगर क्षेत्र के हटवा गांव गई थीं।


 आरोप है कि वहां पहले से घात लगाए बैठे संगीता किन्नर के पति संतोष राजभर, सोनी किन्नर के पति आर्यन कुमार तथा उनके कुछ साथियों और बाहरी युवकों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान नेहा किन्नर ने एक बाहरी युवक के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि घटना में मैना किन्नर, मिष्ठी किन्नर और बहोगी किन्नर को चोटें आईं तथा उनके सिर में टांके लगे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना की शिकायत मेहनगर थाने में की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष पहले 20 दिसंबर 2025 को मऊ जनपद में भी संगीता किन्नर के ग्रुप के लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी। पुरानी रंजिश को लेकर लगातार परेशान करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। किन्नरों ने जिलाधिकारी से मामले में कानूनी कार्रवाई कराने के साथ ही अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में आशंका जताई गई है कि भविष्य में रूबी किन्नर या उनके किसी साथी पर जानलेवा हमला होता है तो इसके लिए नामजद विपक्षी जिम्मेदार होंगे।

Monday, 14 September 2026

उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 14 IAS और 34 PCS अधिकारियों के तबादले कई जिलों के CDO बदले; स्टार्ट-अप मिशन को भी मिला नया CEO


 उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 14 IAS और 34 PCS अधिकारियों के तबादले



कई जिलों के CDO बदले; स्टार्ट-अप मिशन को भी मिला नया CEO


उत्तर प्रदेश लखनऊ, प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 14 आईएएस और 34 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में कई जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) को बदला गया है, जबकि विभिन्न विभागों में भी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।


 आईएएस अधिकारियों में सहारनपुर के मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन को उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप मिशन का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बनाया गया है। वहीं अपर आयुक्त, राज्यकर डॉ. सुनील कुमार वर्मा को सहारनपुर का नया मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के विशेष सचिव राहुल सिंह को लोक निर्माण विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। वहीं लखीमपुर खीरी के सीडीओ अभिषेक कुमार को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। अयोध्या के अपर जिलाधिकारी (नगर) योगानंद पांडेय को लखीमपुर खीरी का नया मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। राजस्व परिषद, प्रयागराज के सदस्य (न्यायिक) साहब सिंह को सचिवालय प्रशासन विभाग में सचिव बनाया गया है। 


विंध्याचल मंडल के अपर आयुक्त डॉ. विश्राम को राजस्व परिषद, प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) पद पर भेजा गया है। वहीं रेशम विभाग के विशेष सचिव एवं निदेशक देवेंद्र कुमार सिंह कुशवाहा को भी राजस्व परिषद में सदस्य (न्यायिक) की जिम्मेदारी दी गई है। अंबेडकरनगर के मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला को रेशम विभाग में विशेष सचिव एवं निदेशक बनाया गया है।


 कुशीनगर के अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वैभव मिश्रा को अंबेडकरनगर का मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा संयुक्त निदेशक युवा कल्याण अशोक कुमार कनौजिया को विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग बनाया गया है। अलीगढ़ मंडल के अपर आयुक्त अरुण कुमार को विशेष सचिव, ग्राम्य विकास विभाग की जिम्मेदारी मिली है। सहारनपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार यादव को अलीगढ़ मंडल का अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक एवं सचिव नेहा शर्मा को सचिव पद की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।

आजमगढ़ अतरौलिया दहेज हत्या के 2 मामलों में पति व ससुर समेत 3 गिरफ्तार किशोरी को भगाने और छेड़खानी के मामले में भी कार्रवाई


 आजमगढ़ अतरौलिया दहेज हत्या के 2 मामलों में पति व ससुर समेत 3 गिरफ्तार



किशोरी को भगाने और छेड़खानी के मामले में भी कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विभिन्न मामलों में वांछित पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें दहेज हत्या के दो मामलों में पति व ससुर समेत तीन आरोपी, किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने एवं पॉक्सो एक्ट के मामले में एक आरोपी तथा छेड़खानी, मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में एक वांछित अभियुक्त शामिल है।


