Wednesday, 29 April 2026

मेरठ दारोगा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार 10 हजार के लालच में नौकरी और शादी दोनों पर लगा ग्रहण कैबिनेट मंत्री के परिवार से तय रिश्ता टूटा, करियर पर भी संकट


 मेरठ दारोगा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार


10 हजार के लालच में नौकरी और शादी दोनों पर लगा ग्रहण


कैबिनेट मंत्री के परिवार से तय रिश्ता टूटा, करियर पर भी संकट



उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पल्लवपुरम थाने में तैनात 2023 बैच के दारोगा छत्रपाल सिंह को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद न सिर्फ उनकी नौकरी पर संकट मंडरा रहा है, बल्कि एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार में तय उनकी शादी भी टूट गई है। मामले की शुरुआत 17 नवंबर 2025 से हुई, जब पल्लवपुरम पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच दारोगा छत्रपाल सिंह को सौंपी गई थी। 


आरोप है कि एक आरोपी की पत्नी का नाम केस से हटाने के बदले दारोगा ने पहले एक लाख रुपये लिए, लेकिन राहत नहीं दी। इसके बाद उन्होंने 50 हजार रुपये की और मांग की, जो बाद में 10 हजार रुपये पर तय हुई। पीड़ित ने एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की, जिसके बाद 25 अप्रैल 2026 को इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने थाने के अंदर ही जाल बिछाया। जैसे ही दारोगा ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इस घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। गिरफ्तारी का असर उनके निजी जीवन पर भी पड़ा। बरेली के मीरगंज निवासी दारोगा का रिश्ता प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और आंवला विधायक धर्मपाल सिंह के परिवार में तय हुआ था। 5 मई को शादी होनी थी, लेकिन रिश्वतखोरी के खुलासे के बाद मंत्री के परिवार ने तुरंत रिश्ता तोड़ दिया। फिलहाल आरोपी दारोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटी सी लालच किस तरह किसी का करियर और व्यक्तिगत जीवन दोनों बर्बाद कर सकती है।