Saturday, 1 August 2026

आजमगढ़ दीदारगंज फर्राटा फैन में उतरे करंट से विवाहिता की मौत, मायके में पसरा मातम पिता की देखभाल के लिए मायके में रह रही थी विवाहिता, खाना बनाते समय हुआ हादसा


 आजमगढ़ दीदारगंज फर्राटा फैन में उतरे करंट से विवाहिता की मौत, मायके में पसरा मातम



पिता की देखभाल के लिए मायके में रह रही थी विवाहिता, खाना बनाते समय हुआ हादसा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के दीदारगंज थाना क्षेत्र के बुढ़ापुर कुतुब अली गांव में शनिवार सुबह फर्राटा फैन में उतरे करंट की चपेट में आने से 35 वर्षीय विवाहिता की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।


 जानकारी के अनुसार, बुढ़ापुर कुतुब अली गांव निवासी राम अचल यादव की पुत्री संध्या (35) की शादी मेंहनगर क्षेत्र निवासी शशिभूषण यादव के साथ हुई थी। संध्या पांच बहनों में चौथे स्थान पर थी और उसका कोई भाई नहीं था। पिता की देखभाल के लिए वह शादी के बाद से अधिकांश समय अपने मायके में ही रह रही थी। शनिवार सुबह करीब आठ बजे संध्या रसोई में खाना बना रही थी। इसी दौरान फर्राटा फैन में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गई। परिजन तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका अपने पीछे तीन बच्चों 12 वर्षीय आयुषी, 9 वर्षीय आदित्य यादव और 5 वर्षीय आर्या को छोड़ गई है। उसके पति शशिभूषण यादव रोजी-रोटी के सिलसिले में कानपुर में रहते हैं। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश यादव और हल्का प्रभारी अवधेश कुमार मौके पर पहुंचे तथा शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की। घटना के बाद पिता राम अचल यादव और तीनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

वाराणसी मीडिया को देख चिल्लाईं युवतियां, कहा हमें फंसा रही है पुलिस छापे के दौरान गिरफ्तार 21 युवतियों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल


 वाराणसी मीडिया को देख चिल्लाईं युवतियां, कहा हमें फंसा रही है पुलिस



छापे के दौरान गिरफ्तार 21 युवतियों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल


उत्तर प्रदेश, वाराणसी महमूरगंज स्थित शाही टॉवर में संचालित फर्जी कॉल सेंटर 'एनकेडी एसोसिएट्स' का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए 21 युवतियों समेत कुल 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह शेयर बाजार में निवेश और अधिक मुनाफे का झांसा देकर लोगों से करीब 1.25 करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर चुका है। आरोपियों के कब्जे से 55 मोबाइल फोन, तीन कंप्यूटर, तीन फर्जी आधार कार्ड तथा एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए हैं। 


शुक्रवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान डीसीपी क्राइम नीतू ने मामले का खुलासा किया। इसी दौरान गिरफ्तार युवतियों ने हंगामा करते हुए पुलिस पर झूठा फंसाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस ने सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर सुबह छोड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन बिना जानकारी दिए मीडिया के सामने पेश कर दिया। युवतियों ने यह भी सवाल उठाया कि छापेमारी के दौरान पकड़े गए सभी लोगों को मीडिया के सामने क्यों नहीं लाया गया। युवतियों ने बताया कि वे 8 से 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर कॉल सेंटर में कार्यरत थीं। कॉल करने के लिए मोबाइल नंबरों की सूची संचालकों की ओर से उपलब्ध कराई जाती थी। उनके खातों में केवल वेतन आता था और ठगी की रकम उनके खातों में नहीं आती थी। उनका दावा है कि उन्हें बताया गया था कि संस्था सेबी में पंजीकृत है। एचआर हेड अर्चना सिंह ने नियुक्ति कराई थी, लेकिन ऑफर लेटर कभी नहीं दिया गया। हंगामा शांत होने के बाद डीसीपी क्राइम ने दोबारा प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, मिर्जापुर तथा बिहार के रोहतास जिले के निवासी हैं। 


एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार के अनुसार गिरोह पहले शेयर बाजार और निवेश में रुचि रखने वाले लोगों का डेटा जुटाता था। इसके बाद खुद को सेबी में पंजीकृत संस्था 'एनकेडी एसोसिएट्स' का प्रतिनिधि बताकर संपर्क करता और फर्जी दस्तावेजों के जरिए विश्वास जीतता था। निवेश पर भारी मुनाफे और सलाह देने के नाम पर सदस्यता एवं खाता प्रबंधन शुल्क क्यूआर कोड और यूपीआई आईडी के माध्यम से जमा कराया जाता था। इस संबंध में भेलूपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 453/2026 संबंधित धारा के तहत दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगना चंदौली के सकलडीहा निवासी अंबर सिंह मौर्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में भी टीमें गठित की गई हैं। प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार दिल्ली और गुरुग्राम से जुड़े होने की भी आशंका जताई गई है। 


