Sunday, 7 July 2024

आजमगढ़ गंभीरपुर संदिग्ध परिस्थितियों में महिला ने लगाई फांसी बीती रात पट्टीदारों से हुआ था मृतका का विवाद


 आजमगढ़ गंभीरपुर संदिग्ध परिस्थितियों में महिला ने लगाई फांसी



बीती रात पट्टीदारों से हुआ था मृतका का विवाद



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बरामदपट्टी मखदुमपुर गांव में एक महिला ने शनिवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची गंभीरपुर की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के मुताबिक गंभीरपुर थाना क्षेत्र के (बरामदपट्टी ) मखदुमपुर गांव निवासी शशिकला 30 वर्ष पत्नी संतोष बनवासी शनिवार की रात्रि घर के छत में लगे चुल्ले के सहारे साड़ी के फंदे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 


रविवार की सुबह पड़ोसियों द्वारा फांसी लगाने की जानकारी गंभीरपुर पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची गंभीरपुर पुलिस ने शव को फंदे से उतार कर पंचनामा बनवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताते चलें कि शनिवार की रात्रि मृतका का उसके चचेरे पटीदार से शनिवार की रात्रि में विवाद हुआ था।


 मृतका का पति संतोष बनवासी रोजी रोटी के लिए विदेश रहता है। मृतका की एक पुत्री आकांक्षा 8 वर्ष व दो पुत्र सुग्रीव 6 वर्ष, आर्यन 3 वर्ष है। गंभीरपुर थानाध्यक्ष बसंत लाल ने बताया कि थाना क्षेत्र के बरामद पट्टी मखदुमपुर गांव निवासी एक महिला ने छत के चूल्हे में साड़ी बांधकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है पीएम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वही मृतका की माँ का कहना हैं की मेरी पुत्री शशिकला की हत्या कर उसका शव फंदे से लटकाया गया हैं।

आजमगढ़ 16 लाख कीमत के सेलफोन हुए बरामद जून माह में हुए थे गायब, पुलिस ने उपभोक्ताओं को सौंपा


 आजमगढ़ 16 लाख कीमत के सेलफोन हुए बरामद



जून माह में हुए थे गायब, पुलिस ने उपभोक्ताओं को सौंपा




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जनपद की पुलिस ने बीते जून माह में गायब हुए 115 एनड्रॉयड मोबाइलधारकों के फोन सर्विलांस टीम की मदद से बरामद कर लिया। बरामद किए गए सेलफोन की कीमत करीब 16 लाख रुपये आंकी गई है। बरामद किए गए सेलफोन रविवार को पुलिस लाइन परिसर में सभी पीड़ितों को बुलाकर पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने अपने हाथों से उन्हें देकर सभी को राहत पहुंचाने का कार्य किया है। 


पुलिस सूत्रों के अनुसार इस वर्ष अब तक कुल 515 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कीमत लगभग 77 लाख रूपये) बरामद कर उनके स्वामियों को सुपुर्द किए जा चुके हैं। फरवरी 2024 से गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें गुमशुदा मोबाइल धारकों द्वारा सी0ई0आई0आर पोर्टल पर आनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। इस वर्ष फरवरी से मई महीने तक कुल 400 मोबाइल फोन पुलिस द्वारा बरामद की गई। जिसकी कीमत करीब 61 लाख रुपये आंकी गई है। यह सभी फोन उनके मालिकों को सौंप दिए गये हैं। 


जून माह में एसपी ग्रामीण चिराग जैन के नेतृत्व में भी 16 लाख रुपये मूल्य के कुल 115 फोन बरामद कर के असल मालिकों को सौंपे गये थे। जुलाई माह में भी जिले की पुलिस खोए हुए मोबाइल फोनों को बरामद करके पीड़ित मोबाइल धारकों को सौंप दिए गये। पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के अनुसार बीते पांच माह में कुल 515 एण्ड्रायड मोबाइल फोन बरामद किए गये। जिसकी कीमत करीब 77 लाख रुपये आंकी गई है। रविवार को जिन लोगों के फोन उन्हें एसपी के हाथों वापस मिले उनके चेहरे की खुशी साफ झलक रही थी।

आजमगढ़ मुबारकपुर अर्टिगा कार और ई-रिक्शा में टक्कर, महिला की मौत बेटे और चालक की हालत गंभीर, मचा कोहराम


