Tuesday, 2 June 2026

आजमगढ़ तहबरपुर ट्रक ने डीसीएम में मारी टक्कर, मासूम समेत 2 की मौत, नौ घायल ईंट-भट्ठा मजदूर हुए हादसे का शिकार, गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर


 आजमगढ़ तहबरपुर ट्रक ने डीसीएम में मारी टक्कर, मासूम समेत 2 की मौत, नौ घायल


ईंट-भट्ठा मजदूर हुए हादसे का शिकार, गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर तहबरपुर थाना क्षेत्र के बसही जरमजेयपुर गांव के समीप मंगलवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में छह वर्षीय मासूम बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने आगे चल रही एक डीसीएम (मिनी ट्रक) में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि डीसीएम के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। 


जानकारी के अनुसार, बहराइच जिले के दरगाह थाना क्षेत्र के सलारगंज मोहल्ले के रहने वाले कई मजदूर परिवार छपरा (बिहार) के एक ईंट-भट्ठे पर काम करते थे। मानसून के आगमन से पहले भट्ठा बंद होने के कारण सभी मजदूर सोमवार रात एक किराए की डीसीएम से अपने घर बहराइच लौट रहे थे। वाहन में मजदूरों के साथ दस खच्चर भी लदे थे। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के 219 किलोमीटर पर बसही जरमजेयपुर गांव के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने डीसीएम को टक्कर मार दी। हादसे के बाद स्थानीय पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। हादसे में डीसीएम चालक इंजन के अगले हिस्से में बुरी तरह फंस गया था। यूपीडा कर्मियों ने कटर से वाहन का हिस्सा काटकर उसे बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने चालक और छह वर्षीय इरम को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल जरीना और गोसया की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। चालक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। इधर, एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के जिला अस्पताल पहुंचने से इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पर्याप्त बेड उपलब्ध न होने के कारण कुछ मरीजों का एक ही बेड पर इलाज करना पड़ा, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो गए। 


सूचना पर एसआईसी डॉ. सतीश चंद्र कन्नौजिया समेत अन्य चिकित्सकों ने मौके पर पहुंचकर उपचार की व्यवस्था संभाली। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजनों में कोहराम मच गया।

आजमगढ़ सरायमीर महिलाओं को तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगने वाले अंतरजनपदीय गैंग का सरगना मुठभेड़ में गिरफ्तार पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहा था शातिर टप्पेबाज, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली; लाखों की ठगी से जुड़े कई मामलों का खुलासा


 आजमगढ़ सरायमीर महिलाओं को तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगने वाले अंतरजनपदीय गैंग का सरगना मुठभेड़ में गिरफ्तार


पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहा था शातिर टप्पेबाज, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली; लाखों की ठगी से जुड़े कई मामलों का खुलासा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद सहित प्रदेश के कई जिलों में महिलाओं को भूत-प्रेत, तंत्र-मंत्र और शुद्धिकरण के नाम पर ठगी का शिकार बनाने वाले अंतरजनपदीय टप्पेबाज गिरोह का सरगना पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार कर लिया गया। सरायमीर थाना पुलिस की कार्रवाई में आरोपी के कब्जे से ठगी का माल, नगदी, अवैध तमंचा, कारतूस और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ बरेली, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और आजमगढ़ समेत कई जनपदों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।


 पुलिस के अनुसार 9 मई 2026 को थाना सरायमीर क्षेत्र के राजापुर सिकरौर गांव निवासी चंदा देवी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ठठेरी बाजार के पास दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसके पति पर भूत-प्रेत का साया होने की बात कहकर उसे डराया और समस्या दूर करने के नाम पर कान की बालियां, गले का लॉकेट, मोबाइल फोन तथा एक लाख रुपये नकद ठगकर फरार हो गए थे। मामले में थाना सरायमीर में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस को 1 जून 2026 की रात सूचना मिली कि उक्त घटना में शामिल दो अपराधी मोटरसाइकिल से फूलपुर की ओर से खरेवा की तरफ आ रहे हैं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी की। करछा मंदिर के पास पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे और कच्चे रास्ते पर मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। इस दौरान एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि दूसरे आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी द्वारा लगातार फायरिंग किए जाने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए सीएचसी खरेवा/फूलपुर भेजा गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान इम्तियाज खान पुत्र नासिर खान निवासी मौलाना आजाद नगर, थाना क्वार्सी, जनपद अलीगढ़ तथा वर्तमान पता दुबग्गा, थाना ठाकुरगंज, लखनऊ के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग 48 वर्ष बताई गई है।


 पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने भाई के साथ मोटरसाइकिल से विभिन्न कस्बों और बाजारों में घूमकर अधेड़ उम्र की महिलाओं को निशाना बनाता था। दोनों पहले महिलाओं को परिवार पर संकट, भूत-प्रेत या तंत्र-मंत्र का भय दिखाकर अपने विश्वास में लेते थे। इसके बाद शुद्धिकरण या पूजा-पाठ की बात कहकर उनसे गहने, नकदी और कीमती सामान ले लेते थे तथा महिलाओं को बिना पीछे मुड़े 51 कदम चलने का निर्देश देकर मौके से फरार हो जाते थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, दो कान की बालियां, एक नाक की कील, एक लॉकेट, 11,100 रुपये नकद, एक देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से बरेली, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सरायमीर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आरोपी की तलाश जारी है। इस मुठभेड़ और गिरफ्तारी की कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे, उपनिरीक्षक पंकज यादव, उपनिरीक्षक राजनाथ यादव सहित सरायमीर थाने की पुलिस टीम शामिल रही।

Monday, 1 June 2026

आजमगढ़ निजामाबाद, से आतंकी नेटवर्क का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार पाकिस्तान से जुड़े मॉड्यूल के लिए कर रहा था काम सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की साजिश, राजनीतिक हस्ती की हत्या की तैयारी में जुटा था आरोपी

आजमगढ़ निजामाबाद, से आतंकी नेटवर्क का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार


पाकिस्तान से जुड़े मॉड्यूल के लिए कर रहा था काम


सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की साजिश, राजनीतिक हस्ती की हत्या की तैयारी में जुटा था आरोपी



आजमगढ़, उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने आजमगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क के संपर्क में रहकर देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप है। एटीएस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान आधारित गैंग और उसके संचालकों के संपर्क में था तथा युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा था। एटीएस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई तथा आतंकवादी संगठनों से जुड़े तत्व भारत में युवाओं को बहकाकर उन्हें स्लीपर सेल के रूप में तैयार करने की साजिश रच रहे हैं। इसके लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए युवाओं को धन का लालच दिया जा रहा था और धार्मिक भावनाओं को भड़काकर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस नेटवर्क का संबंध पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों से जुड़ा पाया गया।


 आरोप है कि यह गिरोह भारत में विभिन्न व्यक्तियों और संस्थानों की रेकी कराने, चुनिंदा लोगों की हत्या कराने, राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर हमले की योजना बनाने तथा सुरक्षा एजेंसियों को निशाना बनाने जैसी गतिविधियों के लिए लोगों को उकसा रहा था। इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक निगरानी के दौरान एटीएस की जांच में आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर (संजरपुर) निवासी मोहम्मद शेख पुत्र रेहान अहमद का नाम सामने आया। एटीएस के अनुसार वह व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में था तथा उनकी विचारधारा से प्रभावित होकर सक्रिय भूमिका निभा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी न केवल खुद इस नेटवर्क से जुड़ा था बल्कि आसपास के युवाओं को भी संगठन से जोड़ने का प्रयास कर रहा था। एटीएस का दावा है कि उसे शहजाद भट्टी के अलावा अजमल गुजर और रजा पाकिस्तानी नामक हैंडलरों द्वारा निर्देश दिए जा रहे थे।


 एटीएस के अनुसार आरोपी को एक राजनीतिक दल की महिला नेता को धमकाने और उनकी हत्या करने का जिम्मा सौंपा गया था। इसके बाद उसे किसी बड़े मिशन में शामिल किए जाने की बात कही गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी इस साजिश को अंजाम देने की तैयारी में जुटा था और उसने एक 9 एमएम पिस्टल तथा चार कारतूस की व्यवस्था भी कर ली थी। फिलहाल एटीएस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एजेंसी पूरे नेटवर्क, उसके संपर्कों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

 