पुलिस के अनुसार, फर्जी कॉल सेंटर पिछले तीन महीने से शाही टॉवर की दूसरी और तीसरी मंजिल पर संचालित हो रहा था। डीसीपी क्राइम नीतू ने युवतियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपी फर्जी कंपनी में कार्य कर रहे थे और अधिकांश के पास वैध नियुक्ति पत्र भी नहीं था। वहीं, गिरफ्तार 21 युवतियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई।


https://www.news9up.com/2026/07/21-32.html

आजमगढ़ करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला 25 हजार का इनामी वीरेंद्र यादव ने कोर्ट में किया सरेंडर मुख्य आरोपी विद्यासागर पर 50 हजार का इनाम बढ़ाकर एक लाख करने की तैयारी

आजमगढ़ करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला 25 हजार का इनामी वीरेंद्र यादव ने कोर्ट में किया सरेंडर


मुख्य आरोपी विद्यासागर पर 50 हजार का इनाम बढ़ाकर एक लाख करने की तैयारी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे अर्धसैनिक बल में फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी वीरेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन वह बार-बार ठिकाना बदलकर पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। 


एएसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मामले की शुरुआत 20 मई 2026 को हुई थी। रानी की सराय थाना क्षेत्र के अंधौरी गांव निवासी पंकज यादव की तहरीर पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान 12 से अधिक लोगों के नाम सामने आए, जिनमें से अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोईलारी खुर्द निवासी मुख्य आरोपी विद्यासागर तथा वीरेंद्र यादव की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। पुलिस ने वीरेंद्र यादव पर 25 हजार रुपये तथा विद्यासागर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब वीरेंद्र यादव के आत्मसमर्पण के बाद उसे विधिक प्रक्रिया के तहत रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। एएसपी ग्रामीण ने बताया कि मुख्य आरोपी विद्यासागर की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार दबिश दे रही है। उसकी गिरफ्तारी पर घोषित 50 हजार रुपये के इनाम को बढ़ाकर एक लाख रुपये किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि वीरेंद्र यादव से पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क और ठगी से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।

 

Friday, 31 July 2026

वाराणसी कॉल सेंटर पर पुलिस ने मारा छापा, 21 लड़कियों सहित 32 धराये इलेक्ट्रॉनिक सामान किए गए जब्त, फोन के माध्यम से करते थे लोगों से संपर्क


 वाराणसी कॉल सेंटर पर पुलिस ने मारा छापा, 21 लड़कियों सहित 32 धराये



इलेक्ट्रॉनिक सामान किए गए जब्त, फोन के माध्यम से करते थे लोगों से संपर्क


उत्तर प्रदेश, वाराणसी भेलूपुर थाना क्षेत्र के महमूरगंज स्थित रघुनाथ नगर कॉलोनी के साही टॉवर में संचालित एक कथित ट्रेडिंग कॉल सेंटर पर पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने गुरुवार देर रात छापेमारी कर 21 युवतियों सहित 32 लोगों को हिरासत में लिया। सभी को पूछताछ के लिए साइबर थाने भेजा गया है। मौके से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य डिजिटल डाटा भी जब्त किया गया है। 


पुलिस के अनुसार, कॉल सेंटर से लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश, डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन खरीदारी में अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कर्मचारियों द्वारा फोन के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उन्हें कम समय में अधिक लाभ का भरोसा दिलाया जाता था। आरोप है कि निवेशकों से लाखों रुपये तक की रकम जमा कराई जाती थी। शुरुआती दौर में कुछ लोगों को मुनाफा या रकम वापस कर भरोसा बनाया जाता था, जिसके बाद अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था।


 एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कॉल सेंटर में किसकी क्या भूमिका थी और निवेश के नाम पर धन जुटाने का पूरा नेटवर्क कैसे संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि जिस कार्यालय में छापेमारी हुई, वहां एनकेडी एसोसिएट नाम का बोर्ड लगा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इसी नाम से एक कंपनी के सेबी में पंजीकृत होने का दावा किया गया है। हालांकि, पुलिस यह जांच कर रही है कि महमूरगंज स्थित कार्यालय का उस पंजीकृत कंपनी से वास्तव में कोई संबंध था या नहीं। यदि किसी वास्तविक संस्था के नाम और पहचान का दुरुपयोग किया गया है तो उसके पहलुओं की भी जांच की जाएगी। जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक डाटा की गहन पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्र और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। पुलिस पूरे नेटवर्क और धन के प्रवाह की जांच में जुटी हुई है।


https://www.news9up.com/2026/08/21.html

आजमगढ़ अतरौलिया, पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर बदमाश को लगी गोली टोल प्लाजा का बैरियर तोड़कर फरार तस्करों में शामिल था आरोपी तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद, गैंगस्टर, लूट सहित एक दर्जन मुकदमे हैं दर्ज


 आजमगढ़ अतरौलिया, पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर बदमाश को लगी गोली


टोल प्लाजा का बैरियर तोड़कर फरार तस्करों में शामिल था आरोपी


तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद, गैंगस्टर, लूट सहित एक दर्जन मुकदमे हैं दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना पुलिस ने गोतस्करी गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस मुठभेड़ में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस तथा एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की गई है। 


