Wednesday, 23 September 2026

आजमगढ़ अहरौला पूजा के विवाद में 5 मौतें... क्या शंभूपुर गोलीकांड के पीछे है यह एंगल? पंडितों से आधार कार्ड मांगने से लेकर मासूम को भी गोली मारने जैसा कदम....संकेत क्या?


 आजमगढ़ अहरौला पूजा के विवाद में 5 मौतें... क्या शंभूपुर गोलीकांड के पीछे है यह एंगल?



पंडितों से आधार कार्ड मांगने से लेकर मासूम को भी गोली मारने जैसा कदम....संकेत क्या?


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद देर रात ऐसी खूनी वारदात में बदल गया, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। पत्नी बबीता और पूजा कराने आए दो पंडितों की गोली मारकर हत्या के बाद अरविंद सिंह बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया। पुलिस के अनुसार, कमरे से बाहर निकालने के प्रयास के दौरान उसने अपने एक बच्चे को भी गोली मार दी। बच्चे की सुरक्षा के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपी और घायल बच्चे की भी मौत हो गई। इस तरह घटना में कुल पांच लोगों की जान चली गई। इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे की असली वजह अब सबसे बड़ा सवाल बन गई है। प्रारंभिक तौर पर पूजा को लेकर विवाद और पंडितों से कहासुनी की बात सामने आई है। हालांकि, घटना की परिस्थितियां सामने आने के बाद पुलिस के लिए पारिवारिक और वैवाहिक विवाद समेत ऑनर किलिंग के संभावित एंगल की जांच भी अहम हो गई है। फिलहाल पुलिस ने ऑनर किलिंग की पुष्टि नहीं की है और इस पहलू पर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।


 बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम अरविंद बाजार से घर पहुंचा तो वहां पूजा चल रही थी। पूजा कराने के लिए पंडित मौजूद थे। घर में उसकी पत्नी बबीता और बच्चे भी थे। पूजा देखकर अरविंद ने पंडितों से जानकारी ली और उनसे आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। कहासुनी बढ़ने के बाद आरोप है कि अरविंद ने घर में रखे हथियार से फायरिंग कर दी। फायरिंग में उसकी पत्नी बबीता और दो पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई। मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित के शामिल होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। घटना के दौरान राइफल से भी फायरिंग किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन हथियारों और गोलियों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। तीन हत्याओं के बाद अरविंद बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया। 


सूचना पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस के सामने चुनौती केवल आरोपी को पकड़ना नहीं, बल्कि कमरे में मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना भी थी। पुलिस टीम ने आरोपी को समझाने और आत्मसमर्पण के लिए बाहर आने को कहा। पुलिस के अनुसार, काफी प्रयास के बावजूद अरविंद बाहर नहीं आया और उसने अपने एक मासूम बच्चे को गोली मार दी। बच्चे की जान खतरे में देख पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान अरविंद गोली लगने से घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को पुलिस ने सकुशल बाहर निकाल लिया। घटना के बाद अब जांच का दायरा केवल पूजा के दौरान हुए विवाद तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अरविंद और उसकी पत्नी के बीच पहले से कोई पारिवारिक या वैवाहिक विवाद था या नहीं। घटना से पहले घर में क्या परिस्थितियां थीं, पूजा किस उद्देश्य से कराई जा रही थी, पंडितों को किसने बुलाया था और अरविंद के पंडितों से आधार कार्ड मांगने के पीछे क्या वजह थी—इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। ऑनर किलिंग का सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है कि पहली फायरिंग में अरविंद की पत्नी समेत पूजा कराने आए लोगों को निशाना बनाया गया। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि हत्या का कारण सम्मान या पारिवारिक प्रतिष्ठा से जुड़ा कोई विवाद था। इस एंगल की पुष्टि के लिए पुलिस को परिवार के रिश्तों, पुराने विवादों, मोबाइल फोन, बातचीत और अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी। 


अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसओजी और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से हथियार और फायरिंग से जुड़े अन्य साक्ष्य संकलित किए हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस की पूछताछ से यह स्पष्ट होगा कि शंभूपुर की इस खूनी वारदात की असली वजह क्या थी। पूजा के विवाद से शुरू हुई घटना के पीछे कहीं कोई पुराना पारिवारिक राज तो नहीं था—यह सवाल फिलहाल जांच के केंद्र में है।


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आजमगढ़ अहरौला 5 मौतों से हिला जनपद, पूजा से शुरू हुआ विवाद बना खूनी कांड 2 बच्चों की जान बचाने में सफल रही पुलिस, रात भर मौके पर डटे रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

आजमगढ़ अहरौला 5 मौतों से हिला जनपद, पूजा से शुरू हुआ विवाद बना खूनी कांड



2 बच्चों की जान बचाने में सफल रही पुलिस, रात भर मौके पर डटे रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद देर रात बेहद गंभीर घटनाक्रम में बदल गया। पुलिस के अनुसार, अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी बबीता और पूजा कराने आए दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी बच्चों के साथ कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने उसे बच्चों सहित बाहर निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपी ने अपने एक बच्चे को गोली मार दी। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम अरविंद सिंह के घर में पूजा चल रही थी। पूजा कराने के लिए चार पंडित मौजूद थे। घर में अरविंद की पत्नी बबीता और बच्चे भी थे। शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचा। पूजा होते देखकर उसने पंडितों से जानकारी ली और उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर अरविंद और पंडितों के बीच बहस होने लगी। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर अरविंद ने घर में रखी पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दो पंडित घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई।


 मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित के शामिल होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी में राइफल से भी गोली चलाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि फायरिंग में किन-किन हथियारों का इस्तेमाल हुआ और कितनी गोलियां चलीं, इसकी पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद होगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की। अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, नवीन अरोड़ा के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण किया। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ एसओजी और फॉरेंसिक टीम को भी लगाया गया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी को उसके बच्चों सहित कमरे से सुरक्षित बाहर निकालने की थी। पुलिस टीम ने आरोपी को समझाने और बाहर आने के लिए चेतावनी देने का प्रयास किया।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, पुलिस ने आरोपी अरविंद को बच्चों सहित कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया। पर्याप्त चेतावनी दिए जाने के बावजूद आरोपी ने अपने एक बच्चे को गोली मार दी। बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इसमें आरोपी अरविंद घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, उपचार के दौरान आरोपी अरविंद और उसके घायल बच्चे की मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को सकुशल सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद शंभूपुर गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल की घेराबंदी कर फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए। एसओजी टीम और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फायरिंग से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित करना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। पूरे घटनाक्रम में पहले अरविंद की पत्नी बबीता और दो पंडितों की गोली लगने से मौत हुई। इसके बाद आरोपी की फायरिंग में एक बच्चा घायल हुआ। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हुआ। अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपी और उसके घायल बच्चे की भी मौत हो गई। इस तरह घटनाक्रम में कुल पांच लोगों की मौत हुई है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस बल मौके पर मौजूद है। एसओजी और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य संकलन में जुटी हैं। पुलिस के अनुसार, घटना के वास्तविक कारण, फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों, गोलियों की संख्या और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत स्थिति फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

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Tuesday, 22 September 2026

आजमगढ़ अहरौला पूजा के दौरान विवाद के बाद फायरिंग, पत्नी समेत 3 की मौत आधार कार्ड मांगने को लेकर पंडितों से हुआ विवाद, पिस्टल से फायरिंग का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच


 आजमगढ़ अहरौला पूजा के दौरान विवाद के बाद फायरिंग, पत्नी समेत 3 की मौत



आधार कार्ड मांगने को लेकर पंडितों से हुआ विवाद, पिस्टल से फायरिंग का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि बाजार से घर पहुंचे अरविंद सिंह का पूजा करा रहे पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान अरविंद ने घर में रखी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता समेत दो पंडितों की मौत हो गई। मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित शामिल बताए जा रहे हैं।


