Wednesday, 7 October 2026

आजमगढ़ महराजगंज संदिग्ध परिस्थितियों में नाले में डूबने से मजदूर की हुई मौत परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर नाले में डुबोकर हत्या करने का आरोप लगाया


 आजमगढ़ महराजगंज संदिग्ध परिस्थितियों में नाले में डूबने से मजदूर की हुई मौत


परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर नाले में डुबोकर हत्या करने का आरोप लगाया




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के महराजगंज थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव निवासी 45 वर्षीय सुभाष निषाद की संदिग्ध परिस्थितियों में नाले में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर सुभाष को नाले में डुबोकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, सुभाष निषाद मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके तीन बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें दो बच्चों की शादी हो चुकी है। सुभाष की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


 परिजनों ने आरोप लगाया कि गांव के ही एक व्यक्ति ने सुभाष को नाले में डुबोकर मार दिया। सूचना मिलने पर महराजगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। महराजगंज थानाध्यक्ष जयप्रकाश ने बताया कि परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सुभाष की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिरोजाबाद पत्नी को प्रेमी संग शराब पीते देख पति ने बरसाईं गोलियां चौराहे पर मंगलवार रात सनसनीखेज वारदात, आरोपी पति गिरफ्तार


 फिरोजाबाद पत्नी को प्रेमी संग शराब पीते देख पति ने बरसाईं गोलियां


चौराहे पर मंगलवार रात सनसनीखेज वारदात, आरोपी पति गिरफ्तार


उत्तर प्रदेश फिरोजाबाद, शहर के व्यस्ततम कोटला चुंगी चौराहे पर मंगलवार रात सनसनीखेज वारदात सामने आई। पत्नी को उसके प्रेमी के साथ दुकान में बैठकर शराब पीते देख पति ने कथित तौर पर आपा खो दिया और लाइसेंसी रिवॉल्वर से दोनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से महिला और उसका प्रेमी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर किया गया। पुलिस ने आरोपी पति को देर रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, कोटला चुंगी चौराहा स्थित शिवा इंटरनेट सर्विस के संचालक जितेंद्र उर्फ सनी उर्फ शिवा ठाकुर निवासी श्रीराम कॉलोनी, मथुरा नगर का पीके इंटर कॉलेज के संचालक ऋषभ तेलंग की पत्नी शिप्रा तेलंग से कथित प्रेम प्रसंग चल रहा था। मंगलवार रात शिप्रा अपने प्रेमी सनी की दुकान पर पहुंची थी। 


बताया गया कि दोनों दुकान में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान इसकी जानकारी ऋषभ तेलंग को हो गई। वह गुस्से में दुकान पर पहुंचा और पत्नी को उसके प्रेमी के साथ देखकर कथित तौर पर लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में सनी के सीने में दो गोलियां लगीं, जबकि शिप्रा के पेट, कमर और पसली में पांच गोलियां लगीं। वारदात के बाद आरोपी पति मौके पर रिवॉल्वर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह, थाना उत्तर इंस्पेक्टर रवि त्यागी और थाना रामगढ़ इंस्पेक्टर संजीव दुबे पुलिस बल व फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। घटनास्थल से लाइसेंसी रिवॉल्वर, कारतूस और अन्य साक्ष्य कब्जे में लिए गए। सरेराह हुई फायरिंग से चौराहे और आसपास के बाजार में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि दुकान के भीतर महिला और युवक पर महिला के पति द्वारा लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली चलाने की बात सामने आई है। दोनों घायलों का उपचार चल रहा है और मामले की जांच की जा रही है।

आजमगढ़ के 2 अधिकारियों सहित 20 आईपीएस का हुआ तबादला चिराग जैन को एसपी सिटी बरेली भेजा गया, मधुवन कुमार सिंह बने हापुड़ के एसपी


