Thursday, 26 March 2026

आजमगढ़ पवई/सरायमीर/गंभीरपुर, अपराधियों पर एसएसपी डॉ. अनिल कुमार का शिकंजा: अब थानों में देनी होगी हाजिरी पुलिस रिपोर्ट के आधार पर 3 अपराधियों पर कार्रवाई, निर्धारित दिनों में थाने पर उपस्थिति अनिवार्य


 आजमगढ़ पवई/सरायमीर/गंभीरपुर, अपराधियों पर एसएसपी डॉ. अनिल कुमार का शिकंजा: अब थानों में देनी होगी हाजिरी



पुलिस रिपोर्ट के आधार पर 3 अपराधियों पर कार्रवाई, निर्धारित दिनों में थाने पर उपस्थिति अनिवार्य




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) द्वारा पुलिस रिपोर्ट के आधार पर तीन अपराधियों पर उ0प्र0 गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए उन्हें थाने पर नियमित हाजिरी लगाने का आदेश दिया गया है।


 थाना पवई क्षेत्र के ग्राम रामनगर निवासी विजय यादव को आदेश की तिथि से आगामी चार माह तक प्रत्येक सोमवार को थाना पवई में उपस्थित होकर हाजिरी दर्ज करानी होगी। उसके विरुद्ध पूर्व में मारपीट, गाली-गलौज और एससी/एसटी एक्ट से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। 


थाना सरायमीर क्षेत्र के ग्राम कटघर जलाल निवासी राजीव चौहान पर भी सख्त कार्रवाई की गई है। उसे अगले छह माह तक प्रत्येक मंगलवार को थाना सरायमीर में हाजिरी लगानी होगी। उसके खिलाफ चोरी, जालसाजी समेत कई गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक प्रवृत्ति स्पष्ट होती है। 


इसी तरह थाना गंभीरपुर क्षेत्र के कमरावा निवासी अब्दुल रहमान को भी चार माह तक प्रत्येक सोमवार को थाना गंभीरपुर में उपस्थित होकर अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी। उसके खिलाफ भी मारपीट, धमकी और एससी/एसटी एक्ट से संबंधित मामला दर्ज है। प्रशासन का कहना है कि इन अपराधियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखना आवश्यक है, ताकि भविष्य में संभावित अपराधों पर रोक लगाई जा सके। आदेश का पालन न करने पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध और कड़ी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि जनपद में अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आम जनता की सुरक्षा के लिए ऐसे लोगों के खिलाफ कठोरतम कदम उठाए जाते रहेंगे।

आजमगढ़ मुबारकपुर बछड़े की चोरी कर गोवध करने वाले 2 आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार अवैध तमंचा व फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक बरामद


 आजमगढ़ मुबारकपुर बछड़े की चोरी कर गोवध करने वाले 2 आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार


अवैध तमंचा व फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक बरामद



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित पशु के बछड़े की चोरी कर गोवध कर मांस बेचने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। घटना ग्राम बम्हौर की है, जहां 20/21 मार्च 2026 की रात एक बछड़े की चोरी कर उसका वध कर दिया गया था। इस मामले में पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही थी।


 जांच के दौरान दो आरोपियों इमरान और कासिद का नाम सामने आया। 25/26 मार्च 2026 की रात पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी मोटरसाइकिल से क्षेत्र में आ रहे हैं। पुलिस ने गजहड़ा के पास घेराबंदी की, लेकिन संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया। पीछा करने पर बाइक गिर गई और आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। मौके से दो अवैध तमंचे, कारतूस और फर्जी नंबर प्लेट लगी चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित तरीके से पशु चोरी कर गोवध करते थे और मांस बेचकर लाभ कमाते थे। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Wednesday, 25 March 2026

लखनऊ, लापरवाही पर सीएम योगी का चला डंडा, 12 इंजीनियर निलंबित 7 का तबादला, 7 अन्य के खिलाफ कारण बताओ सहित अन्य नोटिस नल से जल परियोजना में लापरवाही पर हुई बड़ी कार्रवाई

लखनऊ, लापरवाही पर सीएम योगी का चला डंडा, 12 इंजीनियर निलंबित

7 का तबादला, 7 अन्य के खिलाफ कारण बताओ सहित अन्य नोटिस


नल से जल परियोजना में लापरवाही पर हुई बड़ी कार्रवाई



लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हर ग्रामीण घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर चल रही जल जीवन मिशन परियोजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने 26 इंजीनियरों पर कार्रवाई करते हुए बड़ा संदेश दिया है। विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कार्यों में देरी और लापरवाही के आरोप में 12 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा 4 अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच के आदेश दिए गए हैं, जबकि 3 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, 7 इंजीनियरों का तबादला भी किया गया है। 