 आजमगढ़ मुबारकपुर अर्टिगा कार और ई-रिक्शा में टक्कर, महिला की मौत



बेटे और चालक की हालत गंभीर, मचा कोहराम



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ के मुबारकपुर-सठियांव मुख्य मार्ग पर भटौरा गांव स्थित पेट्रोल पंप के पास रविवार की सुबह अर्टिगा कार और ई-रिक्शा की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस घटना में ई-रिक्शा में सवार मां की जहां मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसमें बैठा उसका बेटा और ई-रिक्शा चालक घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला पुरा रानी निवासिनी नजरून्निशा (45)पत्नी शमशाद अहमद अपने पुत्र आरिफ (25) के साथ वाराणसी जाने के लिए सुबह पांच बजे घर से निकली थी।


 मुबारकपुर रोडवेज पहुंचने पर वाराणसी की बस जा चुकी थी। ऐसे मां-बेटे दोनों ई-रिक्शा पकड़ कर सठियांव बस पकड़ने के लिए जा रहे थे। अभी वह भटौरा पेट्रोल पंप के सामने पहुंचे थे कि सामने से आ रही अर्टिगा गाड़ी से ई-रिक्शा की टक्कर हो गई। इस टक्कर में ई रिक्शा चालक, नजरुन्निशा व आरिफ तीनों गम्भीर रूप से घायल हो गए। ई-रिक्शा चालक को घटना स्थल से ही जिला अस्पताल भेज दिया गया। जबकि गम्भीर रूप से घायल मां व पुत्र को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुबारकपुर पर ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मां को मृत घोषित कर दिया। आरिफ का भी प्राथमिक उपचार करने के बाद हालत चिंताजनक होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मृतका के पास तीन पुत्रियां व दो पुत्र हैं। मृतका का पति बुनकर है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

Saturday, 6 July 2024

आजमगढ़ देवगांव पुलिस की गुंडई चरम पर,भ्रष्टाचार मे लिप्त वह रे पुलिस तेरा ऐसा कारनामा, न्याय के लिए दर दर भटक रही है पीड़िता


 आजमगढ़ देवगांव पुलिस की गुंडई चरम पर,भ्रष्टाचार मे लिप्त 


वह रे पुलिस तेरा ऐसा कारनामा, न्याय के लिए दर दर भटक रही है पीड़िता 



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ देवगांव थाना क्षेत्र के ग्राम तिरौली ( सिकरौर ) निवासिनी पीड़िता विमला देवी पत्नी शिवप्रसाद चौहान ने बताया की दिनांक 02 जुलाई 2024 को समय लगभग सुबह 09 बजे पीड़िता विमला देवी अपनी पुत्री निर्जला चौहान के साथ अपने घर मे बैठी थी।


 उसी समय पीड़िता के पट्टीदार महेन्द्र चौहान पुत्र नन्दलाल चौहान एवं प्रदीप चौहान , प्रवीण चौहान ,प्रदुम्न चौहान ,विशाल चौहान पुत्रगण महेन्द्र चौहान व ज्यूति देवी पत्नी विशाल चौहान एवं बिन्दु देवी पत्नी महेन्द्र चौहान शौचालय के विवाद को लेकर सोची समझी साजिश के तहत लाठी डण्डा से लैस होकर पीड़िता के दरवाजे पर चढ़ आए।



और पीड़िता को माँ बहन की भद्दी भद्दी गाली गुप्ता देते हुए पीड़िता के घर मे घुस गए पीड़िता को जान से मारने की नीयत से पीड़िता के सिर पर लाठी से उक्त महेन्द्र चौहान ने प्रहार कर दिया।



जिससे पीड़िता का सिर फट गया पीड़िता जमीन पर गिर गई। उक्त सभी लोग पीड़िता व पीड़िता की पुत्री निर्जला चौहान को जान से मारने की नियत से लात मुक्का व लाठी डण्डे से मारने पीटने लगे जिससे पीड़िता व पीड़िता की पुत्री निर्जला चौहान लहू लोहान हो गई।


एवं उक्त सभी मुल्जिमानो ने पीड़िता की भुमधरी मे बने पीड़िता का शौचालय व बाथरूम को फावड़ा व गैता व सब्बल से तोड़कर क्षतिग्रस्त कर करते हुए ध्वस्त कर दिये एवं पीड़िता के गले से पीड़िता का सोने का चेन उक्त मुल्जिमानो ने छिन लिया।