 आजमगढ़ के 2 अधिकारियों सहित 20 आईपीएस का हुआ तबादला



चिराग जैन को एसपी सिटी बरेली भेजा गया, मधुवन कुमार सिंह बने हापुड़ के एसपी



आजमगढ़, उत्तर प्रदेश शासन ने पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल करते हुए कई आईपीएस अधिकारियों के स्थानांतरण किए हैं। जारी स्थानांतरण सूची में आजमगढ़ से जुड़े अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। सबसे प्रमुख बदलाव में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आजमगढ़ चिराग जैन का तबादला करते हुए उन्हें पुलिस अधीक्षक नगर, जनपद बरेली बनाया गया है। वहीं पुलिस अधीक्षक नगर बरेली मानुष पारीक को अब पुलिस अधीक्षक नगर, आजमगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह का तबादला कर उन्हें पुलिस अधीक्षक हापुड़ बनाया गया है। इस फेरबदल से आजमगढ़ पुलिस के शहरी क्षेत्र की कमान में भी बदलाव होगा। स्थानांतरण सूची के अनुसार आईपीएस अधिकारी चिराग जैन (आरआर-2020) वर्तमान में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आजमगढ़ के पद पर तैनात थे। अब उन्हें पुलिस अधीक्षक नगर, बरेली की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मानुष पारीक (आईपीएस-आरआर-2020), जो वर्तमान में पुलिस अधीक्षक नगर बरेली के पद पर कार्यरत थे, उन्हें आजमगढ़ का पुलिस अधीक्षक नगर बनाया गया है। इसी क्रम में मधुवन कुमार सिंह (आईपीएस-एसपीएस), जो पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक नगर आजमगढ़ के पद पर तैनात थे, अब पुलिस अधीक्षक जनपद हापुड़ की जिम्मेदारी संभालेंगे। आजमगढ़ मंडल से जुड़े मऊ जनपद में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर (आईपीएस-एसपीएस-2017) का स्थानांतरण करते हुए उन्हें पुलिस अधीक्षक, लोक शिकायत, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ भेजा गया है। उनके स्थान पर 04वीं वाहिनी पीएसी प्रयागराज के सेनानायक सर्वेश कुमार मिश्रा (आईपीएस-एसपीएस-2018) को पुलिस अधीक्षक मऊ बनाया गया है। इसी तरह पुलिस अधीक्षक गाजीपुर ईरज राजा को पुलिस अधीक्षक बलिया बनाया गया है, जबकि पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह को पुलिस अधीक्षक गाजीपुर की जिम्मेदारी दी गई है। बलिया के वर्तमान पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह को पुलिस अधीक्षक बस्ती बनाया गया है और बस्ती के पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह को पुलिस अधीक्षक जौनपुर बनाया गया है।जौनपुर के पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह को स्थानांतरित कर पुलिस अधीक्षक, पीएसी मुख्यालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ भेजा गया है।


स्थानांतरण सूची में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। ए. सतीश गणेश (आईपीएस-आरआर-1996) को अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पद पर ही रखा गया है और उनके पास से अपर पुलिस महानिदेशक अपराध का अतिरिक्त प्रभार हटा दिया गया है। वहीं भगवान एस. श्रीवास्तव (आईपीएस-आरआर-1998), जो अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं के पद पर हैं, उन्हें अब इसी पद के साथ अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध, उत्तर प्रदेश, लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा रवीना त्यागी को पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ से स्थानांतरित कर पुलिस अधीक्षक बाराबंकी, अर्पित विजयवर्गीय को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी से पुलिस उपायुक्त, पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ, तथा कुँवर ज्ञानन्जय सिंह को पुलिस अधीक्षक हापुड़ से पुलिस उपायुक्त, पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज बनाया गया है। संजय कुमार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर से सेनानायक 04वीं वाहिनी पीएसी प्रयागराज और सूरज कुमार राय को पुलिस अधीक्षक बागपत से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर भेजा गया है। वहीं पूर्णेन्दु सिंह, जो पुलिस अधीक्षक/स्टाफ ऑफिसर टू डीजीपी उत्तर प्रदेश के पद पर तैनात थे, अब पुलिस अधीक्षक बागपत होंगे। आलोक राज नारायण को सहायक पुलिस अधीक्षक हरदोई से अपर पुलिस अधीक्षक मथुरा तथा सुरेश चन्द्र रावत को पुलिस अधीक्षक/अपर पुलिस अधीक्षक मथुरा से पुलिस अधीक्षक जालौन बनाया गया है।

Tuesday, 6 October 2026

आजमगढ़ देवगांव 50 हजार का इनामिया गैंगस्टर गुल्लू गिरफ्तार दुकान से CCTV कैमरा व जेवरात चोरी, बोलेरो चोरी के प्रयास और पुलिस टीम पर फायरिंग समेत 20 मुकदमों में है आरोपी


