Wednesday, 2 September 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर नहर में पैर फिसलने से गहरे पानी में डूबा युवक पानी का बहाव तेज होने से रातभर नहीं मिल सका शव, सुबह पानी कम होने पर हुआ बरामद


 आजमगढ़ गंभीरपुर नहर में पैर फिसलने से गहरे पानी में डूबा युवक


पानी का बहाव तेज होने से रातभर नहीं मिल सका शव, सुबह पानी कम होने पर हुआ बरामद



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर बाज बहादुर गांव निवासी 30 वर्षीय सूरज राम पुत्र राजाराम मंगलवार शाम शारदा सहायक खंड-23 नहर में डूब गया। बुधवार सुबह नहर का पानी कम होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल के पास से उसका शव बरामद किया। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। 


जानकारी के अनुसार, सूरज राम मंगलवार शाम करीब सात बजे शौच के लिए गांव के उत्तरी छोर पर स्थित शारदा सहायक खंड-23 नहर के किनारे गया था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। कुछ दूरी पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और उसे बचाने के लिए नहर में कूदे, लेकिन नहर की गहराई और तेज बहाव के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। 


घटना की सूचना स्थानीय पुलिस चौकी गोसाई की बाजार को दी गई। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी आशीष तिवारी और वीरेंद्र कुमार यादव हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पूरी रात नहर में युवक की तलाश की, लेकिन अधिक पानी और तेज बहाव के चलते सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर नहर का पानी बंद कराया। बुधवार सुबह पानी का स्तर कम होने पर पुलिस और ग्रामीणों ने दोबारा तलाश शुरू की। करीब नौ बजे घटनास्थल के पास ही सूरज का शव बरामद हो गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूरज तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। वह पेंटिंग का काम करके परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब दो वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी और उसकी एक वर्ष की बेटी भी है। सूरज की मौत से पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।

आजमगढ़ फूलपुर बारिश से सरकारी भवनों के आसपास जलभराव, बढ़ी लोगों की मुश्किलें तहसील के ग्रामीण न्यायालय के सामने जमा पानी, वादकारियों और अधिवक्ताओं को परेशानी ऊदपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी भरा पानी, ग्रामीण इलाकों में कीचड़ और गंदगी से बढ़ी दिक्कत


 आजमगढ़ फूलपुर बारिश से सरकारी भवनों के आसपास जलभराव, बढ़ी लोगों की मुश्किलें


तहसील के ग्रामीण न्यायालय के सामने जमा पानी, वादकारियों और अधिवक्ताओं को परेशानी


ऊदपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी भरा पानी, ग्रामीण इलाकों में कीचड़ और गंदगी से बढ़ी दिक्कत


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण फूलपुर तहसील मुख्यालय से लेकर विद्युत उपकेंद्र और ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। सरकारी भवनों के आसपास पानी जमा होने से कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ ही विभिन्न कार्यों से कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फूलपुर तहसील मुख्यालय स्थित ग्रामीण न्यायालय के सामने बारिश का पानी कई दिनों से जमा है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी के साथ गंदगी भी फैलने लगी है। जलभराव के बीच ग्रामीण न्यायालय आने-जाने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं और अन्य लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।


 स्थानीय लोगों का कहना है कि न्यायालय के सामने जलनिकासी की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में हर वर्ष ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। ऊदपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी बारिश का पानी जमा होने से कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। परिसर में जलभराव के कारण विभागीय कर्मचारियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। विभिन्न कार्यों से उपकेंद्र पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलभराव के कारण विद्युत उपकरणों और कार्यालय परिसर की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।


 बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। कई गांवों की सड़क और गलियों में पानी बह रहा है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव के कारण ग्रामीणों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। जगह-जगह पानी जमा होने से कीचड़ और गंदगी की समस्या भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से सरकारी भवनों के आसपास और ग्रामीण क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते जलभराव की समस्या का समाधान किया जाए, ताकि बारिश के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।

बदायूं , बंद शराब की दुकान के बाहर भिड़े पुलिसकर्मी, हेड कांस्टेबल और PAC के दो जवानों में जमकर मारपीट शराब लेने को लेकर शुरू हुआ विवाद सड़क तक पहुंचा, लात-घूंसे चलने से मची अफरा-तफरी मारपीट का वीडियो वायरल होते ही कार्रवाई, हेड कांस्टेबल निलंबित; PAC जवानों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट


 बदायूं , बंद शराब की दुकान के बाहर भिड़े पुलिसकर्मी, हेड कांस्टेबल और PAC के दो जवानों में जमकर मारपीट


शराब लेने को लेकर शुरू हुआ विवाद सड़क तक पहुंचा, लात-घूंसे चलने से मची अफरा-तफरी


मारपीट का वीडियो वायरल होते ही कार्रवाई, हेड कांस्टेबल निलंबित; PAC जवानों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट


उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की नवादा पुलिस चौकी के पास सोमवार देर रात बंद शराब की दुकान के बाहर पुलिसकर्मियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। शराब लेने को लेकर हुए विवाद में डायल-112 में तैनात हेड कांस्टेबल धीरेंद्र और पीएसी के दो जवान लवली व रमन आपस में भिड़ गए। मारपीट के दौरान सड़क पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति रही और यातायात भी प्रभावित हुआ। घटना का करीब पांच मिनट का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में रात करीब 11:18 से 11:23 बजे के बीच पुलिसकर्मियों के बीच पहले कहासुनी और फिर गाली-गलौज होती दिखाई दे रही है। कुछ ही देर में विवाद मारपीट में बदल जाता है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगते हैं। मौके पर मौजूद लोग बीच-बचाव का प्रयास करते नजर आते हैं। 


बताया गया कि सोमवार रात शराब की दुकान बंद होने के बाद हेड कांस्टेबल धीरेंद्र तथा पीएसी के जवान लवली और रमन वहां शराब लेने पहुंचे थे। पहले शराब लेने को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि तीनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। मारपीट करते हुए पुलिसकर्मी सड़क तक पहुंच गए, जिससे वहां कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच के आधार पर डायल-112 में तैनात हेड कांस्टेबल धीरेंद्र को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पीएसी की नौवीं बटालियन मुरादाबाद में तैनात लवली और रमन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पीएसी मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है। 


एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर हेड कांस्टेबल धीरेंद्र को निलंबित किया गया है। पीएसी के दोनों जवानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। मामले की जांच जारी है।