Thursday, 1 January 2026

आजमगढ़ जहानागंज एम्बुलेंस की आड़ में नकली शराब की तस्करी करने वाले गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार गैंगेस्टर एक्ट में हुई कार्रवाई, पूर्व में हरियाणा से बिहार ले जाते समय पकड़ी थी नकली शराब


 आजमगढ़ जहानागंज एम्बुलेंस की आड़ में नकली शराब की तस्करी करने वाले गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार



गैंगेस्टर एक्ट में हुई कार्रवाई, पूर्व में हरियाणा से बिहार ले जाते समय पकड़ी थी नकली शराब



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में थाना जहानागंज पुलिस ने समाज विरोधी गतिविधियों में संलिप्त एक गिरोह के दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त समाज सेवा में प्रयुक्त होने वाली एम्बुलेंस गाड़ी का दुरुपयोग कर उस पर अलग-अलग नंबर प्लेट लगाकर नकली शराब की आपूर्ति करते थे। यह कृत्य समाज हित के विपरीत एवं गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान वरुण कुमार साहनी पुत्र राम शोभित साहनी, निवासी बक्सामा, थाना गोरौल, जिला वैशाली (बिहार), उम्र लगभग 35 वर्ष तथा विभा देवी पत्नी स्वर्गीय उपेंद्र साहनी, निवासी केरमा, थाना कोहली, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार), उम्र लगभग 57 वर्ष के रूप में हुई है।


 पुलिस ने बताया कि बीते 27 सितंबर 2025 को अभियुक्त हरियाणा से नकली शराब लेकर बिहार जा रहे थे। मुखबिर की सूचना पर थाना जहानागंज, स्वाट द्वितीय एवं सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पास कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर नकली शराब बरामद की थी। इस संबंध में थाना जहानागंज पर आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। उक्त प्रकरण के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों को 1 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे रामपुर-सठियांव तिराहा से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने अपना जुर्म स्वीकार किया है। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद दोनों अभियुक्तों को न्यायालय भेज दिया गया। इस मामले में कोई नई बरामदगी नहीं हुई है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में व0उ0नि0 वीरेंद्र यादव, महिला आरक्षी संजू कुशवाहा, हेड कांस्टेबल शिव ध्यान पाण्डेय एवं कांस्टेबल अखिलेश यादव शामिल रहे।


आजमगढ़ पुलिस ने 221 खोए हुए एंड्रॉयड मोबाइल बरामद कर स्वामियों को सौंपे 23 माह में 2804 मोबाइल बरामद, करीब 7 करोड़ रुपये की संपत्ति लौटाई गई


 आजमगढ़ पुलिस ने 221 खोए हुए एंड्रॉयड मोबाइल बरामद कर स्वामियों को सौंपे



23 माह में 2804 मोबाइल बरामद, करीब 7 करोड़ रुपये की संपत्ति लौटाई गई



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामदगी अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के क्रम में दिसंबर 2025 के दौरान जनपद से खोए हुए कुल 221 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 59 लाख रुपये बताई जा रही है। 


पुलिस के अनुसार, नागरिकों द्वारा गुम या खोए हुए मोबाइल फोन की शिकायत सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज की जाती है। इन शिकायतों के आधार पर मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए सीसीटीएनएस प्रभारी को निर्देशित किया गया था। जनपद में फरवरी 2024 से लगातार यह अभियान चलाया जा रहा है। बरामद किए गए 221 एंड्रॉयड मोबाइल फोन को बुधवार, 1 जनवरी 2026 को रिजर्व पुलिस लाइन आजमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किया गया। 


अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में आजमगढ़ पुलिस द्वारा कुल 1553 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे गए। वहीं, पिछले 23 माह की अवधि में कुल 2804 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये है, बरामद कर नागरिकों को लौटाए जा चुके हैं।

आजमगढ़ मेहनाजपुर युवक की हत्या से मचा हड़कंप, सड़क किनारे मिला शव दरियापुर नवादा का मामला, इलाके में फैला आक्रोश गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने किया चक्का जाम, पुलिस बल तैनात


 आजमगढ़ मेहनाजपुर युवक की हत्या से मचा हड़कंप, सड़क किनारे मिला शव


दरियापुर नवादा का मामला, इलाके में फैला आक्रोश


गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने किया चक्का जाम, पुलिस बल तैनात



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मेहनाजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दरियापुर नवादा निवासी अखिलेश कुमार सोनकर की हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंक दिए जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल बन गया। हत्या की खबर फैलते ही परिजन और स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए और मेहनाजपुर तिराहे पर पहुंचकर चक्का जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। 


सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हत्या बेहद नृशंस तरीके से की गई और शव को पहचान मिटाने की नीयत से सड़क किनारे फेंका गया। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस स्थिति पर कड़ी नजर बनाई हुई है।


https://www.news9up.com/2026/01/24.html


https://www.news9up.com/2026/01/12-25.html

उत्तर प्रदेश 3 आईजी समेत 50 आईपीएस अधिकारियों को प्रमोशन का तोहफा हेमराज मीणा व राजकरन नैय्यर को एसपी से डीआईजी के पद पर पदोन्नति अनुराग आर्य सहित 28 आईपीएस अधिकारियों को दिया गया सेलेक्शन ग्रेड