 आजमगढ़ देवगांव 50 हजार का इनामिया गैंगस्टर गुल्लू गिरफ्तार


दुकान से CCTV कैमरा व जेवरात चोरी, बोलेरो चोरी के प्रयास और पुलिस टीम पर फायरिंग समेत 20 मुकदमों में है आरोपी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ जिले मे देवगांव थाना पुलिस ने सर्विलांस सेल और स्वाट टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामिया गैंगस्टर अभियुक्त फैजान उर्फ गुल्लू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त चोरी, लूट, गोवध, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ आजमगढ़ और जौनपुर के अलग-अलग थानों में कुल 20 अभियोग दर्ज हैं।


पुलिस के मुताबिक 6 अक्तूबर 2026 को उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि देवगांव थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में वांछित फैजान उर्फ गुल्लू गोसाईगंज-जिबली मार्ग से अपने घर की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह को अवगत कराते हुए पुलिस टीम ने दादा चौक/ग्राम चौकी मोड़ से करीब 150 मीटर दूर घेराबंदी की। सुबह करीब 11:10 बजे पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।


 पुलिस के अनुसार फैजान अपने साथियों के साथ 9/10 जनवरी 2024 की रात कंजहिता बाजार स्थित एक दुकान में लगा CCTV कैमरा और जेवरात चोरी करने की घटना में शामिल रहा। इस मामले में देवगांव थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा 9 जनवरी 2024 को बोलेरो वाहन संख्या UP62 AV3931 चोरी करने का प्रयास किए जाने का भी आरोप है। पुलिस का कहना है कि 21 जनवरी 2024 को अभियुक्तों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस बल पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई थी। इस मामले में भी देवगांव थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। फैजान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने 8 सितंबर 2026 को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। लगातार फरार रहने पर डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र ने 16 सितंबर को इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी थी। गिरफ्तार अभियुक्त फैजान उर्फ गुल्लू पुत्र कयूम ग्राम बक्सपुर, थाना बरदह, आजमगढ़ का निवासी है।


 पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ वर्ष 2016 से 2026 तक आजमगढ़ के बरदह, देवगांव, फूलपुर, सिधारी, रानी की सराय, मेहनगर और सरायमीर थानों के अलावा जौनपुर के केराकत व खेतासराय थानों में कुल 20 मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई में देवगांव थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह, कांस्टेबल तेजस शुक्ला तथा सर्विलांस सेल/स्वाट टीम के मु0आ0 संजय सिंह, अखिलेश चौधरी और उपेन्द्र सिंह चन्देल शामिल रहे।

आजमगढ़ एसपी, एसपी के पीआरओ व थानाध्यक्ष महाराजगंज को हाईकोर्ट ने किया तलब सरकारी वकील को 'अनपढ़' कहना पड़ा भारी, न्यायमूर्ति ने मामले को लिया गंभीरता से


 आजमगढ़ एसपी, एसपी के पीआरओ व थानाध्यक्ष महाराजगंज को हाईकोर्ट ने किया तलब



सरकारी वकील को 'अनपढ़' कहना पड़ा भारी, न्यायमूर्ति ने मामले को लिया गंभीरता से



उत्तर प्रदेश आजमगढ़, इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकारी वकील के साथ कथित अभद्र व्यवहार और मामले की विवेचना में लापरवाही के आरोप को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक आजमगढ़, थानाध्यक्ष महाराजगंज और पुलिस अधीक्षक के पीआरओ को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। तीनों अधिकारियों को 12 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में उपस्थित होना होगा। मामला महाराजगंज थाने से जुड़ा है। 


सचिन यादव पर आरोप है कि जिस युवती से उसका विवाह तय हुआ था, विवाह की बात टूटने के बाद उसने युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामले में सचिन यादव की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने विवेचक विनय कुमार मिश्रा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। बाद में विवेचक विनय कुमार मिश्रा हाईकोर्ट में उपस्थित हुए और बताया कि उन्हें गैर जमानती वारंट जारी होने की जानकारी नहीं थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले में थानाध्यक्ष महाराजगंज और पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ की ओर से लापरवाही पाए जाने पर नाराजगी जताई। इसी दौरान अपर शासकीय अधिवक्ता (एजीए) अनुराग पांडेय ने न्यायालय को बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान पुलिस अधीक्षक के पीआरओ ने उन्हें कथित तौर पर 'अनपढ़' कहा। इस पर न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल ने नाराजगी जताते हुए मामले को गंभीरता से लिया। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर की तारीख निर्धारित करते हुए थानाध्यक्ष महाराजगंज, पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ और पीआरओ को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

Monday, 5 October 2026

आजमगढ़ अहरौला के शंभूपुर हत्याकाण्ड में जांच शुरू प्रत्यक्षदर्शी 21 अक्टूबर तक अधिकारियों के सामने होंगे पेश, देंगे बयान


