Saturday, 1 April 2023

लखनऊ 30 पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले लालता प्रसाद साहू को आजमगढ़ से पुलिस उपाधीक्षक विशेष जांच दल लखनऊ


 लखनऊ 30 पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले


लालता प्रसाद साहू को आजमगढ़ से पुलिस उपाधीक्षक विशेष जांच दल लखनऊ


लखनऊ माह के आखिरी दिन शुक्रवार देर शाम को 30 पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले कर दिए गए। मुख्यालय पुलिस महानिदेशक के आदेश अनुसार गोपाल सिंह को नागरिक उड्डयन एयरपोर्ट सुरक्षा से पुलिस उपाधीक्षक हाथरस बनाया गया है।


हरिमोहन सिंह को पुलिस उपाधीक्षक फिरोजाबाद से सहायक पुलिस आयुक्त गाजियाबाद, राजीव कुमार यादव को संत कबीर नगर से सहायक पुलिस आयुक्त प्रयागराज, अंशुमान मिश्रा को संत कबीर नगर से पुलिस उपाधीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुख्यालय, शैलेंद्र सिंह परिहार को एएनटीएफ मेरठ से सहायक पुलिस आयुक्त प्रयागराज, संतोष कुमार द्वितीय को अंबेडकर नगर से पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय पुलिस महानिदेशक सोशल मीडिया, रुकमणि वर्मा को पुलिस उपाधीक्षक अंबेडकर नगर से पुलिस उपाधीक्षक उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लखनऊ बनाया गया है।


लालता प्रसाद साहू को आजमगढ़ से पुलिस उपाधीक्षक विशेष जांच दल लखनऊ, निष्ठा उपाध्याय को एएनटीएफ गोरखपुर से पुलिस उपाधीक्षक चित्रकूट, केशव नाथ को पुलिस उपाधीक्षक ललितपुर से पुलिस उपाधीक्षक संतकबीर नगर, सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को सहायक पुलिस आयुक्त प्रयागराज से सहायक पुलिस आयुक्त लखनऊ नगर, रामकृष्ण तिवारी को पुलिस उपाधीक्षक कासगंज से सहायक पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर, पंचम लाल को पुलिस उपाधीक्षक देवरिया से पुलिस उपाधीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ, इंद्र प्रकाश सिंह को सहायक पुलिस आयुक्त लखनऊ नगर से सहायक पुलिस आयुक्त कानपुर नगर की जिम्मेदारी दी गई है।


बृजनन्दन राय को सहायक पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर से पुलिस उपाधीक्षक बलरामपुर, नितिन कुमार सिंह को सहायक पुलिस आयुक्त गौतम बुद्ध नगर से सहायक पुलिस आयुक्त लखनऊ नगर, रजनीश वर्मा को सहायक पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर से सहायक पुलिस आयुक्त लखनऊ, राजकुमार सिंह प्रथम को एटा से सहायक पुलिस आयुक्त वाराणसी नगर, अवधेश कुमार पांडे को सहायक पुलिस आयुक्त वाराणसी नगर से पुलिस उपाधीक्षक हरदोई, चंद्रपाल शर्मा को पुलिस उपाधीक्षक सहारनपुर से पुलिस उपाधीक्षक गोंडा, वंदना शर्मा को बुलंदशहर से पुलिस उपाधीक्षक हरदोई बनाया है।


ज्ञान प्रकाश राय को सहायक पुलिस आयुक्त वाराणसी नगर से सहायक पुलिस आयुक्त गाजियाबाद, बृजेश सिंह को पुलिस उपाधीक्षक मेरठ से पुलिस उपाधीक्षक संतकबीरनगर, विवेक सिंह को झांसी से सहायक पुलिस आयुक्त गाजियाबाद, संजय नाथ तिवारी को खीरी से पुलिस उपाधीक्षक अंबेडकरनगर, सलोनी अग्रवाल को मुरादाबाद से सहायक पुलिस आयुक्त गाजियाबाद, अरुण कुमार सिंह को सहायक सेनानायक 43 वी वाहिनी पीएसी अलीगढ़ से सहायक सेनानायक 34 वाहिनी पीएसी वाराणसी, अभिषेक तिवारी को मथुरा से पुलिस उपाधीक्षक महोबा, लक्ष्मीकांत गौतम को गोंडा से पुलिस उपाधीक्षक झांसी, रुचि गुप्ता को पुलिस उपाधीक्षक जनपद हाथरस से पुलिस उपाधीक्षक सहारनपुर भेजा गया है।

