Saturday, 24 January 2026

आजमगढ़ लालगंज शुद्ध पानी के नाम पर लापरवाही, 2 वाटर यूनिटों के लाइसेंस निलंबित एफडीए की सघन जांच में गंभीर अनियमितताएं उजागर, जनस्वास्थ्य पर खतरा

आजमगढ़ लालगंज शुद्ध पानी के नाम पर लापरवाही, 2 वाटर यूनिटों के लाइसेंस निलंबित



एफडीए की सघन जांच में गंभीर अनियमितताएं उजागर, जनस्वास्थ्य पर खतरा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में शुद्ध और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के दावे के साथ बाजार में बोतलबंद पानी की आपूर्ति कर रही दो वाटर यूनिटों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने कड़ी कार्रवाई की है। सघन जांच अभियान के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर अद्विक इंटरप्राइजेज लालगंज और रजवाड़ा इंटरप्राइजेज लालगंज के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। इन दोनों यूनिटों से प्रतिदिन 500 से अधिक बोतलें जिले की विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों पर सप्लाई की जा रही थीं।


 विभागीय आंकड़ों के अनुसार जनपद में कुल सात वाटर सप्लाई यूनिट पंजीकृत हैं, जिनमें से दो पहले से बंद हैं। एफडीए की टीम ने शेष पांच यूनिटों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान उत्पादन प्रक्रिया, प्लांट की स्वच्छता, मशीनों की साफ-सफाई, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पानी की गुणवत्ता से संबंधित अभिलेखों की गहन पड़ताल की गई। निरीक्षण में सामने आया कि वर्ष 2025 में लाइसेंस प्राप्त इन दोनों यूनिटों के संचालक कर्मचारियों की अनिवार्य मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सके। साथ ही पानी की गुणवत्ता जांच से संबंधित आवश्यक वाटर एनालिसिस रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा यूनिट परिसरों में साफ-सफाई की स्थिति भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। एफडीए टीम ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए दोनों यूनिटों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। वहीं अन्य तीन वाटर यूनिटों की स्थिति जांच में सामान्य पाई गई।

आजमगढ़ जनता और पुलिस के बीच मजबूत होगा विश्वास, अपराध नियंत्रण में आएगी तेजी : पीयूष मोर्डिया, एडीजी जोन आजमगढ़ में शुरू हुई ‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट सेवा, अब मोबाइल से दें अपराध की सूचना वाराणसी रेंज के बाद आजमगढ़ में विस्तार, 23 जनवरी से 24×7 रहेगी सक्रिय


 आजमगढ़ जनता और पुलिस के बीच मजबूत होगा विश्वास, अपराध नियंत्रण में आएगी तेजी : पीयूष मोर्डिया, एडीजी जोन


आजमगढ़ में शुरू हुई ‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट सेवा, अब मोबाइल से दें अपराध की सूचना


वाराणसी रेंज के बाद आजमगढ़ में विस्तार, 23 जनवरी से 24×7 रहेगी सक्रिय



आजमगढ़, उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से शुरू की गई ‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट सेवा अब और जिलों में विस्तार पा रही है। वाराणसी रेंज के जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जनपदों में सफल संचालन के बाद यह सेवा 23 जनवरी से जनपद आजमगढ़ में भी शुरू कर दी गई है। ‘पुलिस सतर्क मित्र’ एक WhatsApp-आधारित ऑटोमेटेड चैटबोट है, जिसके माध्यम से आम नागरिक गोपनीय और सुरक्षित तरीके से अपराधों और अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दे सकते हैं। इसके लिए किसी अलग ऐप की आवश्यकता नहीं है, केवल WhatsApp के जरिए 7839860411 नंबर पर संदेश भेजना होता है। सेवा का उपयोग बेहद सरल है। नागरिक WhatsApp पर “Hi” भेजकर बातचीत शुरू कर सकते हैं, इसके बाद बोट भाषा चयन कराता है और क्रमशः घटना का प्रकार, स्थान, समय जैसी जानकारियाँ पूछता है। जरूरत पड़ने पर फोटो, वीडियो, ऑडियो या सीसीटीवी फुटेज भी साझा की जा सकती है। प्राप्त सूचनाओं की जांच पुलिस अधिकारी करते हैं और आवश्यक कार्रवाई की जाती है, जिसकी स्वचालित फीडबैक सूचना देने वाले को भी मिलती है। इस बोट के जरिए गौ-तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा, महिला व बाल अपराध, मानव तस्करी, पुलिस भ्रष्टाचार, अवैध खनन सहित कई गंभीर मामलों की सूचना दी जा सकती है। सबसे खास बात यह है कि सूचना देने वाले की पहचान और मोबाइल नंबर पुलिस को दिखाई नहीं देते, जिससे लोग बिना किसी डर के अपने आसपास की अवैध गतिविधियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ‘पुलिस सतर्क मित्र’ का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच सुरक्षित संवाद स्थापित करना और तकनीक के माध्यम से अपराध पर तेज़ और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।


 एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया ने ऑनलाइन प्रेस वार्ता में कहा, “‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट उत्तर प्रदेश पुलिस की एक तकनीक-आधारित और जनहितकारी पहल है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को बिना भय और बिना पहचान उजागर किए अपराध व अवैध गतिविधियों की सूचना देने का सुरक्षित मंच उपलब्ध कराना है। वाराणसी रेंज में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके बाद इसे आजमगढ़ जनपद में भी लागू किया गया है। हमें विश्वास है कि इस माध्यम से जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होगा और अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी।” उन्होंने आगे कहा कि “सूचना देने वाले की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी और प्रत्येक प्राप्त सूचना पर गंभीरता से जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह व्यवस्था अपराधियों के लिए चेतावनी और आम नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगी।

आजमगढ़ सरायमीर वाहन चेकिंग के बीच सवालों के घेरे में खाकी, बिना डिजिटल नंबर प्लेट और बीमा के दौड़ती दिखी दरोगा की बुलेट आम जनता पर सख्ती, लेकिन नियम तोड़ने पर पुलिसकर्मी पर कार्रवाई क्यों नहीं? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो-तस्वीरों के बाद उठी निष्पक्ष जांच की मांग

आजमगढ़ सरायमीर वाहन चेकिंग के बीच सवालों के घेरे में खाकी, बिना डिजिटल नंबर प्लेट और बीमा के दौड़ती दिखी दरोगा की बुलेट



आम जनता पर सख्ती, लेकिन नियम तोड़ने पर पुलिसकर्मी पर कार्रवाई क्यों नहीं?


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो-तस्वीरों के बाद उठी निष्पक्ष जांच की मांग



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के निर्देश पर जनपद में चल रहे सघन वाहन चेकिंग अभियान के बीच एक मामला सामने आया है, जिसने विभागीय अनुशासन और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आजमगढ़-लखनऊ मार्ग पर सरायमीर थाना क्षेत्र में एक दरोगा की बुलेट मोटरसाइकिल बिना डिजिटल नंबर प्लेट और वैध बीमा के दौड़ती नजर आई, जिसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। जानकारी के अनुसार, संबंधित दरोगा सरायमीर कस्बे में नियमित रूप से वाहन चेकिंग अभियान में सक्रिय रहते हैं और नियमों के उल्लंघन पर आम नागरिकों के चालान काटते देखे जाते हैं। वहीं उनकी स्वयं की बाइक पर न तो डिजिटल नंबर प्लेट लगी थी और न ही वैध बीमा पाया गया। ऑनलाइन जांच में बाइक का बीमा भी अमान्य बताया गया।


 स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहन चेकिंग के दौरान आम नागरिकों से डिजिटल नंबर प्लेट न होने पर 5 से 10 हजार रुपये तक का जुर्माना, बीमा न होने पर 2 से 4 हजार रुपये तक का फाइन और कई मामलों में वाहन सीज तक किए जा रहे हैं। ऐसे में जब खुद कानून के रखवाले नियमों का पालन नहीं करते दिखें, तो जनता में असंतोष और अविश्वास स्वाभाविक है। इस प्रकरण ने न सिर्फ पुलिस प्रशासन की सख्ती पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी चर्चा का विषय बन गया है कि क्या कानून सबके लिए समान है। लोगों का कहना है कि यदि आम जनता से नियमों का पालन सख्ती से कराया जा रहा है, तो वही मानक पुलिसकर्मियों पर भी समान रूप से लागू होने चाहिए। जनता अब पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है, ताकि कानून का तराजू सभी के लिए बराबर रहे, चाहे वह आम नागरिक हो या वर्दीधारी हो या कोई भी अधिकारी हो।