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार बदमाश पर गैंगस्टर, लूट, गोवध, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट सहित करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 को अतरौलिया पुलिस ने सूचना के आधार पर गोवंशीय पशुओं से लदी एक पिकअप को रोकने का प्रयास किया था। चालक वाहन लेकर फरार हो गया और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा का बैरियर तोड़ते हुए आगे निकल गया। बाद में गोपालीपट्टी नहर के पास पिकअप छोड़कर तीनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने वाहन से पांच प्रतिबंधित गोवंशीय पशु और एक मोबाइल फोन बरामद कर गोवध निवारण अधिनियम एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना में संतोष यादव, संतोष सरोज और शमीम के नाम प्रकाश में आए।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत शुक्रवार तड़के करीब 4:20 बजे अतरौलिया थाना पुलिस गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान तीन संदिग्ध एक मोटरसाइकिल से आते दिखाई दिए। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर आरोपियों ने फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में संतोष यादव (24), निवासी समस्तीपुर, थाना जहानागंज, के दाहिने पैर में गोली लग गई, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मौके से पुलिस ने एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की। इस संबंध में अतरौलिया थाने में बीएनएस की धारा 109(1) तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।


 पुलिस के अनुसार गिरफ्तार संतोष यादव थाना जहानागंज का हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध लूट, गोवध, गैंगस्टर, धोखाधड़ी, हत्या के प्रयास तथा आर्म्स एक्ट समेत करीब 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

आजमगढ़ श्रावण व त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट, डीआईजी व एसएसपी ने अपराध समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश कांवड़ यात्रा, नाग पंचमी व रक्षाबंधन की सुरक्षा व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं, साइबर अपराध और कानून-व्यवस्था की तैयारियों की हुई विस्तृत समीक्षा


 आजमगढ़ श्रावण व त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट, डीआईजी व एसएसपी ने अपराध समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश


कांवड़ यात्रा, नाग पंचमी व रक्षाबंधन की सुरक्षा व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं, साइबर अपराध और कानून-व्यवस्था की तैयारियों की हुई विस्तृत समीक्षा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा, नाग पंचमी, रक्षाबंधन एवं अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में अपराध समीक्षा बैठक (क्राइम मीटिंग) आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने की। बैठक में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं शाखा प्रभारियों के साथ आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं, ऑपरेशन दृष्टि, यूपी-112, ऑपरेशन कन्विक्शन, साइबर अपराध नियंत्रण तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। 


अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित विवेचनाओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाए। बैठक में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों की विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही वारंटियों एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी में तेजी लाने, महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक खबरों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। 


डीआईजी और एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को बीट प्रणाली को अधिक सक्रिय बनाने, थानों पर आने वाले प्रत्येक फरियादी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने तथा आगामी त्योहारों के दौरान प्रभावी गश्त, पैदल भ्रमण और पीस कमेटी की बैठकों के माध्यम से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा अवैध शराब, मादक पदार्थों, जुआ, सट्टा, पशु तस्करी एवं अन्य संगठित अपराधों के विरुद्ध अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने तथा जनसुनवाई एवं समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया।

जौनपुर थाना शाहगंज मिशन शक्ति/एंटी रोमियो पुलिस टीम द्वारा 01 मनचला अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार


 जौनपुर थाना शाहगंज मिशन शक्ति/एंटी रोमियो पुलिस टीम द्वारा 01 मनचला अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार


 उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद में अपराध की रोकथाम एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर जौनपुर एवं क्षेत्राधिकारी शाहगंज के निर्देशन व निकट पर्यवेक्षण में दिनांक-30.07.2026 को थाना शाहगंज पर नियुक्त मिशन शक्ति/ एंटी रोमियो टीम द्वारा छात्राओं को मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत उनकी सुरक्षा आदि के तहत चौकी इमरानगंज पर मामूर होकर प्रचार प्रसार किया जा रहा था कि सूचना मिली कि मोलनापुर मोड़ पर 01 मनचला जो आने-जाने वाली लड़कियों पर टिप्पणी व फब्तियां कस रहा है ,की मौके पर पहुंचकर गिरफ्तार किया गया। फर्द गिरफ्तारी के आधार पर थाना शाहगंज पर मु0अ0सं0-262/2026 धारा-296 भारतीय न्याय संहिता 2023 बनाम किसन राजभर पुत्र अच्छेलाल राजभर निवासी ग्राम रफीपुर थाना शाहगंज जनपद जौनपुर के विरुद्ध पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही  की जा रही है।


गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता-

(1) किसन राजभर पुत्र अच्छेलाल राजभर निवासी ग्राम रफीपुर थाना शाहगंज जनपद जौनपुर।


पंजीकृत अभियोग-

(1) मु0अ0सं0-262/2026 धारा-296 बीएनएस, थाना शाहगंज, जौनपुर।


गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम-

1. प्र0नि0 तेज बहादुर सिंह थाना शाहगंज जनपद जौनपुर

2. व0उ0नि0 चंद्रभान यादव मय पुलिस टीम थाना शाहगंज जौनपुर।