Sunday, 11 February 2024

आजमगढ़ बिलरियगंज साइकिल सवार को टक्कर मारने के बाद कार पलटी हादसे के बाद कार छोड़कर भागा चालक


 आजमगढ़ बिलरियगंज साइकिल सवार को टक्कर मारने के बाद कार पलटी


हादसे के बाद कार छोड़कर भागा चालक



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ बिलरियगंज थाना क्षेत्र के भीमबर रोड पर स्थित अकबरपुर के पास रविवार को सुबह कार की टक्कर से साइकिल सवार घायल हो गया। दुर्घटना के बाद अनियंत्रित कार सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद चालक कार छोड़ कर फरार हो गया। बिलरियागंज थाना क्षेत्र के मसीरपुर गांव निवासी उमेश सरोज (40) साइकिल से बिलरियागंज जा रहे थे।


 अकबरपुर पेट्रोल पंप के पास पहुंचते ही पीछे से आ रही अनियंत्रित कार ने टक्कर मार दी। जिससे उमेश सरोज गंभीर रूप से घायल हो गए। कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पेड़ से टकराकर पलट गई। दुर्घटना के बाद कार सवार फरार हो गया।

मथुरा मंडप से उठकर भागा दूल्हा, पीछे दौड़े दुल्हन के घरवाले नहीं मिला तो लड़की पक्ष ने ऐसे बचाई अपनी इज्जत


 मथुरा मंडप से उठकर भागा दूल्हा, पीछे दौड़े दुल्हन के घरवाले


नहीं मिला तो लड़की पक्ष ने ऐसे बचाई अपनी इज्जत



उत्तर प्रदेश मथुरा के कोसीकलां में मंडप में सजी दुल्हन फेरों के इंतजार में बैठी रही और दूल्हा उठकर भाग गया। ये देख लोग हैरान रह गए। दूल्हे का पीछा भी किया गया, लेकिन वो हाथ से निकल गया। काफी तलाश के बाद भी जब उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी, तो तत्काल ही लड़की पक्ष ने दूसरे दूल्हे का इंतजाम कर फेरों की रस्म पूरी कराई गई।


 मिली जानकारी के अनुसार घटना शनिवार शाम की है। हुआ यूं कि सैनी बस्ती निवासी रामजी लाल के पुत्र लोकेश की शनिवार को शादी हो रही थी। बुलंदशहर के नरौरा निवासी लड़की वाले यहीं पर शादी करने आए थे। विवाह की सभी रस्में हंसी-खुशी चल रही थीं। शाम को फेरों की बारी आई तो दुल्हन को छोड़कर दूल्हा लोकेश मंडप से उठकर भाग गया। उसके भागते ही वधू पक्ष में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुल्हा मंदबुद्धि था। लड़की के पिता को बेटी की शादी कराने की फिक्र हुई तो अपनी ही रिश्तेदारी में ही तत्काल लड़का ढूंढा। बाद में सैनी बस्ती के सूरज पुत्र दिनेश के साथ बेटी की शादी करवाई। हालांकि सूरज के परिजनों ने पहले तो शादी करने से इन्कार कर दिया, लेकिन रिश्तेदारों के समझाने के बाद वह राजी हो गए।

झांसी पति ने पी लिया एक गिलास दूध, झगड़ कर मायके चली गई पत्नी युवक ने दी जान, वीडियो जारी कर बोला- मुझे इंसाफ चाहिए


 झांसी पति ने पी लिया एक गिलास दूध, झगड़ कर मायके चली गई पत्नी


युवक ने दी जान, वीडियो जारी कर बोला- मुझे इंसाफ चाहिए



झांसी चिरगांव इलाके के एक गांव में एक गिलास दूध को लेकर पति-पत्नी में विवाद हो गया. पति ने पत्नी को थप्पड़ जड़ दिया। इससे नाराज होकर पत्नी भाई को बुलवा कर मायके चली गई. इसके बाद पति ने पत्नी समेत अन्य ससुरालियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए वीडियो जारी किया. इसके बाद आत्महत्या कर ली. उसकी लाश रेलवे लाइन पर मिली. पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


एसपी जीआरपी मोहम्मद नईम खान ने बताया कि चिरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम सिया में दीपक यादव (27) परिवार समेत रहता था. दीपक के पिता स्वामीशरण ने जानकारी दी है कि दीपक दो भाई और दो बहने हैं. दीपक किसान होने के साथ ड्राइवर भी था। 6 फरवरी को दीपक ने बच्चों को दूध पीने के लिए दिया। इसके बाद खुद भी एक गिलास दूध पी लिया. यह बात पत्नी को नागवार गुजरी. इसे लेकर दीपक और उसकी पत्नी रानी में झगड़ा हो गया. दीपक ने अपनी पत्नी को एक थप्पड़ मार दिया. इसके बाद पत्नी अपने भाई को बुलाकर मायके चली गई।