आजमगढ़ जहानागंज गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 24 घंटे के भीतर सभी 6 आरोपी गिरफ्तार

आजमगढ़ जहानागंज गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 24 घंटे के भीतर सभी 6 आरोपी गिरफ्तार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के थाना जहानागंज क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद सभी छह आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई को मामले के शीघ्र अनावरण के रूप में देखा जा रहा है। 


पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को पीड़िता की मां ने थाना जहानागंज में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि छह युवकों ने उसकी पुत्री के साथ जबरन दुष्कर्म किया तथा विरोध करने और शोर मचाने पर जान-माल की धमकी दी। तहरीर के आधार पर थाना जहानागंज में मुकदमा अपराध संख्या 120/26, धारा 70(1) एवं 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल जांच शुरू की। इसी क्रम में 1 जून 2026 को थानाध्यक्ष जहानागंज अतुल कुमार मिश्र एवं चौकी प्रभारी चक्रपानपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नयनपुर मोड़ के पास से सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में आजाद (21 वर्ष) निवासी पखनपुर थाना जैतपुर जनपद अंबेडकरनगर, अतिश कुमार (22 वर्ष), करन कुमार (20 वर्ष), विकास कुमार (18 वर्ष) निवासी दिलमनपुर थाना जहानागंज तथा साहिल कुमार (20 वर्ष) एवं अंकित कुमार (18 वर्ष) निवासी बड़ौराखुर्द थाना जहानागंज शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों का आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद चालान कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह, हेड कांस्टेबल दिनकर कुशवाहा सहित थाना जहानागंज की पुलिस टीम शामिल रही।

 

Sunday, 31 May 2026

लखनऊ राजीव कृष्ण बने उत्तर प्रदेश के पूर्णकालिक डीजीपी 4 साल बाद प्रदेश को मिला स्थायी पुलिस प्रमुख, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी मंजूरी 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण संभालेंगे प्रदेश पुलिस की कमान

लखनऊ राजीव कृष्ण बने उत्तर प्रदेश के पूर्णकालिक डीजीपी



4 साल बाद प्रदेश को मिला स्थायी पुलिस प्रमुख, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी मंजूरी


1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण संभालेंगे प्रदेश पुलिस की कमान



लखनऊ, उत्तर प्रदेश को करीब चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अपना पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण को प्रदेश का स्थायी पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिया है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा 26 मई को हुई बैठक के बाद प्रदेश सरकार को भेजे गए पैनल में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा तथा 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नाम शामिल थे। इनमें राजीव कृष्ण का नाम सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था। शासन स्तर पर विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।


 राजीव कृष्ण एक जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे। 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण पुलिस महकमे में अपने लंबे प्रशासनिक और मैदानी अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और जोनों में जिम्मेदारियां निभाई हैं तथा पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। 


सुप्रीम कोर्ट के निदेर्शों और यूपीएससी की व्यवस्था के अनुसार स्थायी डीजीपी का कार्यकाल न्यूनतम दो वर्ष का होता है। ऐसे में राजीव कृष्ण वर्ष 2028 तक इस पद पर बने रह सकते हैं। वर्ष 2022 में तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल को हटाए जाने के बाद से प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा था। अपने तीन दशक से अधिक लंबे पुलिस सेवा काल में राजीव कृष्ण ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। कार्यवाहक डीजीपी बनने से पहले वे डीजी इंटेलिजेंस और पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी एक साथ संभाल रहे थे। उनकी पहचान एक कर्मठ, अनुभवी और प्रभावी अधिकारी के रूप में रही है। राजीव कृष्ण लखनऊ, मथुरा, इटावा, आगरा और नोएडा समेत कई जिलों में पुलिस कप्तान रह चुके हैं। इटावा में तैनाती के दौरान उन्होंने दस्यु गिरोहों के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया था। इसके अलावा वे लखनऊ जोन के एडीजी तथा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में आईजी आॅपरेशन के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। शासन और पुलिस महकमे में उनकी गिनती भरोसेमंद एवं अनुभवी अधिकारियों में की जाती है।

 

