Thursday, 23 July 2026

आजमगढ़ फूलपुर तांत्रिक बनकर 2 बहनों से दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर लंबे समय तक शोषण का आरोप


 आजमगढ़ फूलपुर तांत्रिक बनकर 2 बहनों से दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार



झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर लंबे समय तक शोषण का आरोप


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे फूलपुर थाना क्षेत्र में झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर दो सगी बहनों के साथ दुष्कर्म तथा तीसरी बहन से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि वह खुद को तांत्रिक बताकर वर्षों से पीड़ित परिवार के संपर्क में था और अंधविश्वास का फायदा उठाकर बहनों का शारीरिक शोषण करता रहा।


 पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को पीड़िता ने थाना फूलपुर में तहरीर देकर बताया कि गहनी खुर्द निवासी महफूज पुत्र अबूबकर पिछले चार-पांच वर्षों से उनके घर आता-जाता था। घटना के दिन उसने मंत्र-जाप के बहाने पीड़िता के माता-पिता को घर के बाहर बैठा दिया और अंदर झाड़-फूंक के दौरान उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद पीड़िता की दो सगी बहनों ने भी आरोप लगाया कि आरोपी ने तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक के नाम पर उन्हें डरा-धमकाकर लंबे समय तक दुष्कर्म किया। विरोध करने या किसी को बताने पर तांत्रिक विद्या से जान से मारने की धमकी भी देता था। इस मामले में थाना फूलपुर पर मुकदमा अपराध संख्या 232/2026 संबंधित धारा के तहत दर्ज किया गया है।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत फूलपुर पुलिस ने आरोपी महफूज (40) पुत्र अबूबकर, निवासी गहनी खुर्द, थाना फूलपुर को 22 जुलाई की रात करीब 11:26 बजे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार वर्मा और कांस्टेबल गौरव यादव शामिल रहे।

आजमगढ़ सरायमीर, नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास पॉक्सो कोर्ट ने एक लाख छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, साक्ष्य के अभाव में सह-आरोपी बरी


 आजमगढ़ सरायमीर, नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास



पॉक्सो कोर्ट ने एक लाख छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, साक्ष्य के अभाव में सह-आरोपी बरी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के बाद हत्या के चर्चित मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास और एक लाख छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सह-आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया। यह फैसला पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी ने गुरुवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार 11 फरवरी 2021 को सरायमीर थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय किशोरी अपनी मां के कहने पर रिश्ते के चाचा जितेंद्र यादव उर्फ जित्तू के साथ घर गई थी। जब वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश की और बाद में जितेंद्र के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर दूसरे दिन गांव के एक कुएं से किशोरी का शव बरामद हुआ। मामले में प्रांजल यादव निवासी असई मोलनापुर, थाना दीदारगंज को भी गिरफ्तार किया गया था।


 विवेचना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा और दौलत यादव ने 10 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जितेंद्र यादव उर्फ जित्तू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और एक लाख छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि प्रांजल यादव को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

आजमगढ़ निजामाबाद सपा विधायक आलम बदी आज़मी का निधन लंबी बीमारी के बाद मातबरगंज स्थित आवास पर हुआ निधन, राजनीतिक व सामाजिक जगत में शोक की लहर

आजमगढ़ निजामाबाद सपा विधायक आलम बदी आज़मी का निधन



लंबी बीमारी के बाद मातबरगंज स्थित आवास पर हुआ निधन, राजनीतिक व सामाजिक जगत में शोक की लहर


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलम बदी आज़मी का बुधवार देर रात लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने शहर के मातबरगंज स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह 92 वर्ष के थे।


 आलम बदी आज़मी के निधन की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वरिष्ठ नेता के रूप में आलम बदी आज़मी का राजनीतिक और सामाजिक जीवन लंबे समय तक जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उनके निधन को आजमगढ़ की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

 

आजमगढ़ दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं का आंदोलन, गिरिजाघर चौराहे पर किया चक्का जाम न्यायिक कार्य का बहिष्कार, पुलिस अधिकारियों के समझाने पर खत्म हुआ जाम 7 वर्ष या अधिक सजा वाले मामलों में प्रैक्टिस पर रोक संबंधी आदेश का किया विरोध


 आजमगढ़ दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं का आंदोलन, गिरिजाघर चौराहे पर किया चक्का जाम


न्यायिक कार्य का बहिष्कार, पुलिस अधिकारियों के समझाने पर खत्म हुआ जाम


7 वर्ष या अधिक सजा वाले मामलों में प्रैक्टिस पर रोक संबंधी आदेश का किया विरोध



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया आदेश के विरोध में दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं का आंदोलन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने पूरे दिन न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए गिरिजाघर चौराहे पर चक्का जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और पुलिस प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। चक्का जाम की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, एसपी ट्रैफिक पंकज श्रीवास्तव, सीओ सिटी शुभम तोड़ी तथा शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह से वार्ता की। वार्ता के बाद अधिवक्ताओं ने चक्का जाम समाप्त कर दिया और दीवानी न्यायालय परिसर लौट गए।


 इसके बाद दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ की साधारण सभा की बैठक अध्यक्ष प्रभाकर सिंह की अध्यक्षता में हुई, जबकि संचालन मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित ने किया। बैठक में अधिवक्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश का विरोध जताया, जिसमें सात वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले मामलों में एफआईआर दर्ज होने पर अधिवक्ता की प्रैक्टिस पर रोक लगाने का उल्लेख है। अधिवक्ताओं ने इसे अपने पेशेवर अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस पर व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता है।


 बैठक में अधिवक्ता चंदन यादव के प्रकरण पर भी चर्चा की गई और सर्वसम्मति से पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय दोहराया गया। प्रदर्शन में अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह, मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित, पूर्व अध्यक्ष सूबेदार यादव, वीरेंद्र यादव, रामदरश यादव, मुखराम यादव, जितेंद्र यादव, कृष्ण कुमार पांडेय, शशिकांत पांडेय, अशोक कुमार पांडेय, बेलाल अहमद बेग, जनार्दन एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद चक्का जाम समाप्त हो गया और यातायात सामान्य हो गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।