Sunday, 17 May 2026

आजमगढ़ बरदह किसानों के उर्वरक धनराशि गबन मामले में वांछित समिति प्रभारी गिरफ्तार ₹3.46 लाख की सरकारी राशि हड़पने का आरोप, पहले भी दर्ज हैं कई मुकदमे


 आजमगढ़ बरदह किसानों के उर्वरक धनराशि गबन मामले में वांछित समिति प्रभारी गिरफ्तार



₹3.46 लाख की सरकारी राशि हड़पने का आरोप, पहले भी दर्ज हैं कई मुकदमे


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बरदह थाना क्षेत्र में किसानों के लिए आवंटित शासकीय उर्वरक धनराशि के गबन के मामले में पुलिस ने वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर क्षेत्रीय किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए दी गई सरकारी सहायता राशि में से लाखों रुपये हड़पने का आरोप है। पुलिस ने अभियुक्त को बेला खास मोड़ से गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


 पुलिस के अनुसार, सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) द्वारा 29 दिसंबर 2025 को थाना बरदह में लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि बी-पैक्स बौआपार समिति के प्रभारी खरपत्तू चौहान ने किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु आवंटित ₹5 लाख की शासकीय सहायता राशि में से उर्वरक बिक्री के ₹3,46,009 समिति में जमा नहीं किए और सरकारी धन का गबन कर लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना बरदह में मु0अ0सं0 411/2025 धारा 316(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।


 विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में जनपद में अपराध एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण अभियान के तहत शनिवार 17 मई 2026 को उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पटेल अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने वांछित अभियुक्त खरपत्तू चौहान पुत्र मुनेश्वर चौहान निवासी उत्तरगावा थाना गंभीरपुर जनपद आजमगढ़ को बेला खास मोड़ से सुबह करीब 5:50 बजे गिरफ्तार कर लिया।


 पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। उसके विरुद्ध वर्ष 2020 में थाना बरदह में धारा 409 भादवि के तहत आपराधिक विश्वासघात का मुकदमा दर्ज हो चुका है। इसके अलावा विद्युत अधिनियम के तहत भी मामला पंजीकृत है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पटेल, हेड कांस्टेबल पवन यादव तथा कांस्टेबल विनोद यादव शामिल रहे।

आजमगढ़ फूलपुर अवैध खनन का खेल तेज जेसीबी से हो रही मिट्टी की खुदाई, नदी किनारों से बलुई मिट्टी निकालकर भट्ठों तक पहुंचाने का आरोप


 आजमगढ़ फूलपुर अवैध खनन का खेल तेज


जेसीबी से हो रही मिट्टी की खुदाई, नदी किनारों से बलुई मिट्टी निकालकर भट्ठों तक पहुंचाने का आरोप



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ फूलपुर, स्थानीय तहसील क्षेत्र में कथित रूप से खनन विभाग की मिलीभगत से अवैध खनन का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। गांव-गांव जेसीबी मशीनों से मिट्टी की खुदाई कर डंपरों के माध्यम से उसकी बिक्री किए जाने का आरोप है, जबकि तहसील प्रशासन पर मूकदर्शक बने रहने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि ईंट उद्योग में प्रयोग होने वाली पीली बलुई मिट्टी नदी किनारों से बड़े पैमाने पर ट्रैक्टर-ट्राली और डंपरों के जरिए निकालकर ईंट भट्ठों तक पहुंचाई जा रही है। खनन माफियाओं की सक्रियता इस कदर बढ़ गई है कि भट्ठों के नाम पर खनन की अनुमति लेकर मिट्टी को 2500 से 3500 रुपये तक में बेचा जा रहा है। तहसील क्षेत्र के भेड़िया, पल्थी, खानजहांपुर, पलिया, कटार, चकिया, हरैया, शतुवहिया, लोनियाडीह, सरैया, पाकड़पुर, बरामदपुर, नाहरपुर, शमसाबाद, महुवारा, अंजान, बूढ़ापुर, बदल और भड़रिया समेत कई गांवों व सीमावर्ती इलाकों में नदी-नालों के किनारे अवैध खुदाई का कार्य धड़ल्ले से जारी होने की बात कही जा रही है। इससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।


 सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग की टीम कार्रवाई करती है, लेकिन कथित रूप से राजनीतिक संरक्षण और उच्चाधिकारियों के दबाव के चलते कई मामलों में कार्रवाई प्रभावित हो जाती है। खनन माफियाओं के बीच प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ गई है कि वे एक-दूसरे की गतिविधियों की सूचना भी अधिकारियों को लगातार दे रहे हैं। 


हालांकि, वर्तमान में तैनात उपजिलाधिकारी द्वारा अवैध खनन के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी फूलपुर ने कहा कि बिना अनुमति खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस उद्देश्य के लिए खनन की अनुमति दी गई है, उसी कार्य में उसका उपयोग होना चाहिए। अन्यत्र मिट्टी गिराते या परिवहन करते पाए जाने पर संबंधित धाराओं में वाहन सीज किए जाएंगे।

