आजमगढ़ दीदारगंज वन स्टॉप सेंटर में युवती की आत्महत्या मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू
10 अगस्त तक साक्ष्य व बयान प्रस्तुत करने के लिए आमजन से अपील
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे वन स्टॉप सेंटर में आवासित एक युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है। उप जिला मजिस्ट्रेट सदर अविनाश कुमार गौतम ने बताया कि 7 जुलाई 2026 को सुबह करीब 5:49 बजे वन स्टॉप सेंटर में रह रही नैना, पुत्री राजमन, निवासी फत्तेपुर थाना दीदारगंज ने परिसर स्थित शौचालय में एक्जॉस्ट फैन से दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पीड़िता को बाल कल्याण समिति के आदेश पर 5 जुलाई 2026 को अस्थायी रूप से वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए महिला कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश के निदेशक के अनुरोध पर जिला मजिस्ट्रेट के आदेश से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 196 के तहत उप जिला मजिस्ट्रेट सदर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। इसके अनुपालन में मामले की मजिस्ट्रियल जांच की जा रही है।
उप जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि यदि इस घटना के संबंध में किसी व्यक्ति के पास कोई जानकारी, साक्ष्य अथवा बयान है तो वह किसी भी कार्य दिवस में 10 अगस्त 2026 की सायं 5 बजे तक उप जिला मजिस्ट्रेट सदर के न्यायालय अथवा कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है। प्रस्तुत किए गए सभी साक्ष्यों और बयानों को जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
