Tuesday, 6 October 2026

आजमगढ़ देवगांव 50 हजार का इनामिया गैंगस्टर गुल्लू गिरफ्तार दुकान से CCTV कैमरा व जेवरात चोरी, बोलेरो चोरी के प्रयास और पुलिस टीम पर फायरिंग समेत 20 मुकदमों में है आरोपी


 आजमगढ़ देवगांव 50 हजार का इनामिया गैंगस्टर गुल्लू गिरफ्तार


दुकान से CCTV कैमरा व जेवरात चोरी, बोलेरो चोरी के प्रयास और पुलिस टीम पर फायरिंग समेत 20 मुकदमों में है आरोपी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ जिले मे देवगांव थाना पुलिस ने सर्विलांस सेल और स्वाट टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामिया गैंगस्टर अभियुक्त फैजान उर्फ गुल्लू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त चोरी, लूट, गोवध, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ आजमगढ़ और जौनपुर के अलग-अलग थानों में कुल 20 अभियोग दर्ज हैं।


पुलिस के मुताबिक 6 अक्तूबर 2026 को उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि देवगांव थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में वांछित फैजान उर्फ गुल्लू गोसाईगंज-जिबली मार्ग से अपने घर की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह को अवगत कराते हुए पुलिस टीम ने दादा चौक/ग्राम चौकी मोड़ से करीब 150 मीटर दूर घेराबंदी की। सुबह करीब 11:10 बजे पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।


 पुलिस के अनुसार फैजान अपने साथियों के साथ 9/10 जनवरी 2024 की रात कंजहिता बाजार स्थित एक दुकान में लगा CCTV कैमरा और जेवरात चोरी करने की घटना में शामिल रहा। इस मामले में देवगांव थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा 9 जनवरी 2024 को बोलेरो वाहन संख्या UP62 AV3931 चोरी करने का प्रयास किए जाने का भी आरोप है। पुलिस का कहना है कि 21 जनवरी 2024 को अभियुक्तों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस बल पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई थी। इस मामले में भी देवगांव थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। फैजान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने 8 सितंबर 2026 को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। लगातार फरार रहने पर डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र ने 16 सितंबर को इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी थी। गिरफ्तार अभियुक्त फैजान उर्फ गुल्लू पुत्र कयूम ग्राम बक्सपुर, थाना बरदह, आजमगढ़ का निवासी है।


 पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ वर्ष 2016 से 2026 तक आजमगढ़ के बरदह, देवगांव, फूलपुर, सिधारी, रानी की सराय, मेहनगर और सरायमीर थानों के अलावा जौनपुर के केराकत व खेतासराय थानों में कुल 20 मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई में देवगांव थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह, कांस्टेबल तेजस शुक्ला तथा सर्विलांस सेल/स्वाट टीम के मु0आ0 संजय सिंह, अखिलेश चौधरी और उपेन्द्र सिंह चन्देल शामिल रहे।

आजमगढ़ एसपी, एसपी के पीआरओ व थानाध्यक्ष महाराजगंज को हाईकोर्ट ने किया तलब सरकारी वकील को 'अनपढ़' कहना पड़ा भारी, न्यायमूर्ति ने मामले को लिया गंभीरता से


 आजमगढ़ एसपी, एसपी के पीआरओ व थानाध्यक्ष महाराजगंज को हाईकोर्ट ने किया तलब



सरकारी वकील को 'अनपढ़' कहना पड़ा भारी, न्यायमूर्ति ने मामले को लिया गंभीरता से



उत्तर प्रदेश आजमगढ़, इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकारी वकील के साथ कथित अभद्र व्यवहार और मामले की विवेचना में लापरवाही के आरोप को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक आजमगढ़, थानाध्यक्ष महाराजगंज और पुलिस अधीक्षक के पीआरओ को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। तीनों अधिकारियों को 12 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में उपस्थित होना होगा। मामला महाराजगंज थाने से जुड़ा है। 


