Monday, 23 March 2026

आजमगढ़ कोतवाली 33 लाख की जमीन ठगी का खुलासा, फर्जी दस्तावेज बनाकर गिरोह सक्रिय कोतवाली पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पहले ही जा चुका है जेल


 आजमगढ़ कोतवाली 33 लाख की जमीन ठगी का खुलासा, फर्जी दस्तावेज बनाकर गिरोह सक्रिय


कोतवाली पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पहले ही जा चुका है जेल


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर की गई बड़े पैमाने की ठगी का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज और कूटरचना के जरिए करीब 33.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले का मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, मधुबन कन्धरापुर निवासी रूद्रान्श राय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कृष्ण चन्द्र राय और उसके सहयोगियों ने कोडर अजमतपुर स्थित भूमि को असली बताकर फर्जी नक्शा और दस्तावेज दिखाए। आरोपियों ने किस्तों में भुगतान का झांसा देकर उससे कुल 33.30 लाख रुपये ले लिए। बाद में जांच में पता चला कि दिखाई गई जमीन का बड़ा हिस्सा बंजर और असंबंधित गाटा संख्या का था। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए धमकी दी और फर्जी मुकदमे में फंसाने की बात कही।


 इस मामले में कोतवाली थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने 23 मार्च  2026 को मुखबिर की सूचना पर बाग लखराव पुलिया के पास से पांच आरोपियों जितेन्द्र कुमार, अभय कुमार, विजय कुमार, महेन्द्र कुमार और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि ठगी की रकम उनके खातों में आई थी, जिसे निकालकर मुख्य आरोपी और उसके परिवार के साथ बांट लिया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी कृष्ण चन्द्र राय को 8 मार्च 2026 को ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने बताया कि गिरोह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ तरवा विवाद के दौरान आटो चालक को मारी गोली तरवा थाना क्षेत्र के सिंहपुर सरैया गांव की घटना, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 2 टीमें गठित


 आजमगढ़ तरवा विवाद के दौरान आटो चालक को मारी गोली


तरवा थाना क्षेत्र के सिंहपुर सरैया गांव की घटना, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 2 टीमें गठित



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के तरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंहपुर सरैया गांव में 22 मार्च की रात करीब सात बजे विवाद के दौरान एक आटो चालक को गोली मार दी गई। घटना में घायल श्याम नारायण मौर्य (40) पुत्र स्व. जनार्दन मौर्य को बाएं हाथ में गोली लगी है। 


बताया जा रहा है कि गांव के ही रमेश यादव उर्फ अनार यादव पुत्र सदन यादव ने विवाद के दौरान फायरिंग कर दी, जिससे श्याम नारायण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। क्षेत्राधिकारी लालगंज भूपेश पांडेय के अनुसार, घायल की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। मामले में संबंधित थाने पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमों का गठन कर दिया गया है।

आजमगढ़ जहानागंज सुसाइड नोट में लिखे शब्दों ने सबको झकझोरा छोटी सी उम्मीद के टूटने से जिंदगी को किया खत्म 2 साल पूर्व हुई थी शादी, ससुराल और मायका दोनों जगह छाया मातम

                                संकेतिक तस्वीर   

 आजमगढ़ जहानागंज सुसाइड नोट में लिखे शब्दों ने सबको झकझोरा


छोटी सी उम्मीद के टूटने से जिंदगी को किया खत्म

2 साल पूर्व हुई थी शादी, ससुराल और मायका दोनों जगह छाया मातम



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र के बसगीत गांव में शनिवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 25 वर्षीयh कविता ने अपने ही कमरे में साड़ी के फंदे से लटककर जीवन समाप्त कर लिया। शादी को अभी महज 24 महीने ही हुए थे, लेकिन मां बनने की अधूरी चाहत ने उसकी जिंदगी छीन ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

  मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें कविता ने अपने दिल का दर्द बयां करते हुए लिखा— “मैं मां नहीं बन सकती हूं, बहुत इलाज कराया, दवा खाई, लेकिन कुछ नहीं हुआ… इसलिए मैं जा रही हूं।” इन शब्दों ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

 जानकारी के अनुसार, बरदह थाना क्षेत्र के परसौली गांव निवासी कविता की शादी 24 अप्रैल 2024 को बसगीत गांव निवासी नीलकमल सरोज के साथ हुई थी। नीलकमल नागपुर में ट्रेलर चालक के रूप में काम करता है। पति के अनुसार, दोनों ने इलाज भी कराया था और डॉक्टरों ने समस्या कविता में बताई थी। काफी समय से इलाज चल रहा था, लेकिन लगातार दवाएं खाने से कविता परेशान हो गई थी और उसने दवा लेने से भी मना कर दिया था। परिजनों का कहना है कि आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत न होने के बावजूद दोनों पक्ष मिलकर उसका इलाज करा रहे थे, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम न मिलने से कविता मानसिक रूप से टूट चुकी थी। धीरे-धीरे वह हताशा में डूबती चली गई और आखिरकार उसने यह कदम उठा लिया।


 थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। एक छोटी सी उम्मीद के टूटने से एक जिंदगी को खत्म कर दिया, और पीछे छोड़ गया एक ऐसा दर्द, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।