Sunday, 7 June 2026

आजमगढ़ महाराजगंज मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर 12 वर्षीय बालक की मौत घर के सामने साइकिल चला रहा था मृतक , परिजनों ने चालक व अवैध खनन कारोबारियों पर कार्रवाई की मांग की


 आजमगढ़ महाराजगंज मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर 12 वर्षीय बालक की मौत


घर के सामने साइकिल चला रहा था मृतक , परिजनों ने चालक व अवैध खनन कारोबारियों पर कार्रवाई की मांग की



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के महाराजगंज कोतवाली क्षेत्र के यूसुफपुर (रूपयनपुर) गांव में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार आदित्य निषाद (12) अपने घर के सामने सड़क किनारे साइकिल चला रहा था। इसी दौरान मिट्टी लादकर जा रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उसे कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि बालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। मृतक की मां अपने बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से मिट्टी खनन और ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे वाहनों पर अंकुश लगाया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार गांव से गुजरने वाले मार्ग से प्रतिदिन मिट्टी का खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से परिवहन किया जाता है। आरोप है कि चालक तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं, कई बार मोबाइल या हेडफोन का इस्तेमाल भी करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इस संबंध में वाहन चालकों और मालिकों को चेतावनी दी गई, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ।


 ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली रूपयनपुर निवासी योगेंद्र यादव पुत्र कल्पू यादव की है, जिसे उनका पुत्र सत्यम यादव चला रहा था। बताया गया कि वाहन पर पंजीकरण संख्या भी अंकित नहीं थी। ग्रामीणों ने बताया कि आदित्य दो भाइयों में बड़ा था। उसके पिता का तीन वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। परिवार का भरण-पोषण उसकी मां ही करती है। बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मृतक की मां की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजनों ने दोषी चालक, वाहन मालिक तथा अवैध खनन से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

Saturday, 6 June 2026

आजमगढ़ लेखपाल को 6 वर्ष के कठोर कारावास की सजा भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में कोर्ट का फैसला

आजमगढ़ लेखपाल को 6 वर्ष के कठोर कारावास की सजा



भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में कोर्ट का फैसला


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को छह वर्ष के कठोर कारावास व तीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर एक अजय कुमार शाही ने शनिवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण यूनिट गोरखपुर यूनिट को सूचना मिली कि लालगंज तहसील के लेखपाल भूमि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। इस सूचना पर इंस्पेक्टर एन पी गौड़ ने 12 दिसंबर 2013 को राजस्व लेखपाल मनपूजन चौहान निवासी बड़ागाव बहादुरपुर थाना देवगाव को पांच सौ रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह मुकदमा बरदह थाने में दर्ज किया गया। जांच पूरी करने के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लेखपाल के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल पांच गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मनपूजन चौहान (राजस्व लेखपाल) को छह वर्ष के कठोर कारावास व तीस हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

 

आजमगढ़ गम्भीरपुर 2 सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली 24 घंटे के भीतर की कार्रवाई, आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद


 आजमगढ़ गम्भीरपुर 2 सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली



24 घंटे के भीतर की कार्रवाई, आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना गम्भीरपुर क्षेत्र में दो सगी नाबालिग बहनों के साथ दुष्कर्म के आरोप में वांछित अभियुक्त को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, 5 जून 2026 को पीड़िताओं की मां ने थाना गम्भीरपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव निवासी मोहम्मद जाहिद उर्फ रुस्तम ने उनकी दो नाबालिग बेटियों को बहला-फुसलाकर तथा डराकर अपने बाग में बने ट्यूबवेल कक्ष में ले जाकर दुष्कर्म किया। साथ ही घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की संबंधित धाराओ के तहत मुकदमा दर्ज किया।


 मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस टीम को सूचना मिली कि आरोपी मोटरसाइकिल से अपने घर की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर जहांनिया मोड़ के पास घेराबंदी की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया और फिसलकर गिरने के बाद अवैध तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद फायरिंग जारी रखने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मोहम्मद जाहिद उर्फ रुस्तम (45 वर्ष) निवासी बैराडीह उर्फ गम्भीरपुर, थाना गम्भीरपुर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध देशी तमंचा .315 बोर, दो खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामदगी के आधार पर आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट और बीएनएस की अन्य धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।

लखनऊ,नाबालिग लड़कियों की तस्करी का बड़ा खुलासा रंग-रूप और लंबाई के हिसाब से तय होते थे रेट यूपी से लड़कियों को राजस्थान भेजकर 5 से 7 लाख रुपये में बेचता था गिरोह