सचिन यादव पर आरोप है कि जिस युवती से उसका विवाह तय हुआ था, विवाह की बात टूटने के बाद उसने युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामले में सचिन यादव की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने विवेचक विनय कुमार मिश्रा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। बाद में विवेचक विनय कुमार मिश्रा हाईकोर्ट में उपस्थित हुए और बताया कि उन्हें गैर जमानती वारंट जारी होने की जानकारी नहीं थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले में थानाध्यक्ष महाराजगंज और पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ की ओर से लापरवाही पाए जाने पर नाराजगी जताई। इसी दौरान अपर शासकीय अधिवक्ता (एजीए) अनुराग पांडेय ने न्यायालय को बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान पुलिस अधीक्षक के पीआरओ ने उन्हें कथित तौर पर 'अनपढ़' कहा। इस पर न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल ने नाराजगी जताते हुए मामले को गंभीरता से लिया। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर की तारीख निर्धारित करते हुए थानाध्यक्ष महाराजगंज, पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ और पीआरओ को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

Monday, 5 October 2026

आजमगढ़ अहरौला के शंभूपुर हत्याकाण्ड में जांच शुरू प्रत्यक्षदर्शी 21 अक्टूबर तक अधिकारियों के सामने होंगे पेश, देंगे बयान


 आजमगढ़ अहरौला के शंभूपुर हत्याकाण्ड में जांच शुरू



प्रत्यक्षदर्शी 21 अक्टूबर तक अधिकारियों के सामने होंगे पेश, देंगे बयान



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में 22 सितंबर 2026 को हुई तीन लोगों की हत्या और पुलिस की जवाबी कार्रवाई की घटना की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। उप जिलाधिकारी बूढ़नपुर चंद्र प्रकाश सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है।


 उप जिलाधिकारी ने बताया कि 22 सितंबर 2026 की शाम करीब पांच बजे अरविंद सिंह ने अपने घर में गायत्री पूजा से क्षुब्ध होकर लाइसेंसी असलहे से पत्नी बबिता, महेंद्र प्रसाद पाठक निवासी इब्राहिमपुर और अखिलेश मिश्रा निवासी आछेपुर छत्तौना की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह अपने तीन बच्चों के साथ घर के अंदर बंद हो गया था। सूचना पर जोन और जनपद के पुलिस अधिकारी पर्याप्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अरविंद को समझाकर आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान वह बच्चों को भी गोली मारने की धमकी दे रहा था। 23 सितंबर 2026 की रात करीब 12:50 बजे बंद कमरे से गोली चलने और बच्चों के रोने-चीखने की आवाज सुनाई देने पर पुलिस अधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए दरवाजा तोड़ने का निर्णय लिया। दरवाजा टूटते ही अरविंद ने गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में वह घायल हो गया।


 उप जिलाधिकारी ने बताया कि घटना के संबंध में जो भी ग्रामवासी या प्रत्यक्षदर्शी लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य या बयान देना चाहते हैं, वे 21 अक्टूबर तक किसी भी कार्य दिवस में तहसील स्थित न्यायालय/कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करा सकते हैं।

आजमगढ़ कंधरापुर नदी में नहाने गए युवक का दूसरे दिन मिला शव बुलेट और कपड़े देख परिजनों को हुआ था अनहोनी का शक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह


 आजमगढ़ कंधरापुर नदी में नहाने गए युवक का दूसरे दिन मिला शव



बुलेट और कपड़े देख परिजनों को हुआ था अनहोनी का शक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाना क्षेत्र में नदी में नहाने गए 36 वर्षीय युवक का दूसरे दिन शव मिलने से सनसनी फैल गई। युवक रविवार को चंद्रमा ऋषि आश्रम के पास अपनी बुलेट बाइक खड़ी कर नदी में नहाने गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। देर रात आश्रम के पास बुलेट और युवक के कपड़े मिलने से नदी में डूबने की आशंका जताई गई। ग्रामीणों और परिजनों ने देर रात तक तलाश की, लेकिन युवक का पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह कंहेनपुर गांव के पास नदी में उसका शव उतराया मिला। देवखरी गांव निवासी झारखंडेय उपाध्याय (36) रविवार सुबह बुलेट बाइक से घर से निकला था। दोपहर के समय वह कंधरापुर क्षेत्र स्थित चंद्रमा ऋषि आश्रम के पास पहुंचा।


