Thursday, 4 December 2025

आजमगढ़ निजामाबाद 3 माह की बच्ची को गोद में लेकर एसएसपी दरबार पहुंची गैंगरेप पीड़िता 11 महीने बाद भी नहीं दर्ज हुआ मुकदमा, अब 3 माह की बच्ची की बन चुकी है मां


 आजमगढ़ निजामाबाद 3 माह की बच्ची को गोद में लेकर एसएसपी दरबार पहुंची गैंगरेप पीड़िता



11 महीने बाद भी नहीं दर्ज हुआ मुकदमा, अब 3 माह की बच्ची की बन चुकी है मां



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना निजामाबाद क्षेत्र की एक गरीब विधवा महिला ने पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को लिखित शिकायती पत्र देकर गुहार लगाई है कि 11 महीने पहले पुरानी रंजिश के चलते खेत में काम करते वक्त थाना सरायमीर क्षेत्र निवासी दबंगों और उसके एक अन्य साथी ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया था। दोनों ने जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके डर और लोक-लाज के कारण उसने लंबे समय तक किसी को नहीं बताया। पीड़िता ने बताया कि जब वह छह माह की गर्भवती हो गई और समाज में उसकी बदनामी होने लगी तब उसने हिम्मत करके निजामाबाद थाने में लिखित तहरीर दी, लेकिन वहाँ उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। 


आरोपी की ऊँची पहुँच और दबंगई के कारण पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद वह पुलिस अधीक्षक, एसडीएम सहित कई अधिकारियों के पास चक्कर काटती रही, लेकिन कहीं कोई कार्रवाई नहीं हुई। नौ महीने बाद उसके घर एक बच्ची ने जन्म लिया जो अब करीब तीन महीने की हो चुकी है। मजबूर होकर पीड़िता ने बुधवार को फिर से पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को प्रार्थना-पत्र दिया है और बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा स्वयं व बच्ची की जान-माल की सुरक्षा की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

आजमगढ़ निजामाबाद फरिहा अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला की हुई मौत पति की मौत के बाद अकेले पाल रही थीं 4 बच्चे


 आजमगढ़ निजामाबाद फरिहा अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला की हुई मौत


पति की मौत के बाद अकेले पाल रही थीं 4 बच्चे


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा गांव में बुधवार को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने गलत साइड से आकर 45 वर्षीय शीला देवी को कुचल दिया। हादसा इतना भयानक था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका शीला देवी पत्नी स्वर्गीय पुरुषोत्तम यादव फरिहा गांव की निवासी थीं। उनके पति की मौत करीब 15 साल पहले बीमारी से हो गई थी। उसके बाद शीला देवी ने खुद गाय-भैंस पालकर और खेती करके दो बेटों व दो बेटियों का पालन-पोषण किया। वे अपने खेत से गोबर के उपले बनाकर घर लौट रही थीं।

 प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शीला देवी फरिहा रोड पार करके घर की ओर जा रही थीं तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने गलत दिशा से आकर उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन चालक बिना रुके भाग निकला। सूचना मिलते ही निजामाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

अमरोहा डिप्रेशन में डूबे दरोगा ने लगाया फंदा पत्नी की सूचना पर पुलिस ने बचाई जान, लंबे समय से थे डिप्रेशन में


 अमरोहा डिप्रेशन में डूबे दरोगा ने लगाया फंदा



पत्नी की सूचना पर पुलिस ने बचाई जान, लंबे समय से थे डिप्रेशन में



 उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक दरोगा ने मंगलवार देर रात डिप्रेशन के चलते सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। समय रहते पत्नी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें बचा लिया। फिलहाल दरोगा को अवकाश दे दिया गया है और वह पत्नी-बेटे के साथ घर चले गए हैं।


घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे की है। कोतवाली में तैनात दरोगा ने अपनी पत्नी को वीडियो कॉल किया और कहा कि वह आत्महत्या करने जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने दुपट्टे से बना फंदा कैमरे पर दिखाया। घबराई पत्नी ने तुरंत कोतवाली के सीयूजी नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही कोतवाली में मौजूद पुलिसकर्मी सरकारी आवास (ऊपरी मंजिल) पर पहुंचे और दरोगा को फंदे पर चढ़ने से पहले ही नीचे उतार लिया। 


कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रेमपाल सिंह ने बताया कि दरोगा पिछले काफी समय से पारिवारिक कारणों से डिप्रेशन में थे। घटना के समय उन्होंने शराब का सेवन भी किया हुआ था। उनके ऊपर काम का कोई अतिरिक्त दबाव नहीं था। मंगलवार शाम एसपी अमित कुमार आनंद द्वारा सर्किल के विवेचकों का औचक निरीक्षण (अर्दली रूम) किया गया था, लेकिन उस दौरान दरोगा से किसी तरह की सख्ती नहीं की गई थी।


 पुलिस के अनुसार, आत्महत्या की बात दरोगा ने कुछ देर पहले कोतवाली परिसर में एक परिचित को भी बताई थी, लेकिन इसे मजाक समझकर किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। बाद में पत्नी का फोन आने पर ही पूरी स्थिति स्पष्ट हुई। परिजनों के पहुंचने पर दरोगा को छुट्टी देकर उनके साथ गाजियाबाद भेज दिया गया।