Friday, 13 February 2026

अलीगढ़ पहले दामाद फिर 10 माह बाद बहनोई संग हुई फरार 2 लाख रुपये और गहने ले जाने का आरोप


 अलीगढ़ पहले दामाद फिर 10 माह बाद बहनोई संग हुई फरार



2 लाख रुपये और गहने ले जाने का आरोप


उत्तर प्रदेश अलीगढ़, प्रेम प्रसंग की एक अनोखी कहानी में नया मोड़ आ गया है। अप्रैल 2025 में बेटी की शादी से ठीक पहले होने वाले दामाद के साथ घर छोड़कर गई महिला अब करीब दस माह बाद उसे भी छोड़कर अपने बहनोई के साथ फरार हो गई है। पीड़ित युवक ने दादों थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी है और दो लाख रुपये व गहने ले जाने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने घटना बिहार की बताकर कार्रवाई से इनकार कर दिया है। 


थाना दादों क्षेत्र के गांव मछरिया नगला निवासी राहुल कुमार की शादी अप्रैल 2025 में थाना मडराक के गांव मनोहरपुर में तय हुई थी। सगाई के बाद राहुल की बातचीत अपनी होने वाली सास अपना देवी से मोबाइल पर होने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। विवाह से करीब 12 दिन पहले अपना देवी अपने पति और परिवार को छोड़कर राहुल के साथ चली गई थीं। इस घटना के बाद महिला के पति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए बिहार समेत कई राज्यों में दबिश दी थी। बाद में दोनों स्वयं दादों थाने पहुंचे, जहां से उन्हें मडराक थाने भेजा गया। वहां दोनों ने लिखित बयान देकर एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की सहमति जताई थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें साथ रहने की अनुमति दे दी थी। करीब दस माह तक साथ रहने के बाद राहुल ने बुधवार को दादों थाने पहुंचकर बताया कि वह बिहार के एक जिले में फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता है। छह फरवरी को उसकी पत्नी अपना देवी कथित रूप से दो लाख रुपये और गहने लेकर अपने बहनोई के साथ कहीं चली गई है। 


थाना प्रभारी सरिता द्विवेदी ने बताया कि युवक ने कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन घटना उनके थाना क्षेत्र की नहीं है, इसलिए यहां से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र में ही कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी।

आजमगढ़ शहर कोतवाली युवक ने फांसी लगाकर दी जान, मोबाइल पर बात करने के बाद उठाया कदम किराए के मकान में रहता था, हिमांशु अस्पताल में करता था नौकरी


 आजमगढ़ शहर कोतवाली युवक ने फांसी लगाकर दी जान, मोबाइल पर बात करने के बाद उठाया कदम


किराए के मकान में रहता था, हिमांशु अस्पताल में करता था नौकरी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के पठखौली मोहल्ले में गुरुवार शाम एक 25 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान प्रिंस रंजन (25) पुत्र विनोद, निवासी मेहनाजपुर के रूप में हुई है। वह शहर में किराए के मकान में रहकर हिमांशु अस्पताल में नौकरी करता था। 


बताया जा रहा है कि घटना से पहले प्रिंस रंजन मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। इसके बाद उसने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। काफी देर तक कमरे का दरवाजा न खुलने पर आसपास के लोगों को संदेह हुआ, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि करीब 8 बजे घटना की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल में जुट गई है। शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

आजमगढ़ अहरौला पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एंबुलेंस का टायर फटने से हादसा, एक की मौत टोल नंबर 203 के पास ट्रक में जा घुसी एंबुलेंस, चालक समेत 2 घायल, मरीज को लखनऊ छोड़कर लौट रहे थे तीनों


 आजमगढ़ अहरौला पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एंबुलेंस का टायर फटने से हादसा, एक की मौत



टोल नंबर 203 के पास ट्रक में जा घुसी एंबुलेंस, चालक समेत 2 घायल, मरीज को लखनऊ छोड़कर लौट रहे थे तीनों



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव के समीप पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के टोल नंबर 203 पर गुरुवार सुबह चलती एंबुलेंस का टायर फटने से भीषण हादसा हो गया। अनियंत्रित एंबुलेंस आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि चालक समेत दो लोग घायल हो गए।


 जानकारी के अनुसार गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के बांछेपार गांव निवासी 23 वर्षीय अनिल, महलिया खजुआ निवासी 25 वर्षीय उत्तम यादव और आजमगढ़ जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अंजान शहीद गांव निवासी 29 वर्षीय राकेश कुमार बुधवार रात गोरखपुर से एक मरीज को लखनऊ के राममनोहर लोहिया अस्पताल लेकर गए थे। मरीज को भर्ती कराने के बाद तीनों गुरुवार सुबह एंबुलेंस से वापस घर लौट रहे थे। बताया जाता है कि एंबुलेंस अनिल चला रहा था, जबकि उत्तम और राकेश पीछे बैठे थे। सुबह जब एंबुलेंस पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर टोल नंबर 203 के पास पहुंची, तभी आगे बाएं पहिए का टायर अचानक फट गया। टायर फटते ही एंबुलेंस अनियंत्रित हो गई और सामने चल रहे ट्रक में जा टकराई।


 हादसे की सूचना पर ट्रक चालक ने वाहन रोक दिया। मौके पर पहुंचे यूपीडा के राहत कर्मियों ने तीनों को एंबुलेंस से बाहर निकालकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उत्तम यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं अनिल और राकेश की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। पुलिस विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