वाराणसी क्या है आकांक्षा दुबे की आखिरी रात का राज होटल का सीसीटीवी फुटेज पहली बार सामने आया


 वाराणसी क्या है आकांक्षा दुबे की आखिरी रात का राज


होटल का सीसीटीवी फुटेज पहली बार सामने आया


वाराणसी भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मौत का मामला चर्चा के केंद्र में है। हर कोई इस मामले की सच्चाई जानना चाहता है। अभिनेत्री की मां ने आकांक्षा की हत्या का आरोप भोजपुरी गायक समर सिंह और उसके एक सहयोगी संजय सिंह पर लगाया है। पुलिस ने समर सिंह और संजय सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है।


 घटना वाले दिन से ही दोनों फरार है। उनकी तलाश में वाराणसी और आजमगढ़ से लेकर मुंबई तक पुलिस की टीम दबिश दे रही है। इसी बीच शुक्रवार को सारनाथ स्थित उस होटल का सीसीटीवी फुटेज सामने आया जहां के कमरे में आकांक्षा का शव मिला था। फुटेज में होटल के बाहर और अंदर सीढियों पर आकांक्षा के साथ एक युवक दिख रहा है। दोनों रिसेप्शन काउंटर से होते हुए कमरा नंबर 105 की गैलरी तक आते हैं फिर कमरे में चले जाते हैं।


सीसीटीवी फुटेज की टाइमिंग पर गौर करें तो आकांक्षा के कमरे में उक्त युवक 17 मिनट तक रहा। फिर वो होटल से निकलकर अपनी कार में सवार होकर निकल जाता है। उस 17 मिनट में कमरे में क्या बातें हुई यह अब तक राज है। पुलिस ने उक्त युवक से पूछताछ कर छोड़ दिया है। बताया जाता है कि युवक आकांक्षा और इस मामले में आरोपी समर सिंह का करीबी है।


 शुक्रवार को सारनाथ थाने पहुंची आकांक्षा की मां मधु दुबे ने इस पूरे प्रकरण का आरोप ही पुलिस पर गढ़ दिया। उन्होंने कहा कि शनिवार आधी रात के बाद जो युवक आकांक्षा को लेकर आया। उसके कमरे में 17 मिनट तक रहा। आखिर पुलिस ने उसे छोड़ क्यों दिया। युवक लगभग 17 मिनट बाद आकांक्षा के कमरे से बाहर निकला और फिर दरवाजा नहीं खुला। रविवार सुबह आकांक्षा का शव उनके कमरे में मिला। वह अपने बेड पर बैठी हुई थीं और उनके गले पर पंखे के हुक के सहारे दुपट्टे का फंदा था।


आजमगढ़ सिधारी जागरण कार्यक्रम के नाम पर डांसर्स का अश्लील डांस वीडियो पर एक्शन में एसपी सिटी


 आजमगढ़ सिधारी जागरण कार्यक्रम के नाम पर डांसर्स का अश्लील डांस


वीडियो पर एक्शन में एसपी सिटी


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जिले में रामनवमी के अवसर पर जहां लोग राम की जयंती मनाने में मशगूल थे। मिली जानकारी के अनुसार सिधारी थाना क्षेत्र के बेलनाडीह गांव में गुरुवार रात मणिमाता स्थान पर भंडारा व जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जागरण कार्यक्रम में डांसर्स ने जमकर अश्लील ठुमके लगाए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।


 वीडियो का संज्ञान लेकर एसपी सिटी ने सीओ सिटी को उक्त मामले की जांच सौंपी है। नवरात्र के आखिरी दिन जहां एक तरफ लोग हवन पूजन में मशगूल थे। वहीं दूसरी ओर प्रभु राम की जयंती पर लोगों ने विविध कार्यक्रमों को आयोजन किया। आजमगढ़ जिले में जगह-जगह भजन कीर्तन और भंडारे का आयोजन हुआ। 