 पिता का आरोप है कि शुक्रवार को मायके वाले चिरगांव थाने आए. दीपक को भी बुलाया गया. मायके वालों ने दीपक से ढाई लाख रुपयों की मांग की मांग पूरी न करने पर दहेज उत्पीड़न के मामले में फंसाने की धमकी दी। परिवार ने बताया कि इसके बाद दीपक लौटकर नहीं आया. इसके बाद उसकी खोजबीन की जाने लगी. इस बीच दीपक का एक वीडियो सामने आया. जब तक उसकी लोकेशन पता चलती उसने आत्महत्या कर ली थी। एसपी जीआरपी ने बताया कि शनिवार की सुबह उसका शव चिरगांव रेलवे स्टेशन के पास झांसी-कानपुर रेलवे लाइन पर मिला. परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं दीपक ने आत्महत्या से पहले वीडियो जारी कर इंसाफ की गुहार लगाई. उसने अपनी मौत के लिए पत्नी और अन्य ससुरालियों को जिम्मेदार ठहराया है।


दीपक के चचेरे भाई पान सिंह यादव ने बताया कि दीपक की शादी 2016 में पूंछ निवासी रानी से हुई थी. शादी के बाद से ही रानी झगड़ा करने लगी। कोई कुछ कहे तो वह कमरे में खुद को बंद होकर सुसाइड करने की धमकी देती थी। इससे पूरा परिवार परेशान था. दीपक ट्रक भी चलाता था. वह सप्ताह में दो-तीन दिन ही घर पर रहता था, लेकिन उसकी पत्नी खाना तक नहीं बनाती थी।

फर्रूखाबाद ढोल संग माफिया के घर-कॉलेज पहुंची पुलिस की बारात 45 करोड़ की संपत्ति कुर्क, अब तक 158 करोड़ की संपत्ति जब्त की


 फर्रूखाबाद ढोल संग माफिया के घर-कॉलेज पहुंची पुलिस की बारात


45 करोड़ की संपत्ति कुर्क, अब तक 158 करोड़ की संपत्ति जब्त की



फर्रूखाबाद जिले में माफिया डॉक्टर अनुपम दुबे और उनके परिवार के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है. शनिवार को जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस नें माफिया अनुपम दुबे का घर और डिग्री कालेज सहित कुल 10 अचल संपतियां कुर्क कर दी. ढोल के साथ पहुंचे भारी पुलिस बल ने यह कार्रवाई अंजाम दी. इसके बाद माफिया बसपा नेता डॉ अनुपम दुबे के गांव में सन्नाटा पसरा है।


मिली जानकारी के अनुसार इससे पहले भी माफिया अनुपम दुबे की करीब 113 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. माफिया डॉ अनुपम दुबे और उसके परिवार की अब तक कुल 158 करोड़ 73 लाख 27 हजार 328 रुपये की सम्पत्ति कुर्क की जा चुकी है।


 पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि सदर तहसीलदार, राजस्व कर्मचारी एवं कई थानों की काफी पुलिस फोर्स के साथ कोतवाली मोहम्मदाबाद के ग्राम सहसापुर गई थी। यहां माफिया की कुल दस संपत्तियां कुर्क की गईं. इनकी अनुमानित कीमत 45 करोड़ 55 लाख 13 हजार 849 रुपये है. इससे पहले भी माफिया अनुपम दुबे की करीब 113 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. अब तक कुल 158 करोड़ 73 लाख 27 हजार 328 रुपये की सम्पत्ति कुर्क की जा चुकी है. इस कार्रवाई में तहसीलदार सदर श्रद्धा पाण्डेय, सीओ मोहम्मदाबाद अरुण कुमार, नायब तहसीलदार सनी कनौजिया, मऊदरवाजा थानाध्यक्ष आमोद कुमार सिंह, मोहम्मदाबाद कोतवाल मनोज कुमार भाटी, नवाबगंज थानाध्यक्ष जेपी शर्मा समेंत कई थानों की पुलिस शामिल रही।


 बताया गया कि ग्राम सहसापुर स्थित महेश दुबे अपूर्वा महाविद्यालय के साथ ही गांव में बने आलीशान घर को भी कुर्क कर दिया गया है.एसपी ने बताया कि माफिया के परिजनों के 150 बैंक खाते भी कुर्क किए गए हैं जिनमें 5 करोड़ 7 लाख 62 हजार 849 रुपए थे। आगे भी यह कार्रवाई प्रचलित रहेगी.

