Saturday, 30 May 2026

आजमगढ़ 1.24 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी को 7 वर्ष की सजा, 91 लाख रुपये का जुर्माना 16 वर्ष पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, आपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी से मिली दोषसिद्धि


 आजमगढ़ 1.24 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी को 7 वर्ष की सजा, 91 लाख रुपये का जुर्माना


16 वर्ष पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, आपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी से मिली दोषसिद्धि



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "आपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी तथा अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप धोखाधड़ी के एक चर्चित मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास और 91 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला थाना फूलपुर क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 7 दिसंबर 2010 को वादी इमरान अहमद पुत्र इस्तयाक अहमद निवासी टेहुआ, थाना फूलपुर ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गम्भीरवन निवासी सुबाष चौबे पुत्र रामनयन चौबे ने छल-कपट, कूटरचना और धोखाधड़ी के माध्यम से उनसे 1 करोड़ 24 लाख रुपये प्राप्त कर लिए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई। तहरीर के आधार पर थाना फूलपुर में आरोपी के विरुद्ध मुकदमा संख्या 1255/2010 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 504 एवं 506 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज किया गया। 


विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। शनिवार को कोर्ट नम्बर 11 जनपद आजमगढ़ ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी सुबाष चौबे को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा तथा 91 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय के इस निर्णय को आॅपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की संयुक्त कार्रवाई की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है, जिससे अपराधियों में कानून का भय और आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हो सके।

आजमगढ़ 3 ग्राम प्रधान नहीं बन सके प्रशासक 3 सदस्यीय समितियां बनने के बाद भी नहीं शुरू हुआ खातों का संचालन


 आजमगढ़ 3 ग्राम प्रधान नहीं बन सके प्रशासक


3 सदस्यीय समितियां बनने के बाद भी नहीं शुरू हुआ खातों का संचालन


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की तीन ग्राम पंचायतों में वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज होने के कारण संबंधित ग्राम प्रधान प्रशासक का कार्यभार नहीं संभाल सके हैं। इससे गांवों में विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और कई महत्वपूर्ण योजनाएं पिछले कई महीनों से ठप पड़ी हैं। 


जानकारी के अनुसार रानी की सराय विकास खंड के मैनपारपुर, मिर्जापुर ब्लॉक के दमदियावन तथा सठियांव ब्लॉक के सोनपार ग्राम पंचायतों में प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच कराई गई थी। जांच के बाद संबंधित ग्राम प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन किसी भी प्रधान ने निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद विभाग की ओर से नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई। बावजूद इसके कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अंतिम चेतावनी जारी की गई, लेकिन तब भी प्रधानों ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद जिलाधिकारी के अनुमोदन पर विभाग ने शिकायतों को सही मानते हुए तीनों ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए। गांवों में विकास कार्यों को जारी रखने के उद्देश्य से तीन सदस्यीय समितियों का गठन किया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि समिति गठन के बाद विकास योजनाएं दोबारा गति पकड़ेंगी, लेकिन अब तक पंचायत खातों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग समेत अन्य विकास कार्य प्रभावित हैं। साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। उधर, 26 मई 2026 को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायत चुनाव न होने की स्थिति में शासन ने सभी ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने की अनुमति प्रदान की थी। इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय से आवश्यक आदेश भी जारी किए गए, लेकिन जिन ग्राम प्रधानों के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार पहले से सीज हैं, वे प्रशासक का दायित्व नहीं संभाल सके। परिणामस्वरूप संबंधित ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

आजमगढ़ महाराजगंज, पत्नी के हत्यारे को नसीब नहीं हुआ अपनों का कंधा शादी के 6 महीने बाद ही पत्नी की हत्या कर घर में दफना दिया था शव 3 साल से जूझ रहा था गंभीर बीमारी से, पुलिसकर्मियों ने कराया अंतिम संस्कार


