Saturday, 6 June 2026

आजमगढ़ लेखपाल को 6 वर्ष के कठोर कारावास की सजा भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में कोर्ट का फैसला

आजमगढ़ लेखपाल को 6 वर्ष के कठोर कारावास की सजा



भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में कोर्ट का फैसला


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को छह वर्ष के कठोर कारावास व तीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर एक अजय कुमार शाही ने शनिवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण यूनिट गोरखपुर यूनिट को सूचना मिली कि लालगंज तहसील के लेखपाल भूमि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। इस सूचना पर इंस्पेक्टर एन पी गौड़ ने 12 दिसंबर 2013 को राजस्व लेखपाल मनपूजन चौहान निवासी बड़ागाव बहादुरपुर थाना देवगाव को पांच सौ रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह मुकदमा बरदह थाने में दर्ज किया गया। जांच पूरी करने के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लेखपाल के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल पांच गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मनपूजन चौहान (राजस्व लेखपाल) को छह वर्ष के कठोर कारावास व तीस हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

 

आजमगढ़ गम्भीरपुर 2 सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली 24 घंटे के भीतर की कार्रवाई, आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद


 आजमगढ़ गम्भीरपुर 2 सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली



24 घंटे के भीतर की कार्रवाई, आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना गम्भीरपुर क्षेत्र में दो सगी नाबालिग बहनों के साथ दुष्कर्म के आरोप में वांछित अभियुक्त को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, 5 जून 2026 को पीड़िताओं की मां ने थाना गम्भीरपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव निवासी मोहम्मद जाहिद उर्फ रुस्तम ने उनकी दो नाबालिग बेटियों को बहला-फुसलाकर तथा डराकर अपने बाग में बने ट्यूबवेल कक्ष में ले जाकर दुष्कर्म किया। साथ ही घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की संबंधित धाराओ के तहत मुकदमा दर्ज किया।


 मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस टीम को सूचना मिली कि आरोपी मोटरसाइकिल से अपने घर की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर जहांनिया मोड़ के पास घेराबंदी की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया और फिसलकर गिरने के बाद अवैध तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद फायरिंग जारी रखने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मोहम्मद जाहिद उर्फ रुस्तम (45 वर्ष) निवासी बैराडीह उर्फ गम्भीरपुर, थाना गम्भीरपुर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध देशी तमंचा .315 बोर, दो खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामदगी के आधार पर आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट और बीएनएस की अन्य धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।

लखनऊ,नाबालिग लड़कियों की तस्करी का बड़ा खुलासा रंग-रूप और लंबाई के हिसाब से तय होते थे रेट यूपी से लड़कियों को राजस्थान भेजकर 5 से 7 लाख रुपये में बेचता था गिरोह


 लखनऊ,नाबालिग लड़कियों की तस्करी का बड़ा खुलासा



रंग-रूप और लंबाई के हिसाब से तय होते थे रेट


यूपी से लड़कियों को राजस्थान भेजकर 5 से 7 लाख रुपये में बेचता था गिरोह



लखनऊ, उत्तर प्रदेश से नाबालिग लड़कियों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मोहनलालगंज पुलिस की जांच में सामने आया है कि राजस्थान के कोटा स्थित एक गिरोह लड़कियों के रंग-रूप और लंबाई के आधार पर उनकी कीमत तय करता था। मामले में गिरफ्तार रायबरेली के मिल एरिया निवासी प्रिया गिरोह की सरगना सोनम और उसके पति को मोबाइल पर लड़कियों की तस्वीरें भेजती थी, जिसके बाद सौदे की रकम तय की जाती थी।


 पुलिस जांच के अनुसार, पसंद आने वाली लड़कियों का सौदा डेढ़ से दो लाख रुपये में किया जाता था। इसके बाद उन्हें राजस्थान भेज दिया जाता था, जहां गिरोह की सरगना सोनम उन्हीं लड़कियों को पांच से सात लाख रुपये तक में बेच देती थी। सोनम वर्तमान में राजस्थान के कोटा जिले के बम्बौरी क्षेत्र में रहती है और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन करती थी। तफ्तीश में यह भी सामने आया है कि गिरोह रायबरेली, सुल्तानपुर और लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय था। 


आरोपी नट बिरादरी, गरीब परिवारों, भीख मांगने वाले परिवारों तथा अनाथ लड़कियों को निशाना बनाते थे। प्रिया ने रायबरेली के मिल एरिया से अपना नेटवर्क संचालित करते हुए कई जिलों तक इसकी पहुंच बना रखी थी। पुलिस के मुताबिक, गिरोह अब तक 10 से 12 लड़कियों की खरीद-फरोख्त कर चुका है। मोहनलालगंज क्षेत्र की दो किशोरियों की बरामदगी के बाद पुलिस अन्य पीड़ित लड़कियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि लड़कियों की खरीद-फरोख्त मुख्य रूप से शादी के नाम पर की जाती थी, हालांकि अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। प्रिया के मोबाइल फोन से पुलिस को गिरोह से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।


 एसीपी मोहनलालगंज ने बताया कि आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम राजस्थान के कोटा भेजी गई है और जल्द ही गिरोह की सरगना समेत अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की जाएगी। इंस्पेक्टर मोहनलालगंज ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गिरोह की सरगना सोनम मूल रूप से बिहार की रहने वाली है। वह अपने पति भूपेंद्र के साथ मिलकर कोटा से पूरे नेटवर्क का संचालन करती थी। गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, राजस्थान और पंजाब तक फैला हुआ है। पुलिस को मिले नए सुरागों के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।