Saturday, 10 February 2024

आजमगढ़ 3 महीने में 8 हत्या कर फैला दी थी दहशत डाक्टर दम्पत्ति और मंदिर के पुजारी को जघन्य तरीके से उतारा था मौत के घाट एक लाख के इनामी जितेन्द्र मुसहर की क्राइम हिस्ट्री बयां कर रही क्रूरता की कहानी


 आजमगढ़ 3 महीने में 8 हत्या कर फैला दी थी दहशत


डाक्टर दम्पत्ति और मंदिर के पुजारी को जघन्य तरीके से उतारा था मौत के घाट


एक लाख के इनामी जितेन्द्र मुसहर की क्राइम हिस्ट्री बयां कर रही क्रूरता की कहानी




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ एसटीएफ और जनपद आजमगढ़ के सिधारी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार एक लाख के इनामी जितेन्द्र मुसहर की क्राइम हिस्ट्री उसके क्रूरता की कहानी को बयां कर रही है। सन् 2014 में तीन महीने में लगातार 8 हत्याओं को अंजाम देकर जितेन्द्र मुसहर ने दहशत फैला दी थी। पुलिस के लिए नासूर बन चुके है एक लाख के इनामी बदमाश जितेन्द्र मुसहर की गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस की माने तो जितेन्द्र मुसहर द्वारा अपने साथी के साथ मिलकर जनपद में एक बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।


बता दें कि जितेन्द्र मुसहर द्वारा 21-03-2014 को थाना क्षेत्र जीयनपुर, कोतवाली अन्तर्गत जीवन ज्योति क्लीनिक के मालिक डा0 विनोद यादव के घर डकैती की घटना के दौरान डा0 विनोद यादव एवं उनकी पत्नी डा0 संगीता यादव की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद मात्र 4 दिन बाद ही 25-03-2014 को जितेन्द्र मुसहर द्वारा ग्राम सोहनी थाना क्षेत्र केराकत, जौनपुर में डकैती के दौरान गृह स्वामी अगरतु एवं उनकी पत्नी जुवरा देवी की हत्या की घटना को अंजाम दिया गया। इसके बावजूद भी उसकी क्रूरता का क्रम नहीं रूका।


 पुनः करीब दो माह बाद 21-05-2014 को ग्राम मुलायमनगर, थाना फेफना बलिया में डकैती की घटना के दौरान एक व्यक्ति की मौके पर हत्या कर दिया। इस घटना में 02 महिलाएं गम्भीर रूप से घायल हो गयी हैं। इस घटना के ठीक पांच दिन बाद 26-05-2014 को थाना क्षेत्र तरवॉ, जनपद आजमगढ़ में ग्राम तरवॉ कातूसिंह का पुरवा स्थित मन्दिर में डकैती के दौरान पुजारी अनिल शर्मा सहित ग्रामीण सत्यनारायण विश्वकर्मा एवं दीपक सिंह की ईट एवं धारदार हथियार से हत्या कर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली।

आजमगढ़ सरायमीर थाना समाधान दिवस पर अधिकारियों ने लोगो की सुनी समस्यां मातहतों को निस्तारण हेतु दिया आदेश


 

आजमगढ़ सरायमीर थाना समाधान दिवस पर अधिकारियों ने लोगो की सुनी समस्यां मातहतों को निस्तारण हेतु दिया आदेश



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ सरायमीर थाना समाधान दिवस पर 12 शिकायती प्रार्थना पत्र लोगों ने दिया जिसमे जमींन सम्बन्धित, चकमार्ग,निर्माण सम्बन्धित थीं। समाधान दिवस पर सीआरो आजमगढ़ विनय कुमार गुप्ता एसडीएम निजमाबाद संन्त रंजन, तहसीलदार निजमाबाद कमल कुमार, थानाध्यक्ष सरायमीर यादवेन्द्र पाण्डेय, की मौजूदगी में चला। 