आजमगढ़ जीयनपुर फर्जी जमानत गिरोह का सक्रिय सदस्य मैकू यादव गिरफ्तार, कूटरचित दस्तावेजों से कराता था अभियुक्तों की जमानत हत्या, लूट, डकैती समेत गंभीर मामलों के आरोपियों को दिलाता था राहत, आरोपी पर दर्ज हैं 25 मुकदमे


 आजमगढ़ जीयनपुर फर्जी जमानत गिरोह का सक्रिय सदस्य मैकू यादव गिरफ्तार, कूटरचित दस्तावेजों से कराता था अभियुक्तों की जमानत



हत्या, लूट, डकैती समेत गंभीर मामलों के आरोपियों को दिलाता था राहत, आरोपी पर दर्ज हैं 25 मुकदमे


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में फर्जी जमानत प्रकरण में वांछित चल रहे एक शातिर अभियुक्त को जीयनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कूटरचित अभिलेखों के माध्यम से गंभीर अपराधों में बंद अभियुक्तों की जमानत कराने वाले संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है। मामले में 30 मई 2026 को कचहरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक चन्द्र प्रकाश कश्यप ने थाना कोतवाली नगर में तहरीर देकर बताया था कि कुछ तथाकथित वकील एवं जमानतदार आर्थिक लाभ के लिए हत्या, डकैती, लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट तथा अवैध शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध अभियुक्तों की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत करा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि एक ही जमानतदार द्वारा समान दस्तावेजों का प्रयोग कर कई अभियुक्तों की जमानत कराई गई, जिससे एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि हुई। तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली नगर में मुकदमा संख्या 267/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त रामचन्द्र यादव उर्फ मैकू यादव उर्फ सत्यम यादव निवासी भरौली थाना जीयनपुर को गोरखपुर जिला कारागार के समीप से गिरफ्तार कर लिया। 


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके विरुद्ध आजमगढ़, मऊ, जौनपुर और वाराणसी सहित विभिन्न जनपदों में चोरी, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, शस्त्र अधिनियम और धोखाधड़ी से संबंधित कुल 25 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा फर्जी जमानत गिरोह में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने और अपराधियों को अनुचित लाभ पहुंचाने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

प्रयागराज महिला दरोगा का आरोप, ससुर ने किया मेरा रेप थाने में 2 घंटे तक चला धरना-प्रदर्शन, केस दर्ज, विभागीय जांच भी शुरू


 प्रयागराज महिला दरोगा का आरोप, ससुर ने किया मेरा रेप



थाने में 2 घंटे तक चला धरना-प्रदर्शन, केस दर्ज, विभागीय जांच भी शुरू


उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में तैनात एक महिला दरोगा ने अपने रिटायर्ड दरोगा ससुर पर दुष्कर्म और प्रॉपर्टी डीलर पति पर फायरिंग का गंभीर आरोप लगाते हुए पारा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। महिला ने अन्य ससुरालीजनों पर भी उत्पीड़न और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मामले में कार्रवाई न होने से नाराज महिला दरोगा ने किसान यूनियन के नेताओं और परिजनों के साथ थाने में करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया।


 पीड़िता के अनुसार उसने करीब एक वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद उसका चयन पुलिस विभाग में दरोगा पद पर हो गया। महिला का आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग जातिसूचक टिप्पणियां करते हुए उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। पति से शिकायत करने के बावजूद उसे कोई सहयोग नहीं मिला। महिला का आरोप है कि नौकरी करने को लेकर भी उसे अपमानित किया जाता था। इसी दौरान उसके रिटायर्ड दरोगा ससुर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे चूहे मारने की दवा खिलाकर जान से मारने की कोशिश की गई और कमरे में बंद कर दिया गया। किसी तरह उसने अपने पिता को सूचना दी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब उसके पिता शिकायत लेकर ससुराल पहुंचे तो पति और ससुर ने उन पर हमला कर असलहा तानकर भगा दिया। महिला का कहना है कि चार दिन पहले भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गुरुवार को महिला दरोगा अपने परिजनों और किसान यूनियन कार्यकर्ताओं के साथ पारा थाने पहुंची और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेसुध हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पारा थाना प्रभारी सुरेश सिंह ने बताया कि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है और दोनों पक्षों की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं, थाने में प्रदर्शन करने के मामले में महिला दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। प्रयागराज पुलिस के अधिकारी पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं।