आजमगढ़ कप्तानगंज पुलिस मुठभेड़ में अंतरजनपदीय चोर गिरोह के 2 बदमाश गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
अवैध तमंचा, कारतूस, चोरी का सामान और ऑटो बरामद, दीपक पर 13 और दिनेश पर 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कप्तानगंज पुलिस ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 की रात मुठभेड़ के दौरान चोरी की घटनाओं में कथित रूप से संलिप्त अंतरजनपदीय गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में पकड़कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक उर्फ देवदत्त गोड और दिनेश कुमार उर्फ लकी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 18/19 अक्टूबर 2026 की रात थानाध्यक्ष कप्तानगंज प्रदीप कुमार पुलिस टीम के साथ देउरपुर से कोयलसा जाने वाले मार्ग पर जफरामऊ बाग तिराहे के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक ऑटो को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने वाहन की गति बढ़ा दी। पुलिस टीम ने दोबारा रोकने का प्रयास किया तो ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क के बाईं ओर रुक गया। पुलिस के मुताबिक, ऑटो से उतरे दो व्यक्तियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के बाएं पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, चोरी का सामान और घटनाओं में प्रयुक्त ऑटो रिक्शा बरामद करने का दावा किया है। फील्ड यूनिट घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटा रही है। मुठभेड़ और अवैध असलहे की बरामदगी के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस पूछताछ के अनुसार, दिनेश कुमार उर्फ लकी पहले भी मोटरसाइकिल चोरी, घरों से आभूषण और नकदी चोरी तथा मोबाइल-लैपटॉप चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2020 में रौनापार थाना क्षेत्र के ग्राम भैसाड़ में दो घरों से आभूषण और नकदी चोरी करने के मामलों में दीपक और दिनेश अपने साथियों के साथ आरोपी रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2022 में सिधारी थाना पुलिस ने एक मामले में गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी के 16 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया था। दोनों आरोपियों के खिलाफ पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।
पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार, जेल से छूटने के बाद दीपक की मुलाकात पुराने साथी दिनेश से हुई। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर फिर से चोरी करना शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि दोनों ऑटो से घूमकर ऐसे घरों की रेकी करते थे, जहां आभूषण और नकदी मिलने की संभावना होती थी। इसके बाद रात में चोरी कर सामान आपस में बांट लेते थे।
पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले दोनों ने एकडंगी गांव में एक घर से आभूषण और नकदी चोरी की थी। चोरी के बाद दिनेश ने आभूषण सुरक्षित स्थान पर रख दिए थे। गिरफ्तारी के समय दोनों कथित तौर पर उन्हीं आभूषणों को लेने जा रहे थे। इस मामले और अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
पुलिस द्वारा बताए गए आपराधिक इतिहास के अनुसार, दीपक उर्फ देवदत्त गोड के खिलाफ आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर जनपदों में कुल 13 अभियोग दर्ज हैं, जबकि दिनेश कुमार उर्फ लकी के खिलाफ कुल 16 अभियोग या प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। इनमें चोरी, चोरी का सामान रखने, शस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के मामले शामिल हैं।
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार के नेतृत्व में थाना कप्तानगंज की पुलिस टीम शामिल रही। पुलिस मामले में आगे की विवेचनात्मक और विधिक कार्रवाई कर रही है।