आजमगढ़ रौनापार महिला की छवि धूमिल करने वाला शातिर अभियुक्त लखनऊ से गिरफ्तार
नाम बदलकर छिपा था आरोपी, फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य बरामद
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन एवं अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में थाना रौनापार पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सोशल मीडिया अपराध के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त महिला की सामाजिक छवि को धूमिल करने के अपराध में संलिप्त था।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि एक महिला द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना रौनापार में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गई। जांच के दौरान सामने आया कि अभियुक्त ने योजनाबद्ध तरीके से साइबर माध्यम का दुरुपयोग कर महिला की सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुँचाने का प्रयास किया। साइबर सेल द्वारा तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्य संकलन एवं सर्विलांस के आधार पर अभियुक्त की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद 03 जनवरी को सुबह लगभग 06:10 बजे सरोजनी नगर क्षेत्र, जनपद लखनऊ से अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से अपराध में प्रयुक्त एक स्मार्ट मोबाइल फोन, नाम बदलकर उपयोग किया गया फर्जी आधार कार्ड तथा सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित डिजिटल डेटा बरामद किया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि अभियुक्त का वास्तविक नाम शादाब उर्फ शाहिद खान पुत्र असलम है, जो जनपद आजमगढ़ का निवासी है। पुलिस से बचने के उद्देश्य से उसने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर अपना नाम अभिषेक पुत्र राजेश रावत रख लिया था और लखनऊ में छिपकर रह रहा था। पुलिस के अनुसार अभियुक्त ने पीड़िता की वास्तविक फोटो प्राप्त कर उसे डिजिटल रूप से एडिट किया और फर्जी सोशल मीडिया आईडी के माध्यम से प्रसारित किया। साथ ही पीड़िता एवं उसके परिजनों को लगातार डराने-धमकाने का कार्य भी किया गया, जिससे पीड़िता मानसिक रूप से प्रताड़ित रही। इस संबंध में थाना रौनापार पर अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

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