आजमगढ़ नकल के मामलों पर सख्ती, परीक्षा वर्ष 2026 के लिए कई प्रधानाचार्य व शिक्षक डिबार
3 वर्ष की डिबार अवधि, 2026 की परीक्षा में परीक्षक नहीं बन सकेंगे दोषी अधिकारी
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से परीक्षा वर्ष 2026 के लिए परीक्षकों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस क्रम में परिषद ने विगत वर्षों में नकल के मामलों में दोषी पाए गए केंद्र व्यवस्थापकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की है। परीक्षा समिति के निर्णय के अनुसार ऐसे अधिकारियों को तीन वर्ष के लिए डिबार किया गया है, जिसके चलते वे वर्ष 2026 की परीक्षा में परीक्षक के रूप में नियुक्त नहीं किए जा सकेंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद की दो संस्थाओं के केंद्र व्यवस्थापक/प्रधानाचार्यों को सूची से बाहर किया गया है, जिन्हें परीक्षा वर्ष 2023 में अनुचित साधन प्रयोग के मामलों में दोषी पाया गया था। इनमें श्री कृष्ण गीता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, लालगंज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रमोद कुमार सिंह तथा चिल्ड्रेन पब्लिक इंटर कॉलेज, देवगांव के प्रधानाचार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त श्री गिरिधारी तिलकधारी इंटर कॉलेज, बिलरियागंज के प्रधानाचार्य श्रीकांत को आजीवन डिबार किया गया है। वहीं चंद्रभानु इंटर कॉलेज, मुसरियापुर नैनीजोर की सहायक अध्यापक एवं कक्ष निरीक्षक रहीं सरिता वर्मा को भी डिबार कर दिया गया है।
डीआईओएस ने स्पष्ट किया कि डिबार किए गए किसी भी शिक्षक या अधिकारी की परीक्षा ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने और नकल जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डिबार सूची का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

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