निलंबित किए गए अधिकारियों में लखीमपुर खीरी के अविनाश गुप्ता, जौनपुर के सौमित्र श्रीवास्तव, गाजीपुर के मो. कासिम हाशमी, चंदौली के अमित राजपूत, सीताराम यादव, बिजनौर के अकबर हसन, औरैया के अनुराग गोयल, हाथरस के कुलदीप कुमार सिंह, आजमगढ़ के राजेन्द्र कुमार यादव, बरेली के रूप चंद्र, बाराबंकी के अवनीश प्रताप सिंह और कुशीनगर के धर्मप्रकाश महेश्वरी शामिल हैं। औरैया के अमन यादव, मैनपुरी के अंकित यादव, प्रयागराज के प्रवीण कुट्टी और शामली के फूल सिंह यादव के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। गाजियाबाद के भारत भूषण, आगरा के अमित कुमार और मिर्जापुर के राजेश कुमार गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


 विभाग ने विभिन्न जिलों में तैनात सात इंजीनियरों का स्थानांतरण भी किया है, जिनमें विपिन कुमार वर्मा, मो. असजद, प्रदीप कुमार मिश्रा, उदयराज गुप्ता, अमित कुमार, चन्द्र बोध त्यागी और अजय कुमार शामिल हैं। अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा कि सरकार जल जीवन मिशन को मिशन मोड में चला रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार न होने पर बर्खास्तगी जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रदेश सरकार ने दोहराया है कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

आजमगढ़ निजामाबाद फर्जी दस्तावेज से विदेशी नागरिकता लेने वाला अभियुक्त गिरफ्तार OCI धारक होते हुए भारतीय मतदाता बनकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का मामला उजागर


 आजमगढ़ निजामाबाद फर्जी दस्तावेज से विदेशी नागरिकता लेने वाला अभियुक्त गिरफ्तार



OCI धारक होते हुए भारतीय मतदाता बनकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का मामला उजागर


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना निजामाबाद पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नाम व पहचान बदलकर विदेशी नागरिकता प्राप्त करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मलेशिया की नागरिकता और पासपोर्ट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल करने के साथ-साथ भारतीय मतदाता सूची में नाम दर्ज कर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आरोप है।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, 24 मार्च 2026 को उपनिरीक्षक चित्रांशु मिश्रा को सूचना मिली कि मो. कुद्दूस उर्फ कुहूस पुत्र अली रजा निवासी ग्राम सुराई, थाना निजामाबाद, जो वर्तमान में मलेशिया से अपने गांव आया हुआ है, ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अपना और अपने पिता का नाम बदलकर “मोहम्मद कुद्दूस बिन रज्जाग शाह” के नाम से मलेशिया की नागरिकता और पासपोर्ट प्राप्त कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पास OCI कार्ड होने के बावजूद, जो भारतीय चुनाव में मतदान के लिए अयोग्य बनाता है, उसने भारतीय मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा रखा था और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहा था। इतना ही नहीं, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान भी उसने स्वयं को भारतीय मतदाता के रूप में दर्ज कराने के लिए फार्म-07 भरा था। इस संबंध में थाना निजामाबाद पर मु0अ0सं0 71/26 के तहत धारा 318(4), 319, 335, 336(3), 338, 340 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया है।


 गिरफ्तारी की कार्रवाई के तहत 25 मार्च 2026 को उपनिरीक्षक राजनारायण पाण्डेय, चौकी प्रभारी रसीदगंज द्वारा अभियुक्त को थाना परिसर में पूछताछ के लिए बुलाया गया। संतोषजनक जवाब न देने और आरोपों की पुष्टि होने पर उसे सुबह 10:30 बजे विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का पालन किया गया तथा अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मो. कुद्दूस उर्फ कुद्दूस पुत्र अली रजा निवासी ग्राम सुराई, थाना निजामाबाद, जनपद आजमगढ़ (वर्तमान पता मलेशिया) के रूप में हुई है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राजनारायण पाण्डेय एवं चौकी प्रभारी रसीदगंज सहित थाना निजामाबाद की टीम शामिल रही।

बरेली छापेमारी में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, 2 महिलाओं समेत 4 गिरफ्तार घर में चल रहा था देह व्यापार, व्हाट्सएप के जरिए बुलाए जाते थे ग्राहक


 बरेली छापेमारी में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, 2 महिलाओं समेत 4 गिरफ्तार



घर में चल रहा था देह व्यापार, व्हाट्सएप के जरिए बुलाए जाते थे ग्राहक



उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में किला थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाकरगंज क्षेत्र में संचालित एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से दो महिलाओं सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि एक महिला अपने घर में ही इस अवैध कारोबार को चला रही थी। 


पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम सूचना मिली थी कि बाकरगंज चौकी क्षेत्र में साबरी मस्जिद के पास एक मकान में गुड़िया नाम की महिला देह व्यापार का संचालन कर रही है। सूचना के आधार पर सीओ अंजनी कुमार तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापा मारकर गुड़िया के साथ गाजियाबाद निवासी कोमल उर्फ स्वाति, बारादरी निवासी मोनिश और बाकरगंज निवासी चांद को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई, जिसे सील कर दिया गया। 


