Monday, 8 June 2026

आजमगढ़ बरदह 3 लाख की लूट का पुलिस ने किया खुलासा, अंतरजनपदीय शातिर गिरफ्तार फेस रिकग्निशन, सीसीटीवी विश्लेषण और तकनीकी जांच से पुलिस ने बरामद किए ₹2.56 लाख, तमंचा व घटना में प्रयुक्त बाइक


 आजमगढ़ बरदह 3 लाख की लूट का पुलिस ने किया खुलासा, अंतरजनपदीय शातिर गिरफ्तार



फेस रिकग्निशन, सीसीटीवी विश्लेषण और तकनीकी जांच से पुलिस ने बरामद किए ₹2.56 लाख, तमंचा व घटना में प्रयुक्त बाइक


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस की आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग का एक और सफल उदाहरण सामने आया है। थाना बरदह पुलिस ने यक्ष (YAKSH) ऐप, फेस रिकग्निशन तकनीक, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण और मानवीय सूचना के समन्वित उपयोग से 3.22 लाख रुपये की झपटमारी की घटना का सफल अनावरण करते हुए एक अंतरजनपदीय शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से झपटी गई धनराशि में से 2.56 लाख रुपये नगद, एक अवैध तमंचा, कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। 


पुलिस के अनुसार, 2 जून 2026 को राजपति यादव निवासी खैरपुर जगजीवन, थाना रानी की सराय ने थाना बरदह में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह जौनपुर स्थित देशी शराब की दुकान पर सेल्समैन के रूप में कार्य करता है। 1 जून को शराब बिक्री की 3,22,060 रुपये की धनराशि लेकर आजमगढ़ जा रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात युवक ने स्वयं को आजमगढ़ जाने वाला बताकर उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। ठेकमा बाजार से आगे भगवानपुर नहर पुलिया के पास आरोपी ने बहाने से रुपयों से भरा बैग अपने कब्जे में लिया और मौका पाकर फरार हो गया। 


घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। यक्ष ऐप के माध्यम से सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध के फोटो, फेस रिकग्निशन और अन्य तकनीकी इनपुट का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान संदिग्ध की पहचान जौनपुर जनपद के चंदवक थाना क्षेत्र निवासी राजेश चौहान के रूप में हुई। सोमवार को मुखबिर की सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने शंकरपुर -हरिश्चंद्रपुर पुलिया क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने झपटमारी की घटना को स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 2.56 लाख रुपये नगद, एक देशी तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त होंडा यूनिकॉर्न मोटरसाइकिल बरामद हुई है। आरोपी के खिलाफ बरदह थाने में झपटमारी और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यक्ष ऐप ने आरोपी की पहचान स्थापित करने और जांच को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीक-सक्षम और परिणामोन्मुख पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उत्तर प्रदेश के 33 पीसीएस अधिकारियों को मिलेगा आईएएस प्रमोशन 2010 और 2011 बैच के अधिकारियों का रास्ता साफ, रिक्त पदों के चलते 2012 बैच के अफसरों को भी मिल सकता है मौका


 उत्तर प्रदेश के 33 पीसीएस अधिकारियों को मिलेगा आईएएस प्रमोशन


2010 और 2011 बैच के अधिकारियों का रास्ता साफ, रिक्त पदों के चलते 2012 बैच के अफसरों को भी मिल सकता है मौका



लखनऊ, उत्तर प्रदेश के 33 पीसीएस अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। चयन वर्ष 2025 के लिए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को आईएएस पदोन्नति कोटे के 33 पद आवंटित किए हैं। इन पदों पर पदोन्नति के लिए 10 जून को नई दिल्ली में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित होगी। डीपीसी में वर्ष 2010, 2011 और 2012 बैच के पीसीएस अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। नियुक्ति विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं तथा संभावित अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां (एसीआर) और सेवा अभिलेख जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।


 पदोन्नति के लिए आवंटित 33 पदों के कारण वर्ष 2010 और 2011 बैच के अधिकारियों के आईएएस बनने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। वर्ष 2010 बैच में आठ तथा वर्ष 2011 बैच में 21 अधिकारी हैं। दोनों बैचों के अधिकारियों की कुल संख्या 29 होने के कारण चार पद रिक्त बचते हैं। ऐसी स्थिति में वर्ष 2012 बैच के कुछ पीसीएस अधिकारियों को भी आईएएस पदोन्नति का अवसर मिलने की संभावना बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें 10 जून को होने वाली डीपीसी बैठक पर टिकी हैं, जिसके बाद पदोन्नति की अंतिम सूची जारी की जाएगी।