Friday, 29 November 2024

आजमगढ़ रानी की सराय जमीन की लालच में अपनों ने ही उतारा मौत के घाट घटना में शामिल पत्नी और बहू सहित 4 गिरफ्तार, चाकू बरामद गला रेत कर हुई हत्या मामले का पुलिस ने किया खुलासा


 आजमगढ़ रानी की सराय जमीन की लालच में अपनों ने ही उतारा मौत के घाट


घटना में शामिल पत्नी और बहू सहित 4 गिरफ्तार, चाकू बरामद


गला रेत कर हुई हत्या मामले का पुलिस ने किया खुलासा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के रानी की सराय थाना क्षेत्र में 26 नवम्बर को हुई वृद्ध की गला रेतकर हत्या मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए हत्या में शामिल पत्नी और बहू सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। अपनों द्वारा ही जमीन की लालच में हत्या की घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है। पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा जमीन सम्बन्धी मामले को लेकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया है।


अपर पुलिस अधीक्षक नगर शैलेन्द लाल ने बताया कि 26 नवम्बर 2024 को रानी की सराय थाना में चन्द्रकला देवी पत्नी मणीलाल यादव नि0 चकसेठवल ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसके पति नशे के आदि थे और पुस्तैनी जमीन को बेचते थे जिसमें परिवार व जमीन खरीदारों से रंजिश चल रही थी कि इसी बात को लेकर किसी अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसके पति की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस की विवेचना में सुभाष यादव पुत्र लालचन्द यादव निवासी काजीभीटी, रवि यादव पुत्र स्व0 मणिलाल यादव निवासी चक सेठवल, चन्दना यादव पत्नी रवि यादव निवासी चक सेठ सेठवल, चन्द्रकला देवी पत्नी स्व0 मणिलाल यादव निवासी चक सेठवल का नाम प्रकाश में आया। जो मृतक मणिलाल के परिवार के ही सदस्य हैं। शुक्रवार की दोपहर लगभग 12.05 बजे थानाध्यक्ष रानी की सराय सुनील कुमार सिंह द्वारा चारों अभियुक्तों को चकसेठवल से गिरफ्तार कर लिया गया।


पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि मृतक मणीलाल अपने पैतृक सम्पत्ति को बेचकर शराब पीता और पिलाता था और अपने ऊपर खर्च करता था, इस कारण से हम लोगों में विवाद होता था। शेष जमीन को बचाने की नियत से 25 नवम्बर 2024 को मृतक की पत्नी चन्द्रकला देवी शेष जमीन को अपने नाम से बैनामा कराना चाहती थी। जिसका मृतक मणिलाल द्वारा विरोध किया गया तथा रजिस्ट्री करने हेतु सहमत न होने पर 25 नवम्बर 2024 को समय करीब 10 बजे मृतक की पत्नी चन्द्रकला, पुत्र रवि यादव व बहू चन्दना यादव तथा साला सुबाष यादव के द्वारा शेष जमीन को बचाने तथा मृतक की पत्नी चन्द्रकला के नाम स्थानान्तरित कराने के उद्देश्य से हत्या करने का निश्चय करते हुए 25/26 नवम्बर 2024 की रात्रि लगभग 02.30 बजे अपने नये घर से जहां पर मृतक सोता था वहां पहुंचे तथा साला सुबाष के द्वारा पहले ऊपर चढ़ कर मुंह दबाया गया तथा बहू चन्दना व पत्नी चन्द्रकला द्वारा एक-एक पैर को पकड़ा गया और पुत्र रवि द्वारा दोनों हाथों को पकड़ा गया, मणीलाल के बेहोश हो जाने पर साले द्वारा घर में प्रयुक्त होने वाले चाकू से गर्दन को काट दिया गया।

आजमगढ़ अखिलेश यादव बने कृषि विज्ञान केन्द्र कोटवा के प्रभारी वैज्ञानिक आनुवशिंकी एवं पादप प्रजनन के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र मसौधा अयोध्या एवं कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा में दे चुके हैं अपनी सेवाएं