आजमगढ़ मुबारकपुर नौकरी दिलाने के नाम पर 20.39 लाख की ठगी फोनपे व बैंक खातों के जरिए लाखों का लेन-देन, विश्वास दिलाने को खाते में भेजी गई 'फर्जी तनख्वाह'

आजमगढ़ मुबारकपुर नौकरी दिलाने के नाम पर 20.39 लाख की ठगी



फोनपे व बैंक खातों के जरिए लाखों का लेन-देन, विश्वास दिलाने को खाते में भेजी गई 'फर्जी तनख्वाह'



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आदमपुर निवासी रामप्रसाद चौहान ने अपने दो बेरोजगार पुत्रों को नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख 39 हजार रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश को प्रार्थना पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में छ: आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पीड़ित के अनुसार, रोजगार की तलाश के दौरान उनकी मुलाकात सुमित कुमार निवासी चक हपसापुर थाना भीमपुरा जनपद बलिया से हुई। सुमित ने उन्हें रोशन कुमार तथा बाद में नीलेश कुमार निवासी दोहरीघाट (मऊ) और आदित्य सिंह से मिलवाया। आरोप है कि सभी ने मिलकर साजिश के तहत उनके पुत्र अभय चौहान व रोशन चौहान को नौकरी दिलाने का झांसा दिया और किस्तों में नगद व आनलाइन माध्यम से रकम वसूल की। 


पीड़ित ने बताया कि देवरिया में 8 लाख रुपये नगद दिए गए। इसके अलावा यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक के खातों से फोनपे के माध्यम से सुष्मिता कुमारी व सुनील कुमार खरवार के खातों में विभिन्न तिथियों पर कुल 12,39,000 रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर की गई। इस प्रकार कुल मिलाकर 20,39,000 रुपये आरोपितों ने ले लिए। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि भरोसा दिलाने के लिए 11 जुलाई 2025 को अभय चौहान के खाते में 21,500 रुपये तनख्वाह के रूप में नेफ्ट के जरिए भेजे गए, ताकि नौकरी लगने का विश्वास बना रहे। हालांकि लंबे समय तक नियुक्ति न मिलने पर जब पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। रामप्रसाद चौहान का आरोप है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो भोले-भाले लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करता है। उन्होंने अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी परिक्षेत्र, पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ मंडल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ तथा मुख्यमंत्री को भी प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि भेजी है। पीड़ित ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी एवं धनवापसी की मांग की है। मुबारकपुर पुलिस ने सुमित कुमार, रोशन कुमार, नीलेश कुमार, आदित्य,सुष्मिता कुमारी, सुनील कुमार खरवार, रोशन कुमार के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

आजमगढ़ सरायमीर सोने-चाँदी का लालच देकर 2 लाख की ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने 1.90 लाख रुपये नगद किए बरामद फरार साथी की तलाश में दबिश जारी, झाड़-फूंक के बहाने रची गई थी साजिश

आजमगढ़ सरायमीर सोने-चाँदी का लालच देकर 2 लाख की ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार



पुलिस ने 1.90 लाख रुपये नगद किए बरामद



फरार साथी की तलाश में दबिश जारी, झाड़-फूंक के बहाने रची गई थी साजिश



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में सोने-चाँदी की ईंट दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से ठगी की रकम में से 1,90,000 रुपये नगद बरामद किए गए हैं, जबकि उसका एक साथी अब भी फरार है। पुलिस के अनुसार, वादी नन्दलाल निषाद निवासी ग्राम पश्चिम पट्टी थाना अहिरौला ने 12 फरवरी 2026 को थाना सरायमीर में तहरीर दी कि करीब एक माह पूर्व धर्मेन्द्र कुमार पुत्र लालजीत निवासी कमरावा थाना गंभीरपुर ने झाड़-फूंक के बहाने उनसे संपर्क किया। धर्मेन्द्र ने अपने साथी रामआशीष मौर्या निवासी जमुवावा थाना बरदह के पास 20 किलो चांदी और दो सोने की ईंट होने का झांसा दिया। वादी के मुताबिक, 10 फरवरी 2026 को छित्तेपुर पेट्रोल पम्प के पास दोनों आरोपियों ने उनसे 2,00,000 रुपये लेकर कागज में लिपटे दो थैले थमा दिए और मौके से फरार हो गए। जब थैला खोला गया तो उसमें पीतल के टुकड़े निकले। मामले में थाना सरायमीर पर मु0अ0सं0 39/2026 धारा 318(4)/317(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। गुरुवार को उपनिरीक्षक प्रशान्त सिंह मय टीम क्षेत्र में वांछित अभियुक्त की तलाश में थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर खण्डवारी नहर पुलिया के पास घेराबंदी की गई। पुलिस को देख संदिग्ध व्यक्ति भागने लगा, जिसे करीब 20 कदम की दूरी पर पकड़ लिया गया।


 पूछताछ में उसने अपना नाम धर्मेन्द्र कुमार बताया और घटना में संलिप्तता स्वीकार की। तलाशी के दौरान उसके पास से 1,90,000 रुपये नगद बरामद हुए। पुलिस ने उसे सायं 5:07 बजे हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस टीम में उ0नि0 प्रशान्त सिंह, उ0नि0 बासुदेव साहनी, उ0नि0 नीरज कुमार गौड़, कांस्टेबल आदर्श कुमार, अरविन्द्र कुमार गौतम व सौरभ पाण्डेय शामिल रहे। फरार आरोपी रामआशीष मौर्या की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दबिश दी जा रही है।