Friday, 16 October 2026

आजमगढ़ मेंहनगर प्रेमिका से मिलने आए युवक की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस


 आजमगढ़ मेंहनगर प्रेमिका से मिलने आए युवक की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत


हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर थाना क्षेत्र के सिधारी गांव में प्रेमिका से मिलने आए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने युवती और उसकी दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। युवक की मौत हत्या है या आत्महत्या, पुलिस इसकी जांच में जुटी है। जहानागंज थाना क्षेत्र के धरमपुर गांव निवासी दीपक राम (26) का सिधारी गांव निवासी एक युवती से इंस्टाग्राम के जरिये प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती तीन बहनों में सबसे छोटी है। वह बीएससी की छात्रा होने के साथ ब्यूटीशियन का कोर्स भी कर रही है। उसके पिता रोजगार के सिलसिले में पंजाब में रहते हैं। घर पर युवती अपनी दादी के साथ रहती थी। 


पुलिस के अनुसार, दीपक बृहस्पतिवार रात अपनी प्रेमिका से मिलने सिधारी गांव आया था। इसी दौरान किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई, इसका अभी पता नहीं चल सका है। शुक्रवार सुबह युवक का शव मिलने की सूचना से गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने युवती और उसकी दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। मौके की स्थिति और पूछताछ के आधार पर हत्या और आत्महत्या समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। मेंहनगर के थानाध्यक्ष अभिराज सरोज ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

आजमगढ़ मुबारकपुर शव रखकर जाम लगाने के मामले में 10 नामजद समेत 60-70 अज्ञात पर मुकदमा आवागमन बाधित करने, पुलिस से धक्का-मुक्की और एंबुलेंस रोकने का आरोप सड़क हादसे में एक व्यक्ति की हुई थी मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल


 आजमगढ़ मुबारकपुर शव रखकर जाम लगाने के मामले में 10 नामजद समेत 60-70 अज्ञात पर मुकदमा


आवागमन बाधित करने, पुलिस से धक्का-मुक्की और एंबुलेंस रोकने का आरोप

सड़क हादसे में एक व्यक्ति की हुई थी मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के गुजरपार बाजार में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद शव रखकर मुख्य मार्ग जाम करने के मामले में पुलिस ने 10 नामजद समेत 60 से 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने मुबारकपुर-जीयनपुर मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित किया, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की तथा ईंट-पत्थर चलाए। इस दौरान एंबुलेंस, रोडवेज बसों समेत कई वाहनों के फंसने से राहगीरों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 

पुलिस की तहरीर के मुताबिक, 13 अक्टूबर 2026 को गुजरपार बाजार में उपनिरीक्षक नौशाद अहमद पुलिसकर्मियों के साथ शांति व्यवस्था ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान एक अज्ञात चारपहिया वाहन के चालक पर तेज और लापरवाही से वाहन चलाते हुए गुजरपार निवासी विपिन कुमार के माता-पिता को टक्कर मारने का आरोप है। हादसे में उनकी मां सुमन देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि पिता मुन्नीलाल की मौत हो गई। इस मामले में मुबारकपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 364/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया था। तहरीर के अनुसार, परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे। इसी दौरान गुजरपार बाजार चौराहे पर शव रखकर मुबारकपुर-जीयनपुर मार्ग पर जाम लगा दिया गया। पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि कुछ लोगों ने धक्का-मुक्की और गाली-गलौज शुरू कर दी तथा ईंट-पत्थर चलाते हुए सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। 

पुलिस का आरोप है कि जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। एंबुलेंस और सरकारी रोडवेज बसें भी फंस गईं। तहरीर में गंभीर मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस रोकने और उन पर हमला करने का भी आरोप लगाया गया है। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी हुई। जाम हटवाने के दौरान पुलिसकर्मियों की वर्दी और नेम प्लेट को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में अन्य थानों से पुलिस बल पहुंचने के बाद जाम हटवाया गया और आवागमन बहाल हो सका। इस मामले में हरिकेश पुत्र निहोर, प्रकाश पुत्र बेचन, गोविन्द पुत्र स्वर्गीय सोहित, विजय पुत्र शंकर, सुनील राम पुत्र बालचन्द, अनिल राम पुत्र बालचन्द, इन्द्रदेव राम पुत्र निर्मल, रामचन्दर पुत्र बेचन, नागेन्द्र यादव पुत्र स्वर्गीय रामबदन यादव और सूबेदार पुत्र लालधर, सभी निवासी गुजरपार, थाना मुबारकपुर, को नामजद किया गया है। इनके अलावा 60 से 70 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस की ओर से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ निजामाबाद पुलिस मुठभेड़ में 2 सगे भाइयों के पैर में लगी गोली सराफा चोरी मामले में हैं आरोपी, बिना नंबर प्लेट की अर्टिगा कार बरामद


 आजमगढ़ निजामाबाद पुलिस मुठभेड़ में 2 सगे भाइयों के पैर में लगी गोली



सराफा चोरी मामले में हैं आरोपी, बिना नंबर प्लेट की अर्टिगा कार बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह पुलिस और सराफा चोरी के आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। हुशामपुर बड़ागांव नहर की पुलिया के पास हुई इस घटना में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान दो सगे भाइयों के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने दोनों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मौके से बिना नंबर प्लेट की एक अर्टिगा कार भी बरामद की गई है।


 पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे हुशामपुर बड़ागांव नहर की पुलिया के पास पुलिस टीम का सामना सराफा चोरी के आरोपियों से हुआ। इस दौरान मुठभेड़ होने पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। घायल आरोपियों की पहचान मिर्जापुर जिले के लालगंज थाना क्षेत्र निवासी सुनील (29) पुत्र छोटक और अनिल (25) पुत्र छोटक के रूप में हुई है। दोनों आपस में सगे भाई बताए गए हैं। पुलिस ने घटनास्थल से बिना नंबर प्लेट की एक अर्टिगा कार भी बरामद की है। अब इस वाहन के स्वामित्व और उसके इस्तेमाल के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।


 थानाध्यक्ष निजामाबाद राकेश कुमार सिंह के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास का पता लगाने के साथ ही सराफा चोरी की घटनाओं में उनकी कथित संलिप्तता की जांच कर रही है। बरामद अर्टिगा कार का इस्तेमाल किन घटनाओं में किया गया और यह वाहन किसका है, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस पूछताछ के आधार पर सराफा चोरी की घटनाओं से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित कड़ियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। फिलहाल दोनों घायल आरोपियों का जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। मामले में पुलिस की ओर से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।