 आजमगढ़ अखिलेश यादव बने कृषि विज्ञान केन्द्र कोटवा के प्रभारी 



वैज्ञानिक आनुवशिंकी एवं पादप प्रजनन के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र मसौधा अयोध्या एवं कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा में दे चुके हैं अपनी सेवाएं




 उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ मे कृषि विज्ञान केन्द्र कोटवा में नव नियुक्त वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष के रूप में डॉ. अखिलेश कुमार यादव ने पदभार ग्रहण किया। इसके पूर्व में वैज्ञानिक आनुवशिंकी एवं पादप प्रजनन के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र मसौधा अयोध्या एवं कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा में अपनी सेवाएं दी हैं। 


डॉ. अखिलेश कुमार यादव आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन वैज्ञानिक के रूप में सेवा दे रहे है। इन्होने बीएससी (कृषि) एवं एमएससी कृषि (जीपीबी) आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या से तथा पीएचडी (जीपीबी) चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर से किये हैं। 


डॉ. अखिलेश कुमार यादव ने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र कोटवा कृषि विकास एवं किसान कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहेगे। किसानों को कृषि में हो रहे नवाचार एवं आधुनिक तकनीक से अवगत कराकर उनकी कृषि आय को बढ़ाने में सहयोग करेंगे।

Thursday, 28 November 2024

एटा योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, फर्जी ढंग से नौकरी लेने वाले कलेक्ट्रेट के 24 बाबू बर्खास्त सैलरी के पैसे की रिकवरी के आदेश भी जारी


 एटा योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, फर्जी ढंग से नौकरी लेने वाले कलेक्ट्रेट के 24 बाबू बर्खास्त



सैलरी के पैसे की रिकवरी के आदेश भी जारी



उत्तर प्रदेश के एटा में योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। 30 वर्ष पहले फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले कलक्ट्रेट के 24 बाबू बर्खास्त कर दिए गए हैं। 1993 से 1995 के बीच बिना किसी सरकारी आदेश के इनको नियुक्त किया गया था। इनमें से 13 एटा के तो 11 कासगंज के हैं (तब कासगंज, एटा जिले में ही शामिल था)। इनमें से 15 लिपिक तो सेवानिवृत्त भी हो चुके है। इन सभी से सैलरी के पैसे की रिकवरी के आदेश जारी किए गए हैं।


बता दें कि योगी सरकार की एक कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है. योगी सरकार ने एक साथ 24 बाबुओं (क्लर्क) को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. इन पर आरोप है कि ये बाबू 30 साल पहले फर्जी तरीके से नौकरी पाए थे. जब जांच हुई तो पाया गया कि इन लोगों को 1993 से 1995 के बीच बिना किसी सरकारी आदेश के नौकरी दे दी गई. चूंकि तब कासगंज जिला एटा जिले में ही था तो इन 24 की नियुक्ति भी एटा में थी. अब इनमें से 11 कासगंज कलेक्ट्रेट में तैनात थे. वहीं 24 में 15 तो रिटायर हो चुके हैं.


बात 1995 की है. जब एटा के डीएम रहे मेजर आरके सिंह को उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद का एक पत्र मिला. इस पर में इन 24 लोगों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए थे. पत्र के आधार पर डीएम मेजर आरके सिंह ने सभी को नियुक्ति दे दी. नियुक्ति के बाद सभी ने जॉइन भी कर लिया और कलेक्ट्रट में ड्यूटी करने लगे. चार साल बाद डीएम को एक शिकायती पत्र मिला. इस शिकायती पत्र में नौकरी के आदेश को फर्जी बताया गया.

इस पर तब के जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद से भेजे गए नियुक्ति पत्र के बारे में पूछा. जवाब मिला कि परिषद ने तो किसी प्रकार का कोई पत्र नहीं भेजा था. न ही नियुक्ति के संबंध में कोई आदेश जारी हुआ था. जब ये बात जिले के अधिकारियों को पता चली तो वह दंग रह गए. ऐसा फर्जीवाड़ा देख राजस्व परिषद के भी कान खड़े हो गए. राजस्व परिषद ने डीएम को जांच के निर्देश दिए.