 आजमगढ़ अहरौला के शंभूपुर हत्याकाण्ड में जांच शुरू



प्रत्यक्षदर्शी 21 अक्टूबर तक अधिकारियों के सामने होंगे पेश, देंगे बयान



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में 22 सितंबर 2026 को हुई तीन लोगों की हत्या और पुलिस की जवाबी कार्रवाई की घटना की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। उप जिलाधिकारी बूढ़नपुर चंद्र प्रकाश सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है।


 उप जिलाधिकारी ने बताया कि 22 सितंबर 2026 की शाम करीब पांच बजे अरविंद सिंह ने अपने घर में गायत्री पूजा से क्षुब्ध होकर लाइसेंसी असलहे से पत्नी बबिता, महेंद्र प्रसाद पाठक निवासी इब्राहिमपुर और अखिलेश मिश्रा निवासी आछेपुर छत्तौना की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह अपने तीन बच्चों के साथ घर के अंदर बंद हो गया था। सूचना पर जोन और जनपद के पुलिस अधिकारी पर्याप्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अरविंद को समझाकर आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान वह बच्चों को भी गोली मारने की धमकी दे रहा था। 23 सितंबर 2026 की रात करीब 12:50 बजे बंद कमरे से गोली चलने और बच्चों के रोने-चीखने की आवाज सुनाई देने पर पुलिस अधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए दरवाजा तोड़ने का निर्णय लिया। दरवाजा टूटते ही अरविंद ने गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में वह घायल हो गया।


 उप जिलाधिकारी ने बताया कि घटना के संबंध में जो भी ग्रामवासी या प्रत्यक्षदर्शी लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य या बयान देना चाहते हैं, वे 21 अक्टूबर तक किसी भी कार्य दिवस में तहसील स्थित न्यायालय/कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करा सकते हैं।

आजमगढ़ कंधरापुर नदी में नहाने गए युवक का दूसरे दिन मिला शव बुलेट और कपड़े देख परिजनों को हुआ था अनहोनी का शक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह


 आजमगढ़ कंधरापुर नदी में नहाने गए युवक का दूसरे दिन मिला शव



बुलेट और कपड़े देख परिजनों को हुआ था अनहोनी का शक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाना क्षेत्र में नदी में नहाने गए 36 वर्षीय युवक का दूसरे दिन शव मिलने से सनसनी फैल गई। युवक रविवार को चंद्रमा ऋषि आश्रम के पास अपनी बुलेट बाइक खड़ी कर नदी में नहाने गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। देर रात आश्रम के पास बुलेट और युवक के कपड़े मिलने से नदी में डूबने की आशंका जताई गई। ग्रामीणों और परिजनों ने देर रात तक तलाश की, लेकिन युवक का पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह कंहेनपुर गांव के पास नदी में उसका शव उतराया मिला। देवखरी गांव निवासी झारखंडेय उपाध्याय (36) रविवार सुबह बुलेट बाइक से घर से निकला था। दोपहर के समय वह कंधरापुर क्षेत्र स्थित चंद्रमा ऋषि आश्रम के पास पहुंचा।


 बताया गया कि उसने अपनी बुलेट आश्रम के पास खड़ी की और कपड़े उतारकर नदी में नहाने चला गया। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता होने लगी। देर शाम तक युवक के घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोग उसकी तलाश में जुट गए। इसी दौरान रात करीब 10 बजे परिजनों को जानकारी मिली कि चंद्रमा ऋषि आश्रम के पास झारखंडेय की बुलेट खड़ी है। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो बाइक के पास युवक के कपड़े भी पड़े मिले। इसके बाद नदी में उसके डूबने की आशंका और गहरा गई। परिजनों और ग्रामीणों ने देर रात तक आश्रम के आसपास और नदी में युवक की तलाश की। अंधेरा अधिक होने के कारण तलाश में सफलता नहीं मिली। काफी प्रयास के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर लोग वापस लौट गए। सोमवार सुबह कंहेनपुर गांव के पास नदी में लोगों ने पानी में एक युवक का शव उतराया देखा। इसकी सूचना तत्काल कंधरापुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकलवाया। पहचान की प्रक्रिया में शव की शिनाख्त देवखरी गांव निवासी झारखंडेय उपाध्याय के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कंधरापुर पुलिस के अनुसार, युवक की मौत नदी में डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसकी स्पष्ट जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।