Friday, 5 June 2026

आजमगढ़ जीयनपुर 5 जिलों में फर्जी जमानत का बड़ा खेल उजागर 18 अभियुक्तों की जमानत कराने वाला आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मोहरें और आधार कार्ड बरामद

आजमगढ़ जीयनपुर 5 जिलों में फर्जी जमानत का बड़ा खेल उजागर


18 अभियुक्तों की जमानत कराने वाला आरोपी गिरफ्तार


फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मोहरें और आधार कार्ड बरामद



उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जनपद में गंभीर आपराधिक मामलों में बंद अभियुक्तों की फर्जी जमानत कराने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी पहचान पत्रों के सहारे पांच जनपदों में कुल 18 अभियुक्तों की जमानत कराई थी। उसके कब्जे से विभिन्न मोहरें, आधार कार्ड और अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।


 पुलिस के मुताबिक 30 मई 2026 को चौकी प्रभारी कचहरी, थाना कोतवाली नगर द्वारा सूचना दी गई थी कि कुछ तथाकथित जमानतदार आर्थिक लाभ के उद्देश्य से हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध अभियुक्तों की जमानत फर्जी अभिलेखों के आधार पर करा रहे हैं। जांच के दौरान एक ही व्यक्ति द्वारा कई अभियुक्तों की जमानत एक ही दस्तावेज के आधार पर कराए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद थाना कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना जीयनपुर पुलिस ने मामले में वांछित अभियुक्त दयाराम पुत्र जानकी प्रसाद निवासी रामपुर कला, थाना कोतवाली टांडा, जनपद अंबेडकरनगर को 3 जून की रात जमसर स्थित रॉयल स्टार ढाबा के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और विवेचना में खुलासा हुआ कि दयाराम ने अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा और गोरखपुर जनपदों में कुल 18 अभियुक्तों की फर्जी जमानत कराई थी। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी के पास से आठ विभिन्न मोहरें, एक इंक पैड, चार खतौनी की प्रतियां, आठ आधार कार्ड, एक आधार कार्ड की छायाप्रति तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

 

आजमगढ़ 2 कोटेदारों पर कालाबाजारी का मुकदमा, लाखों रुपये का खाद्यान्न गबन उजागर डीएम के निर्देश पर जांच में अनियमितता मिली; आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई


 आजमगढ़ 2 कोटेदारों पर कालाबाजारी का मुकदमा, लाखों रुपये का खाद्यान्न गबन उजागर


डीएम के निर्देश पर जांच में अनियमितता मिली; आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीबों को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में दो उचित दर विक्रेताओं द्वारा सरकारी खाद्यान्न और चीनी की कालाबाजारी किए जाने का मामला सामने आया है। दोनों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार विकास खंड अहिरौला की ग्राम पंचायत भटौली के उचित दर विक्रेता रामप्रीत यादव की दुकान की जांच पूर्ति निरीक्षक अहिरौला द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को नि:शुल्क वितरण के लिए आवंटित 20.94 क्विंटल गेहूं तथा 63.51 क्विंटल चावल की कालाबाजारी कर दी गई। मामले में जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद थाना अहिरौला में रामप्रीत यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। 


इसी प्रकार विकास खंड एवं तहसील मेंहनगर के ग्राम पंचायत पलिया सोफिगंज के उचित दर विक्रेता कल्पनाथ राजभर की दुकान की जांच में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान 16.73 क्विंटल गेहूं, 57.38 क्विंटल चावल तथा 9 किलोग्राम चीनी का स्टॉक अभिलेखों के अनुरूप नहीं मिला। आरोप है कि उक्त खाद्यान्न और चीनी की स्वहित में कालाबाजारी की गई, जो उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण के नियंत्रण का विनियमन) आदेश-2016 का स्पष्ट उल्लंघन है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के अनुपालन में पूर्ति निरीक्षक मेंहनगर द्वारा थाना मेंहनगर में कल्पनाथ राजभर के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।