Friday, 4 September 2026

आजमगढ़ महराजगंज ससुराल में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत शरीर पर चोट के निशान मिलने का दावा, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य


 आजमगढ़ महराजगंज ससुराल में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत



शरीर पर चोट के निशान मिलने का दावा, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के महराजगंज थाना क्षेत्र के महावी खास गांव में शुक्रवार सुबह 27 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान शिवांगी सिंह पत्नी राहुल सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। वहीं, मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर बेटी की हत्या किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के पिता विनोद कुमार सिंह के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 6:18 बजे उनके समधी वीरेंद्र सिंह ने फोन कर शिवांगी की मौत की जानकारी दी। सूचना मिलते ही वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ महावी खास गांव पहुंचे। पिता का आरोप है कि शिवांगी के शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मायके पक्ष और पुलिस को सूचना देने से पहले शव को पंखे से नीचे उतारकर बरामदे में रख दिया गया था। जिस कमरे में घटना हुई, वहां भी सामान को व्यवस्थित किए जाने का आरोप लगाया गया है। इन परिस्थितियों के चलते विवाहिता की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। 


परिजनों के अनुसार, शिवांगी की शादी करीब दो वर्ष पहले राहुल सिंह से हुई थी। रक्षाबंधन के अवसर पर वह मायके से विदा होकर ससुराल आई थी। शुक्रवार सुबह उसकी मौत की खबर मिलते ही मायके में मातम पसर गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। सीओ सगड़ी देशराज सिंह ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ सगड़ी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस विवाहिता की मौत के कारणों और पिता द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों की जांच कर रही है।

आजमगढ़ पवई, नाली के विवाद में युवक की गला दबाकर हत्या एक दिन पहले पत्नी ने दिया था बेटे को जन्म, अगले ही दिन परिवार में छाया मातम


 आजमगढ़ पवई, नाली के विवाद में युवक की गला दबाकर हत्या


एक दिन पहले पत्नी ने दिया था बेटे को जन्म, अगले ही दिन परिवार में छाया मातम



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चकिया बखरिया में शुक्रवार सुबह नाली के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में 30 वर्षीय युवक की गला दबाकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


 जानकारी के अनुसार, चकिया बखरिया गांव निवासी हरिओम पांडेय (30) पुत्र वीरेंद्र पांडेय का पड़ोसी रामलाल शर्मा से नाली को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार सुबह इसी विवाद को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान हरिओम पांडेय का गला दबा दिया गया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। परिजन आनन-फानन में हरिओम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों तथा आसपास के लोगों से पूछताछ करते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी।


 बताया जा रहा है कि हरिओम की पत्नी रंजना के पहले से दो पुत्र हैं। घटना से ठीक एक दिन पहले वाराणसी के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए रंजना ने एक और पुत्र को जन्म दिया था। घर में नवजात के आने की खुशी का माहौल था, लेकिन अगले ही दिन हरिओम की मौत से खुशियां मातम में बदल गईं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले में आरोपों की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Thursday, 3 September 2026

बलिया 3 दिन में उजड़ गया परिवार, बेटी की शादी की तैयारियां मातम में बदलीं एक ही परिवार में 3 मौतों से मचा कोहराम


 बलिया 3 दिन में उजड़ गया परिवार, बेटी की शादी की तैयारियां मातम में बदलीं


एक ही परिवार में 3 मौतों से मचा कोहराम


उत्तर प्रदेश के बलिया जिले उभांव थाना क्षेत्र के पशुहारी गांव में बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे एक परिवार की खुशियां महज तीन दिन में मातम में बदल गईं। शनिवार को पत्नी आशा देवी (46) की मौत के बाद मंगलवार को बुजुर्ग मां जोनिहा (76) ने भी दम तोड़ दिया। परिवार के लोग मां का अंतिम संस्कार कर घर लौटे ही थे कि वाराणसी के ट्रामा सेंटर से बेटी प्रीति (23) की मौत की खबर आ गई। एक के बाद एक तीन मौतों से शिवचंद राजभर का परिवार पूरी तरह टूट गया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। पशुहारी गांव निवासी शिवचंद राजभर अपनी पत्नी आशा देवी, मां जोनिहा, बेटे मनन और बेटी प्रीति के साथ रहते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शिवचंद कई वर्षों से कर्नाटक में रहकर वेल्डिंग का काम करते थे। करीब एक माह पहले वह अपने बेटे मनन के साथ गांव लौटे थे। घर आने के बाद उन्होंने बेटी प्रीति की शादी तय की थी। इसके बाद परिवार में शादी की तैयारियां शुरू हो गई थीं और खरीदारी भी चल रही थी। 