 शोर शराबा सुनकर तमाम लोग मौके पर आ गए घटना को देखा व् बीच बचाव किये। उक्त मुल्जिमानो ने पीड़िता व पीड़िता की पुत्री को जान से मारने की धमकी देते हुए चले गये।



जाते जाते यह भी कहे की हम लोगो का थाने पर इतना प्रभाव है की तुम लोग कहीं भी चली जाओ कहीं तुम्हारी सुनवाई होने वाली नहीं है।



यदि घटना की शिकायत कहीं करोगी तो तुम्हें व तुम्हारे परिवार को या तो जान से मार देंगे या मरवा देंगे या फर्जी मुकदमे मे फंसाकर कर जेल भेजवा देंगे पीड़िता ने घटना की सूचना तत्काल 112 नम्बर की पुलिस को दिया पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।



जिसके उपरान्त पीड़िता ने तत्काल घटना की सूचना स्थानीय थाना देवगांव को दिया स्थानीय थाना देवगांव की पुलिस विपक्षीगण के साजिश व प्रभाव मे आकर ना तो पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज नहीं की ना ही पीड़िता व पीड़िता की पुत्री की चोटों का डाक्टरी मुआइना भी नहीं कराया।


विपक्षीगण के प्रभाव मे स्थानीय पुलिस पीड़िता व पीड़िता की पुत्री का शांति भंग की धारा मे चलान कर दिया। 


जमानत कराने के बाद पीड़िता पुनः दिनांक 03 जुलाई 2024 को स्थानीय थाना देवगांव पर गयी लेकिन विपक्षीगण के प्रभाव मे पीड़िता की कोई सुनवाई नहीं हुई।


पीड़िता दिनांक 04 जुलाई 2024 को स्वय जिला अस्पताल आजमगढ़ मे जाकर अपनी चोटों का डाक्टरी मुआइना कराया जिसके बाद पीड़िता ने उच्चाधिकारियों को शिकायती प्राथना पत्र भेज कर उक्त विपक्षीगण के विरुध्द मुकदमा दर्ज करते हुय न्याय की गोहार लगाई है।

बरेली दरोगा ने आरोपी से निभाई यारी... जांच में कर दिया खेल एसएसपी अनुराग आर्य ने किया निलंबित


 बरेली दरोगा ने आरोपी से निभाई यारी... जांच में कर दिया खेल



एसएसपी अनुराग आर्य ने किया निलंबित



उत्तर प्रदेश बरेली के शेरगढ़ थाने में तैनात दरोगा अली मियां जैदी को मनमानी भारी पड़ी। आरोपी पक्ष से यारी निभाने और विवेचना लंबित रखने में मामले में एसएसपी अनुराग आर्य ने दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच के भी निर्देश दिए हैं। दरोगा अली मियां जैदी पर आरोप है कि शेरगढ़ के गांव सिसौना निवासी राजाराम ने 11 अप्रैल 2024 को मारपीट की धारा में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 


इसकी विवेचना दरोगा अली मियां जैदी कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने विवेचना में जानबूझकर ढिलाई बरती। इस बीच इलाज के दौरान 24 अप्रैल 2024 को राजाराम के बेटे जयवीर की मौत हो गई। आरोप है कि विवेचक जैदी ने प्रकाश में आए आरोपियों के खिलाफ कोई साक्ष्य ही नहीं जुटाया। न ही किसी आरोपी को गिरफ्तार किया। पीड़ित ने एसएसपी से शिकायत की तो उन्होंने प्रारंभिक जांच कराई। आरोप पुष्ट होने पर एसएसपी अनुराग आर्य ने दरोगा अली मियां जैदी को निलंबित कर दिया।


 इससे पहले आंवला क्षेत्र में जमीन के विवाद में एक पक्षीय कार्रवाई करने के आरोप में एसएसपी ने रामनगर चौकी प्रभारी पवन कुमार को निलंबित किया था। चौकी प्रभारी ने एक किसान की जमीन पर दूसरे का कब्जा करा दिया था। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत एसएसपी से की थी। इसके बाद दरोगा पर कार्रवाई की गई।

आजमगढ़ जीयनपुर जिले में सीबीआई, घंटों की पूछताछ परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल को किया जब्त


 आजमगढ़ जीयनपुर जिले में सीबीआई, घंटों की पूछताछ



परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल को किया जब्त



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जनपद में शनिवार को सीबीआई की टीम जिले में आ धमकी। स्थानीय पुलिस के साथ टीम ने जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के धौरहरा गांव में इसरार के घर पहुंची। इसरार मुंबई में जन सेवा केंद्र चलाता है। सीबीआई करीब काफी देर तक इसरार के भाई अरफाक और उसके घर के अन्य सदस्यों से लाखों की मनी ट्रांजेक्शन के मामले में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान टीम ने परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया। वहीं जनपद में सीबीआई के आने की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 