 प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम अरविंद सिंह के घर में पूजा चल रही थी। घर में चार पंडित, अरविंद की पत्नी बबीता, एक बेटा और एक बेटी मौजूद थे। शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचा। घर में पूजा होते देखकर उसने पंडितों से जानकारी ली। इसके बाद उसने पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर उनके बीच बहस होने लगी। आरोप है कि विवाद के दौरान अरविंद ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दो पंडित घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई। 


प्रारंभिक जानकारी में राइफल से भी एक गोली चलाए जाने की बात सामने आ रही है। फायरिंग होते ही पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने हथियार समेत फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। घटना के कारणों और मौतों की आधिकारिक स्थिति पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।


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उत्तर प्रदेश में 14 जिलों के डीएम सहित 34 आईएएस अफसरों का हुआ तबादला दूसरे दिन भी जारी रहा प्रशासनिक फेरबदल, पीसीएस से आईएएस बने अधिकारियों को भी मिली तैनाती


 उत्तर प्रदेश में 14 जिलों के डीएम सहित 34 आईएएस अफसरों का हुआ तबादला



दूसरे दिन भी जारी रहा प्रशासनिक फेरबदल, पीसीएस से आईएएस बने अधिकारियों को भी मिली तैनाती


लखनऊ, प्रदेश सरकार ने लगातार दूसरे दिन सोमवार देर रात बड़े स्तर पर आईएएस अफसरों के तबादले किए। 14 जिलों के जिलाधिकारियों समेत कुल 34 आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मुरादाबाद, हरदोई, एटा, कुशीनगर, कानपुर नगर, संतकबीरनगर, पीलीभीत, बलिया, अमेठी, बागपत, महोबा, बिजनौर, हाथरस और हमीरपुर में नए जिलाधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही पीसीएस से आईएएस बने अधिकारियों को भी नई तैनाती दी गई है। अनुनय झा को हरदोई से स्थानांतरित कर मुरादाबाद का डीएम बनाया गया है, जबकि राहुल पांडेय को विशेष सचिव राज्य कर से हरदोई का जिलाधिकारी बनाया गया है। एम अरुन्मोली को आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक आगरा से डीएम एटा की जिम्मेदारी दी गई है। 


संजय चौहान को अमेठी से कुशीनगर और महेंद्र तंवर को कुशीनगर से कानपुर नगर का डीएम बनाया गया है। अनुज मलिक को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से डीएम संतकबीरनगर, आलोक कुमार को संतकबीरनगर से पीलीभीत और ज्ञानेंद्र सिंह को पीलीभीत से बलिया भेजा गया है। शशांक चौधरी को अमेठी, दिव्यांशु पटेल को बागपत, प्रभास कुमार को महोबा, उमेश प्रताप सिंह को बिजनौर, सत्य प्रकाश पटेल को हाथरस और अशोक कुमार को हमीरपुर का डीएम बनाया गया है। 


इसके अलावा हिमांशु कौशिक को नगर आयुक्त मुरादाबाद, विजय कुमार सिंह को सीडीओ मिर्जापुर, संतोष बहादुर सिंह को सीडीओ मैनपुरी, विशाल कुमार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा विजय कुमार को आगरा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक आगरा नियुक्त किया गया है। तबादलों की सूची सोमवार देर रात जारी की गई।

Monday, 21 September 2026

आजमगढ़ बिलरियागंज 50 हजार का इनामी गैंगस्टर रब्बानी गिरफ्तार


 आजमगढ़ बिलरियागंज 50 हजार का इनामी गैंगस्टर रब्बानी गिरफ्तार




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना पुलिस ने सोमवार को ₹50 हजार के इनामी गैंगस्टर अभियुक्त रब्बानी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित गिरोह बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। उसे सियरहा अंडरपास से कंधरापुर जाने वाली सड़क पर घेराबंदी कर पकड़ा गया।