परिजनों के मुताबिक आशा देवी काफी समय से बीमार थीं। उन्हें दिमागी बीमारी और पाइल्स की शिकायत थी। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी और उन्हें सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण स्थानीय स्तर पर ही उनका इलाज कराया जा रहा था। शनिवार को उनकी मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। परिवार अभी आशा देवी की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि मंगलवार को शिवचंद की बुजुर्ग मां जोनिहा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सांस लेने में परेशानी के बाद कुछ ही देर में उनकी भी मौत हो गई। एक ही परिवार में लगातार दूसरी मौत से घर में कोहराम मच गया। इधर, शिवचंद की बेटी प्रीति की तबीयत भी लगातार खराब चल रही थी। परिजनों के अनुसार उसे सर्दी-जुकाम, बुखार, कमर दर्द और खून की कमी की शिकायत थी। उसकी प्लेटलेट्स भी काफी कम हो गई थीं। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान परिवार ने कई यूनिट रक्त की व्यवस्था भी की, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को परिवार के लोग जोनिहा का अंतिम संस्कार करने के बाद घर लौटे ही थे कि वाराणसी से प्रीति की मौत की खबर आ गई। कुछ घंटे पहले जिस घर में बुजुर्ग मां की अंतिम विदाई का गम था, उसी घर में बेटी की मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया। प्रीति की मौत की सूचना गांव में पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण शिवचंद के घर पहुंचने लगे। शिवचंद कई वर्षों से कर्नाटक में वेल्डिंग का काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। बेटे मनन की पढ़ाई में रुचि कम होने पर करीब एक वर्ष पहले वह उसे भी अपने साथ कर्नाटक ले गए थे, जहां मनन दोपहिया वाहनों की मरम्मत का काम सीख रहा था। करीब एक माह पहले दोनों गांव लौटे थे। गांव लौटने के बाद प्रीति की शादी तय हुई तो परिवार में खुशियां लौट आई थीं। शादी के लिए खरीदारी शुरू हो गई थी। शिवचंद भी परिवार के साथ रहकर बेटी की शादी की जिम्मेदारी पूरी करना चाहते थे। लेकिन तीन दिन के भीतर पत्नी, मां और बेटी की मौत ने उनकी पूरी दुनिया उजाड़ दी।


 परिजनों के अनुसार प्रीति को बुखार के साथ सांस संबंधी परेशानी थी। उसकी दादी जोनिहा को भी सांस लेने में दिक्कत थी। वहीं प्रीति का भाई मनन भी सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित है। हालत खराब होने के कारण वह अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका। एक ही परिवार में तीन दिनों के भीतर तीन मौतों की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। एसडीएम के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम शिवचंद के घर पहुंची और परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य स्थिति के साथ ही तीनों मौतों से जुड़े कारणों की जानकारी ली। अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार सिंह के अनुसार प्राथमिक जांच में पत्नी आशा देवी और बेटी प्रीति की मौत खून की कमी के चलते होने की बात सामने आई है, जबकि बुजुर्ग जोनिहा की मौत सांस लेने में तकलीफ के कारण हुई। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की टीम यह भी जांच कर रही है कि परिवार में डेंगू या किसी अन्य बीमारी का संक्रमण तो नहीं था। एक ही परिवार में तीन दिन के भीतर तीन मौतों की घटना से पशुहारी गांव में हर कोई स्तब्ध है। जिस घर में जल्द ही शादी के गीत गूंजने वाले थे, वहां अब मातम और सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।

Wednesday, 2 September 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर नहर में पैर फिसलने से गहरे पानी में डूबा युवक पानी का बहाव तेज होने से रातभर नहीं मिल सका शव, सुबह पानी कम होने पर हुआ बरामद


