Wednesday, 9 September 2026

आजमगढ़ सरायमीर पुलिस मुठभेड़ में गोवंश वध का आरोपी गोली लगने से हुआ घायल पुलिस ने 24 घंटे में किया घटना का खुलासा, तमंचा-कारतूस व वध में प्रयुक्त चापड़-चाकू बरामद


 आजमगढ़ सरायमीर पुलिस मुठभेड़ में गोवंश वध का आरोपी गोली लगने से हुआ घायल


पुलिस ने 24 घंटे में किया घटना का खुलासा, तमंचा-कारतूस व वध में प्रयुक्त चापड़-चाकू बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सरायमीर थाना क्षेत्र के सदरपुर (शाहपुर) गांव में कुँवर नदी के किनारे खेत में मिले प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। बुधवार की रात पुलिस की मुठभेड़ में एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं, तीन अन्य आरोपी अंधेरे और खेतों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।


 पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर 2026 को कुँवर नदी के किनारे खेत में दो प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष मिले थे। पशु चिकित्साधिकारी ने मौके पर पहुंचकर अवशेषों का परीक्षण किया और आवश्यक नमूने सुरक्षित किए। मामले में थाना सरायमीर में अज्ञात के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई थीं। 8/9 सितंबर 2026 की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल कुछ आरोपी वध में प्रयुक्त हथियार लेकर सदरपुर (शाहपुर) से कादनपट्टी की ओर जा रहे हैं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घेराबंदी की। पुलिस को देखकर चारों आरोपी भागने लगे। पीछा करने पर तीन आरोपी अंधेरे और खेतों का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि एक आरोपी को पुलिस ने घेर लिया। 


पुलिस का दावा है कि घिरने के बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। चेतावनी के बावजूद दोबारा फायरिंग का प्रयास करने पर पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी। घायल आरोपी की पहचान मो. साबिर पुत्र स्व. शकील, निवासी शाहपुर (सदरपुर), थाना सरायमीर के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 28 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और निशानदेही से 315 बोर का देशी तमंचा, एक फायरशुदा खोखा, एक जिंदा कारतूस, एक चापड़, दो चाकू और लकड़ी का गोलाकार ठीहा बरामद किया है। घटनास्थल से फील्ड यूनिट ने खूनआलूदा व सादी मिट्टी, हैंड स्वाब सहित अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य भी एकत्र किए। 


पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी सैफ, आजम उर्फ पप्पू और असजद के साथ मिलकर कुँवर नदी के किनारे खेत में गोवंश वध की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस के मुताबिक फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। मुठभेड़ के संबंध में थाना सरायमीर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज है।

Tuesday, 8 September 2026

लखनऊ शिकायत लेकर थाने पहुंची शिक्षिका ने महिला दरोगा को पीटा महिला दरोगा को कई थप्पड़ मारने और वर्दी फाड़ने की कोशिश का आरोप, सरकारी काम में बाधा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा


 लखनऊ शिकायत लेकर थाने पहुंची शिक्षिका ने महिला दरोगा को पीटा


महिला दरोगा को कई थप्पड़ मारने और वर्दी फाड़ने की कोशिश का आरोप, सरकारी काम में बाधा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा


उत्तर प्रदेश, लखनऊ, महानगर थाने में शिकायत लेकर पहुंची एक शिक्षिका पर महिला दरोगा के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना पांच सितंबर की बताई जा रही है। आरोप है कि शिक्षिका ने महिला दरोगा को कई थप्पड़ मारे और उनकी वर्दी फाड़ने का प्रयास किया। थाने में मारपीट होने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने महिला दरोगा की तहरीर पर शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।


 पुलिस के अनुसार, झांसी के मऊरानीपुर निवासी दरोगा सान्या निरंजन विज्ञानपुरी चौकी की हल्का प्रभारी हैं। पांच सितंबर की दोपहर उन्हें सूचना मिली कि उन्नाव के सर्वोदय नगर निवासी शिक्षिका अंजली महानगर थाने में उनसे मिलने पहुंची हैं। अंजली पीलीभीत जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर तैनात हैं। बताया गया कि शिक्षिका ने विज्ञानपुरी क्षेत्र में किसी व्यक्ति से हुए विवाद की शिकायत महिला दरोगा से की थी।


