Saturday, 22 August 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर उपनिरीक्षक को एसएसपी ने किया निलंबित प्रार्थना पत्रों और पीड़ितों की शिकायतों का समय से निस्तारण न करने समेत कार्य में रुचि नहीं लेने के आरोप


 आजमगढ़ गंभीरपुर उपनिरीक्षक को एसएसपी ने किया निलंबित


प्रार्थना पत्रों और पीड़ितों की शिकायतों का समय से निस्तारण न करने समेत कार्य में रुचि नहीं लेने के आरोप


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना गंभीरपुर में तैनात उप निरीक्षक ना.पु. संजय सिंह को पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा0 अनिल कुमार ने 21 अगस्त 2026 को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए नियमानुसार विभागीय कार्यवाही शुरू किए जाने के आदेश दिए हैं। 


पुलिस के अनुसार, उपनिरीक्षक संजय सिंह के खिलाफ थाना स्तर पर प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण नहीं करने और पीड़ितों की शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके अलावा उन पर कार्य सरकार में रुचि नहीं लेने तथा अपने पदीय दायित्वों और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप प्रथम दृष्टया पाए गए।


एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता अथवा अकर्मण्यता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसएसपी ने जनपद के सभी पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ सरायमीर चोरी-नकबजनी करने वाले गैंग लीडर समेत 2 पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई गैंग लीडर के खिलाफ चोरी, नकबजनी समेत कुल 8 अभियोग हैं दर्ज


 आजमगढ़ सरायमीर चोरी-नकबजनी करने वाले गैंग लीडर समेत 2 पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई



गैंग लीडर के खिलाफ चोरी, नकबजनी समेत कुल 8 अभियोग हैं दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सरायमीर थाना पुलिस ने चोरी और नकबजनी की घटनाओं में सक्रिय गैंग लीडर समेत दो आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध थाना सरायमीर में मुकदमा अपराध संख्या 215/2026 अंतर्गत धारा 2(b)(i), 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।


 पुलिस के अनुसार गैंग लीडर शाकिब पुत्र रियाजूद्दीन उर्फ रियाजू निवासी नई बाजार, थाना सरायमीर और उसके गैंग के सदस्य लालमन पुत्र हरिनाथ निवासी खरेवा, थाना सरायमीर संगठित रूप से चोरी एवं नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इन गतिविधियों के जरिए दोनों आर्थिक, भौतिक एवं दुनियाबी लाभ अर्जित करते थे। पुलिस ने बताया कि पूर्व में दोनों आरोपियों को चोरी एवं नकबजनी के मामलों की विवेचना के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से चोरी का माल भी बरामद किया गया था। आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्तता के आधार पर अब दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है।


 पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गैंग लीडर शाकिब के खिलाफ आजमगढ़ जनपद में चोरी, नकबजनी, अवैध शस्त्र, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम समेत कुल आठ अभियोग दर्ज हैं। वहीं गैंग सदस्य लालमन के खिलाफ चोरी, नकबजनी और आबकारी अधिनियम से संबंधित कुल चार अभियोग पंजीकृत हैं। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और संगठित अपराध में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ मेंहनगर, डीआईजी के चाचा के मकान में हुई भीषण चोरी डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, एसपी सिटी ने भी किया घटनास्थल का निरीक्षण


 आजमगढ़ मेंहनगर, डीआईजी के चाचा के मकान में हुई भीषण चोरी


डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, एसपी सिटी ने भी किया घटनास्थल का निरीक्षण



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर थाना क्षेत्र के बाबू की खजूरी गांव में शुक्रवार को चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए ताले तोड़कर चांदी के सामान समेत अन्य जरूरी कागजात चोरी कर लिए। चोरी की जानकारी होने पर पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। मकान आसाम प्रांत में तैनात डीआईजी अखिलेश कुमार सिंह के चाचा महिपाल सिंह का बताया जा रहा है।