उत्तर प्रदेश 3 आईजी समेत 50 आईपीएस अधिकारियों को प्रमोशन का तोहफा



हेमराज मीणा व राजकरन नैय्यर को एसपी से डीआईजी के पद पर पदोन्नति


अनुराग आर्य सहित 28 आईपीएस अधिकारियों को दिया गया सेलेक्शन ग्रेड



लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नए साल की शुरुआत में पुलिस विभाग को बड़ा गिफ्ट दिया है। साल के आखिरी दिन सरकार ने तीन आईजी रैंक के अधिकारियों समेत कुल 50 आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की है। इन पदोन्नतियों के आदेश बुधवार को जारी कर दिए गए। दो दिन पहले विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में इन अधिकारियों को पदोन्नति की स्वीकृति दी गई थी। इसके बाद शासन ने तत्काल आदेश जारी कर दिया।


 एडीजी बने तीन अधिकारी : 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा, आशुतोष कुमार और प्रवीण कुमार को आईजी से अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के पद पर प्रोन्नति मिली है।


 आईजी बने छह अधिकारी : 2008 बैच के छह आईपीएस अधिकारियों को डीआईजी से पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) पद पर पदोन्नत किया गया है। इनमें किरण एस., आनंद सुरेशराव कुलकर्णी, एन. कालांची, अमित वर्मा, राजीव मल्होत्रा और डॉ. अखिलेश कुमार निगम शामिल हैं। 


डीआईजी बने 13 अधिकारी : 2012 बैच के 13 आईपीएस अधिकारियों को एसपी से पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर पदोन्नति दी गई है। इनके नाम हैं - विजय ढुल, घुले सुशील चंद्रभान, आशीष तिवारी, सचींद्र पटेल, विपिन टाडा, प्रताप गोपेंद्र यादव, अभिषेक यादव, संकल्प शर्मा, सोमेन वर्मा, यमुना प्रसाद, संतोष कुमार मिश्रा, हेमराज मीणा और राजकरन नैय्यर। 


सेलेक्शन ग्रेड मिला 28 अधिकारियों को : 2013 बैच के 28 आईपीएस अधिकारियों को सेलेक्शन ग्रेड प्रदान किया गया है। इनमें अनुराग आर्य, डॉ. अभिषेक महाजन, आशीष श्रीवास्तव, ख्याति गर्ग, डॉ. गौरव ग्रोवर, आकाश तोमर, डॉ. सतीश कुमार, यशवीर सिंह, सिद्धार्थ शंकर मीणा, गणेश प्रसाद साहा, कुंवर अनुपम सिंह, डॉ. अनिल कुमार पांडेय, डॉ. देवेश कुमार पांडेय, सुशील कुमार शुक्ला, नरेंद्र कुमार सिंह, नित्यानंद राय, श्याम नारायण सिंह, डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, कमलेश कुमार दीक्षित, उदय शंकर सिंह, राजेश द्विवेदी, राजेश कुमार श्रीवास्तव, जय प्रकाश सिंह, दिनेश त्रिपाठी, त्रिभुवन सिंह, राम सेवक गौतम और अजीत कुमार सिन्हा के नाम शामिल हैं।

आजमगढ सरायमीर डीआरएम व सीनियर डीसीएम.रेलवे वाराणसी जोन ने शिकायत का तत्काल लिया संज्ञान तत्काल टिकट की काला बाजारी की की गयी थी शिकायत मात्र 18 घंटे में सरायमीर रेलवे स्टेशन पर डीसीआई जांच हेतु पहुंचे।


 आजमगढ सरायमीर डीआरएम व सीनियर डीसीएम.रेलवे वाराणसी जोन ने शिकायत का तत्काल लिया संज्ञान 



तत्काल टिकट की काला बाजारी की की गयी थी शिकायत


मात्र 18 घंटे में सरायमीर रेलवे स्टेशन पर डीसीआई जांच हेतु पहुंचे।



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सरायमीर रेलवे स्टेशन की राजापुर सिकरौर निवासी अबूलबशर आजमी ने दिनांक 30 /12/ 2025 को रेलवे विभाग के वाराणसी जोन सीनियर डीसीएम व डी.आर.एम.को लिखित शिकायत वार्टशाप पर की थी कि टिकट आरक्षण काउंटर सरायमीर पर दलालों का दबदबा है। 


आरक्षण काउंटर की खिड़की पर एक दिन पूर्व 3:00 बजे दलाल अपने-अपने नाम की पर्ची चस्पा कर देते हैं। दूसरे दिन काउंटर खुलते ही दलाल पहुंच जाते हैं आम यात्री को टिकट नहीं मिल पता है। उनकी शिकायत पर दिनांक 31/12/2025 को लगभग प्रातः 11:00 बजे डीसीआई सुजीत सिंह सरायमीर रेलवे स्टेशन पहुंचे उन्होंने बताया कि पहले से किसी का नंबर नहीं लगेगा वर्तमान में जो व्यक्ति अपना आईडी लेकर आएगा उसी का ही तत्काल व स्लीपर टिकट का नंबर लगाया जाएगा।यहां शक्ति प्रदर्शन व दलालों के विरुद्ध कार्यवाही का आश्वासन भी दिया। रेलवे आरक्षण में विभागीय आदेशों व निर्देशों का सख्ती से पालन होगा।



आजमगढ़ सरायमीर से अबुलबशर आज़मी की रिपोर्ट।

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