 दरोगा के अनुसार, वह मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी कर रही थीं। इसी दौरान किसी बात को लेकर शिक्षिका भड़क गईं और महिला दरोगा के साथ हाथापाई शुरू कर दी। आरोप है कि शिक्षिका ने दरोगा को कई थप्पड़ मारे और उनकी वर्दी फाड़ने की भी कोशिश की। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर महिला दरोगा को शिक्षिका से बचाया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। वहीं, शिक्षिका ने महिला दरोगा पर शिकायत के संबंध में कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। महानगर थाने के इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्र ने बताया कि महिला दरोगा की तहरीर के आधार पर शिक्षिका के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी शिक्षिका को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

आजमगढ़ सरायमीर श्रीराम-जानकी मंदिर में चोरी का खुलासा, अंतर्जनपदीय शातिर अभियुक्ता गिरफ्तार गर्भगृह से मुकुट, नथुनी और नकदी चोरी करने का आरोप, निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद


 आजमगढ़ सरायमीर श्रीराम-जानकी मंदिर में चोरी का खुलासा, अंतर्जनपदीय शातिर अभियुक्ता गिरफ्तार


गर्भगृह से मुकुट, नथुनी और नकदी चोरी करने का आरोप, निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सरायमीर थाना क्षेत्र के नई बाजार स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक अंतर्जनपदीय शातिर अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मंदिर से चोरी किया गया चांदी का मुकुट, पीली धातु की नथुनी और 403 रुपये नकद बरामद किए हैं। 


पुलिस के अनुसार, पांच सितंबर को दोपहर करीब 2:38 से 2:45 बजे के बीच अभियुक्ता मुख्य द्वार से मंदिर में दाखिल हुई और रामदरबार व दुर्गा माता के गर्भगृह में पहुंचकर वहां रखे सामान और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। चोरी के बाद सामान को झाड़ियों में छिपा दिया गया था। घटना के संबंध में छह सितंबर को थाना सरायमीर में मुकदमा अपराध संख्या 227/2026, धारा 305(D) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने आठ सितंबर को अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद होने के बाद मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। बरामद सामान में एक सफेद धातु का चिपटा मुकुट, एक पीली धातु की नथुनी, जिसमें सफेद व काला नग लगा है, तथा 403 रुपये नकद शामिल हैं। 


पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्ता के खिलाफ जौनपुर और अंबेडकरनगर जिले के विभिन्न थानों में चोरी, चोरी के माल से संबंधित अपराध और आबकारी अधिनियम के तहत कुल सात मुकदमे पहले से दर्ज हैं। गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल धीरज मिश्रा, कांस्टेबल आलोक सिंह और महिला कांस्टेबल संजू सिंह, थाना सरायमीर शामिल रहे। पुलिस ने अभियुक्ता के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

कौशांबी थाने के गेट पर महिला सिपाही की गोली लगने से मौत पहरा ड्यूटी के दौरान चली गोली; आत्महत्या या हादसा, अभी स्पष्ट नहीं


 कौशांबी थाने के गेट पर महिला सिपाही की गोली लगने से मौत


पहरा ड्यूटी के दौरान चली गोली; आत्महत्या या हादसा, अभी स्पष्ट नहीं


उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में मंगलवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। महिला थाना के गेट पर पहरा ड्यूटी में तैनात महिला सिपाही प्रियंका यादव की गोली लगने से मौत हो गई। गोली उसके गले को चीरते हुए सिर से निकल गई। गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे साथी पुलिसकर्मियों ने उसे खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़ा देखा। आनन-फानन में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।


 घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण , डीएसपी सौरभ सामंत समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित करने के साथ ही थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है। बताया गया कि प्रियंका यादव महिला थाना में पहरा ड्यूटी पर तैनात थी। मंगलवार सुबह अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर साथी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो प्रियंका गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। उसके पास सरकारी राइफल मौजूद थी।


 डीएसपी के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि महिला आरक्षी ने खुद को गोली मारी अथवा राइफल से अचानक फायर हुआ। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटनास्थल और सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ ही ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने महिला सिपाही के कमरे की भी तलाशी ली, लेकिन वहां से फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही गोली चलने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। प्रियंका यादव ने पिछले वर्ष ही पुलिस बल में भर्ती होकर सेवा शुरू की थी। घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक का माहौल है।