 पुलिस के मुताबिक, रब्बानी पुत्र फिरोज, निवासी अयूब नगर कस्बा बिलरियागंज, की गिरफ्तारी के लिए पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने 5 सितंबर को ₹25 हजार का इनाम घोषित किया था। बाद में आजमगढ़ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक के आदेश पर 16 सितंबर को इनाम की राशि बढ़ाकर ₹50 हजार कर दी गई। पुलिस के अनुसार बिलरियागंज थाने में मोबाइल चोरी के मामले में वर्ष 2024 में मुकदमा अपराध संख्या 276/2024 संबंधित धारा के तहत दर्ज हुआ था। इन मामलों की विवेचना के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ कुल छह चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इन मामलों में आरोप पत्र न्यायालय भेजा जा चुका है। आपराधिक गतिविधियों के आधार पर रब्बानी और उसके साथियों के खिलाफ 26 मई 2026 को गैंग चार्ट अनुमोदित हुआ। इसके बाद बिलरियागंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा संख्या 143/2026 दर्ज किया गया।


 पुलिस का कहना है कि सोमवार सुबह जैगहा चौराहा और आसपास संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग के दौरान सूचना मिली कि रब्बानी महाराष्ट्र/मुंबई से वापस आया है और एक्सप्रेस-वे के नीचे से कंधरापुर जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने सियरहा अंडरपास के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी सुबह करीब 6:46 बजे बताई गई है। पुलिस के अनुसार रब्बानी के खिलाफ चोरी, आबकारी, आयुध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी की उम्र करीब 31 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने उसके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

आजमगढ़ मेंहनगर युवक ने फंदे से लटककर की आत्महत्या 4 साल पहले पत्नी से हुआ था विच्छेद, तनाव में बताया जा रहा था युवक


 आजमगढ़ मेंहनगर युवक ने फंदे से लटककर की आत्महत्या



4 साल पहले पत्नी से हुआ था विच्छेद, तनाव में बताया जा रहा था युवक



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव में रविवार रात 35 वर्षीय युवक ने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी सोमवार सुबह होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दौलतपुर गांव निवासी रिंकू मौर्य (35) प्लंबर मिस्त्री का काम करता था। परिजनों के अनुसार रविवार रात वह घर के पक्के मकान में था। इसी दौरान उसने पंखे के हुक में रस्सी के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह उसके पिता ओमप्रकाश मौर्य ने शव देखा तो उनके होश उड़ गए।


 पिता के मुताबिक रिंकू की शादी करीब 10 वर्ष पूर्व हुई थी। करीब चार वर्ष पहले पत्नी से उसका विच्छेद हो गया था। पत्नी अपने साथ एक पुत्र को लेकर चली गई थी। इसके बाद से रिंकू तनाव में रहता था। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। घटना की सूचना मिलने पर मेंहनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Sunday, 20 September 2026

आजमगढ़ में 6 शस्त्र लाइसेंस निरस्त हर्ष फायरिंग से लेकर आपराधिक मामलों तक पर जिलाधिकारी न्यायालय की कार्रवाई


 आजमगढ़ में 6 शस्त्र लाइसेंस निरस्त



हर्ष फायरिंग से लेकर आपराधिक मामलों तक पर जिलाधिकारी न्यायालय की कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी न्यायालय ने लोक सुरक्षा और लोकशांति के दृष्टिगत छह शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए। भारतीय शस्त्र अधिनियम-1959 की धारा 17(3) के तहत 15 सितंबर 2026 को पारित आदेशों में आपराधिक अभियोग, शस्त्रों के उपयोग, पुलिस आख्या और लाइसेंस की शर्तों से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया गया। वहीं, एक अन्य मामले में लाइसेंसी की मृत्यु हो जाने के कारण लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई के क्रम में की गई है। 