दोपहर 2 बजे तक अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना और लेखपाल, पुलिस टीम को निस्तारण हेतू मौके पर भेजा,और कुछ प्रार्थना पत्रों को मौके पर जाकर जांच कर निस्तारण हेतू आदेश व निर्देश दिये। वही एक प्रार्थना पत्र का मौके पर निस्तारण किया गया। अधिकारियों ने लोगो की बातो को सुना और लेखपाल, पुलिस फोर्स को भेजकर समस्याओं के समाधान करने हेतु आदेशित किया ताकि लोगों को न्याय मिलता देखाई दे।



आजमगढ़ सरायमीर से अबुलबशर आजमी की रिपोर्ट।

आजमगढ़ सिधारी एक लाख के इनामी जितेन्द्र मुसहर को मुठभेड़ में लगी गोली 2016 में जिला कारागार से हो गया था फरार


 आजमगढ़ सिधारी एक लाख के इनामी जितेन्द्र मुसहर को मुठभेड़ में लगी गोली


2016 में जिला कारागार से हो गया था फरार



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ स्पेशल टास्क फोर्स, लखनऊ और सिधारी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख के इनामी बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। हत्या, डकैती लूट सहित कई संगीन अपराध को अंजाम देने वाला यह बदमाश वर्ष 2016 में जिला कारागार से फरार हो गया था। जिसके ऊपर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। उसके पास तमंचा व कारतूस बरामद हुआ है।


एसटीएफ, उत्तर प्रदेश को विगत काफी समय से फरार/पुरस्कार घोषित अपराधियों के सक्रिय होकर अपराध करने एवं अन्य अपराधों में लिप्त होने की सूचनायें प्राप्त हो रहीं थी। इस सम्बन्ध में एस0टी0एफ0 की विभिन्न इकाईयो/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। 


जिसके अनुपालन में प्रमेष कुमार शुक्ल, पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ लखनऊ के पर्यवेक्षण में टीम गठित कर अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी। अभिसूचना संकलन के क्रम में उ0नि0 जावेद आलम सिद्दीकी के नेतृत्व में मु0आ0 मृत्युन्जय सिंह, यषवन्त सिंह, चन्द्र प्रकाष मिश्र की एक टीम जनपद आजमगढ़ में मौजूद थी, इस दौरान ज्ञात हुआ कि वर्ष-2016 में जनपद कारागार आजमगढ़ में निरूद्ध बन्दी जितेन्द्र मुसहर जेल की दीवार फादकर फरार हो गया था और उसके विरूद्ध थाना सिधारी में मुकदमा पंजीकृत हुआ था जिसमें रू0 1,00,000/- का पुरस्कार घोषित है, वह अपने साथी चन्द्रशेखर मुसहर के साथ आजमगढ़ में किसी से मिलकर बड़ी घटना को अंजाम देने वाला है। 


इस सूचना पर एसटीएफ टीम थाना सिधारी पुलिस को साथ लेकर भदुली बाई पास के पास उसका इन्तजार करने लगी। कुछ समय पश्चात 02 व्यक्ति पैदल आते दिखायी दिये, जिसे पुलिस टीम द्वारा रोकने का प्रयास किया गया तो दोनों व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर भागने लगे तो उनका पीछा किया गया, जिस पर दोनों व्यक्ति पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगे। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की गयी, कुछ समय पश्चात फायरिंग बन्द होने के बाद बदमाशों के पास पुलिस पहुॅची तो सर्विस लेन पर एक व्यक्ति घायल अवस्था में गिरा हुआ पाया गया और दूसरा व्यक्ति अन्धेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गया।


 घायल व्यक्ति के दाहिने पैर में गोली लगी थी, जिस पर उसे नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया जहॉ पर चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है। घायल व्यक्ति ने अपना नाम जितेन्द्र मुसहर बताया एवं भागे हुए व्यक्ति का नाम चन्द्रशेखर मुसहर बताया।


 उल्लेखनीय है कि थाना क्षेत्र तरवॉ अन्तर्गत मन्दिर परिसर में सो रहे 01 पुजारी एवं 02 ग्रामीणों की हत्या कर डकैती की घटना हुई थी, जिसमें जितेन्द्र मुसहर आदि जेल गये थे। जेल में निरूद्ध के दौरान इनके द्वारा जेल में खाना बनाने का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान दिनांक 18-08-2016 को रक्षाबन्धन के दिन खाना बनानेे के उपरान्त खाना बनाने वाले कलछुल, चादर एवं गमछे की मदद से जेल की दीवार फॉदकर अपने साथी चन्द्रशेखर व प्रकाश के साथ फरार हो गया था। जितेन्द्र मुसहर द्वारा अपने गैंग के साथ विभिन्न जघन्य घटनाओं को अंजाम दिया गया है।