इसी क्रम में बेलनाडीह गांव स्थित मणिमाता स्थान पर भंडारा और जागरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। रात लगभग 10 बजे तक भक्ति गीतों पर डांसर्स ने ठुमके लगाए। इसके बाद फिल्मी और भोजपुरी गीतों पर जमकर अश्लील ठुमके लगे।


 उक्त कार्यक्रम में बच्चे और महिलाएं भी मौजूद थीं। अश्लील डांस होता देख कई लोग चले गए। किसी ने उक्त कार्यक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसकी जानकारी होते ही एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने तत्काल सीओ सिटी को उक्त मामले की जांच सौंपी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Friday, 31 March 2023

आगरा पत्नी की खातिर पति ने काट दी ठेकेदार की नाक वजह जानकर रह जाएंगे हैरान


 आगरा पत्नी की खातिर पति ने काट दी ठेकेदार की नाक


वजह जानकर रह जाएंगे हैरान


उत्तर प्रदेश आगरा के थाना बाह क्षेत्र के विष्णुपुरा गांव में बुधवार की रात 30 रुपये के विवाद में महिला के पति ने ठेकेदार की नाक काट ली। उसकी नाक पर तीन-चार बार ब्लेड से हमला किया गया। पुलिस ने घायल को बाह सीएचसी से इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा।


विष्णुपुरा गांव के सुनील ठेकेदारी पर मजदूर उपलब्ध कराने का काम करता है। उसने गांव की ही एक महिला को आलू की खुदाई, बिनाई के काम पर लगाया था। महिला की मजदूरी के 30 रुपये बकाया रह गए थे। आरोप है कि बुधवार की रात महिला के पति को सुनील घर के रास्ते पर मिल गया। मजदूरी के बकाया 30 रुपये के लिए इनके बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि महिला के पति ने सुनील की नाक पर ब्लेड से तीन-चार बार हमला कर दिया। जिससे उसकी नाक कट गई।


खून से लथपथ सुनील की चीखें सुनकर उसकी भतीजी काजल और सालो पहुंची, तो हमलावरों ने उन्हें भी पीट दिया। सूचना पर पहुंची बाह पुलिस ने घायल सुनील को सीएचसी बाह पर भर्ती कराया। रक्तस्राव न रुकने पर सुनील को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर बाह संजीव शर्मा ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ प्रशांत कुमार समेत 6 आईपीएस बनेंगे स्पेशल डीजी


 लखनऊ प्रशांत कुमार समेत 6 आईपीएस बनेंगे स्पेशल डीजी


लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 1990 बैच के एडीजी रैंक के छह आईपीएस अफसरों को स्पेशल डीजी पद पर प्रोन्नत करने का फैसला किया है। गुरुवार को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार के अलावा एमके बशाल, तनुजा श्रीवास्तव, सतीश कुमार माथुर, अंजू गुप्ता व सुभाष चंद्रा शामिल हैं।


दरअसल, वर्तमान में यूपी में अपनी सेवाएं दे रहे वर्ष 1990 बैच के छह आईपीएस पहले ही डीजी रैंक में प्रोन्नत हो चुके हैं, लेकिन डीजी का पद रिक्त न होने के कारण यूपी में अपनी सेवाएं दे रहे छह अन्य आईपीएस प्रोन्नत नहीं हो पा रहे हैं। 1990 बैच के संदीप साळुंके, रेणुका मिश्रा, बिजय कुमार मौर्या, सत्य नारायण साबत, अविनाश चंद्रा व डॉ. संजय एम. तरडे डीजी पद पर प्रोन्नत हो चुके हैं।


