Tuesday, 24 March 2026

आजमगढ़ गम्भीरपुर बोर्ड परीक्षा फर्जीवाड़ा गिरोह पर शिकंजा, 2 वांछित युवतियां गिरफ्तार साल्वर बनकर परीक्षा देने और आधार कार्ड टैम्परिंग के जरिए चल रहा था संगठित रैकेट, STF की कार्रवाई में हुआ था खुलासा

आजमगढ़ गम्भीरपुर बोर्ड परीक्षा फर्जीवाड़ा गिरोह पर शिकंजा, 2 वांछित युवतियां गिरफ्तार



साल्वर बनकर परीक्षा देने और आधार कार्ड टैम्परिंग के जरिए चल रहा था संगठित रैकेट, STF की कार्रवाई में हुआ था खुलासा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गम्भीरपुर थाना क्षेत्र में बोर्ड परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में वांछित चल रही दो अभियुक्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए STF और स्थानीय पुलिस द्वारा अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 6 मार्च 2025 को पंडित कामता प्रसाद इंटर कॉलेज, मुडहर ठेकमा में छापेमारी की गई थी।


 जांच में सामने आया था कि असली परीक्षार्थियों की जगह साल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाई जा रही थी, जिसके लिए आधार कार्ड में फोटो तक बदल दिए जाते थे। इस मामले में विद्यालय प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगे थे कि प्रति परीक्षार्थी धनराशि लेकर यह अवैध कार्य कराया जा रहा था। मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि कुछ लोग फरार हो गए थे। विवेचना के दौरान प्रियंका पाल और सीमा का नाम भी प्रकाश में आया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत गम्भीरपुर पुलिस टीम ने मंगलवार को दोनों वांछित अभियुक्ताओं—प्रियंका पाल (निवासी रायपुर, मेहनगर) और सीमा (निवासी मिल्कीपुर, सिधारी) को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ पहले से ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में गम्भीरपुर थाने की पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।

 

आजमगढ़ 24 साल पुराने हत्या मामले में 3 दोषियों को आजीवन की सजा जिला न्यायाधीश ने सुनाया फैसला, प्रत्येक पर 50 हजार जुर्माना; पीड़ित परिवार को 70% राशि देने का आदेश


 आजमगढ़ 24 साल पुराने हत्या मामले में 3 दोषियों को आजीवन की सजा



जिला न्यायाधीश ने सुनाया फैसला, प्रत्येक पर 50 हजार जुर्माना; पीड़ित परिवार को 70% राशि देने का आदेश


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हत्या के 24 साल पुराने मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने मंगलवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा मोहम्मद राफे निवासी बैरीडीह थाना देवगांव के पिता सोहराब मुकदमा में पैरवी करने के लिए अक्सर कलेक्ट्री कचहरी आजमगढ़ के पास नीलकंठ होटल में रुकते थे। सोहराब को 19 नवंबर 2002 को मुकदमे पैरवी करने के लिए इलाहाबाद जाना था। उनके साथ जाने के लिए वादी राफे ,उसके चाचा एजाज अहमद तथा इश्तियाक तड़के ही बैरीडीह से होटल पर आ गए। जब सुबह साढ़े छह बजे सब लोग होटल से निकले तो वहीं पर वादी के गांव के इम्तियाज, अलीशेर तथा नदीम आ गए। इम्तियाज के ललकारने पर नदीम और अलीशेर ने वादी के पिता सोहराब को गोली मार दी। घायल सोहराब को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मृत्यु हो गई। मामले में जांच पूरी करने के बाद अदालत में सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी तथा एडीजीसी दीपक कुमार मिश्रा ने कुल नौ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी इम्तियाज,अलीशेर तथा नदीम को सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को पचास हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने जुमार्ना की 70% राशि मृतक के पुत्र वादी मुकदमा मोहम्मद राफे को दिए जाने का भी आदेश दिया।

आजमगढ़ अहरौला विदेश भेजने के नाम पर युवक से 3.13 लाख की ठगी रूस भेजने का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा पर भेजने का आरोप


 आजमगढ़ अहरौला विदेश भेजने के नाम पर युवक से 3.13 लाख की ठगी


रूस भेजने का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा पर भेजने का आरोप


आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव निवासी कुलदीप गौड़ ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि उससे लगभग 3 लाख 13 हजार 678 रुपये की धोखाधड़ी की गई, लेकिन स्थानीय थाने में शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 


पीड़ित कुलदीप गौड़ के अनुसार, वह बेरोजगार था और नौकरी की तलाश में था। इसी दौरान अम्बेडकरनगर जनपद के बसखरी थाना क्षेत्र के महमूदपुर शाहपुर नेवरी निवासी अर्जुन प्रजापति उसके घर आया और विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने रूस की एक कंपनी का कथित नियुक्ति पत्र दिखाकर भरोसा दिलाया और वीजा व अन्य खर्च के नाम पर कुल 2 लाख 74 हजार रुपये तथा 4500 रुपये मेडिकल शुल्क मांगे। 


पीड़ित ने अपने फोन से 25 हजार रुपये, बड़े भाई रामलखन के फोन से 1 लाख 45 हजार रुपये तथा भाई के मित्र विशाल यादव द्वारा 25 सितंबर 2025 को बैंक के माध्यम से 49,999 रुपये आरोपी को भेजे। इसके बाद आरोपी ने उसे रूस भेज दिया, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि उसे टूरिस्ट वीजा पर भेजा गया है और नौकरी की कोई व्यवस्था नहीं है। विदेश में फंसे पीड़ित को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक अन्य व्यक्ति की मदद से वह कुछ दिन तक रुका और फिर परिवार को सूचना दी। परिजनों ने 34,278 रुपये की व्यवस्था कर उसका वापसी टिकट कराया, जिसके बाद वह किसी तरह अपने घर लौट सका। पीड़ित का आरोप है कि उसने इस संबंध में अहरौला थाने पर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने पुलिस अधीक्षक से मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।