Sunday, 22 February 2026

आजमगढ़ जेल में बंद हत्या के आरोपित की संदिग्ध मौत परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, अस्पताल के बाहर किया हंगामा


 आजमगढ़ जेल में बंद हत्या के आरोपित की संदिग्ध मौत


परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, अस्पताल के बाहर किया हंगामा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर गांव निवासी 36 वर्षीय उग्रसेन सिंह, जो हत्या के आरोप में जिला जेल में निरुद्ध था, की रविवार देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए और जेल प्रशासन पर लापरवाही व हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।


 जेलर आनंद कुमार शुक्ला के अनुसार, उग्रसेन सिंह सुबह तक सामान्य था और उसने नियमित रूप से भोजन भी किया था। शाम के समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और ब्लड प्रेशर काफी नीचे चला गया। स्थिति गंभीर होने पर उसे पहले जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत में सुधार न होने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन प्रयासों के बावजूद देर शाम उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन और गांव के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने जेल पुलिस पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर भारी मात्रा में पुलिस फोर्स पहुंच गई।


 जेल प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण अचानक स्वास्थ्य खराब होना प्रतीत हो रहा है। हालांकि, परिजनों के आरोपों को देखते हुए मामले की जांच की बात कही जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस और जेल प्रशासन ने कहा है कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ बरदह, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के धन गबन में अभियुक्त गिरफ्तार 5 लाख रुपये की धनराशि में ₹1.36 लाख से अधिक के गबन का आरोप, मुकदमा दर्ज


 आजमगढ़ बरदह, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के धन गबन में अभियुक्त गिरफ्तार


5 लाख रुपये की धनराशि में ₹1.36 लाख से अधिक के गबन का आरोप, मुकदमा दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना बरदह पुलिस ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के अंतर्गत प्राप्त सरकारी धनराशि में गबन के आरोप में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार योजना के तहत प्राप्त ₹5,00,000 की धनराशि में से ₹1,36,274.84 के गबन की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी सौरभ कुमार पुत्र स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद, निवासी मुस्तफाबाद थाना बक्सा जनपद जौनपुर द्वारा प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया गया था कि योजना की धनराशि में अनियमितता की गई है। शिकायत के आधार पर थाना बरदह में दिनांक 28 दिसंबर 2025 को मु0अ0सं0 409/2025 अंतर्गत धारा 316(5), के तहत अशोक कुमार गुप्ता पुत्र स्वर्गीय कन्हैया लाल गुप्ता निवासी ग्राम अबुसईदपुर थाना गम्भीरपुर जनपद आजमगढ़ के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था। 


पुलिस के मुताबिक 22 फरवरी 2026 को उपनिरीक्षक पुनीत कुमार श्रीवास्तव मय हमराह टीम के साथ अभियुक्त को उसके घर ग्राम अबुसईदपुर से सुबह लगभग 10 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में हेड कांस्टेबल पवन कुमार यादव भी शामिल रहे। पुलिस द्वारा बताया गया कि अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार अभियुक्त के विरुद्ध इसी प्रकरण से संबंधित एक मामला दर्ज है।

आजमगढ़ सिधारी पहली शादी छिपाकर रचा रहा था दूसरा विवाह, पुलिस ने दूल्हे को थाने पहुंचाया सीएम कार्यालय में ऑनलाइन शिकायत के बाद सिधारी पुलिस ने रोकी शादी पहले से शादीशुदा था युवक, प्रेम विवाह का भी खुलासा

आजमगढ़ सिधारी पहली शादी छिपाकर रचा रहा था दूसरा विवाह, पुलिस ने दूल्हे को थाने पहुंचाया


सीएम कार्यालय में ऑनलाइन शिकायत के बाद सिधारी पुलिस ने रोकी शादी


पहले से शादीशुदा था युवक, प्रेम विवाह का भी खुलासा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सिधारी थाना क्षेत्र में एक वैवाहिक समारोह उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब द्वारपूजा की रस्म के बाद पुलिस ने दूल्हे को हिरासत में लेकर थाने पहुंचा दिया। बताया जा रहा है कि दूल्हा अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाकर दूसरी शादी रचा रहा था। इसी बीच उसकी पहली पत्नी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर विवाह की रस्में रुकवा दीं।


 जानकारी के अनुसार मौर्य परिवार का युवक पहले से शादीशुदा है और उसने पूर्व में प्रेम विवाह किया था। आरोप है कि युवक और उसके परिजनों ने यह तथ्य दुल्हन पक्ष से छिपाया। शादी की आधी से अधिक रस्में पूरी हो चुकी थीं, तभी पुलिस ने हस्तक्षेप किया। दूल्हे को उसके परिजनों सहित थाने ले जाया गया, जिससे दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बन गई।


 बताया जा रहा है कि युवक वाराणसी नगर निगम में संविदा कर्मचारी है और साथ ही डिजिटल क्रिएटर के रूप में भी कार्य करता है। दुल्हन पक्ष ने शादी में हुए खर्च की भरपाई की मांग की। इसी मुद्दे पर थाने में करीब 12 घंटे से अधिक समय तक पंचायत चलती रही। अंततः दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। सिधारी थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्ष किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते थे, इसलिए आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया है। फिलहाल पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।