Thursday, 23 July 2026

आजमगढ़ सरायमीर, नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास पॉक्सो कोर्ट ने एक लाख छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, साक्ष्य के अभाव में सह-आरोपी बरी


 आजमगढ़ सरायमीर, नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास



पॉक्सो कोर्ट ने एक लाख छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, साक्ष्य के अभाव में सह-आरोपी बरी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के बाद हत्या के चर्चित मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास और एक लाख छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सह-आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया। यह फैसला पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी ने गुरुवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार 11 फरवरी 2021 को सरायमीर थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय किशोरी अपनी मां के कहने पर रिश्ते के चाचा जितेंद्र यादव उर्फ जित्तू के साथ घर गई थी। जब वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश की और बाद में जितेंद्र के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर दूसरे दिन गांव के एक कुएं से किशोरी का शव बरामद हुआ। मामले में प्रांजल यादव निवासी असई मोलनापुर, थाना दीदारगंज को भी गिरफ्तार किया गया था।


 विवेचना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा और दौलत यादव ने 10 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जितेंद्र यादव उर्फ जित्तू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और एक लाख छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि प्रांजल यादव को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

आजमगढ़ निजामाबाद सपा विधायक आलम बदी आज़मी का निधन लंबी बीमारी के बाद मातबरगंज स्थित आवास पर हुआ निधन, राजनीतिक व सामाजिक जगत में शोक की लहर

आजमगढ़ निजामाबाद सपा विधायक आलम बदी आज़मी का निधन



लंबी बीमारी के बाद मातबरगंज स्थित आवास पर हुआ निधन, राजनीतिक व सामाजिक जगत में शोक की लहर


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलम बदी आज़मी का बुधवार देर रात लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने शहर के मातबरगंज स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह 92 वर्ष के थे।


 आलम बदी आज़मी के निधन की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वरिष्ठ नेता के रूप में आलम बदी आज़मी का राजनीतिक और सामाजिक जीवन लंबे समय तक जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उनके निधन को आजमगढ़ की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

 

आजमगढ़ दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं का आंदोलन, गिरिजाघर चौराहे पर किया चक्का जाम न्यायिक कार्य का बहिष्कार, पुलिस अधिकारियों के समझाने पर खत्म हुआ जाम 7 वर्ष या अधिक सजा वाले मामलों में प्रैक्टिस पर रोक संबंधी आदेश का किया विरोध


 आजमगढ़ दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं का आंदोलन, गिरिजाघर चौराहे पर किया चक्का जाम


न्यायिक कार्य का बहिष्कार, पुलिस अधिकारियों के समझाने पर खत्म हुआ जाम


7 वर्ष या अधिक सजा वाले मामलों में प्रैक्टिस पर रोक संबंधी आदेश का किया विरोध



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया आदेश के विरोध में दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं का आंदोलन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने पूरे दिन न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए गिरिजाघर चौराहे पर चक्का जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और पुलिस प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। चक्का जाम की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, एसपी ट्रैफिक पंकज श्रीवास्तव, सीओ सिटी शुभम तोड़ी तथा शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह से वार्ता की। वार्ता के बाद अधिवक्ताओं ने चक्का जाम समाप्त कर दिया और दीवानी न्यायालय परिसर लौट गए।


 इसके बाद दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ की साधारण सभा की बैठक अध्यक्ष प्रभाकर सिंह की अध्यक्षता में हुई, जबकि संचालन मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित ने किया। बैठक में अधिवक्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश का विरोध जताया, जिसमें सात वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले मामलों में एफआईआर दर्ज होने पर अधिवक्ता की प्रैक्टिस पर रोक लगाने का उल्लेख है। अधिवक्ताओं ने इसे अपने पेशेवर अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस पर व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता है।


 बैठक में अधिवक्ता चंदन यादव के प्रकरण पर भी चर्चा की गई और सर्वसम्मति से पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय दोहराया गया। प्रदर्शन में अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह, मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित, पूर्व अध्यक्ष सूबेदार यादव, वीरेंद्र यादव, रामदरश यादव, मुखराम यादव, जितेंद्र यादव, कृष्ण कुमार पांडेय, शशिकांत पांडेय, अशोक कुमार पांडेय, बेलाल अहमद बेग, जनार्दन एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद चक्का जाम समाप्त हो गया और यातायात सामान्य हो गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।

Wednesday, 22 July 2026

आजमगढ़ मुबारकपुर शव दफनाने को लेकर 2 पक्ष आमने-सामने, 6 घंटे की पंचायत के बाद हुआ समझौता पुलिस व राजस्व विभाग की सक्रियता से टला संभावित टकराव न्यायालय के फैसले तक बड़े कब्रिस्तान में होंगे अंतिम संस्कार

आजमगढ़ मुबारकपुर शव दफनाने को लेकर 2 पक्ष आमने-सामने, 6 घंटे की पंचायत के बाद हुआ समझौता


पुलिस व राजस्व विभाग की सक्रियता से टला संभावित टकराव


न्यायालय के फैसले तक बड़े कब्रिस्तान में होंगे अंतिम संस्कार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे मुबारकपुर थाना क्षेत्र के अलीनगर मोहल्ला में मंगलवार को शव दफनाने को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित कर संभावित टकराव टाल दिया। करीब छह घंटे चली पंचायत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता होने पर मृतक का शव दफनाया गया। 