आजमगढ़ जीयनपुर, तहसील कर्मचारी, सफाई कर्मचारी सहित 3 गिरफ्तार बीएलओ, सुपरवाइजर व अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने का आरोप डीपीआरओ ने सफाई कर्मचारी को किया निलम्बित, ग्राम प्रधान समेत अन्य आरोपी फरार


 आजमगढ़ जीयनपुर, तहसील कर्मचारी, सफाई कर्मचारी सहित 3 गिरफ्तार


बीएलओ, सुपरवाइजर व अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने का आरोप


डीपीआरओ ने सफाई कर्मचारी को किया निलम्बित, ग्राम प्रधान समेत अन्य आरोपी फरार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा कर निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने के मामले में जीयनपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। मामले में बीएलओ, सुपरवाइजर तथा अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर मतदाता सूची में अवैध रूप से नाम जोड़ने और हटाने का खुलासा हुआ है। जीयनपुर पुलिस ने इस प्रकरण में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 220/2026 अंतर्गत धारा 3(5),319(2),318(4),338,336(3),340(2),316(5), दर्ज किया है, जिसमें ग्राम प्रधान समेत अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार तहसील सगड़ी में तैनात राजस्व निरीक्षक ने 16 मई 2026 को थाना जीयनपुर में लिखित तहरीर देकर बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन से संबंधित पाण्डुलिपियों की जांच के दौरान विकास खंड अजमतगढ़ से जमा अभिलेखों में फर्जी हस्ताक्षरयुक्त पाण्डुलिपि पाई गई। जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने मिलीभगत कर बीएलओ, सुपरवाइजर और अधिकारियों के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से बनाकर मतदाता सूची में नाम परिवर्धन और विलोपन किया। इससे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित होने के साथ ही शासकीय कार्य में भी क्षति पहुंची। तहरीर के आधार पर थाना जीयनपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक दलप्रताप सिंह द्वारा की जा रही है। 


जीयनपुर पुलिस ने शनिवार को मामले से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अक्षय कुमार, संतोष कुमार भाष्कर तथा नदीम अहमद शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें बागखालिस नहर पुलिया के पास से सुबह करीब 10:05 बजे गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी अक्षय कुमार तहसील कर्मचारी है, जबकि संतोष कुमार भाष्कर सफाई कर्मचारी है। संतोष भाष्कर को इसी मामले में 16 मई को डीपीआरओ द्वारा निलंबित भी किया जा चुका है।


 पुलिस ने बताया कि इस मामले में संतोष भाष्कर, ग्राम प्रधान मो. अजीम, प्रधान सहयोगी नदीम, झीनक तथा अक्षय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ग्राम प्रधान समेत अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक दलप्रताप सिंह, कांस्टेबल बुटाई शाह, कांस्टेबल सत्यम सिंह, रिक्रूट कांस्टेबल कर्णजीत विश्वकर्मा तथा महिला रिक्रूट कांस्टेबल संजना राय शामिल रहीं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

Saturday, 16 May 2026

आजमगढ़ दीदारगंज बीए छात्रा व युवा पत्रकार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत 3 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी मृतका, गांव में शोक


 आजमगढ़ दीदारगंज बीए छात्रा व युवा पत्रकार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत


3 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी मृतका, गांव में शोक



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के दीदारगंज थाना क्षेत्र के रम्मोपुर  गांव में शुक्रवार रात 20 वर्षीय युवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। युवती पढ़ाई के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में भी सक्रिय थी। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को परिवार ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।


 जानकारी के अनुसार रमौपुर गांव निवासी साक्षी कन्नौजिया पुत्री सुरेश कन्नौजिया बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह 14 मई 2026 को परीक्षा देकर घर लौटी थी। परिजनों के मुताबिक साक्षी तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। बड़ी बहन स्वेता और छोटे भाई अजीत का रो-रोकर बुरा हाल है। मां सुमित्रा देवी सहित पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।


 परिजनों ने बताया कि साक्षी  को पेट दर्द की शिकायत थी, जिसके बाद उसे दवा दिलाई गई थी। रात में वह अपने कमरे में सोने चली गई। शनिवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को चिंता हुई। काफी आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर खिड़की तोड़कर अंदर से बंद दरवाजा खोला गया। कमरे के अंदर साक्षी का शव दुपट्टे के फंदे से लटका मिला। साक्षी की बड़ी बहन स्वेता ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ मीडिया में भी काम करती थी और सामान्य रूप से व्यवहार कर रही थी। घटना से पूरा परिवार स्तब्ध है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी दीदारगंज जयप्रकाश ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम कराया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

आजमगढ़ बरदह दूसरे की जमीन पर पास हुआ 2 लाख का लोन यूपी ग्रामीण बैंक बरदह शाखा पर फजीवार्ड़े का आरोप, पीड़ित ने बैंक प्रबंधन को दिया शिकायती पत्र


 आजमगढ़ बरदह दूसरे की जमीन पर पास हुआ 2 लाख का लोन



यूपी ग्रामीण बैंक बरदह शाखा पर फजीवार्ड़े का आरोप, पीड़ित ने बैंक प्रबंधन को दिया शिकायती पत्र


