आजमगढ़ रौनापार युवक को घर से घसीटकर ले गए गौशाला, कालिख पोत पेड़ से बांधा
चोरी का झूठा आरोप लगाकर लात-घूंसों से पीटने का आरोप, दबंगई से बनाया जा रहा था दबाव
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र के महुला गांव में मजदूरी मांगने को लेकर एक युवक के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने गौशाला संचालक समेत तीन लोगों पर घर से घसीटकर गौशाला ले जाने, चेहरे पर कालिख पोतकर पेड़ से बांधने और चोरी का झूठा आरोप लगाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर रौनापार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
महुला गांव निवासी मिथिलेश पुत्र जगन्नाथ गुप्ता के अनुसार वह करीब 30 दिन पूर्व गांव के रवी राय पुत्र स्व. श्रीप्रकाश राय की गौशाला में पशुओं की देखभाल के लिए 7,500 रुपये प्रतिमाह की मजदूरी पर काम करने लगा था। एक माह काम पूरा होने के बाद उसने 5 सितंबर 2026 को अपनी मजदूरी मांगी। आरोप है कि मजदूरी मांगने पर रवी राय ने उसे गाली-गलौज देते हुए गौशाला से भगा दिया।
पीड़ित के मुताबिक इसके बाद वह अपने घर चला गया। आरोप है कि 6 सितंबर 2026 की सुबह करीब छह बजे रवी राय, संदीप राय पुत्र श्रीप्रकाश राय और मंजू देवी पत्नी स्व. श्रीप्रकाश राय उसके घर पहुंचे। तीनों ने दबंगई के बल पर उसे घर से बाहर निकाला और कथित तौर पर घसीटते तथा मारते हुए गौशाला तक ले गए। मिथिलेश ने तहरीर में आरोप लगाया है कि गौशाला पहुंचने के बाद आरोपियों ने उसके चेहरे पर कालिख पोत दी और उसे पेड़ से बांध दिया। इसके बाद उस पर चोरी का झूठा आरोप लगाते हुए रवी राय, संदीप राय और मंजू देवी ने मिलकर लात-घूंसों से मारपीट की। पीड़ित का यह भी आरोप है कि आरोपी दबंगई के बल पर उससे जबरन गौशाला में काम करवाना चाहते थे। घटना से परेशान पीड़ित ने 7 सितंबर 2026 को रौनापार थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित तहरीर दी और मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस के अनुसार पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।