आजमगढ़ रौनापार युवक को घर से घसीटकर ले गए गौशाला, कालिख पोत पेड़ से बांधा चोरी का झूठा आरोप लगाकर लात-घूंसों से पीटने का आरोप, दबंगई से बनाया जा रहा था दबाव


 आजमगढ़ रौनापार युवक को घर से घसीटकर ले गए गौशाला, कालिख पोत पेड़ से बांधा



चोरी का झूठा आरोप लगाकर लात-घूंसों से पीटने का आरोप, दबंगई से बनाया जा रहा था दबाव


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र के महुला गांव में मजदूरी मांगने को लेकर एक युवक के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने गौशाला संचालक समेत तीन लोगों पर घर से घसीटकर गौशाला ले जाने, चेहरे पर कालिख पोतकर पेड़ से बांधने और चोरी का झूठा आरोप लगाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर रौनापार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।


 महुला गांव निवासी मिथिलेश पुत्र जगन्नाथ गुप्ता के अनुसार वह करीब 30 दिन पूर्व गांव के रवी राय पुत्र स्व. श्रीप्रकाश राय की गौशाला में पशुओं की देखभाल के लिए 7,500 रुपये प्रतिमाह की मजदूरी पर काम करने लगा था। एक माह काम पूरा होने के बाद उसने 5 सितंबर 2026 को अपनी मजदूरी मांगी। आरोप है कि मजदूरी मांगने पर रवी राय ने उसे गाली-गलौज देते हुए गौशाला से भगा दिया।


 पीड़ित के मुताबिक इसके बाद वह अपने घर चला गया। आरोप है कि 6 सितंबर 2026 की सुबह करीब छह बजे रवी राय, संदीप राय पुत्र श्रीप्रकाश राय और मंजू देवी पत्नी स्व. श्रीप्रकाश राय उसके घर पहुंचे। तीनों ने दबंगई के बल पर उसे घर से बाहर निकाला और कथित तौर पर घसीटते तथा मारते हुए गौशाला तक ले गए। मिथिलेश ने तहरीर में आरोप लगाया है कि गौशाला पहुंचने के बाद आरोपियों ने उसके चेहरे पर कालिख पोत दी और उसे पेड़ से बांध दिया। इसके बाद उस पर चोरी का झूठा आरोप लगाते हुए रवी राय, संदीप राय और मंजू देवी ने मिलकर लात-घूंसों से मारपीट की। पीड़ित का यह भी आरोप है कि आरोपी दबंगई के बल पर उससे जबरन गौशाला में काम करवाना चाहते थे। घटना से परेशान पीड़ित ने 7 सितंबर 2026 को रौनापार थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित तहरीर दी और मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस के अनुसार पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

Monday, 7 September 2026

आजमगढ़ छात्रों को हिरासत में लेकर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप, सपा प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से की शिकायत अभिव्यक्ति की आजादी और विरोध प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकार बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी


 आजमगढ़ छात्रों को हिरासत में लेकर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप, सपा प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से की शिकायत



अभिव्यक्ति की आजादी और विरोध प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकार बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर छात्रों के साथ पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार और जिले में कानून-व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर शिकायत की। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि एक सितंबर 2026 को आरएसएस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार द्वारा अध्यक्षता किए जाने के विरोध में समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने 15 छात्रों को कथित रूप से गालियां देते हुए कोतवाली सदर के लॉकअप में बंद कर दिया। 


सपा नेताओं का आरोप है कि छात्रों को करीब सात घंटे तक लॉकअप में रखा गया। इस दौरान पानी मांगने के बावजूद उन्हें पानी उपलब्ध नहीं कराया गया। छात्रों की रिहाई के बाद सीओ सिटी द्वारा कथित तौर पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित एवं भयभीत किया गया तथा राजनीति से दूर रहने की बातें कही गईं। प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी के समक्ष पुलिस के इस रवैये को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है।


 पुलिस की कथित बर्बर कार्रवाई से छात्रों में आक्रोश है और अधिकारियों के इस प्रकार के व्यवहार से टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सपा नेताओं ने जिले में बढ़ते अपराध, सामंती तत्वों द्वारा पीडीए वर्ग के लोगों के कथित उत्पीड़न तथा पुलिस द्वारा शिकायतों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने थानों और तहसीलों पर कथित धन उगाही तथा दबंगों के प्रभाव में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा मनमाने तरीके से कार्य किए जाने का आरोप लगाया।


