Monday, 2 February 2026

आजमगढ़ गम्भीरपुर एटीएम ठगी गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस मुठभेड़ में अंतर्जनपदीय अभियुक्त घायल कैश टैपिंग कर एटीएम से ठगी करने वाला बदमाश मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार तमंचा, कारतूस, ठगी के उपकरण और अर्टिगा कार बरामद, लंबा आपराधिक इतिहास उजागर


 आजमगढ़ गम्भीरपुर एटीएम ठगी गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस मुठभेड़ में अंतर्जनपदीय अभियुक्त घायल


कैश टैपिंग कर एटीएम से ठगी करने वाला बदमाश मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार


तमंचा, कारतूस, ठगी के उपकरण और अर्टिगा कार बरामद, लंबा आपराधिक इतिहास उजागर



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना गम्भीरपुर क्षेत्र में पुलिस और एटीएम ठगी गिरोह के बीच हुई मुठभेड़ में एक अंतर्जनपदीय अभियुक्त घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त एटीएम मशीनों में कैश टैपिंग डिवाइस लगाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था। उसके कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, एटीएम ठगी के उपकरण, अर्टिगा कार सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है।


 प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 29 जनवरी 2026 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, शाखा रानीपुर रजमो के शाखा प्रबंधक द्वारा थाना गम्भीरपुर में तहरीर दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि 4 जनवरी 2026 को एक खाताधारक द्वारा एटीएम से ₹20,000 की निकासी विफल होने की सूचना दी गई थी। जांच के दौरान एटीएम मशीन में कोई अतिरिक्त नकदी नहीं पाई गई। सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से सामने आया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा कैश डिस्पेंसर में अवैध रूप से कैश टैपिंग/स्कीमिंग डिवाइस लगाकर नकदी को मशीन के मुहाने पर फंसा दिया गया था, जिसे बाद में निकाल लिया गया। मामले में थाना गम्भीरपुर पर मु0अ0सं0 26/2026 धारा 318(4) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में 2 फरवरी 2026 की सुबह थाना गम्भीरपुर पुलिस संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एटीएम ठगी, चोरी और लूट में संलिप्त अभियुक्त अर्टिगा कार से ठेकमा बाजार होते हुए आजमगढ़ की ओर आ रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने रोहुआ मुस्तफाबाद के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख अभियुक्त ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लग गई। घायल अभियुक्त को सुबह करीब 3:45 बजे पुलिस हिरासत में लेकर उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया।


गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान संजय कुमार पुत्र मेवालाल निवासी ग्राम पौधन रामपुर थाना अखण्डनगर जनपद सुल्तानपुर (उम्र करीब 33 वर्ष) के रूप में हुई है। उसके पास से एक अवैध देशी तमंचा, दो जिंदा कारतूस, चार खोखा कारतूस (.315 बोर), एक अर्टिगा कार (UP 44 BR 0699), एटीएम कैश टैपिंग उपकरण, तीन एटीएम कार्ड, एक मोबाइल फोन और ₹2530 नकद बरामद किए गए हैं।पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विभिन्न जनपदों में एटीएम मशीनों को निशाना बनाता था। कैश डिस्पेंसर में प्लास्टिक स्ट्रिप लगाकर नकदी को बाहर आने से रोक दिया जाता था और बाद में स्ट्रिप हटाकर फंसी हुई राशि निकाल ली जाती थी। इस तरह की कई घटनाओं को अभियुक्त पहले भी अंजाम दे चुका है। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध बस्ती, लखनऊ, जौनपुर, अम्बेडकर नगर सहित विभिन्न जनपदों में चोरी, ठगी, जालसाजी, आईटी एक्ट और आर्म्स एक्ट के कुल 13 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध मु0अ0सं0 30/2026 संबंधित धारा के अंतर्गत नया अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। मौके पर फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्रवाई भी की जा रही है।

आजमगढ़ 4 निरीक्षकों का हुआ तबादला सरायमीर, सिधारी व क्राइम ब्रांच में हुआ फेरबदल


 आजमगढ़ 4 निरीक्षकों का हुआ तबादला



सरायमीर, सिधारी व क्राइम ब्रांच में हुआ फेरबदल



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस विभाग द्वारा जनहित एवं रिक्त पदों के सापेक्ष चार निरीक्षक नागरिक पुलिस के स्थानांतरण का आदेश जारी किया गया है। यह स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। संबंधित अधिकारियों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 


जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक निहार नन्दन कुमार, जो वर्तमान में प्रभारी निरीक्षक सरायमीर के पद पर तैनात थे, को क्राइम ब्रांच में स्थानांतरित किया गया है। वहीं पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे को प्रभारी निरीक्षक सरायमीर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त निरीक्षक कमलेश कुमार, जो निरीक्षक अभिसूचना थाना सिधारी में तैनात थे, को क्राइम ब्रांच भेजा गया है। वहीं क्राइम ब्रांच में कार्यरत निरीक्षक रूद्रभान पाण्डेय को निरीक्षक अभिसूचना थाना सिधारी स्थानांतरित किया गया है। पुलिस विभाग के इस प्रशासनिक फेरबदल को कार्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।