 आजमगढ़ महाराजगंज, पत्नी के हत्यारे को नसीब नहीं हुआ अपनों का कंधा


शादी के 6 महीने बाद ही पत्नी की हत्या कर घर में दफना दिया था शव

3 साल से जूझ रहा था गंभीर बीमारी से, पुलिसकर्मियों ने कराया अंतिम संस्कार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के महाराजगंज थाना क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहां पत्नी की हत्या के मुकदमे में जेल में बंद एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार में कोई सदस्य मौजूद न होने पर पुलिस कर्मियों ने मानवता का परिचय देते हुए स्वयं उसका अंतिम संस्कार कराया। 


जानकारी के अनुसार महाराजगंज थाना क्षेत्र निवासी सूरज गौड़ (25) पुत्र गुलाब गौड़ की वर्ष 2023 में अनीता से शादी हुई थी। शादी के करीब छह माह बाद अनीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप था कि उसकी हत्या कर शव को घर के कमरे में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था। मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर सूरज गौड़ तथा उसके परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सूरज और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। 


बताया जा रहा है कि सूरज गौड़ पिछले लगभग तीन वर्षों से गंभीर टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित था। बीमारी के चलते उसके फेफड़े बुरी तरह संक्रमित हो चुके थे। पहले उसका इलाज जेल अस्पताल में कराया गया, बाद में हालत बिगड़ने पर उसे वाराणसी में भी उपचार के लिए भेजा गया। पिछले करीब चार माह से वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। सूरज की मां का पहले ही निधन हो चुका था, जबकि उसके पिता अभी भी जेल में बंद हैं। परिवार में कोई भाई-बहन भी नहीं है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए कोई परिजन आगे नहीं आया। परिजनों के अभाव में पुलिस कर्मियों ने स्वयं अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर युवक का दाह संस्कार कराया। पुलिस के इस मानवीय कदम की क्षेत्र में चर्चा हो रही है।

Thursday, 28 May 2026

आजमगढ़ सिधारी, कितने रुपए में हुआ था मासूम का सौदा ? बच्चा बदले जाने की खबरों के बीच चर्चा में आया रेनबो हॉस्पिटल आधी रात को वापस मिला दंपति को अपना बच्चा


 आजमगढ़ सिधारी, कितने रुपए में हुआ था मासूम का सौदा ?



बच्चा बदले जाने की खबरों के बीच चर्चा में आया रेनबो हॉस्पिटल


आधी रात को वापस मिला दंपति को अपना बच्चा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नवजात को बदले जाने को लेकर उठे विवाद ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। रेनबो हॉस्पिटल में भर्ती बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया कि उनका बेटा बदलकर बच्ची दे दी गई। मामले ने तूल तब पकड़ा जब अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया और “मासूम के सौदे” की चर्चाएं होने लगीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर जांच शुरू की, जिसके बाद दंपति को उनका नवजात बच्चा वापस मिला। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बता दें कि सिधारी थाना क्षेत्र में स्थित रेनबो हॉस्पिटल में नवजात को बदले जाने के बाद जमकर हंगामा किया गया। शहर कोतवाली के आसिफगंज निवासी कमलेश वर्मा के अनुसार उनकी ससुराल बलिया जिले में है, 12 मई को बलिया जिले के महिला अस्पताल में उनकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था। नवजात की हालत बिगड़ने लगी, जिसके चलते 12 मई की शाम नवजात को आज़मगढ़ के रेनबो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। नवजात को अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में उपचार के लिए रखा गया था। परिजनों का आरोप है कि 27 मई दिन बुधवार को जब बच्चे को एनआईसीसीयू वार्ड से बाहर निकाला गया और उसकी मां को दिखाया गया, तब उन्हें पता चला कि बच्चा की जगह बच्ची है। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया, परिजन पैसों के लेनदेन के बाद बच्चों की अदला-बदली का आरोप लगाते हुए हंगामे पर उतर आए। इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। 