 प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा नेताओं के प्रभाव में आकर जमीनों पर जबरन कब्जा कराने का काम कर रही है। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी। 


प्रतिनिधिमंडल में सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, विधायक अखिलेश यादव, विधायक डॉ. संग्राम यादव, विधायक कमलाकांत राजभर, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव, ओम प्रकाश राय, शिवसागर यादव सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

Sunday, 6 September 2026

आजमगढ़ 4 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त, वेतन रिकवरी के निर्देश बीटीसी परीक्षा 2019 में पास, जबकि भर्ती आवेदन के लिए 22 दिसंबर 2018 तक प्रशिक्षण अभिलेख होना था अनिवार्य नोटिस का जवाब नहीं देने पर बीएसए ने नियुक्ति तिथि से सेवा शून्य घोषित की, कार्रवाई से मचा हड़कंप


 आजमगढ़ 4 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त, वेतन रिकवरी के निर्देश


बीटीसी परीक्षा 2019 में पास, जबकि भर्ती आवेदन के लिए 22 दिसंबर 2018 तक प्रशिक्षण अभिलेख होना था अनिवार्य



नोटिस का जवाब नहीं देने पर बीएसए ने नियुक्ति तिथि से सेवा शून्य घोषित की, कार्रवाई से मचा हड़कंप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में शैक्षिक प्रशिक्षण अभिलेखों को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बेसिक शिक्षाधिकारी राजीव कुमार पाठक ने जनपद के अलग-अलग विद्यालयों में तैनात चार सहायक शिक्षकों की नियुक्तियां निरस्त करते हुए उनकी सेवाएं नियुक्ति तिथि से शून्य घोषित कर दी हैं। साथ ही अब तक किए गए वेतन भुगतान की रिकवरी के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिन शिक्षकों पर कार्रवाई हुई है, उनमें शिक्षा क्षेत्र पवई के प्राथमिक विद्यालय हमीरपुर में तैनात कालिका प्रसाद राय पुत्र उपेन्द्र राय, प्राथमिक विद्यालय बसहीं अशरफपुर में सहायक अध्यापिका कल्पना पाण्डेय पुत्री रामदुलार पाण्डेय, शिक्षा क्षेत्र बिलरियागंज के प्राथमिक विद्यालय शोधनपट्टी में सहायक अध्यापक अमरेश मिश्रा पुत्र विद्या सागर मिश्रा तथा शिक्षा क्षेत्र पल्हनी के प्राथमिक विद्यालय मखदूनपुर में तैनात सहायक अध्यापिका चन्द्रलेखा पाण्डेय पुत्री रामदत्त पाण्डेय शामिल हैं।


 विभागीय जांच में सामने आया कि चारों अभ्यर्थियों ने बीटीसी द्वितीय वर्षीय पाठ्यक्रम के चतुर्थ सेमेस्टर की आंशिक परीक्षा वर्ष 2019 में उत्तीर्ण की थी। वहीं 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के लिए निर्धारित पात्रता के अनुसार अभ्यर्थी के शिक्षण-प्रशिक्षण संबंधी अभिलेख 22 दिसंबर 2018 तक उपलब्ध होना अनिवार्य था। इस आधार पर विभाग ने उनकी नियुक्ति की वैधता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की। मामला संज्ञान में आने के बाद बीएसए कार्यालय की ओर से संबंधित शिक्षकों से 5 जून 2025 और दोबारा 6 जुलाई 2026 को स्पष्टीकरण मांगा गया। विभाग के अनुसार, निर्धारित समय में चारों शिक्षकों की ओर से स्पष्टीकरण का कोई जवाब नहीं दिया गया। स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने के बाद सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के निर्देशों और हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में बीएसए ने चारों शिक्षकों की नियुक्ति को उनकी नियुक्ति तिथि से ही शून्य घोषित करते हुए निरस्त कर दिया। इसके साथ ही वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा आजमगढ़ तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि चारों शिक्षकों को अब तक किए गए वेतन भुगतान की रिकवरी की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


 बीएसए राजीव कुमार पाठक ने कहा कि जांच में मामला सामने आने के बाद संबंधित सहायक शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। मामले का परीक्षण करने के बाद चारों की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करते हुए अब तक जारी वेतन की रिकवरी के निर्देश दिए गए हैं।