Thursday, 26 February 2026

आजमगढ़ शहर कोतवाली पुरानी जेल तिराहे पर सड़क जाम, 50 लोगों पर मुकदमा दर्ज जाम में फंसी रहीं एम्बुलेंस और स्कूल वाहन, पुलिस से धक्का-मुक्की का आरोप


 आजमगढ़ शहर कोतवाली पुरानी जेल तिराहे पर सड़क जाम, 50 लोगों पर मुकदमा दर्ज



जाम में फंसी रहीं एम्बुलेंस और स्कूल वाहन, पुलिस से धक्का-मुक्की का आरोप


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शहर के कोतवाली क्षेत्र स्थित पुरानी जेल तिराहे पर मंगलवार दोपहर करीब 2:15 बजे लगभग 50 की संख्या में महिला और पुरुषों द्वारा सड़क जाम करने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, अवैध रूप से सड़क पर खड़े और बैठकर आवागमन बाधित कर दिया गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में स्कूल वाहन, एम्बुलेंस सहित अन्य जरूरी वाहन फंस गए। स्कूली बच्चे और मरीज वाहनों में बैठे परेशान होते रहे। सूचना पर उपनिरीक्षक सूर्यपाल मय हमराह आरक्षी अखिलेश यादव मौके पर पहुंचे। वहीं चौकी प्रभारी एलवल प्रियंका तिवारी, चौकी प्रभारी रोडवेज सौरभ त्रिपाठी तथा कोबरा टीम के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे।


 पुलिस के मुताबिक, जाम के कारण मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग गलियों से निकलने का प्रयास करते दिखे। पुलिस द्वारा जाम लगाए गए लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोप है कि कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की और सरकारी कार्य में बाधा डाली। काफी मशक्कत के बाद बिजली-पानी बहाल कराने के आश्वासन पर जाम समाप्त कराया गया। मौके पर आरक्षी द्वारा फोटो और वीडियो भी बनाए गए। पुलिस के अनुसार, काशीराम आवास के केसरी देवी, सोनी, सावित्री, दयाराम, सत्येंद्र सहित लगभग 50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एफआईआर सीसीटीएनएस प्रणाली पर पंजीकृत की गई है। कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

आजमगढ़ पूर्व सांसद उमाकांत यादव एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश 1989 के शस्त्र अधिनियम मामले में चल रही है गवाही लाइसेंसी बंदूक के नवीनीकरण के दौरान दर्ज हुआ था मुकदमा, अगली सुनवाई 16 मार्च


 आजमगढ़ पूर्व सांसद उमाकांत यादव एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश


1989 के शस्त्र अधिनियम मामले में चल रही है गवाही


लाइसेंसी बंदूक के नवीनीकरण के दौरान दर्ज हुआ था मुकदमा, अगली सुनवाई 16 मार्च



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में उमाकांत यादव को गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अनुपम त्रिपाठी की अदालत में पेश किया गया। वर्ष 1989 में सरायमीर थाने में उनके विरुद्ध शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में वर्तमान में गवाही की प्रक्रिया चल रही है। उमाकांत यादव के अधिवक्ता रविंद्र नाथ यादव ने बताया कि वर्ष 1989 में उनके मुवक्किल की बंदूक के लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही थी।

 इसी दौरान पुलिस ने उनके आवास पर तलाशी लेकर लाइसेंसी शस्त्र बरामद किया। उस समय लाइसेंस प्रस्तुत न कर पाने के कारण उनके विरुद्ध शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान उमाकांत यादव के गैरहाजिर रहने पर न्यायालय द्वारा उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया था। गुरुवार को अदालत में उपस्थित होने पर बचाव पक्ष की ओर से वारंट निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने मामले में गवाही के लिए अगली तिथि 16 मार्च निर्धारित की है। वहीं, गैंगस्टर एक्ट से संबंधित एक अन्य मुकदमे में एमपी-एमएलए सत्र न्यायालय में भी उनकी पेशी हुई, जिसमें अगली सुनवाई की तिथि 12 मार्च नियत की गई है।

आजमगढ़ डीएवी काशीराम आवास के लोगों का फूटा गुस्सा, बिजली-पानी संकट पर चक्काजाम 3 दिन से अंधेरे में रहे परिवार, भारी बिल † आरोप, शहर कोतवाल की पहल पर खुला जाम


 आजमगढ़ डीएवी काशीराम आवास के लोगों का फूटा गुस्सा, बिजली-पानी संकट पर चक्काजाम



3 दिन से अंधेरे में रहे परिवार, भारी बिल † आरोप, शहर कोतवाल की पहल पर खुला जाम



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के डीएवी काशीराम आवास के निवासी पिछले तीन दिनों से बिजली और पानी संकट से जूझ रहे थे। समस्या से त्रस्त होकर बुधवार दोपहर आवासीय परिसर की महिलाओं और पुरुषों ने पुरानी जेल के पास सड़क पर चक्काजाम कर दिया। अचानक हुए जाम से यातायात प्रभावित हो गया और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि उन्हें पूर्व में मायावती सरकार के दौरान यह आवास मुफ्त उपलब्ध कराया गया था, लेकिन अब बिजली विभाग की ओर से 8 से 10 लाख रुपये तक के भारी-भरकम बिल दिखाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि इतनी बड़ी धनराशि जमा करना गरीब परिवारों के लिए संभव नहीं है, और जब तक बिल जमा नहीं होगा तब तक बिजली बहाल नहीं की जा रही है। बिजली कटने से पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे हालात और खराब हो गए। सूचना मिलते ही शहर कोतवाल यादवेन्द्र पाण्डेय मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक वार्ता चलती रही। पुलिस ने बिजली विभाग के अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर वार्ता कराई, जिसके बाद लोगों को आश्वासन दिया गया कि उनकी समस्या पर विचार किया जाएगा। 


कोतवाल यादवेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटे जाने के विरोध में लोग प्रदर्शन कर रहे थे। विभागीय अधिकारियों से वार्ता के बाद लोगों ने शांतिपूर्वक जाम समाप्त कर दिया। करीब घंटों की मशक्कत के बाद यातायात सामान्य हो सका।

आजमगढ़ में यूपी बोर्ड परीक्षा कंट्रोल रूम में लापरवाही, निरीक्षण में कर्मचारी सोते मिले मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल रूम ने रात 1:43 बजे किया ऑनलाइन निरीक्षण, स्क्रीनशॉट से दर्ज हुई घटना परिषद ने मांगा स्पष्टीकरण, दोषियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश


 आजमगढ़ में यूपी बोर्ड परीक्षा कंट्रोल रूम में लापरवाही, निरीक्षण में कर्मचारी सोते मिले



मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल रूम ने रात 1:43 बजे किया ऑनलाइन निरीक्षण, स्क्रीनशॉट से दर्ज हुई घटना


परिषद ने मांगा स्पष्टीकरण, दोषियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए बनाए गए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में गंभीर लापरवाही सामने आई है। मुख्यालय स्थित कमांड एंड कंट्रोल रूम द्वारा रात 01:43 बजे किए गए ऑनलाइन निरीक्षण में पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में स्थापित कंट्रोल रूम के कर्मचारी ड्यूटी के दौरान सोते हुए पाए गए।


 जानकारी के अनुसार जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 273 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी के उद्देश्य से पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां शिफ्टवार कर्मचारियों की तैनाती की गई है। प्रयागराज स्थित मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल रूम ने रात्रि निरीक्षण के दौरान कंट्रोल रूम का ऑनलाइन अवलोकन किया। निरीक्षण के समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अपने निर्धारित स्थान पर कार्य करने के बजाय कंट्रोल प्रभारी के सामने लगी मेज पर सोते हुए दिखाई दिए। पूरी घटना को स्क्रीनशॉट के माध्यम से रिकॉर्ड किया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिषद ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) से स्पष्टीकरण तलब किया है।


 परिषद द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बोर्ड परीक्षा जैसे संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण कार्य में इस प्रकार की लापरवाही परीक्षा नियमों एवं निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। संयुक्त शिक्षा निदेशक नवल किशोर ने कहा कि मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल रूम द्वारा रात्रि निरीक्षण के दौरान जनपद स्तर के कंट्रोल रूम में कर्मचारियों की लापरवाही संज्ञान में आई है। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब कर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जा रहा है। जांच के उपरांत दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम प्रभारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

Wednesday, 25 February 2026

आजमगढ़ रानी की सराय 50 हजार का इनामिया हिस्ट्रीशीटर गोतस्कर पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार 2 अंधेरे का फायदा उठाकर फरार, देशी तमंचा, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद 16 से अधिक मुकदमों का है आपराधिक इतिहास

आजमगढ़ रानी की सराय 50 हजार का इनामिया हिस्ट्रीशीटर गोतस्कर पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार



2 अंधेरे का फायदा उठाकर फरार, देशी तमंचा, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद


16 से अधिक मुकदमों का है आपराधिक इतिहास



उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जनपद के रानी की सराय थाना क्षेत्र में 50 हजार रुपये का इनामिया हिस्ट्रीशीटर और शातिर गोतस्कर पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए सीएचसी भेज दिया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे और सरसों की फसल का फायदा उठाकर फरार हो गए।


पुलिस के अनुसार 24 फरवरी 2026 की रात थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह व अन्य पुलिसकर्मी ऊंची गोदाम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि तीन शातिर पशु तस्कर अवैध हथियार के साथ सोनवारा से बड़ैला ताल की ओर जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम छैला इनार तिराहे पर पहुंचकर घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। कुछ देर बाद एक मोटर साइकिल पर सवार तीन संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर उन्होंने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन असंतुलित होकर गिर पड़े। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। 


पुलिस के अनुसार पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी देने के बाद आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश की पहचान नसीम उर्फ लम्बू (40) पुत्र दिलशेर निवासी ग्राम कोटिला थाना रानी की सराय के रूप में हुई। उसे 25 फरवरी तड़के करीब 2:30 बजे हिरासत में लेकर उपचार के लिए सीएचसी रानी की सराय भेजा गया। मौके से पुलिस ने 01 देशी तमंचा .315 बोर, 01 खोखा कारतूस, 01 जिंदा मिस कारतूस, 02 जिंदा कारतूस तथा बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की। मोटर साइकिल को एमवी एक्ट के संबंधित धारा के तहत सीज किया गया है। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना रानी की सराय पुलिस ने मु0अ0सं0 44/2026 धारा 109(1), 351(3) बीएनएस तथा मु0अ0सं0 45/2026 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। 


पूछताछ में घायल आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ आजमगढ़ व आसपास के जिलों में चोरी और पशु तस्करी की कई घटनाओं में शामिल रहा है। घटना के दिन भी वह वारदात की नीयत से क्षेत्र में घूम रहा था। पुलिस के अनुसार फरार अभियुक्तों की पहचान वसीम पुत्र दिलशेर व भुटेली उर्फ करिया पुत्र इल्ताफ निवासी ग्राम कोटिला के रूप में हुई है। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। गौरतलब है कि आरोपी नसीम के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, गोवध अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत 16 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि काफी गंभीर बताई जा रही है।

 

Tuesday, 24 February 2026

आजमगढ़ अतरौलिया विवाहिता की संदिग्ध मौत, 9 माह पूर्व हुई थी शादी मायका पक्ष का आरोप—दहेज को लेकर किया जाता था प्रताड़ित, पुलिस ने शव को लिया कब्जे में


 आजमगढ़ अतरौलिया विवाहिता की संदिग्ध मौत, 9 माह पूर्व हुई थी शादी



मायका पक्ष का आरोप—दहेज को लेकर किया जाता था प्रताड़ित, पुलिस ने शव को लिया कब्जे में



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के गजेंधर पट्टी, भेदौरा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ मौके की जांच की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गजेंधर पट्टी निवासी दिलीप प्रजापति की शादी 10 मई 2025 को अहरौला थाना क्षेत्र के धनेज पट्टी खजुरी गांव निवासी अंजली प्रजापति के साथ हुई थी। विवाह के बाद अंजली अपने पति के साथ ससुराल में रह रही थी। सोमवार रात अचानक तबीयत खराब होने की बात कही गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। मृतका की भाभी रंजना प्रजापति ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर अंजली को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप यह भी है कि पति के किसी अन्य युवती से संबंध को लेकर भी अंजली को परेशान किया जाता था। 


मायके पक्ष का कहना है कि उन्हें फोन से मौत की सूचना दी गई। जब वे मौके पर पहुंचे तो अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी। इस पर उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पति दिलीप, ससुर हरीलाल और सास पर हत्या में संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य संकलन के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चचार्एं हो रही हैं, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी है।

लखनऊ बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या की, शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाया नीट की तैयारी को लेकर हुआ विवाद बना वारदात की वजह, आरोपी पुत्र गिरफ्तार 4 दिन तक बहन को कमरे में बंद रखा, आरी से काटकर अंग अलग-अलग जगह फेंके


 लखनऊ बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या की, शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाया



नीट की तैयारी को लेकर हुआ विवाद बना वारदात की वजह, आरोपी पुत्र गिरफ्तार


4  दिन तक बहन को कमरे में बंद रखा, आरी से काटकर अंग अलग-अलग जगह फेंके



उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उनके ही बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने शव के टुकड़े कर दोनों हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि सिर सहित धड़ घर के भीतर एक नीले ड्रम में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी मध्य विक्रांत वीर ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को आशियाना थाने में मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान परिवार से पूछताछ की तो शक बेटे अक्षत पर गया। सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। 


पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे पिता-पुत्र के बीच नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर विवाद हुआ। मानवेंद्र सिंह बेटे पर परीक्षा की तैयारी का दबाव बना रहे थे। आरोपी के मुताबिक, बहस के दौरान पिता ने उस पर लाइसेंसी राइफल तान दी। राइफल छीनने की कोशिश में गोली चल गई, जिससे मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर के तीसरे तल पर छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी। गोली की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पिता का शव पड़ा था। आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया और चार दिन तक घर में ही बंद रखे रखा। कृति सदमे में है और कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं है। हत्या के बाद अक्षत ने शव को घसीटकर भूतल पर लाया और खाली कमरे में रख दिया। उसने पहले कार से शव को गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन अधिक होने के कारण सफल नहीं हो सका। इसके बाद वह बाजार से आरी खरीदकर लाया और शव के टुकड़े कर दिए। हाथ और पैर पारा क्षेत्र के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि धड़ को ठिकाने लगाने के लिए नीला ड्रम खरीदकर उसमें रख दिया। पुलिस ने ड्रम, आरी, कार और अन्य सामान बरामद कर लिए हैं। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी के दादा सुरेंद्र पाल सिंह, जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं और जालौन में रहते हैं, सूचना मिलते ही लखनऊ पहुंच गए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।