 पुलिस के अनुसार, 2 मार्च 2026 को रंजना प्रजापति की तहरीर पर उसकी ननद अंजली प्रजापति को दहेज में मोटरसाइकिल और सोने की चेन की अतिरिक्त मांग को लेकर प्रताड़ित करने तथा हत्या करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने राजधारी उर्फ दिलीप (32) निवासी गजेन्धरपट्टी भेदौरा को उसके घर के सामने से सुबह 9:35 बजे गिरफ्तार किया। वहीं, 7 फरवरी 2026 को संतोष सिंह की तहरीर पर उनकी पुत्री अंकिता सिंह से दहेज में पांच लाख रुपये की मांग और प्रताड़ना के बाद हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में पुलिस ने आनंद प्रकाश सिंह (28) और उसके पिता दान बहादुर सिंह (53), निवासी ग्राम लोहरा, को उनके घर से सुबह 9:30 बजे गिरफ्तार किया। इसके अलावा 19 जुलाई को नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में दर्ज मुकदमे में वांछित रजत (22) निवासी भीलमपुर छपरा को रानीपुर तिराहे से सुबह 9:25 बजे गिरफ्तार किया गया। विवेचना के दौरान मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 की बढ़ोतरी की गई थी। इसी क्रम में छेड़खानी, मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में वांछित शैलेश कुमार सिंह (38) निवासी सिहोरा को 13 सितंबर की रात प्रताप नगर कॉलोनी, हीरापट्टी से 8:55 बजे हिरासत में लिया गया। 


पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना के दौरान धारा 118(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सभी पांचों अभियुक्तों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

आजमगढ़ गंभीरपुर पूजा-पाठ के बहाने आभूषण ठगने वाली ₹25 हजार की इनामिया महिला गिरफ्तार गैंगस्टर एक्ट में चल रही थी वांछित; आजमगढ़-जौनपुर में ठगी व चोरी के 5 मुकदमे दर्ज

आजमगढ़ गंभीरपुर पूजा-पाठ के बहाने आभूषण ठगने वाली ₹25 हजार की इनामिया महिला गिरफ्तार



गैंगस्टर एक्ट में चल रही थी वांछित; आजमगढ़-जौनपुर में ठगी व चोरी के 5 मुकदमे दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना पुलिस ने पूजा-पाठ के बहाने घर में प्रवेश कर आभूषणों की ठगी करने वाले गिरोह की एक महिला सदस्य को गिरफ्तार किया है। गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रही अभियुक्ता पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने सात सितंबर 2026 को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने उसे सोमवार को आजमगढ़-मोहम्मदपुर दयालपुर मोड़ से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।


 पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त 2025 को गंभीरपुर थाना क्षेत्र के सरायपलटू गांव में तीन अज्ञात महिलाओं ने पूजा-पाठ कराने के बहाने एक महिला के घर में प्रवेश किया था। आरोप है कि इस दौरान महिलाओं ने आभूषण आदि लेकर ठगी की। मामले में 12 सितंबर 2025 को गंभीरपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान अभियुक्ताओं की पहचान होने पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई और आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। विवेचना में सामने आया कि गिरफ्तार महिला जौनपुर जिले के केराकत थाना क्षेत्र के ब्राह्मणपुर झमका गांव की रहने वाली है और अपने साथियों के साथ आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए अपराध करती थी। इसके बाद गैंगचार्ट अनुमोदित होने पर गंभीरपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।


 पुलिस के मुताबिक अभियुक्ता के खिलाफ आजमगढ़ और जौनपुर में ठगी व चोरी से संबंधित कुल पांच अभियोग दर्ज हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सोमवार दोपहर करीब 12:10 बजे उसे गिरफ्तार किया। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार त्रिपाठी, कांस्टेबल सन्नी पाण्डेय, महिला कांस्टेबल अनामिका मिश्रा, कांस्टेबल दुर्गेश राय और महिला कांस्टेबल स्वाती जायसवाल शामिल रहीं।