 बताया गया कि उसने अपनी बुलेट आश्रम के पास खड़ी की और कपड़े उतारकर नदी में नहाने चला गया। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता होने लगी। देर शाम तक युवक के घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोग उसकी तलाश में जुट गए। इसी दौरान रात करीब 10 बजे परिजनों को जानकारी मिली कि चंद्रमा ऋषि आश्रम के पास झारखंडेय की बुलेट खड़ी है। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो बाइक के पास युवक के कपड़े भी पड़े मिले। इसके बाद नदी में उसके डूबने की आशंका और गहरा गई। परिजनों और ग्रामीणों ने देर रात तक आश्रम के आसपास और नदी में युवक की तलाश की। अंधेरा अधिक होने के कारण तलाश में सफलता नहीं मिली। काफी प्रयास के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर लोग वापस लौट गए। सोमवार सुबह कंहेनपुर गांव के पास नदी में लोगों ने पानी में एक युवक का शव उतराया देखा। इसकी सूचना तत्काल कंधरापुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकलवाया। पहचान की प्रक्रिया में शव की शिनाख्त देवखरी गांव निवासी झारखंडेय उपाध्याय के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कंधरापुर पुलिस के अनुसार, युवक की मौत नदी में डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसकी स्पष्ट जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आज़मगढ़ वि0स0 दीदारगंज मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ धरना प्रदर्शन को लेकर सपा की मासिक बैठक संपन्न .....


 आज़मगढ़ वि0स0 दीदारगंज मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ धरना प्रदर्शन को लेकर सपा की मासिक बैठक संपन्न .....


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र दीदारगंज की समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक सिसवारा बाजार में पार्टी कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। जिसमें उपस्थित दीदारगंज विधायक कमलाकांत राजभर ने उपस्थित पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर चुनाव आयोग के धांधली के खिलाफ जनांदोलन व धरना प्रदर्शन जिला मुख्यालय आजमगढ़ पर पिछड़ों, दलितों के उपर हो रहे अत्याचार के खिलाफ सात अक्टूबर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में सभी कार्य कर्ताओं पदाधिकारियों के साथ मिलकर रणनीति तैयार की गई। चुनाव आयोग भाजपा का एजेंट बनकर पूरे देश में काम कर रहा है। एस. आई. आर. के बहाने आम जनता का वोट काटकर  कई प्रदेशों में भाजपा की सरकार बनाने का काम किया है। बूथ संगठन को मजबूत किया जा रहा है और समाज के हर वर्ग का सम्मान करने का काम समाजवादी पार्टी कर रही है। तहसील व थानों में अधिकारी जनता का खूब शोषण कर रहे हैं। जनता भ्रष्टाचार से उबकर अबकी बार सपा की सरकार बनाने का मन बना लिया है।


इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष आफताब अहमद,राम सिंगार यादव दीदारगंज विधान सभा महासचिव सपा, विश्वनाथ राजभर, अरविंद कश्यप,सोनू जायसवाल,राम अचल राजभर, सुरेश राजभर, काशी नाथ यादव, राहुल यादव प्रधान, डॉ0 रणविजय सिंह, हरिश्चंद चौहान,राम चेत यादव,अरशद शेख, इरफान अहमद,सेराज,मेराज , छोटेलाल, पन्नालाल आदि उपस्थित थे।



आजमगढ़ दीदारगंज से प्रवीण यादव की रिपोर्ट।

Sunday, 4 October 2026

गोरखपुर थप्पड़ काण्ड के बाद एक्शन में आये सपा मुखिया अखिलेश यादव सपा की गोरखपुर जिला और महानगर इकाई में मचा हड़कंप, प्रेस वार्ता के दौरान हुआ था विवाद


 गोरखपुर थप्पड़ काण्ड के बाद एक्शन में आये सपा मुखिया अखिलेश यादव


सपा की गोरखपुर जिला और महानगर इकाई में मचा हड़कंप, प्रेस वार्ता के दौरान हुआ था विवाद