हालांकि, डीएम की जांच का कोई फायदा नहीं हुआ. ये मामला जितनी तेजी के साथ उठा, उतनी ही तेजी के साथ दब भी गया. जांच भी धीरे-धीरे ठंडी पड़ गई. सभी 24 बाबू आराम से अपनी नौकरी करने लगे. 27 साल बाद 2019 में फिर इन बाबुओं की नियुक्ति को लेकर एक पत्र लिखा गया. ये पत्र सीधे अलीगढ़ कमिश्नर को लिखा गया. जब कमिश्नर ने पत्र पढ़ा तो उन्होंने एटा के डीएम रहे सुखलाल भारती को जांच के आदेश दिए.


डीएम सुखलाल भारती ने जब नियुक्ति से संबंधित पत्रावली तबल की तो फाइल ही कलेक्ट्रेट से गायब मिली. इन बाबुओं से पूछा गया तो वह भी कुछ बताने से कतराते रहे. चूंकि बिना पत्रावली के जांच संभव नहीं तो डीएम ने अपने तरीके से इसकी जांच कराई. जांच में सारा सच सामने आ गया. अब डीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर इन 24 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. खास बात यह है कि इनमें से 11 बाबू कासगंज कलेक्ट्रेट में तैनात थे. वहीं 15 रिटायर हो चुके थे. कुल 9 बाबू ही वर्तमान में ड्यूटी पर थे. एटा जिले के एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश ने बताया कि इन सभी से रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया गया है. वहीं जो पेंशन का लाभ ले रहे थे, उनके पेंशन रोकने का आदेश और पिछले भुगतानों की रिकवरी का आदेश दिया गया है।

मिर्जापुर दरवाजे पर खड़ी थी बड़े भाई की बारात, छोटा भाई लड़की लेकर हुआ फरार मंगल गीत के बीच मामला पहुंचा थाने


 मिर्जापुर दरवाजे पर खड़ी थी बड़े भाई की बारात, छोटा भाई लड़की लेकर हुआ फरार



मंगल गीत के बीच मामला पहुंचा थाने



उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले मे शादी-बारात और प्रेम-प्रसंग के कई मामले सुने और देखे होंगे, लेकिन यूपी के मिर्जापुर जिले से जिस तरह का मामला सामने आया है वह बेहद ही चौंकाने वाला है। यहां एक व्यक्ति की बारात दरवाजे पर निकलने के लिए खड़ी थी। महिलाएं मंगलगीत गा रही थीं। इसी बीच युवक के छोटे भाई ने ऐसा कारनामा कर डाला जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। दरअसल दूल्हे का छोटा भाई पड़ोस की लड़की को लेकर फरार हो गया। जानकारी होने पता चला कि दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे। लड़की की मां ने मंगलवार की शाम को राजगढ़ थाना पर तहरीर देकर आरोपी युवक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। 


मामला राजगढ़ थाना क्षेत्र का है। यहां एक गांव में युवक की शादी के लिए बारात निकलने को तैयार थी। घर में खुशी का माहौल था। दरवाजे पर डीजे बज रहा था। घर की महिलाएं हसीं खुशी मंगलगीत गा रही थीं। सगे संबंधियों सहित रिश्तेदार बारात जाने की तैयारी कर रहे थे। दूल्हा भी अपनी दुल्हन से ब्याह रचाने को बेताब था। घर से बारात निकलने ही वाली थी, सोहबल्ला बने दूल्हे का छोटा भाई घर पर दिखाई नही दे रहा था। घर के सदस्य उसे खोजते हुए आसपास के लोगों से पूछताछ करने लगे। पर उसका कहीं अतापता नहीं चला। बावजूद इसके घर के लोग बारात लेकर निकल पड़े।


बारात जाने के बाद महिलाएं युवक के बारे में पूछताछ करने लगीं। इसी दौरान जानकारी हुई की दूल्हे के छोटा भाई गांव की ही गैर बिरादरी की किशोरी से प्रेम करता था। जिसे बड़े भाई की शादी के दिन ही लेकर फरार हो गया। जानकारी होने पर किशोरी की मां आरोपी युवक के विरुद्ध तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में राजगढ़ थानाध्यक्ष महेंद्र पटेल ने बताया कि एक महिला द्वारा उसकी पुत्री को भगाने का गांव के ही युवक पर आरोप लगाया गया है। आरोपी युवक व किशोरी की तलाश की जा रही है। जल्द ही दोनो पकड़ लिए जाएंगे।

