Wednesday, 23 September 2026

आजमगढ़ अहरौला पूजा के विवाद में 5 मौतें... क्या शंभूपुर गोलीकांड के पीछे है यह एंगल? पंडितों से आधार कार्ड मांगने से लेकर मासूम को भी गोली मारने जैसा कदम....संकेत क्या?


 आजमगढ़ अहरौला पूजा के विवाद में 5 मौतें... क्या शंभूपुर गोलीकांड के पीछे है यह एंगल?



पंडितों से आधार कार्ड मांगने से लेकर मासूम को भी गोली मारने जैसा कदम....संकेत क्या?


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद देर रात ऐसी खूनी वारदात में बदल गया, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। पत्नी बबीता और पूजा कराने आए दो पंडितों की गोली मारकर हत्या के बाद अरविंद सिंह बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया। पुलिस के अनुसार, कमरे से बाहर निकालने के प्रयास के दौरान उसने अपने एक बच्चे को भी गोली मार दी। बच्चे की सुरक्षा के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपी और घायल बच्चे की भी मौत हो गई। इस तरह घटना में कुल पांच लोगों की जान चली गई। इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे की असली वजह अब सबसे बड़ा सवाल बन गई है। प्रारंभिक तौर पर पूजा को लेकर विवाद और पंडितों से कहासुनी की बात सामने आई है। हालांकि, घटना की परिस्थितियां सामने आने के बाद पुलिस के लिए पारिवारिक और वैवाहिक विवाद समेत ऑनर किलिंग के संभावित एंगल की जांच भी अहम हो गई है। फिलहाल पुलिस ने ऑनर किलिंग की पुष्टि नहीं की है और इस पहलू पर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।


 बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम अरविंद बाजार से घर पहुंचा तो वहां पूजा चल रही थी। पूजा कराने के लिए पंडित मौजूद थे। घर में उसकी पत्नी बबीता और बच्चे भी थे। पूजा देखकर अरविंद ने पंडितों से जानकारी ली और उनसे आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। कहासुनी बढ़ने के बाद आरोप है कि अरविंद ने घर में रखे हथियार से फायरिंग कर दी। फायरिंग में उसकी पत्नी बबीता और दो पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई। मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित के शामिल होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। घटना के दौरान राइफल से भी फायरिंग किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन हथियारों और गोलियों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। तीन हत्याओं के बाद अरविंद बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया। 


सूचना पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस के सामने चुनौती केवल आरोपी को पकड़ना नहीं, बल्कि कमरे में मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना भी थी। पुलिस टीम ने आरोपी को समझाने और आत्मसमर्पण के लिए बाहर आने को कहा। पुलिस के अनुसार, काफी प्रयास के बावजूद अरविंद बाहर नहीं आया और उसने अपने एक मासूम बच्चे को गोली मार दी। बच्चे की जान खतरे में देख पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान अरविंद गोली लगने से घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को पुलिस ने सकुशल बाहर निकाल लिया। घटना के बाद अब जांच का दायरा केवल पूजा के दौरान हुए विवाद तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अरविंद और उसकी पत्नी के बीच पहले से कोई पारिवारिक या वैवाहिक विवाद था या नहीं। घटना से पहले घर में क्या परिस्थितियां थीं, पूजा किस उद्देश्य से कराई जा रही थी, पंडितों को किसने बुलाया था और अरविंद के पंडितों से आधार कार्ड मांगने के पीछे क्या वजह थी—इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। ऑनर किलिंग का सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है कि पहली फायरिंग में अरविंद की पत्नी समेत पूजा कराने आए लोगों को निशाना बनाया गया। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि हत्या का कारण सम्मान या पारिवारिक प्रतिष्ठा से जुड़ा कोई विवाद था। इस एंगल की पुष्टि के लिए पुलिस को परिवार के रिश्तों, पुराने विवादों, मोबाइल फोन, बातचीत और अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी। 


अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसओजी और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से हथियार और फायरिंग से जुड़े अन्य साक्ष्य संकलित किए हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस की पूछताछ से यह स्पष्ट होगा कि शंभूपुर की इस खूनी वारदात की असली वजह क्या थी। पूजा के विवाद से शुरू हुई घटना के पीछे कहीं कोई पुराना पारिवारिक राज तो नहीं था—यह सवाल फिलहाल जांच के केंद्र में है।


https://www.news9up.com/2026/09/3_01129197093.html


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आजमगढ़ अहरौला 5 मौतों से हिला जनपद, पूजा से शुरू हुआ विवाद बना खूनी कांड 2 बच्चों की जान बचाने में सफल रही पुलिस, रात भर मौके पर डटे रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

आजमगढ़ अहरौला 5 मौतों से हिला जनपद, पूजा से शुरू हुआ विवाद बना खूनी कांड



2 बच्चों की जान बचाने में सफल रही पुलिस, रात भर मौके पर डटे रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद देर रात बेहद गंभीर घटनाक्रम में बदल गया। पुलिस के अनुसार, अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी बबीता और पूजा कराने आए दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी बच्चों के साथ कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने उसे बच्चों सहित बाहर निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपी ने अपने एक बच्चे को गोली मार दी। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम अरविंद सिंह के घर में पूजा चल रही थी। पूजा कराने के लिए चार पंडित मौजूद थे। घर में अरविंद की पत्नी बबीता और बच्चे भी थे। शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचा। पूजा होते देखकर उसने पंडितों से जानकारी ली और उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर अरविंद और पंडितों के बीच बहस होने लगी। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर अरविंद ने घर में रखी पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दो पंडित घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई।


 मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित के शामिल होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी में राइफल से भी गोली चलाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि फायरिंग में किन-किन हथियारों का इस्तेमाल हुआ और कितनी गोलियां चलीं, इसकी पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद होगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की। अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, नवीन अरोड़ा के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण किया। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ एसओजी और फॉरेंसिक टीम को भी लगाया गया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी को उसके बच्चों सहित कमरे से सुरक्षित बाहर निकालने की थी। पुलिस टीम ने आरोपी को समझाने और बाहर आने के लिए चेतावनी देने का प्रयास किया।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, पुलिस ने आरोपी अरविंद को बच्चों सहित कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया। पर्याप्त चेतावनी दिए जाने के बावजूद आरोपी ने अपने एक बच्चे को गोली मार दी। बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इसमें आरोपी अरविंद घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, उपचार के दौरान आरोपी अरविंद और उसके घायल बच्चे की मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को सकुशल सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद शंभूपुर गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल की घेराबंदी कर फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए। एसओजी टीम और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फायरिंग से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित करना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। पूरे घटनाक्रम में पहले अरविंद की पत्नी बबीता और दो पंडितों की गोली लगने से मौत हुई। इसके बाद आरोपी की फायरिंग में एक बच्चा घायल हुआ। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हुआ। अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपी और उसके घायल बच्चे की भी मौत हो गई। इस तरह घटनाक्रम में कुल पांच लोगों की मौत हुई है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस बल मौके पर मौजूद है। एसओजी और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य संकलन में जुटी हैं। पुलिस के अनुसार, घटना के वास्तविक कारण, फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों, गोलियों की संख्या और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत स्थिति फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

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