 जानकारी के अनुसार महिपाल सिंह पिछले करीब एक सप्ताह से अस्वस्थ चल रहे थे। बीमारी के चलते उनके पुत्र शिक्षक आशुतोष कुमार अपने माता-पिता को आजमगढ़ के सिधारी क्षेत्र में रखकर इलाज करा रहे थे। इसी वजह से बाबू की खजूरी स्थित मकान में करीब एक सप्ताह से ताला बंद था। शुक्रवार की सुबह आशुतोष सिंह आजमगढ़ से पल्हना विकासखंड क्षेत्र स्थित अपने विद्यालय में पढ़ाने के लिए जा रहे थे। करीब 7:30 बजे जब वह गांव स्थित अपने घर पहुंचे तो मुख्य गेट बाहर से बंद मिला। उन्हें कुछ संदेह हुआ तो वह बाउंड्री फांदकर अंदर पहुंचे। घर के अंदर सभी कमरों के दरवाजों के ताले टूटे हुए थे। घर के अंदर पहुंचने पर अलमारी और बक्से भी टूटे मिले तथा सामान अस्त-व्यस्त अवस्था में बिखरा पड़ा था। आशुतोष सिंह ने तत्काल इसकी जानकारी अपनी माता को दी। घर में सामान की जांच करने पर चांदी की प्लेट का सेट, पैजनी और बाइक से संबंधित कागजात गायब मिले। 


घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई। जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराया। दोपहर में डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तथा घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। शाम करीब पांच बजे एसपी सिटी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। मामले में आशुतोष सिंह ने मेंहनगर थाने में तहरीर देकर चोरी का खुलासा करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाने के साथ ही चोरों का पता लगाने में लगी है।

Friday, 21 August 2026

लखनऊ 7 जिलों के पुलिस कप्तान बदले, 9 आईपीएस अधिकारियों का तबादला डीजीपी मुख्यालय ने बृहस्पतिवार देर रात किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल


 लखनऊ 7 जिलों के पुलिस कप्तान बदले, 9 आईपीएस अधिकारियों का तबादला


डीजीपी मुख्यालय ने बृहस्पतिवार देर रात किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल


उत्तर प्रदेश लखनऊ, डीजीपी मुख्यालय ने बृहस्पतिवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सात जिलों के पुलिस कप्तान समेत नौ आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस फेरबदल में मेरठ, झांसी, सुल्तानपुर, गोंडा, बिजनौर, संभल और बलरामपुर समेत कई जिलों की कमान नए अधिकारियों को सौंपी गई है। गोंडा के एसपी विनीत जायसवाल को सुल्तानपुर का नया एसपी बनाया गया है, जबकि सुल्तानपुर की एसपी चारू निगम को यूपी-112 भेजा गया है। वहीं पुलिस के बल प्रयोग को लेकर विवादों में रहे मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। झांसी के एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया एसएसपी बनाया गया है। बिजनौर के एसपी अभिषेक को गोंडा का कप्तान बनाया गया है। बलरामपुर के एसपी विकास कुमार को झांसी का एसएसपी नियुक्त किया गया है।


 संभल के एसपी केके बिश्नोई को बिजनौर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा बाराबंकी में एएसपी के पद पर तैनात विकास चन्द्र त्रिपाठी को आईपीएस बनने के बाद संभल का एसपी बनाया गया है। वहीं हरदोई के एएसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह को आईपीएस बनने के बाद बलरामपुर का एसपी नियुक्त किया गया है। डीजीपी मुख्यालय की ओर से किए गए इस फेरबदल को प्रशासनिक कसावट और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। तबादलों के जरिए कई जिलों में पुलिस नेतृत्व में बदलाव किया गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को मुख्यालय और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों में नई जिम्मेदारी दी गई है।

Thursday, 20 August 2026

आजमगढ़ डिजिटल अरेस्ट कर 26.70 लाख की साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने का भय दिखाकर ठगी, दो मोबाइल और 2,070 रुपये नकद बरामद


 आजमगढ़ डिजिटल अरेस्ट कर 26.70 लाख की साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार


देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने का भय दिखाकर ठगी, दो मोबाइल और 2,070 रुपये नकद बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 26.70 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान लखनऊ निवासी जहांगीर आलम (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, विभिन्न मोबाइल नंबरों से संबंधित सिम कार्ड और 2,070 रुपये नकद बरामद किए हैं। 


पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अलग-अलग मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कर खुद को सीआईओ अधिकारी बताया गया। आरोपियों ने पीड़ित के खाते से गलत लेन-देन होने और उसके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने की बात कहकर भयभीत किया। इसके बाद उसे डिजिटल अरेस्ट कर गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर कुल 26.70 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। मामले में थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ पर मुकदमा अपराध संख्या 32/2026 के तहत धारा 318(4), 319(2), 204 बीएनएस और 66C, 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लखनऊ निवासी जहांगीर आलम का नाम सामने आया। साइबर क्राइम पुलिस टीम लखनऊ पहुंची और आरोपी को उसकी सहमति से आजमगढ़ लाकर पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ में घटना में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने 20 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:35 बजे थाना परिसर से उसे पुलिस अभिरक्षा में लिया।


 पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लोगों को व्हाट्सएप कॉल करता था। खुद को पुलिस या किसी अधिकारी के रूप में पेश कर खाते में गलत लेन-देन और मुकदमा दर्ज होने का भय दिखाकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर लेता था। इसके बाद गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पीड़ितों से रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराता था। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। आरोपी के खिलाफ साइबर क्राइम थाना आजमगढ़ में ही संबंधित मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह, उपनिरीक्षक रजत सिंह, कांस्टेबल एजाज खान, सभाजीत मौर्य, विकास कुमार, महिपाल यादव तथा सर्विलांस सेल के कांस्टेबल आलोक सिंह शामिल रहे।


 कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव और क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम आस्था जायसवाल के पर्यवेक्षण में की गई।

आजमगढ़ बरदह घर के पास महिला की गला रेतकर हत्या घटना से मची सनसनी, पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं


 आजमगढ़ बरदह घर के पास महिला की गला रेतकर हत्या



घटना से मची सनसनी, पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे बरदह थाना क्षेत्र के बरदह गांव में गुरुवार को एक महिला की गला रेतकर हत्या किए जाने से सनसनी फैल गई। घर के पास 38 वर्षीय अकबरी बानो पत्नी मोहम्मद ताहिर का खून से लथपथ शव मिलने की जानकारी होते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वारदात से जुड़े साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में महिला की गला रेतकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। 



घटना के बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से घटना से जुड़े संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वारदात के खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर जांच में लगाई गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही हत्या की वजह स्पष्ट करते हुए घटना का खुलासा करने और आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद गांव में दहशत और शोक का माहौल है।

Wednesday, 19 August 2026

आजमगढ़ अतरौलिया हत्या-हत्या के प्रयास के मामलों में वांछित गैंगलीडर अवधेश नारायण सिंह गिरफ्तार हत्या, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत पांच मुकदमे हैं दर्ज


 आजमगढ़ अतरौलिया हत्या-हत्या के प्रयास के मामलों में वांछित गैंगलीडर अवधेश नारायण सिंह गिरफ्तार



हत्या, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत पांच मुकदमे हैं दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे अतरौलिया थाना पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त संगठित गिरोह के गैंगलीडर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को मुखबिर की सूचना पर वांछित अभियुक्त अवधेश नारायण सिंह उर्फ चुन्नू सिंह को ग्राम सेल्हरापट्टी स्थित अंडरपास से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त थाना अतरौलिया का हिस्ट्रीशीटर HS-13B है और उसके खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट तथा गैंगस्टर एक्ट समेत पांच मुकदमे दर्ज हैं।


 पुलिस के मुताबिक 19 अगस्त 2026 को थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दूबे की तहरीर पर थाना अतरौलिया में मु0अ0सं0 325/2026 अंतर्गत धारा 2(b)(i),3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम में अवधेश नारायण सिंह उर्फ चुन्नू सिंह और संजीव पांडेय उर्फ संजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि दोनों ने संगठित आपराधिक गिरोह बनाकर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे जघन्य अपराध किए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देश पर वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत वरिष्ठ उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में मौजूद थे। मुखबिर की सूचना पर ग्राम सेल्हरापट्टी अंडरपास से अवधेश नारायण सिंह उर्फ चुन्नू सिंह पुत्र स्व. सीताराम सिंह निवासी ग्राम नाउपुर, थाना अतरौलिया को दोपहर करीब 1:55 बजे हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।


 पुलिस के अनुसार अवधेश नारायण सिंह के खिलाफ अतरौलिया थाने में पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2025 का हत्या/हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से संबंधित मुकदमा, वर्ष 2008 का हत्या का मुकदमा, आर्म्स एक्ट, मारपीट-धमकी तथा गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे शामिल हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह, कांस्टेबल सौरभ राय और कांस्टेबल विजय प्रताप यादव, थाना अतरौलिया शामिल रहे।