 आजमगढ़ गंभीरपुर नहर में पैर फिसलने से गहरे पानी में डूबा युवक


पानी का बहाव तेज होने से रातभर नहीं मिल सका शव, सुबह पानी कम होने पर हुआ बरामद



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर बाज बहादुर गांव निवासी 30 वर्षीय सूरज राम पुत्र राजाराम मंगलवार शाम शारदा सहायक खंड-23 नहर में डूब गया। बुधवार सुबह नहर का पानी कम होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल के पास से उसका शव बरामद किया। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। 


जानकारी के अनुसार, सूरज राम मंगलवार शाम करीब सात बजे शौच के लिए गांव के उत्तरी छोर पर स्थित शारदा सहायक खंड-23 नहर के किनारे गया था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। कुछ दूरी पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और उसे बचाने के लिए नहर में कूदे, लेकिन नहर की गहराई और तेज बहाव के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। 


घटना की सूचना स्थानीय पुलिस चौकी गोसाई की बाजार को दी गई। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी आशीष तिवारी और वीरेंद्र कुमार यादव हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पूरी रात नहर में युवक की तलाश की, लेकिन अधिक पानी और तेज बहाव के चलते सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर नहर का पानी बंद कराया। बुधवार सुबह पानी का स्तर कम होने पर पुलिस और ग्रामीणों ने दोबारा तलाश शुरू की। करीब नौ बजे घटनास्थल के पास ही सूरज का शव बरामद हो गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूरज तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। वह पेंटिंग का काम करके परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब दो वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी और उसकी एक वर्ष की बेटी भी है। सूरज की मौत से पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।

आजमगढ़ फूलपुर बारिश से सरकारी भवनों के आसपास जलभराव, बढ़ी लोगों की मुश्किलें तहसील के ग्रामीण न्यायालय के सामने जमा पानी, वादकारियों और अधिवक्ताओं को परेशानी ऊदपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी भरा पानी, ग्रामीण इलाकों में कीचड़ और गंदगी से बढ़ी दिक्कत


 आजमगढ़ फूलपुर बारिश से सरकारी भवनों के आसपास जलभराव, बढ़ी लोगों की मुश्किलें


तहसील के ग्रामीण न्यायालय के सामने जमा पानी, वादकारियों और अधिवक्ताओं को परेशानी


ऊदपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी भरा पानी, ग्रामीण इलाकों में कीचड़ और गंदगी से बढ़ी दिक्कत


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण फूलपुर तहसील मुख्यालय से लेकर विद्युत उपकेंद्र और ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। सरकारी भवनों के आसपास पानी जमा होने से कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ ही विभिन्न कार्यों से कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फूलपुर तहसील मुख्यालय स्थित ग्रामीण न्यायालय के सामने बारिश का पानी कई दिनों से जमा है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी के साथ गंदगी भी फैलने लगी है। जलभराव के बीच ग्रामीण न्यायालय आने-जाने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं और अन्य लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।


 स्थानीय लोगों का कहना है कि न्यायालय के सामने जलनिकासी की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में हर वर्ष ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। ऊदपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी बारिश का पानी जमा होने से कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। परिसर में जलभराव के कारण विभागीय कर्मचारियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। विभिन्न कार्यों से उपकेंद्र पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलभराव के कारण विद्युत उपकरणों और कार्यालय परिसर की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।


 बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। कई गांवों की सड़क और गलियों में पानी बह रहा है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव के कारण ग्रामीणों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। जगह-जगह पानी जमा होने से कीचड़ और गंदगी की समस्या भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से सरकारी भवनों के आसपास और ग्रामीण क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते जलभराव की समस्या का समाधान किया जाए, ताकि बारिश के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।

बदायूं , बंद शराब की दुकान के बाहर भिड़े पुलिसकर्मी, हेड कांस्टेबल और PAC के दो जवानों में जमकर मारपीट शराब लेने को लेकर शुरू हुआ विवाद सड़क तक पहुंचा, लात-घूंसे चलने से मची अफरा-तफरी मारपीट का वीडियो वायरल होते ही कार्रवाई, हेड कांस्टेबल निलंबित; PAC जवानों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट


 बदायूं , बंद शराब की दुकान के बाहर भिड़े पुलिसकर्मी, हेड कांस्टेबल और PAC के दो जवानों में जमकर मारपीट


शराब लेने को लेकर शुरू हुआ विवाद सड़क तक पहुंचा, लात-घूंसे चलने से मची अफरा-तफरी


मारपीट का वीडियो वायरल होते ही कार्रवाई, हेड कांस्टेबल निलंबित; PAC जवानों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट


उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की नवादा पुलिस चौकी के पास सोमवार देर रात बंद शराब की दुकान के बाहर पुलिसकर्मियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। शराब लेने को लेकर हुए विवाद में डायल-112 में तैनात हेड कांस्टेबल धीरेंद्र और पीएसी के दो जवान लवली व रमन आपस में भिड़ गए। मारपीट के दौरान सड़क पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति रही और यातायात भी प्रभावित हुआ। घटना का करीब पांच मिनट का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में रात करीब 11:18 से 11:23 बजे के बीच पुलिसकर्मियों के बीच पहले कहासुनी और फिर गाली-गलौज होती दिखाई दे रही है। कुछ ही देर में विवाद मारपीट में बदल जाता है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगते हैं। मौके पर मौजूद लोग बीच-बचाव का प्रयास करते नजर आते हैं। 


बताया गया कि सोमवार रात शराब की दुकान बंद होने के बाद हेड कांस्टेबल धीरेंद्र तथा पीएसी के जवान लवली और रमन वहां शराब लेने पहुंचे थे। पहले शराब लेने को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि तीनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। मारपीट करते हुए पुलिसकर्मी सड़क तक पहुंच गए, जिससे वहां कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच के आधार पर डायल-112 में तैनात हेड कांस्टेबल धीरेंद्र को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पीएसी की नौवीं बटालियन मुरादाबाद में तैनात लवली और रमन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पीएसी मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है। 


एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर हेड कांस्टेबल धीरेंद्र को निलंबित किया गया है। पीएसी के दोनों जवानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। मामले की जांच जारी है।

Tuesday, 1 September 2026

आजमगढ़ में H1N1 के 4 पॉजिटिव केस मिले, स्वास्थ्य महकमा अलर्ट अस्पतालों में वार्ड-बेड की व्यवस्था दुरुस्त, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने की अपील


 आजमगढ़ में H1N1 के 4 पॉजिटिव केस मिले, स्वास्थ्य महकमा अलर्ट



अस्पतालों में वार्ड-बेड की व्यवस्था दुरुस्त, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने की अपील



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में मौसमी इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू के चार पॉजिटिव मामलों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिला सर्विलांस अधिकारी को लखनऊ और वाराणसी स्थित चिकित्सा संस्थानों से प्राप्त रिपोर्टों का जनपद स्तर पर सत्यापन किया गया है। इनमें तीन रिपोर्ट चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी और एक रिपोर्ट मेदांता अस्पताल, लखनऊ से संबंधित है। 


मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने बताया कि सत्यापित मरीजों में करीब एक वर्षीय बालिका, 36 वर्षीय महिला, 45 वर्षीय पुरुष और 64 वर्षीय पुरुष शामिल हैं। इनमें दो मामले शहरी क्षेत्र और दो ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित हैं। सभी मामलों में जिला सर्विलांस टीम द्वारा निगरानी के साथ आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी कार्रवाई की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एच1एन1 के संभावित खतरे को देखते हुए जनपद के मेडिकल कॉलेज, मंडलीय जिला चिकित्सालय तथा तरवां, लालगंज और अतरौलिया स्थित 100 शैय्या अस्पतालों में वार्ड और बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की है। अस्पतालों में जांच, उपचार और जरूरी दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी दुरुस्त रखने को कहा गया है।


 सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि एच1एन1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है। बाजार, सार्वजनिक स्थलों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें। खांसते और छींकते समय मुंह-नाक ढकें तथा हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। फ्लू जैसे लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सांस लेने में परेशानी या मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से परामर्श लेने को कहा गया है। डॉ. वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। जनपद में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं, उपचार और निगरानी व्यवस्था सक्रिय है। लोगों से सावधानी बरतने, भीड़ में मास्क पहनने और लक्षण होने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की गई है।