आजमगढ़ मेंहनगर मौत नहीं, की गई विवाहिता की हत्या परिजनो ने लगाया आरोप, कहा 2 साल पूर्व हुआ था प्रेम विवाह


 आजमगढ़ मेंहनगर मौत नहीं, की गई विवाहिता की हत्या


परिजनो ने लगाया आरोप, कहा 2 साल पूर्व हुआ था प्रेम विवाह



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ मे मेंहनगर थाना क्षेत्र के बाबू की खजूरी गांव में विवाहिता की मौत के मामले में मोर्चरी हाउस पर पहुंचे विवाहिता की मां और बहन ने हत्या का आरोप लगाया है। विवाहिता ने दो साल पूर्व पैतृक गांव में प्रेम विवाह किया था। सोमवार की शाम में विवाहिता घर के भीतर फंदे से लटकी मिली थी।


मेंहनगर थाना क्षेत्र के बाबू की खजूरी गांव निवासी विनय कुमार सिंह परिवार सहित मुंबई में रहते हैं। परिवार के लोगों का छुट्टियों में आना जाना रहता है। दो साल पूर्व इनकी बेटी इशिता ने गांव के ही आलोक पांडेय के साथ प्रेम हो गया था। दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था, पति आलोक पांडेय गांव और आसपास पूजा पाठ कराते हैं। सोमवार की सुबह पति किसी काम से शहर गए थे। उस समय इशिता घर पर परिवार संग अपने दो माह की बच्ची के साथ थी। शाम को घर के भीतर साड़ी के फंदे से छत के चुल्ला से वह लटकी मिली थी। स्वजन आनन फानन में उसे अस्पताल ले गए, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।


 जानकारी होने पर मुंबई से मोर्चरी हाउस पर इशिता की मां राधिका सिंह, बहन और पिता पहुंचे। मां ने आरोप लगाया कि घटना के दिन भी बेटी से वीडियो काल पर बात हुई थी। उसे परिवार के लोगों ने मारापीटा था। उसने वीडियो काल में चोट के निशान दिखाए, उसके चेहरे में भी चोट के निशान थे। इशिता ने हत्या की आशंका अपनी मां से जताई थी। विवाहिता की मां ने उसके पति और उसके परिवार के लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। बहन ने भी आरोप लगाया कि घटना होने की सूचना पुलिस और गांव के लोगों से मिली बहन के ससुराल से किसी ने फोन करके इसकी जानकारी हम लोगों को नहीं दी थी।

Wednesday, 27 November 2024

आजमगढ़ गंभीरपुर महिला ने पुलिस की मौजूदगी में दीवार गिराये जाने का लगाया आरोप पीड़िता ने थाने पर दी तहरीर, थानाध्यक्ष ने मामले की जांच कर कार्रवाई का दिया आश्वासन


 आजमगढ़ गंभीरपुर महिला ने पुलिस की मौजूदगी में दीवार गिराये जाने का लगाया आरोप


पीड़िता ने थाने पर दी तहरीर, थानाध्यक्ष ने मामले की जांच कर कार्रवाई का दिया आश्वासन



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव निवासी नाजमा बानो पत्नी शाह आलम ने बुधवार को गंभीरपुर थाने में तहरीर देकर अपने पड़ोसी सूबेदार पुत्र अलाउद्दीन के ऊपर पुलिस के साथ मिलकर जबरदस्ती दीवार गिराने का आरोप लगाया। 