उत्तर प्रदेश गोरखपुर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर जिले और महानगर की पार्टी इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। पार्टी का यह फैसला एक दिन पहले आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दो नेताओं के बीच हुए विवाद और मारपीट की घटना के बाद सामने आया है। इस कार्रवाई को संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने और पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जारी निर्देश के अनुसार, गोरखपुर के जिला अध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष सहित दोनों इकाइयों की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है। इसके साथ ही फ्रंटल संगठनों तथा प्रदेश और राज्य स्तर की कार्यकारिणियों में गोरखपुर से जुड़े सभी पदाधिकारियों को भी तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है। इस फैसले से जिले और महानगर में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में व्यापक बदलाव की स्थिति बन गई है। दरअसल, विवाद की शुरूआत एक दिन पहले आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हुई थी। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की दावेदारी कर रहे अंशुमान सिंह और पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान अंशुमान सिंह के बेटे ने कथित तौर पर पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद प्रेस वार्ता में मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को शांत कराया। इस घटनाक्रम से पार्टी के स्थानीय संगठन की किरकिरी हुई।


 मामले की जानकारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचाई गई। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। विवाद के दिन ही शाम तक अंशुमान सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इसके अगले दिन शनिवार को राष्ट्रीय नेतृत्व ने गोरखपुर जिले और महानगर की सभी संबंधित इकाइयों को भंग करने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई को केवल एक व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम तक सीमित न मानकर संगठन के स्तर पर उठाई गई व्यापक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की इस कार्रवाई के बाद अब गोरखपुर में नए संगठनात्मक गठन को लेकर चचार्एं तेज हो गई हैं। जिला और महानगर इकाइयों के भंग होने से नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और संगठन को दोबारा व्यवस्थित करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, नए अध्यक्षों और कार्यकारिणी के गठन को लेकर आगे की स्थिति पार्टी नेतृत्व के निर्णय पर निर्भर करेगी। राजनीतिक दृष्टि से भी इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है। आगामी चुनावों और संगठन की मजबूती के लिहाज से पार्टी नेतृत्व के सामने स्थानीय स्तर पर एकजुटता बनाए रखने की चुनौती है। प्रेस वार्ता में हुआ विवाद और उसके बाद की गई कार्रवाई ने गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के संगठनात्मक हालात को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

आजमगढ़ जीयनपुर एयरटेल टावर पर चढ़ी युवती, एक घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा राजूपट्टी गांव के पास टावर पर चढ़ी युवती, पुलिस ने समझाकर सुरक्षित नीचे उतारा


 आजमगढ़ जीयनपुर एयरटेल टावर पर चढ़ी युवती, एक घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा



राजूपट्टी गांव के पास टावर पर चढ़ी युवती, पुलिस ने समझाकर सुरक्षित नीचे उतारा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सगड़ी क्षेत्र के जीयनपुर कोतवाली अंतर्गत राजूपट्टी गांव के पास रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती एयरटेल के मोबाइल टावर पर चढ़ गई। युवती को टावर पर चढ़ा देख आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक मौके पर हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। जानकारी के अनुसार, युवती रविवार सुबह करीब 11 बजे राजूपट्टी गांव के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। देखते ही देखते वह टावर पर काफी ऊंचाई तक पहुंच गई। आसपास मौजूद लोगों की नजर जब उस पर पड़ी तो मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना जीयनपुर कोतवाली पुलिस को दी। 


सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और टावर पर चढ़ी युवती से नीचे उतरने की अपील करने लगी। पुलिसकर्मियों के साथ ही मौके पर मौजूद लोगों ने भी उसे काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन युवती नीचे आने को तैयार नहीं हुई। इससे पुलिस और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई। इस दौरान युवती अपने मोबाइल फोन पर किसी व्यक्ति से लगातार बातचीत करती रही। वह फोन पर किससे और क्या बातचीत कर रही थी, इसकी तत्काल जानकारी नहीं हो सकी। युवती को टावर पर चढ़ा देखकर मौके पर मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं भी होती रहीं। पुलिस की समझाइश और प्रयास के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। घटना के दौरान किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई। युवती टावर पर क्यों चढ़ी थी, इसे लेकर पुलिस जानकारी जुटा रही है।