सीबीआई की टीम स्थानीय पुलिस के साथ धौरहरा गांव में सुबह करीब आठ बजे पहुंची। पुलिस और सीबीआई की गाड़ियां मुंबई में जन सेवा केंद्र चला रहे इसरार के घर पहुंची। एक साथ काफी संख्या में पुलिस देख गांव में अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। सूत्रों की माने तो टीम ने मोबाइल से एक-एक मनी ट्रांजेक्शन की लोकेशन खंगाला। साथ ही मोबाइल से डिलीट किए गए मैसेज को भी रीलोड किया। सुबह करीब आठ बजे से 12 बजे तक पूछताछ होती रही। इस दौरान टीम ने मीडिया को दूर रखा और किसी तरह की जानकारी देने से साफ इंकार कर दिया। एसपी हेमराज मीना ने कहा कि जिले में सीबीआई की टीम आई है, इसकी हमे कोई जानकारी नहीं है।

आजमगढ़ कोतवाली मुकदमे बाजी का पेंच अटका कर रंगदारी मांगना पड़ा महंगा पूरे परिवार पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा षडयंत्र के तहत मांगे थे 60 लाख रूपया

आजमगढ़ कोतवाली मुकदमे बाजी का पेंच अटका कर रंगदारी मांगना पड़ा महंगा


पूरे परिवार पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा


षडयंत्र के तहत मांगे थे 60 लाख रूपया



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ मुकदमेबाजी का पेंच अटकाकर रंगदारी मांगना एक शक्स को पूरे परिवार समेत भारी पड़ गया। मामला शहर के मध्य एक कीमती भूखण्ड से जुड़ा हुआ है। शहर के रैदोपुर स्थित गौर भवन के स्वामी चन्द्रप्रकाश गौर से पुरानी सब्जी मण्डी के रहने वाले विशाल गुप्ता और उसकी पत्नी मंजरी गुप्ता ने साजिशन एक षडय़न्त्र के तहत साठ लाख रूपयों की रंगदारी मांगना शुरू किया तो पूरा मामला तत्कालीन पुलिस कप्तान अनुराग आर्य के दरबार में पहुंच गया। पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को सौंप दिया तब कहीं जाकर पूरे मामले का भांडाफोड़ हुआ और विशाल गुप्ता, मंजरी गुप्ता, पूजा देवी, शिवानी सोनी, रविकुमार और रविशंकर के विरूद्व धारा 419, 420, 467, 468, 506 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। गौरतलब है कि विशाल ने चन्द्रप्रकाश गौर को निजामाबाद की एक प्रापर्टी के बाबत पैंतालीस लाख रूपये दिये लेकिन उस जमीन के विवाद में होने के चलते सौदा नहीं हो सका। लिहाजा चन्द्रप्रकाश गौर ने प्राप्त किये गये पैसे उन्हीं खातों से ईमानदारी पूर्वक विशाल गुप्ता उर्फ पिन्टू मोदनवाल को वापस कर दिये। बात समाप्त हो गयी।


 लेकिन विशाल गुप्ता ने चन्द्रप्रकाश गौर को धमकी दिया कि अगर उसे साठ लाख रूपये और नहीं दिये तो रैदोपुर स्थित गौर भवन के खरीददार केडी अग्रवाल को इस शहर में बसने नहीं देगा। उसने इस बाबत एक कूटरचित नोटरी निजामाबाद से तैयार करायी और गौर परिवार के हस्ताक्षर स्कैन कर एक दावा दाखिल कर दिया। गौर परिवार ने अपनी व्यथा जब पुलिस अधीक्षक को बतायी तो उन्होने जांच शुरू करायी। जांच में पाया गया कि विशाल गुप्ता और मंजरी गुप्ता एक पेशेवर रंगदारी मागने वाला गिरोह बनकर सामने आया। पूर्व में भी शहर की किमती जमीनों पर मुकदमें का पेंच भिड़ाकर रंगदारी वसूलने का इतिहास भूगोल सामने आया। पुलिस ऐसे लोगों को भूमाफिया की श्रेणी में चिन्हित करने की संभावनायें भी रेखांकित कर रही है।