जानकारी के अनुसार अलीनगर निवासी 85 वर्षीय मोहम्मद शमीम का सोमवार रात निधन हो गया था। मंगलवार सुबह परिजन शव को दफनाने के लिए कब्र खोदने पहुंचे तो ईदगाह कमेटी के सदस्यों ने आपत्ति जताई। एक पक्ष संबंधित भूमि को कब्रिस्तान, जबकि दूसरा पक्ष उसे ईदगाह की जमीन बता रहा था। इससे दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति बन गई। सूचना पर नायब तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक जयनारायण सिंह, लेखपालों की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में दोनों पक्षों को मुबारकपुर थाने बुलाकर वार्ता कराई गई। सहमति बनी कि भूमि विवाद का अंतिम निर्णय न्यायालय करेगा। तब तक भविष्य में किसी भी मृतक का शव पास स्थित बड़े कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। थाना प्रभारी मुबारकपुर ने बताया कि आपसी सहमति से विवाद का समाधान करा दिया गया है और क्षेत्र में पूरी तरह शांति है।

 

आजमगढ़, इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, नारेबाजी कर जताया विरोध प्रैक्टिस पर रोक संबंधी प्रस्तावित व्यवस्था को बताया अधिवक्ताओं के अधिकारों के खिलाफ


 आजमगढ़, इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च


पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, नारेबाजी कर जताया विरोध


प्रैक्टिस पर रोक संबंधी प्रस्तावित व्यवस्था को बताया अधिवक्ताओं के अधिकारों के खिलाफ



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से संबंधित आदेश के विरोध में मंगलवार को दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। विरोध स्वरूप अधिवक्ताओं ने दीवानी कचहरी से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इससे पूर्व दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ की साधारण सभा की आपात बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने तथा संचालन मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित ने किया।


 बैठक में अधिवक्ताओं ने उस न्यायिक व्यवस्था का विरोध किया, जिसके तहत सात वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले मुकदमे में एफआईआर दर्ज होते ही अधिवक्ता की प्रैक्टिस पर रोक लगाने की बात कही गई है। अधिवक्ताओं का कहना था कि इससे उनके पेशेवर अधिकार प्रभावित होंगे और इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श आवश्यक है। बैठक में शासकीय अधिवक्ता इन्द्रेश मणि त्रिपाठी पर हुए प्राणघातक हमले की निंदा करते हुए हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की गई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर तक मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। 


बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता और गरिमा न्याय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

Monday, 20 July 2026

आजमगढ़ अहरौला प्रसूता मौत मामले में डॉक्टर दंपती की तलाश तेज, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी आरोपित डॉक्टर अकबर खान और डॉ0 निकहत खान नहीं मिले, पुलिस ने कई ठिकानों पर की तलाश


 आजमगढ़ अहरौला प्रसूता मौत मामले में डॉक्टर दंपती की तलाश तेज, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी


आरोपित डॉक्टर अकबर खान और डॉ0 निकहत खान नहीं मिले, पुलिस ने कई ठिकानों पर की तलाश



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र के रसूलपुर अहमद अली (माहुल) में प्रसूता की मौत के मामले में नामजद आरोपित शहनाज मेमोरियल चिकित्सालय के संचालक डॉ0 अकबर खान और उनकी पत्नी डॉ0 निकहत खान की तलाश में अहरौला पुलिस ने रविवार शाम व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। हालांकि पुलिस को दोनों आरोपित नहीं मिले, लेकिन करीब एक घंटे तक चली कार्रवाई से पूरे मोहल्ले में हड़कंप मचा रहा।


 थानाध्यक्ष अहरौला मंतोष सिंह के नेतृत्व में चौकी प्रभारी माहुल यश सिंह पटेल, उपनिरीक्षक नीतेश चौबे तथा करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीम शाम करीब आठ बजे माहुल के पठान मोहल्ला स्थित डॉ. अकबर खान के आवास पर पहुंची। पुलिस ने उनके घर की गहन तलाशी लेने के साथ ही उनके भाइयों के आवास सहित अन्य संभावित ठिकानों पर भी तलाश की। छापेमारी के दौरान आरोपित डॉक्टर दंपती का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि अचानक बड़ी संख्या में पुलिस बल के पहुंचने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग अपने-अपने घरों में चले गए।


 थानाध्यक्ष मंतोष सिंह ने बताया कि प्रसूता की मौत के मामले में नामजद आरोपित डॉ0 अकबर खान और डॉ0 निकहत खान की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभिन्न संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही है और दोनों आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आजमगढ़ रौनापार प्रेम विवाह के 6 महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा


 आजमगढ़ रौनापार प्रेम विवाह के 6 महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत



मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र के बेलकुंडा रसूलपुर गांव में रविवार देर शाम एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। 


जानकारी के अनुसार, सीबू पत्नी लकी की रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि मृतका करीब छह माह पहले अपने घर से लकी के साथ चली गई थी। इसके बाद दोनों ने प्रेम विवाह कर साथ रहना शुरू कर दिया था।


 घटना की सूचना पर रौनापार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।