 लखनऊ,नाबालिग लड़कियों की तस्करी का बड़ा खुलासा



रंग-रूप और लंबाई के हिसाब से तय होते थे रेट


यूपी से लड़कियों को राजस्थान भेजकर 5 से 7 लाख रुपये में बेचता था गिरोह



लखनऊ, उत्तर प्रदेश से नाबालिग लड़कियों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मोहनलालगंज पुलिस की जांच में सामने आया है कि राजस्थान के कोटा स्थित एक गिरोह लड़कियों के रंग-रूप और लंबाई के आधार पर उनकी कीमत तय करता था। मामले में गिरफ्तार रायबरेली के मिल एरिया निवासी प्रिया गिरोह की सरगना सोनम और उसके पति को मोबाइल पर लड़कियों की तस्वीरें भेजती थी, जिसके बाद सौदे की रकम तय की जाती थी।


 पुलिस जांच के अनुसार, पसंद आने वाली लड़कियों का सौदा डेढ़ से दो लाख रुपये में किया जाता था। इसके बाद उन्हें राजस्थान भेज दिया जाता था, जहां गिरोह की सरगना सोनम उन्हीं लड़कियों को पांच से सात लाख रुपये तक में बेच देती थी। सोनम वर्तमान में राजस्थान के कोटा जिले के बम्बौरी क्षेत्र में रहती है और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन करती थी। तफ्तीश में यह भी सामने आया है कि गिरोह रायबरेली, सुल्तानपुर और लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय था। 


आरोपी नट बिरादरी, गरीब परिवारों, भीख मांगने वाले परिवारों तथा अनाथ लड़कियों को निशाना बनाते थे। प्रिया ने रायबरेली के मिल एरिया से अपना नेटवर्क संचालित करते हुए कई जिलों तक इसकी पहुंच बना रखी थी। पुलिस के मुताबिक, गिरोह अब तक 10 से 12 लड़कियों की खरीद-फरोख्त कर चुका है। मोहनलालगंज क्षेत्र की दो किशोरियों की बरामदगी के बाद पुलिस अन्य पीड़ित लड़कियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि लड़कियों की खरीद-फरोख्त मुख्य रूप से शादी के नाम पर की जाती थी, हालांकि अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। प्रिया के मोबाइल फोन से पुलिस को गिरोह से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।


 एसीपी मोहनलालगंज ने बताया कि आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम राजस्थान के कोटा भेजी गई है और जल्द ही गिरोह की सरगना समेत अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की जाएगी। इंस्पेक्टर मोहनलालगंज ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गिरोह की सरगना सोनम मूल रूप से बिहार की रहने वाली है। वह अपने पति भूपेंद्र के साथ मिलकर कोटा से पूरे नेटवर्क का संचालन करती थी। गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, राजस्थान और पंजाब तक फैला हुआ है। पुलिस को मिले नए सुरागों के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।

Friday, 5 June 2026

लखनऊ, आईजी समेत 6 आईपीएस अधिकारियों के तबादले देवीपाटन, मिजार्पुर और कानपुर रेंज में नई तैनाती, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी


 लखनऊ, आईजी समेत 6 आईपीएस अधिकारियों के तबादले



देवीपाटन, मिजार्पुर और कानपुर रेंज में नई तैनाती, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी



लखनऊ, उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए डीजीपी मुख्यालय ने एक आईजी और छह डीआईजी स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न रेंजों और महत्वपूर्ण इकाइयों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। देवीपाटन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमित पाठक के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी) में तैनात होने के बाद उनकी जगह सीआईडी में तैनात डीआईजी अशोक कुमार चतुर्थ को देवीपाटन रेंज का नया आईजी बनाया गया है। अमित पाठक को राज्य सरकार जल्द ही एनएसजी में कार्यभार ग्रहण करने के लिए कार्यमुक्त कर सकती है। वहीं मिजार्पुर रेंज के डीआईजी राकेश प्रकाश सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद पीटीएस मेरठ की प्रधानाचार्य पूनम को मिजार्पुर रेंज का डीआईजी नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में पीटीएस मुरादाबाद में तैनात डीआईजी यमुना प्रसाद को कानपुर रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 


कानपुर रेंज के डीआईजी हरीश चन्द्र का तबादला भ्रष्टाचार निवारण संगठन में किया गया है। वहीं केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में तैनात रहे रवि शंकर छवि को वापस बुलाए जाने के बाद डीजीपी मुख्यालय में डीआईजी लोक शिकायत के पद पर नियुक्त किया गया है। वह वापसी के बाद से प्रतीक्षारत चल रहे थे। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण संगठन में तैनात डीआईजी सचिंद्र पटेल को आगरा पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आजमगढ़ 500 कुख्यात अपराधियों के यहां एक साथ पुलिस की दबिश 50 पुलिस टीमों ने घर-घर पहुंचकर किया भौतिक सत्यापन, डोजियर अपडेट कर निरोधात्मक कार्रवाई की तैयारी


