Saturday, 27 June 2026

आजमगढ़ ग्रामीणों के विरोध से फरिहा तिराहे पर दोबारा बैरियर लगाने की कोशिश नाकाम रात में जेसीबी संग पहुंचे ठेकेदार पर अवैध बैरियर लगाने का आरोप, थानाध्यक्ष बोले-मामले की जानकारी नहीं

आजमगढ़ ग्रामीणों के विरोध से फरिहा तिराहे पर दोबारा बैरियर लगाने की कोशिश नाकाम


रात में जेसीबी संग पहुंचे ठेकेदार पर अवैध बैरियर लगाने का आरोप, थानाध्यक्ष बोले-मामले की जानकारी नहीं



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मोहम्मदपुर फरिहा तिराहे पर अमौड़ा टोल प्लाजा के तत्कालीन ठेकेदार द्वारा कथित रूप से बिना अनुमति दोबारा बैरियर लगाने का प्रयास ग्रामीणों के विरोध के चलते विफल हो गया। आरोप है कि बीती रात करीब दो बजे ठेकेदार जेसीबी मशीन और 25-30 लोगों के साथ मौके पर पहुंचा तथा सड़क के बीच बैरियर लगाने का कार्य शुरू करा दिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बिना प्रशासनिक अनुमति बैरियर लगाए जाने का कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि बैरियर लगाने की अनुमति है तो उसका आदेश सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा किसी भी कीमत पर सार्वजनिक मार्ग पर अवैध बैरियर नहीं लगाने दिया जाएगा। विरोध बढ़ने पर बैरियर लगाने का कार्य रोकना पड़ा।


 ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के प्रयास से इसी स्थान पर लगाया गया कथित अवैध बैरियर हटाया गया था। इसके बावजूद दोबारा बैरियर लगाने की कोशिश से लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि मोहम्मदपुर फरिहा तिराहा मंत्री के क्षेत्र, एयरपोर्ट मार्ग तथा शाहगंज, अतरौलिया और अंबेडकर नगर को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। ऐसे में यहां बैरियर लगाने से लोगों को अनावश्यक रूप से दूसरे मार्गों से होकर गुजरना पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से बिना अनुमति बैरियर लगाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं गंभीरपुर थाना प्रभारी ने इस संबंध में कहा कि उन्हें सड़क के बीच बैरियर लगाए जाने की कोई जानकारी नहीं है।

 

लखनऊ मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश ढेर, बिल्डर हत्याकांड का था मुख्य शूटर कई जिलों में हत्या और रंगदारी के दर्ज हैं गंभीर मुकदमे


 लखनऊ मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश ढेर, बिल्डर हत्याकांड का था मुख्य शूटर


कई जिलों में हत्या और रंगदारी के दर्ज हैं गंभीर मुकदमे


लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली। इंदिरा कैनाल रोड पर हुई पुलिस मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी और कुख्यात अपराधी संजय उर्फ संजीव पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारा गया। वह हाल ही में हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था और लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी। 


पुलिस के अनुसार, 27 जून 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम अपराधियों की तलाश में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान इंदिरा कैनाल रोड पर संजय उर्फ संजीव से पुलिस का सामना हो गया। खुद को घिरता देख उसने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल संजय को तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


 मृतक संजय उर्फ संजीव पुत्र हरीराम, जनपद अम्बेडकरनगर के थाना अहिरौली क्षेत्र के ग्राम चक कोदार का निवासी था। वह 27 मई 2026 को पीजीआई थाना क्षेत्र में हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस आयुक्त, लखनऊ द्वारा एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, संजय एक आदतन और जघन्य अपराधी था। उसने अम्बेडकरनगर के कुख्यात अपराधी दिलीप वर्मा तथा खान मुबारक गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम दिया था। उसके विरुद्ध अम्बेडकरनगर, बस्ती और अयोध्या जनपदों में हत्या समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है।