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बरदह क्षेत्र स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा में कथित फजीवार्ड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति की जमीन के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दूसरे व्यक्ति के नाम पर दो लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया गया। मामले की जानकारी होने पर पीड़ित ने बैंक प्रबंधन को प्रार्थना पत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। बरदह थाना क्षेत्र निवासी विवेक तिवारी ने बैंक प्रबंधन को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि उनकी भूमि की नकल का गलत इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से दो लाख रुपये का लोन पास कराया गया। उन्होंने बताया कि जब वह अपनी जमीन की नकल निकलवाने गए, तब उन्हें इस गड़बड़ी की जानकारी हुई। जांच में पता चला कि उनकी जमीन के गाटा संख्या पर ऋण दर्ज दिखाया जा रहा है। 


पीड़ित का आरोप है कि बरदह गांव निवासी एक व्यक्ति ने उनकी जमीन के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर यह ऋण पास कराया है। उन्होंने मांग की है कि जिस व्यक्ति ने ऋण लिया है, उसी की जमीन पर उसे दर्ज किया जाए और उनकी भूमि से तत्काल हटाया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। विवेक तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि बिना उनकी जानकारी के खाते में दूसरे व्यक्ति का नाम जोड़कर लेन-देन किया गया। उधर, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक बरदह शाखा के प्रबंधक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत पत्र प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित ऋण उनके कार्यकाल में स्वीकृत नहीं हुआ था, बल्कि यह मामला पूर्व शाखा प्रबंधक के समय का है। इसके बावजूद पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Wednesday, 13 May 2026

आजमगढ़ जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार 51 लाख रुपये से अधिक के वेतन घोटाले में भेजे गए जेल शासन की रोक के बावजूद 10 अवैध शिक्षकों को जारी किया गया था वेतन


 आजमगढ़ जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार


51 लाख रुपये से अधिक के वेतन घोटाले में भेजे गए जेल


शासन की रोक के बावजूद 10 अवैध शिक्षकों को जारी किया गया था वेतन



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में समाज कल्याण विभाग से जुड़े करोड़ों के सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उन पर शासन द्वारा वेतन भुगतान पर रोक लगाए जाने के बावजूद 10 शिक्षकों को वेतन जारी करने का आरोप है। यह कार्रवाई नगर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई।


 बताया जा रहा है कि डीडी समाज कल्याण आर.के. चौरसिया की ओर से जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह ने 20 फरवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि दोनों अधिकारियों ने शासनादेश की अनदेखी करते हुए अवैध रूप से नियुक्त सहायक अध्यापकों को वेतन जारी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। समिति में जिला विकास अधिकारी और मुख्य कोषाधिकारी को भी शामिल किया गया। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों, शिकायतकर्ता और अभिलेखों का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कुछ सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां अवैध थीं और शासन ने उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद करीब 51.46 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। जांच में कुल 10 शिक्षकों को अनियमित रूप से वेतन जारी किए जाने की पुष्टि हुई। 


डीएम ने जांच रिपोर्ट शासन को भेजते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। इसके बाद 8 मई 2026 को नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई। बुधवार सुबह पुलिस ने जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी को कुंवर सिंह उद्यान के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया। एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि शासन की रोक के बावजूद 10 अवैध शिक्षकों को वेतन जारी करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। उसी क्रम में बुधवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

Tuesday, 12 May 2026

आजमगढ़ तहबरपुर 25 किलो गांजा के साथ तस्कर को दबोचा आटो में छिपाकर उड़ीसा से गोरखपुर ले जा रहा था गांजा, फुटकर बिक्री की बात कबूली


 आजमगढ़ तहबरपुर 25 किलो गांजा के साथ तस्कर को दबोचा



आटो में छिपाकर उड़ीसा से गोरखपुर ले जा रहा था गांजा, फुटकर बिक्री की बात कबूली



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना तहबरपुर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 किलो 100 ग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।


 पुलिस ने आरोपी को आटो सहित पकड़कर उसके कब्जे से 12 पैकेटों में भरा गांजा बरामद किया। पुलिस के अनुसार, 11 मई 2026 को उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी अपनी टीम के साथ किशुनदासपुर अंडरपास के पास बैंक चेकिंग और संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि निजामाबाद की तरफ से आ रहे एक आटो में अवैध सामान हो सकता है। सूचना पर पुलिस टीम ने सरदहां चौहान बस्ती मोड़ के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आटो चालक भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया।


 पूछताछ में उसने अपना नाम धीरज साव पुत्र रामप्रताप साव निवासी शाहपुर थाना बेलघाट जनपद गोरखपुर हाल पता गांधी रोड राउरकेला, उड़ीसा बताया। क्षेत्राधिकारी सगड़ी/बूढ़नपुर अनिल कुमार वर्मा की मौजूदगी में तलाशी लेने पर आटो से 12 पैकेटों में 25 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके अलावा आरोपी के पास से एक कीपैड मोबाइल फोन और 700 रुपये नकद भी मिले। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह उड़ीसा से गांजा खरीदकर गोरखपुर में फुटकर बिक्री करता था और इसी से परिवार का खर्च चलाता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना तहबरपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया है।