जानकारी के मुताबिक गंभीरपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव निवासी नाजमा बानो पत्नी शाह आलम ने बुधवार को गंभीरपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि मेरा प्रथम तल का मकान बन गया है और द्वितीय तल पर मकान का निर्माण हो रहा है और जिस पर मैं चकरोड की तरफ रोशनदान निकाल रही हूं जिस पर मेरे पड़ोसी सूबेदार पुत्र अलाउद्दीन द्वारा विरोध किया जा रहा था। बुधवार की सुबह मैं अपने बीमार पति के लिए बाजार में दवा लेने आई थी पड़ोसी सूबेदार पुत्र अलाउद्दीन द्वारा गंभीरपुर थाने की पुलिस के साथ मिलकर मेरे घर के रास्ते छत पर चढ़कर दीवार गिरा दिए और जब हम घर पहुंच कर विरोध किया तो हमें भी मारपीट दिए।


 इस बावत जब गंभीरपुर थाना प्रभारी बसन्त लाल ने बताया कि दीवार महिला के यहां काम कर रहे मजदूरों द्वारा ही गिराई गई है जिसका वीडियो भी सामने आया है, चूंकि वहां पर पड़ोसी द्वारा खिड़की लगाये जाने का विरोध किया जा रहा है, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है बाकी पुलिस पर आरोप निराधार है। इस मामले मेें महिला को भड़काया जा रहा है पुलिस उन अराजकतत्वों के खिलाफ भी जांच के बाद कार्यवाही करेगी। महिला को निर्माण कार्य कराये जाने के लिए कह दिया गया है।

अंबेडकर नगर राजेसुल्तानपुर/आजमगढ़ अतरौलिया मारपीट में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान हुई मौत भाजपा नेता रमाकान्त मिश्रा ने डाक्टर पर लगाया गंभीर आरोप कहा-सरकारी डाक्टर होने के बावजूद फर्जी तरीके से नर्सिंग होम चला रहे हैं डाक्टर


 अंबेडकर नगर राजेसुल्तानपुर/आजमगढ़ अतरौलिया मारपीट में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान हुई मौत



भाजपा नेता रमाकान्त मिश्रा ने डाक्टर पर लगाया गंभीर आरोप

कहा-सरकारी डाक्टर होने के बावजूद फर्जी तरीके से नर्सिंग होम चला रहे हैं डाक्टर



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अतरौलिया क्षेत्र के परमेश्वरपुर में स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में ग्राम देवरिया बुजुर्ग थाना राजेसुल्तानपुर, जनपद अंबेडकर नगर निवासी बंसराज पुत्र कवलू उम्र 68 वर्ष जो बुधवार को मारपीट की घटना में घायल हो गया था तथा कोमा अवस्था में अतरौलिया स्थित एक प्राइवेट आरव नर्सिंग होम में भर्ती किया गया था, जहां इलाज के दौरान आज बुधवार को उसकी मौत हो गई। तत्पश्चात थाना राजेसुल्तानपुर पुलिस ने मृतक वंशराज के शव को अपने कब्जे में ले लिया। घायल बुजुर्ग के पुत्र रामसकल द्वारा राजेसुल्तानपुर थाने में दो लोगों के खिलाफ मारपीट की तहरीर दी गयी है तथा अस्पताल पर लापरवाही पूर्ण इलाज का भी आरोप लगाया।


भाजपा नेता क्षेत्रीय संयोजक रमाकांत मिश्रा ने कहा कि क्षेत्र में एक आरव प्राइवेट नर्सिंग होम संचालित हो रहा है जिसके डॉक्टर रानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात रहते हुए अपना निजी प्राइवेट अस्पताल संचालित कर रहे हैं। इस प्राइवेट अस्पताल में गरीब मरीजों का शोषण किया जा रहा है। लापरवाही पूर्ण इलाज के चलते बंसराज की मौत हो गयी। इस अस्पताल में भर्ती मरीजों से जबरदस्ती वसूली कराई जाती है। भाजपा नेता ने बताया कि अस्पताल का न तो कोई रजिस्ट्रेशन है और न ही सरकारी डॉक्टर को प्राइवेट नर्सिंग होम चलाने की कोई अनुमति है। सरकारी लाभ के पद पर होते हुए प्राइवेट नर्सिंग होम संचालित करना कानूनी अपराध है। इस संदर्भ में रमाकांत मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया है तथा अवैध रूप से संचालित हो रहे इस अस्पताल की जांच की मांग की है।