डीजीपी का पदभार संभाल रहे वर्ष 1988 बैच के आईपीएस डॉ. डीएस चौहान के 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो जाने के बाद मनमोहन कुमार बशाल भी डीजी पद पर प्रोन्नत हो जाएंगे। इस बीच शासन ने इस आईपीएस अफसरों को स्पेशल डीजी पद पर प्रोन्नत करने का फैसला ले लिया है। शुक्रवार को इस बारे में गृह विभाग से आदेश जारी हो जाने की उम्मीद है। वर्ष 1988 बैच के अनिल कुमार अग्रवाल के अप्रैल और डॉ. राज कुमार विश्वकर्मा के मई में सेवानिवृत्त हो जाने के बाद वर्ष 1990 बैच के दो अन्य अफसर भी डीजी रैंक में प्रोन्नत हो जाएंगे।


डीजीपी डॉ डीएस चौहान के रिटायरमेंट के बाद प्रदेश में नए डीजीपी के नामों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। कई नाम लाइन में बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन सबमें आनंद कुमार और विजय कुमार का नाम डीजीपी पद के लिए रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि, इन सबमें सबसे अधिक चर्चा वर्तमान जेल डीजी आनंद कुमार की हो रही है। अब्बास-निकहत कांड और अतीक अहमद के नैनी जेल में ट्रीटमेंट को लेकर वे इस समय खास चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।

इलाहबाद डीएम को ट्रेनिंग की जरूरत प्रधान का अधिकार सीज करने पर हाईकोर्ट नाराज, CS को दिया यह निर्देश


 इलाहबाद डीएम को ट्रेनिंग की जरूरत


प्रधान का अधिकार सीज करने पर हाईकोर्ट नाराज, CS को दिया यह निर्देश


प्रयागराज, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी हमीरपुर द्वारा मनमाने तरीके से ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार जब्त करने के आदेश पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि डीएम को ठीक तरीके से प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है। कोर्ट ने डीएम हमीरपुर डॉक्टर चंद्रभूषण द्वारा पारित आदेश को रद्द करते हुए मुख्य सचिव (CS) से कहा है कि वह डीएम को उचित प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था करें। साथ ही इस आदेश की प्रति डीएम के सर्विस रिकॉर्ड में भी दर्ज करने का आदेश दिया है । ग्राम प्रधान रजनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने दिया।


ग्राम प्रधान के अधिवक्ता का कहना था कि याची के विरुद्ध शिकायत की गई थी जिसकी प्रारंभिक जांच का आदेश दिया गया। उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। याची ने अपना जवाब दाखिल किया। इसके बाद 18 फरवरी 2023 को डीएम ने आदेश जारी कर याची के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार जब्त कर लिए। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। याची के अधिवक्ता का यह भी कहना था कि शिकायत की जांच के लिए गठित 3 सदस्य समिति में शिकायतकर्ता को भी शामिल कर लिया गया।


कोर्ट ने आदेश देखने के बाद कहा कि हमें यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि डीएम हमीरपुर डॉक्टर चंद्रभूषण ने न्याय के सभी पहलुओं को हवा में उड़ा दिया और अपने अधिकार का प्रयोग मनमाने तथा चलताऊ तरीके से किया है।


कोर्ट ने कहा कि यह भली-भांति स्थापित है कि वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार जब्त करना एक गंभीर मामला है। जबकि मौजूदा मामले में बिना जांच के ही मान लिया गया कि याची पर लगाए गए सभी आरोप सही हैं।

आदेश पारित करते समय धारा 95 (1) (जी) के किसी भी प्रावधान को नहीं माना गया। शिकायतकर्ता को जांच कमेटी में शामिल करना जिला अधिकारी द्वारा न्यायिक अनुशासन की कमी को बताता है। जिला अधिकारी ने आदेश पारित करते समय विवेक का प्रयोग नहीं किया।


कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वह डीएम को उचित प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में इस प्रकार की गलती ना करें। तथा इस आदेश को चंद्रभूषण के सर्विस रिकॉर्ड में भी रखने का निर्देश दिया है।

पीलीभीत सामूहिक दुष्कर्म की आरोपी युवती का हंगामा थाने में ब्लेड से काटा गला, कहा- फर्जी है केस