बताया जा रहा है कि इसके बाद रेनबो अस्पताल के मैनेजर शशि पांडेय तथा बच्चे के पिता कमलेश वर्मा सहित तीन लोग बुधवार की रात को ही कंचनपुर, रासेपुर बोंगरिया गांव जाकर बच्चे को वापस लाये। इस बावत आजमगढ़ पुलिस द्वारा स्पष्टीकरण भी दिया गया कि दोनों बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया, अब स्थिति सामान्य है। अब इसके बाद शुरू हुआ जो किसी बड़े शर्मनाक घटनाक्रम से कम नहीं है। जिस पिता द्वारा अपने बच्चे को बदले जाने को बात कही जा रही थी, अब उसके द्वारा दुबारा बयान दिया गया कि अस्पताल में ऐसी कोई घटना उसके साथ नहीं हुई। वहीं आजमगढ़ पुलिस द्वारा इस मामले में साफ शब्दों में बताया गया है कि दोनों परिजनों को उनके बच्चे सौंप दिए गए हैं। वहीं इस मामले में एक धड़ा खुलकर अस्पताल प्रशासन के समर्थन में आ गया और इतनी बड़ी घटना को अफवाह करार दे दिया। अगर घटना अफवाह है तो हंगामा हुआ क्यों ? अब सही कौन है, गुम हुए बच्चे के पिता का पहला बयान जिसमें बच्चे को बदले जाने की बात कही गई है, या फिर बच्चा मिलने के बाद दूसरे दिन दिया गया बयान कि बच्चा नहीं खोया था, या फिर आज़मगढ़ पुलिस द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण कि दोनों परिजनों को उनके बच्चे सौंप दिए गए हैं, या फिर वह एकतरफा बात करने वाला वह धड़ा जिसने पूरे घटनाक्रम को ही अफवाह करार दे दिया, यह एक बड़ा रहस्य है। (आपको बता दें कि इस घटनाक्रम में एक बड़ा सच एक दिन बाद कल की खबर में दिये जाने का प्रयास किया जाएगा, जो इस घटना के हर रहस्य से पर्दा हटा देगा)।

आजमगढ़ अतरौलिया कंटीले तार में घुसी बाइक, युवक की मौत तेरहवीं कार्यक्रम से लौट रहे थे तीनों युवक, 2 अन्य घायल


 आजमगढ़ अतरौलिया कंटीले तार में घुसी बाइक, युवक की मौत


तेरहवीं कार्यक्रम से लौट रहे थे तीनों युवक, 2 अन्य घायल



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के सुक्खीपुर अंडरपास के पास बुधवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार गौरीबड़ा थाना कटका जनपद अंबेडकर नगर निवासी राहुल गौड़ (32) पुत्र रामनयन गौड़, दिनेश (38) पुत्र मक्खन तथा हरिओम (32) पुत्र रामजीत बुधवार रात लगभग 9:30 बजे अपने रिश्तेदार के यहां मड़ौही गांव में आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होकर बाइक से वापस घर लौट रहे थे। मृतक के परिजन संदेश गौड़ ने बताया कि जैसे ही उनकी बाइक अतरौलिया क्षेत्र के सुक्खीपुर अंडरपास के पास पहुंची, अचानक अनियंत्रित होकर सर्विस रोड के किनारे लगे कंटीले तार में जा घुसी। हादसे में बाइक पर सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे से दूसरी बाइक पर आ रहे परिजनों ने तत्काल सभी घायलों को अतरौलिया स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान राहुल गौड़ की मौत हो गई। वहीं घायल दिनेश का इलाज सौ शैय्या अस्पताल में चल रहा है, जबकि हरिओम का उपचार अतरौलिया के एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है।


 बताया गया कि राहुल गौड़ की शादी चार वर्ष पूर्व कुसुम के साथ हुई थी। वह दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। राहुल अपने पीछे पत्नी कुसुम, दो वर्षीय पुत्री रक्षा और छह माह के पुत्र कार्तिक को छोड़ गया है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक की मां विन्दु और पत्नी कुसुम का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। थानाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ दुबे ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Wednesday, 27 May 2026

आजमगढ़ लालगंज सुमन हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर सील प्रसूता की मृत्यु मामले का सीएमओ ने लिया संज्ञान, जांच के दिये निर्देश