थाना गंभीरपुर क्षेत्र के ग्राम कमरावां निवासी मो. आरिफ पुत्र अब्दुल वहाब के राइफल संख्या 75-0941, लाइसेंस संख्या 418/2005 और रिवॉल्वर संख्या 6696, लाइसेंस संख्या 270 के दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। आदेश में उनके खिलाफ वर्ष 2012 और 2018 के विभिन्न आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामला विशेष न्यायालय पॉक्सो में विचाराधीन बताया गया है। पुलिस आख्या में शस्त्र खरीदने के बाद कुल 150 कारतूस खरीदे जाने और तीन कारतूस अवशेष होने का भी उल्लेख किया गया। आदेश के अनुसार हर्ष फायरिंग और शस्त्र लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन को लोक सुरक्षा एवं लोकशांति से जुड़ा आधार मानते हुए दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए। 


थाना कोतवाली क्षेत्र के पुरा जोधी निवासी मनजीत उर्फ रंजीत सिंह पुत्र स्व. यदुनन्दन सिंह का एनपीबी राइफल संख्या AB-972506 और लाइसेंस संख्या 148/98 भी निरस्त किया गया है। उनके विरुद्ध लखनऊ के जानकीपुरम थाने में वर्ष 2020 में धारा 307 आईपीसी और आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है। पुलिस आख्या के मुताबिक मामला विचाराधीन है और संबंधित राइफल 30 मई 2020 से थाना जानकीपुरम में जमा है।


 थाना महराजगंज के सिकन्दरपुर निवासी मो. फैसल पुत्र मो. हम्माद का एनपीबी राइफल लाइसेंस भी निरस्त किया गया है। आदेश में उनके खिलाफ वर्ष 2018 और 2022 के चार आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य धाराओं के मुकदमे शामिल हैं। पुलिस आख्या में लाइसेंसी शस्त्र से संबंधित फायरिंग और कारतूसों के उपयोग का भी उल्लेख किया गया है। 


थाना बरदह क्षेत्र के मोहम्मदपुर फेटी निवासी अशरफ जुमा/जमो पुत्र रुस्तम अली का डीबीबीएल गन संख्या 7940 और लाइसेंस संख्या 6051 निरस्त किया गया। आदेश में वर्ष 1994 से 2020 तक दर्ज कई आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, आयुध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले भी शामिल हैं। पुलिस आख्या में कई अभियोग लंबित होने और उन्हें इतिहासशीटर के रूप में दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया। 


थाना निजामाबाद के बैसर संसारपुर निवासी जिलेदार यादव पुत्र बासुदेव यादव का एसबीबीएल गन संख्या N23189 और लाइसेंस संख्या 99/2002 भी निरस्त किया गया। उनके विरुद्ध वर्ष 2025 में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने तथा आरोप-पत्र न्यायालय भेजे जाने की जानकारी पुलिस आख्या में दी गई है। इसके अलावा पुलिस रिपोर्ट में वर्ष 2003 से 2025 तक कुल 125 कारतूस खरीदे जाने और 17 कारतूस शेष होने का उल्लेख किया गया। न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद लोक सुरक्षा एवं लोकशांति के दृष्टिगत लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया। 


थाना फूलपुर के विशेसा गांव निवासी असहद उर्फ चुन्नू शेख पुत्र हारून के रिवॉल्वर संख्या 115101254 और लाइसेंस संख्या 361/08 के संबंध में भी कार्रवाई की गई थी। उनके खिलाफ वर्ष 2016 में फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है। हालांकि कार्रवाई के दौरान उनकी 4 सितंबर 2024 को मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद जिलाधिकारी न्यायालय ने मृत्यु के कारण शस्त्र लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी। साथ ही लाइसेंस पंजिका में ‘शस्त्र लाइसेंस निरस्त’ अंकित करने और भविष्य में इसका नवीनीकरण नहीं करने के निर्देश दिए गए। 


जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संबंधित शस्त्र लाइसेंसों को निरस्त किए जाने का अंकन लाइसेंस पंजिका में करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित शस्त्र कार्यालय और पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस के अनुसार, शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता और लोक सुरक्षा एवं लोकशांति प्रभावित करने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।