Monday, 26 October 2026

आजमगढ़ सिधारी बेटे की हत्या के मामले में आरोपी पक्ष से रंजिश का आरोप गर्दन और सिर पर वार कर जान लेने की कोशिश का दावा दुकान से घर जाते समय हुई घटना, पीड़ित की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

आजमगढ़ सिधारी बेटे की हत्या के मामले में आरोपी पक्ष से रंजिश का आरोप


गर्दन और सिर पर वार कर जान लेने की कोशिश का दावा


दुकान से घर जाते समय हुई घटना, पीड़ित की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सिधारी थाना क्षेत्र के रामलीला मैदान के पास बेटे की हत्या के मामले में चल रही रंजिश को लेकर एक व्यक्ति पर चाकू से हमला करने का आरोप लगा है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी कई दिनों से उसकी रेकी कर रहा था और उसे जान से मारने की फिराक में था। घटना के बाद पीड़ित ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा और उचित कार्रवाई की मांग की है।


प्राप्त तहरीर के अनुसार, रामलीला मैदान, सिधारी निवासी शाहेबे आलम पुत्र सरफराज अहमद के बेटे की सितंबर 2025 में हत्या हुई थी। इस मामले में अभियुक्तगण जेल में बंद हैं। पीड़ित का आरोप है कि इसी घटना को लेकर संदीप निगम पुत्र राजू प्रसाद निगम, निवासी रामलीला मैदान, सिधारी उससे रंजिश रखता है। शाहेबे आलम का कहना है कि आरोपी पिछले कई दिनों से उसका पीछा कर रहा था और उसे नुकसान पहुंचाने की फिराक में था।


पीड़ित के मुताबिक, 24 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:30 बजे वह अपनी दुकान से उठकर घर पर चाय पीने जा रहा था। इसी दौरान आरोप है कि संदीप निगम अपने घर के पीछे स्थित गली में चाकू लेकर छिपा हुआ था। जैसे ही वह वहां पहुंचा, आरोपी ने उसे दौड़ा लिया और गाली-गलौज करते हुए जमीन पर गिरा दिया। शाहेबे आलम ने तहरीर में आरोप लगाया है कि आरोपी ने जान से मारने की नीयत से उसकी गर्दन और सिर पर चाकू से वार किए। हालांकि, वह संयोगवश बच गया। घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस को मामले की जानकारी दी और आरोपी से अपनी जान को खतरा जताया। पीड़ित ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। मामले में 25 अक्टूबर 2026 को दी गई तहरीर के आधार पर सिधारी थाने में आरोपी संदीप निगम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। फिलहाल, घटना के संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर ही होगी।

 

आजमगढ़ गम्भीरपुर पुलिस मुठभेड़, गोकशी के आरोप में 2 सगे भाई गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली 10 किलो प्रतिबंधित मांस, अवशेष, चापड़ और अवैध तमंचा बरामद गिरफ्तार सलमान पर पहले भी गोवध निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हैं मुकदमे


 आजमगढ़ गम्भीरपुर पुलिस मुठभेड़, गोकशी के आरोप में 2 सगे भाई गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली


10 किलो प्रतिबंधित मांस, अवशेष, चापड़ और अवैध तमंचा बरामद


गिरफ्तार सलमान पर पहले भी गोवध निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हैं मुकदमे



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गम्भीरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गोकशी में संलिप्त होने के आरोप में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग करने वाले आरोपी जमील के बाएं पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदपुर भेजा गया। गिरफ्तार दूसरे आरोपी की पहचान सलमान के रूप में हुई है। 


पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 की रात थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम सरसेना खालसा के कुछ लोग प्रतिबंधित पशु का वध कर मांस बेचने के बाद उसके अवशेष मोटरसाइकिल से कहीं ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खराटी से आवक मोड़ के पास घेराबंदी की। इसी दौरान मोटरसाइकिल से जा रहे दो संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस के रोकने पर आरोपियों ने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें जमील घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 


पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 10 किलोग्राम प्रतिबंधित पशु का मांस, एक प्रतिबंधित पशु के अवशेष, लोहे का चापड़, एक मोटरसाइकिल और .315 बोर का अवैध तमंचा बरामद किया गया है। इसके अलावा .315 बोर के दो खोखा कारतूस और एक मिस कारतूस भी मिला है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर छुट्टा प्रतिबंधित पशुओं को पकड़ने, सुनसान स्थानों पर उनका वध करने और मांस बेचने की बात स्वीकार की है। 


पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि मांस की बिक्री से प्राप्त रकम आपस में बांट लेते थे और इसी धन से अवैध असलहा खरीदते थे, ताकि विरोध होने पर लोगों को डराकर भाग सकें। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमील पुत्र स्वर्गीय मोबिन, उम्र लगभग 42 वर्ष, और सलमान पुत्र स्वर्गीय मोबिन, उम्र लगभग 30 वर्ष, निवासी लहबरिया सरसेना खालसा, थाना गम्भीरपुर, आजमगढ़ के रूप में हुई है। 


पुलिस के अनुसार, सलमान के खिलाफ वर्ष 2017 में गोवध निवारण अधिनियम और वर्ष 2018 में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में थाना गम्भीरपुर में मुकदमा अपराध संख्या 255/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता, गोवध निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों की संलिप्तता की जांच कर रही है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा, योगेश सरोज, वीरेंद्र कुमार यादव समेत थाना गम्भीरपुर की पुलिस टीम शामिल रही।