 आजमगढ़ लालगंज सुमन हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर सील


प्रसूता की मृत्यु मामले का सीएमओ ने लिया संज्ञान, जांच के दिये निर्देश



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के लालगंज क्षेत्र स्थित सुमन हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर में प्रसूता की मृत्यु से संबंधित समाचार एवं प्राप्त शिकायतों का मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने गंभीर संज्ञान लिया और प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करते हुए डिप्टी सीएमओ एवं नोडल निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. आलेन्द्र कुमार को मौके पर जांच हेतु निर्देशित किया। डॉ. आलेन्द कुमार द्वारा आज जब अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया तो जांच के दौरान अस्पताल संचालक एवं स्टाफ मौके पर उपस्थित मिले। निरीक्षण में यह तथ्य प्रकाश में आया कि उपचार के दौरान एक प्रसूता की मृत्यु हो गई थी तथा नवजात शिशु को गंभीर स्थिति में अन्य चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया था । मामले को लेकर परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा अस्पताल परिसर में विरोध एवं हंगामा भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में फायर सेफ्टी व्यवस्था, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, आवश्यक पंजीकरण अभिलेख, प्रशिक्षित स्टाफ एवं मानक अनुरूप चिकित्सीय उपकरणों की गंभीर कमी पाई गई। कई आवश्यक अभिलेख मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। अस्पताल निर्धारित मानकों एवं शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित नहीं पाया गया। डिप्टी सीएमओ डॉ. आलेन्द कुमार ने बताया कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों की अनदेखी अत्यंत गंभीर विषय है। प्रथम दृष्टया अस्पताल संचालन में लापरवाही एवं अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है तथा संबंधित प्रकरण में आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। 


मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा कि जनपद में बिना मानक एवं नियमों के संचालित किसी भी निजी चिकित्सालय, अवैध अस्पताल अथवा झोलाछाप गतिविधियों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मरीजों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही संबंधित थाना देवगांव को भी प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्र प्रेषित कर दिया गया है।

आजमगढ़ गम्भीरपुर 50 हजार का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार एसटीएफ और गम्भीरपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, हाईवे से दबोचा गया


 आजमगढ़ गम्भीरपुर 50 हजार का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार



एसटीएफ और गम्भीरपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, हाईवे से दबोचा गया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य एवं गैंगस्टर एक्ट में वांछित ₹50 हजार के इनामी अभियुक्त को गम्भीरपुर पुलिस और एसटीएफ प्रयागराज की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। 


आरोपी को बुधवार तड़के करीब 1:05 बजे बिन्द्रा बाजार स्थित आजमगढ़-वाराणसी नेशनल हाईवे से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अब्दुल वाहिद पुत्र शेर अली निवासी मुस्लिम पट्टी थाना निजामाबाद जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसके विरुद्ध पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र द्वारा ₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।


 पुलिस के अनुसार अभियुक्त एक संगठित चोर गिरोह का सदस्य है, जो आर्थिक लाभ के उद्देश्य से चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह के खिलाफ थाना निजामाबाद में उ0प्र0 गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया गया कि 20/21 अगस्त 2024 की रात थाना निजामाबाद क्षेत्र के सोढरी गांव में घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और ₹50 हजार नगद चोरी कर लिये गये थे। इसके अलावा फरिहा क्षेत्र में घर में घुसकर आभूषण और नगदी चोरी तथा प्राथमिक विद्यालय प्यारेपुर से गैस चूल्हा व सिलेंडर चोरी की घटनाओं में भी गिरोह का नाम सामने आया था। इससे पहले 18 दिसंबर 2024 को पुलिस ने गिरोह के दो अन्य सदस्यों रईस उर्फ लम्बू और अब्दुल वाहिद को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद किया था। हालांकि अब्दुल वाहिद बाद में फरार हो गया था और तभी से उसकी तलाश की जा रही थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक रेडमी मल्टीमीडिया मोबाइल फोन और ₹310 नगद बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।