Saturday, 20 December 2025

आजमगढ़ जहानागंज पंचायत चुनाव को लेकर भिड़े 2 पक्ष, 14 गिरफ्तार लाठी-डंडा व रम्मा लेकर आमने-सामने हुए थे दोनों पक्ष, जान से मारने की भी दी धमकी


 आजमगढ़ जहानागंज पंचायत चुनाव को लेकर भिड़े 2 पक्ष, 14 गिरफ्तार



लाठी-डंडा व रम्मा लेकर आमने-सामने हुए थे दोनों पक्ष, जान से मारने की भी दी धमकी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना जहानागंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बोहना में पंचायत चुनाव को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे को नीचा दिखाने के प्रयास में लाठी-डंडा व रम्मा लेकर आमने-सामने आकर हाथापाई की गई तथा जान से मारने की धमकियां भी दी गईं, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। 


सूचना मिलते ही थाना जहानागंज पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों के कुल 14 लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार यदि समय रहते कार्रवाई न की जाती तो कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन सिंह के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी अतुल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। 


शांति भंग होने की प्रबल आशंका को देखते हुए पुलिस ने धारा 170/126/135 बीएनएस के अंतर्गत सभी 14 अभियुक्तों को कारण गिरफ्तारी में लेकर एसडीएम सदर न्यायालय भेज दिया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता, मारपीट या कानून व्यवस्था भंग करने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

आजमगढ़ निजामाबाद फर्जी दरोगा बनकर शादी व ठगी करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार दहेज व नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, पुलिस वर्दी व कूटरचित दस्तावेज बरामद


 आजमगढ़ निजामाबाद फर्जी दरोगा बनकर शादी व ठगी करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार



दहेज व नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, पुलिस वर्दी व कूटरचित दस्तावेज बरामद



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना निजामाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी उप-निरीक्षक बनकर शादी करने और ठगी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के कब्जे से उप-निरीक्षक की वर्दी, फर्जी पहचान पत्र, कूटरचित नियुक्ति व ज्वाइनिंग लेटर सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह तथा क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल के पर्यवेक्षण में की गई। 


थाना निजामाबाद क्षेत्र निवासी पीड़िता काजल यादव ने 04 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि अभियुक्त प्रदीप यादव ने स्वयं को पीएसी सिपाही/उप-निरीक्षक बताकर 16 फरवरी 2022 को उससे विवाह किया। विवाह के दौरान करीब 8 लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण और घरेलू सामान दहेज में लिया गया। बाद में अतिरिक्त दहेज और वाहन की मांग को लेकर पीड़िता को प्रताड़ित किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि अभियुक्त ने UPSI 2023 में चयन का झांसा देकर मेडिकल के नाम पर एक लाख रुपये और वसूल लिए। पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त का पुलिस विभाग से कोई संबंध नहीं है। मामले में थाना निजामाबाद पर मुकदमा दर्ज किया गया। न्यायालय द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।


 शनिवार को सूचना मिली कि अभियुक्त पुलिस वर्दी पहनकर पीड़िता को धमकाने आया है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने अभियुक्त प्रदीप यादव पुत्र मोतीलाल यादव, निवासी ग्राम मड़ना, थाना अहरौला को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने अच्छी शादी और धन लाभ के लालच में फर्जी सिपाही व उप-निरीक्षक के पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र बनवाए थे। वह प्रयागराज में किराए के कमरे में रहकर पुलिस वर्दी पहन लोगों को गुमराह कर ठगी करता था। बरामदगी में फर्जी पुलिस पहचान पत्र, ज्वाइनिंग लेटर, उप-निरीक्षक की पूरी वर्दी, आधार व पैन कार्ड, एटीएम/डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन, नकद ₹1117 सहित अन्य सामग्री शामिल हैं।

आजमगढ़ अहरौला मैनेजर के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा रकम हड़पने और अभद्रता का आरोप, पीड़ित ने एसपी से की थी शिकायत, सीओ की जांच में आरोप प्रमाणित


 आजमगढ़ अहरौला मैनेजर के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा



रकम हड़पने और अभद्रता का आरोप, पीड़ित ने एसपी से की थी शिकायत, सीओ की जांच में आरोप प्रमाणित



उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के गहजी गांव निवासी एक व्यक्ति द्वारा गहजी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर पर लोन देने के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने और लोन की रकम हड़पने का आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ से की गई शिकायत के बाद कराई गई जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद शाखा प्रबंधक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली गई है। गहजी निवासी राजकुमार चौबे ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2024 में पीएनबी बैंक से एक लाख रुपये का लोन लिया था। जब वह लोन की राशि निकालने पहुंचे तो शाखा प्रबंधक ने नेटवर्क की समस्या बताकर पैसा नहीं दिया और कथित रूप से उस रकम को अपने उपयोग में ले लिया। दोबारा पैसा मांगने पर शाखा प्रबंधक द्वारा अभद्रता की गई और लोन खाते को भी बंद कर दिया गया।


पीड़ित के अनुसार, लगभग एक माह पूर्व शाखा प्रबंधक ने उन्हें दोबारा बैंक बुलाया और दूसरा लोन दिलाने के नाम पर सात हजार रुपये जमा कराए, साथ ही सुविधा शुल्क भी लिया। इस संबंध में पीड़ित ने डायल 112, थाने और पीएनबी के सर्किल ऑफिस मऊ में भी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद राजकुमार चौबे ने 3 नवंबर को पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ से मामले की लिखित शिकायत की। एसपी के निर्देश पर सीओ बूढ़नपुर को जांच सौंपी गई।


 जांच के दौरान पीड़ित का बयान दर्ज किया गया और बैंक से लोन की रकम शाखा प्रबंधक द्वारा लिए जाने का आरोप सही पाया गया। सीओ बूढ़नपुर अजय प्रताप सिंह ने बताया कि जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस अधीक्षक के आदेश पर संबंधित शाखा प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।