पूछताछ में सामने आया कि कोमल उर्फ स्वाति कॉलगर्ल के रूप में यहां आई थी, जिसे गुड़िया ने बुलाया था। गुड़िया अपने घर में कमरा, बेड और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर देह व्यापार संचालित करती थी और प्रति घंटे 500 से 1000 रुपये तक वसूली होती थी, जिसमें उसका कमीशन तय था। गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों को लड़कियों की तस्वीरें भेजकर बुलाते थे। एक गिरफ्तार आरोपी ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए दो हजार रुपये देने की बात कबूली है। किला इंस्पेक्टर सुभाष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार महिला कोमल उर्फ स्वाति अपने लगभग एक साल के बच्चे के साथ यहां आई थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान बच्चा भी मौके पर मौजूद मिला, जिसे मां के साथ ही जेल भेजा गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

Tuesday, 24 March 2026

आजमगढ़ गम्भीरपुर बोर्ड परीक्षा फर्जीवाड़ा गिरोह पर शिकंजा, 2 वांछित युवतियां गिरफ्तार साल्वर बनकर परीक्षा देने और आधार कार्ड टैम्परिंग के जरिए चल रहा था संगठित रैकेट, STF की कार्रवाई में हुआ था खुलासा

आजमगढ़ गम्भीरपुर बोर्ड परीक्षा फर्जीवाड़ा गिरोह पर शिकंजा, 2 वांछित युवतियां गिरफ्तार



साल्वर बनकर परीक्षा देने और आधार कार्ड टैम्परिंग के जरिए चल रहा था संगठित रैकेट, STF की कार्रवाई में हुआ था खुलासा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गम्भीरपुर थाना क्षेत्र में बोर्ड परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में वांछित चल रही दो अभियुक्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए STF और स्थानीय पुलिस द्वारा अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 6 मार्च 2025 को पंडित कामता प्रसाद इंटर कॉलेज, मुडहर ठेकमा में छापेमारी की गई थी।


 जांच में सामने आया था कि असली परीक्षार्थियों की जगह साल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाई जा रही थी, जिसके लिए आधार कार्ड में फोटो तक बदल दिए जाते थे। इस मामले में विद्यालय प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगे थे कि प्रति परीक्षार्थी धनराशि लेकर यह अवैध कार्य कराया जा रहा था। मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि कुछ लोग फरार हो गए थे। विवेचना के दौरान प्रियंका पाल और सीमा का नाम भी प्रकाश में आया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत गम्भीरपुर पुलिस टीम ने मंगलवार को दोनों वांछित अभियुक्ताओं—प्रियंका पाल (निवासी रायपुर, मेहनगर) और सीमा (निवासी मिल्कीपुर, सिधारी) को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ पहले से ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में गम्भीरपुर थाने की पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।

 

आजमगढ़ 24 साल पुराने हत्या मामले में 3 दोषियों को आजीवन की सजा जिला न्यायाधीश ने सुनाया फैसला, प्रत्येक पर 50 हजार जुर्माना; पीड़ित परिवार को 70% राशि देने का आदेश


 आजमगढ़ 24 साल पुराने हत्या मामले में 3 दोषियों को आजीवन की सजा



जिला न्यायाधीश ने सुनाया फैसला, प्रत्येक पर 50 हजार जुर्माना; पीड़ित परिवार को 70% राशि देने का आदेश


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हत्या के 24 साल पुराने मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने मंगलवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा मोहम्मद राफे निवासी बैरीडीह थाना देवगांव के पिता सोहराब मुकदमा में पैरवी करने के लिए अक्सर कलेक्ट्री कचहरी आजमगढ़ के पास नीलकंठ होटल में रुकते थे। सोहराब को 19 नवंबर 2002 को मुकदमे पैरवी करने के लिए इलाहाबाद जाना था। उनके साथ जाने के लिए वादी राफे ,उसके चाचा एजाज अहमद तथा इश्तियाक तड़के ही बैरीडीह से होटल पर आ गए। जब सुबह साढ़े छह बजे सब लोग होटल से निकले तो वहीं पर वादी के गांव के इम्तियाज, अलीशेर तथा नदीम आ गए। इम्तियाज के ललकारने पर नदीम और अलीशेर ने वादी के पिता सोहराब को गोली मार दी। घायल सोहराब को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मृत्यु हो गई। मामले में जांच पूरी करने के बाद अदालत में सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी तथा एडीजीसी दीपक कुमार मिश्रा ने कुल नौ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी इम्तियाज,अलीशेर तथा नदीम को सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को पचास हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने जुमार्ना की 70% राशि मृतक के पुत्र वादी मुकदमा मोहम्मद राफे को दिए जाने का भी आदेश दिया।