 पीलीभीत सामूहिक दुष्कर्म की आरोपी युवती का हंगामा


थाने में ब्लेड से काटा गला, कहा- फर्जी है केस


उत्तर प्रदेश पीलीभीत सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी छात्रा (23) और उसके पिता की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज की तो खुद पर दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए आरोपी गुरुवार शाम थाने पहुंच गई और न्यायिक कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस पर उसके परिवार को फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की कोशिश करने का आरोप लगाया। बाद में उसने ब्लेड निकाल कर गर्दन काट ली। बमुश्किल महिला सिपाहियों की मदद से पुलिस ने युवती पर काबू पाया, उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जानकारी के अनुसार बताते हैं कि मां-बेटी ने जहरीला पदार्थ भी खाया है, क्योंकि मां को परिजनों ने जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया है।


छह मार्च को सुनगढ़ी क्षेत्र की एक युवती ने एडीजी बरेली के यहां जहरीला पदार्थ खाया था। इसके बाद एडीजी के निर्देश पर पीड़िता की मां की ओर से सुनगढ़ी थाने में सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें साथी छात्रा, उसके पिता व अन्य आरोपी बनाए गए थे। आरोपी पक्ष का कहना था कि पूर्व में इस शिकायत की जांच सर्किल स्तर के अधिकारी कर चुके हैं। जिसमें उन्हें क्लीनचिट मिली थी। अब दबाव में आकर पुलिस कार्रवाई कर रही है। विवेचना को गति देते हुए पुलिस ने पीड़िता के न्यायालय में बयान कराए। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई।

आरोपियों का कहना है कि उनके एक रिश्तेदार को 48 घंटे पहले बरेली जनपद के बहेड़ी से पुलिस हिरासत में लेकर आई थी। आरोपी पिता-पुत्री पर भी हाजिर होने का दबाव बनाया जा रहा था। इससे आहत होकर गुरुवार को पहले मां-बेटी ने जहरीला पदार्थ खाया। इसके बाद बेटी सुनगढ़ी थाने पहुंच गई। जहां उसने ब्लेड से गर्दन काट ली। गेट पर ही युवती को लहूलुहान हालत में हंगामा करते देख पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। नवरात्र ड्यूटी पर गए इंस्पेक्टर भी तुरंत थाने पहुंचे।


महिला सिपाहियों की मदद से बमुश्किल युवती को काबू में लिया गया। युवती ने बेगुनाही की बात कहते हुए यह भी कहा कि वह अपनी मां के साथ जहर खाकर थाने आई है। पुलिस ने सरकारी वाहन से युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं परिवार के कुछ सदस्य गंभीर हालत में युवती की मां को भी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां दोनों का इलाज चल रहा है।


जिला अस्पताल में भर्ती आरोपी युवती की मां का कहना है कि उनके परिवार ने कोई जुर्म नहीं किया है। पुलिस लगातार झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने में लगी हुई है। दो दिन पहले उन्होंने अपनी बात बरेली जाकर एडीजी के समक्ष रखी, मगर न्यायिक कार्रवाई होने की बजाय उल्टा उनके परिवार पर ही शिकंजा कसा जाने लगा। उनका कहना है कि दो दिन पहले बरेली जनपद के बहेड़ी क्षेत्र से उनके बड़े दामाद को सुनगढ़ी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनकी छोटी बेटी और पति को हाजिर कराने का दबाव बना रहे थे। बिना गुनाह के कार्रवाई किए जाने को लेकर यह कदम उठाया।


सुनगढ़ी थाने और बाद में गेट पर लहुलूहान हालत में युवती हंगामा करती रही। वीडियो बनाकर खुद के बेगुनाह होने की बात कहती रही। ऐसे में पुलिस बेबस दिखाई दी, कई बार युवती को काबू करने का प्रयास किया, लेकिन महिला आरक्षी पास में जाने की हिम्मत नहीं जुटा सकीं। यहां एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। काफी मशक्कत के बाद युवती पर काबू पाया जा सका।


जिस युवती ने हंगामा किया है वह, उसके पिता समेत अन्य पर सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज है। कोर्ट में बयान कराए जा चुके हैं। गिरफ्तारी को लेकर प्रयास चल रहे थे, युवती ने खुद को घायल कर लिया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, मां भी अस्पताल में भर्ती हुई है। मामले से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। - राजीव शर्मा, इंस्पेक्टर, सुनगढ़ी