 आजमगढ़ 500 कुख्यात अपराधियों के यहां एक साथ पुलिस की दबिश



50 पुलिस टीमों ने घर-घर पहुंचकर किया भौतिक सत्यापन, डोजियर अपडेट कर निरोधात्मक कार्रवाई की तैयारी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आजमगढ़ पुलिस द्वारा चार दिवसीय विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी के मार्गदर्शन में सर्किल नगर क्षेत्र में सोमवार से गुरुवार तक चले इस अभियान के दौरान 500 कुख्यात अपराधियों के यहां एक साथ दबिश देकर उनका भौतिक सत्यापन किया गया।


 पुलिस के अनुसार अभियान में उन अपराधियों को चिन्हित किया गया था, जो पूर्व में लूट, डकैती, जानलेवा हमला, परीक्षा में नकल कराने, तस्करी समेत अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे हैं। इन अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों और सामाजिक स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए विशेष रणनीति के तहत प्रतिदिन 50 पुलिस टीमों का गठन किया गया। प्रत्येक टीम में एक उपनिरीक्षक और चार आरक्षियों को शामिल किया गया था। अभियान के दौरान सभी पुलिस टीमों को विस्तृत ब्रीफिंग देने के बाद एक साथ कोतवाली से रवाना किया गया। इसके बाद चिन्हित अपराधियों के घरों और ठिकानों पर पहुंचकर उनका भौतिक सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान पुलिस ने उनके रहन-सहन, आजीविका, सामाजिक व्यवहार, वर्तमान गतिविधियों तथा आपराधिक प्रवृत्तियों के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्रित की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे व्यक्ति अब सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं या फिर दोबारा अपराध जगत से जुड़कर कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे हैं। सत्यापन के दौरान प्राप्त सूचनाओं के आधार पर प्रत्येक अपराधी का डोजियर तैयार एवं अद्यतन किया गया है। 


पुलिस का कहना है कि जिन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई जाएंगी अथवा जिनके पुन: अपराध में सक्रिय होने की जानकारी मिलेगी, उनके विरुद्ध आवश्यकतानुसार निरोधात्मक एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अभियान के माध्यम से पुलिस ने अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि जनपद में अपराध नियंत्रण और आमजन को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी निरंतर चलाए जाते रहेंगे। पुलिस द्वारा अपराधियों की निगरानी, सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी, जिससे कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

आजमगढ़ जीयनपुर 5 जिलों में फर्जी जमानत का बड़ा खेल उजागर 18 अभियुक्तों की जमानत कराने वाला आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मोहरें और आधार कार्ड बरामद

आजमगढ़ जीयनपुर 5 जिलों में फर्जी जमानत का बड़ा खेल उजागर


18 अभियुक्तों की जमानत कराने वाला आरोपी गिरफ्तार


फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मोहरें और आधार कार्ड बरामद



उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जनपद में गंभीर आपराधिक मामलों में बंद अभियुक्तों की फर्जी जमानत कराने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी पहचान पत्रों के सहारे पांच जनपदों में कुल 18 अभियुक्तों की जमानत कराई थी। उसके कब्जे से विभिन्न मोहरें, आधार कार्ड और अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।


 पुलिस के मुताबिक 30 मई 2026 को चौकी प्रभारी कचहरी, थाना कोतवाली नगर द्वारा सूचना दी गई थी कि कुछ तथाकथित जमानतदार आर्थिक लाभ के उद्देश्य से हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध अभियुक्तों की जमानत फर्जी अभिलेखों के आधार पर करा रहे हैं। जांच के दौरान एक ही व्यक्ति द्वारा कई अभियुक्तों की जमानत एक ही दस्तावेज के आधार पर कराए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद थाना कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना जीयनपुर पुलिस ने मामले में वांछित अभियुक्त दयाराम पुत्र जानकी प्रसाद निवासी रामपुर कला, थाना कोतवाली टांडा, जनपद अंबेडकरनगर को 3 जून की रात जमसर स्थित रॉयल स्टार ढाबा के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और विवेचना में खुलासा हुआ कि दयाराम ने अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा और गोरखपुर जनपदों में कुल 18 अभियुक्तों की फर्जी जमानत कराई थी। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी के पास से आठ विभिन्न मोहरें, एक इंक पैड, चार खतौनी की प्रतियां, आठ आधार कार्ड, एक आधार कार्ड की छायाप्रति तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।