Saturday, 12 April 2025

अयोध्या पहले पत्नी को उतारा मौत के घाट, फिर 5 साल के मासूम को दी रूह कंपाने वाली मौत


 अयोध्या पहले पत्नी को उतारा मौत के घाट, फिर 5 साल के मासूम को दी रूह कंपाने वाली मौत



उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक युवक ने शनिवार को अपनी पत्नी एवं पांच वर्षीय बच्चे की हत्या कर दी। इसके बाद मौके से फरार हो गया। खबर फैली तो मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना करके जानकारी जुटाई। आगे की कार्रवाई की जा रही है।


घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के बछड़ा सुल्तानपुर स्थित शिवपुरी कॉलोनी की है। मूल रूप से असम के बरपेटा जिले के सारथी बारी थाना क्षेत्र स्थित खुदरो फलादी गांव निवासी शाहजान खंडकर अपने परिवार के साथ बछड़ा सुल्तानपुर में रहता था। वह कबाड़ बीनने का काम करता था।


बताया गया कि शाहजान की किसी बात को लेकर अपनी पत्नी से कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ी कि उसने अपनी पत्नी नेशिया बेगम (35) की धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी। इसके बाद पांच वर्षीय बेटे साहादकर खंडकर को गला दबाकर मार डाला। वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया।


सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी मधुबन सिंह एवं नगर कोतवाल अश्विनी पांडेय ने घटनास्थल का निरीक्षण करके जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आजमगढ़ सिधारी सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने घेरा एसएसपी का आवास दलित युवक की हत्या को लेकर गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिया आश्वासन


 आजमगढ़ सिधारी सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने घेरा एसएसपी का आवास



दलित युवक की हत्या को लेकर गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिया आश्वासन


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के जाफरपुर गांव में दलित युवक संतोष कुमार की हत्या के मामले में शनिवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने एसपी आवास का घेराव कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि, परिजन एसपी से मुलाकात नहीं कर सके। मौके पर पहुंची सिधारी थाने की पुलिस ने आश्वासन देकर उन्हें शांत किया और घर भेज दिया।


जाफरपुर गांव निवासी फूलमती ने बताया कि 30 मार्च 2025 को उन्होंने सिधारी थाने में तहरीर दी थी, जिसमें पुरानी रंजिश के चलते सुरेश, हरिनंद और लल्लू पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस घटना में उनके बेटे संतोष कुमार को पेट में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। इलाज के दौरान 9 अप्रैल 2025 को अस्पताल में संतोष की मौत हो गई।


परिजनों का आरोप है कि हत्या के तीन दिन बाद भी सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। इससे आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को एसपी आवास पर प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही सिधारी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई का भरोसा देकर भीड़ को तितर-बितर किया।


सिधारी थानाध्यक्ष शशि चंद चौधरी ने बताया कि एक आरोपी सुरेश को शुक्रवार को हरबंशपुर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी गई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।

बदायूं महिला आईपीएस अधिकारी से सोशल मीडिया पर अभद्र चैट भारी मात्रा में पहुंची फोर्स में घर को चारों तरफ से घेरा युवक को हिरासत में लेकर गई थाने, लेकिन छोड़ा...


 बदायूं महिला आईपीएस अधिकारी से सोशल मीडिया पर अभद्र चैट


भारी मात्रा में पहुंची फोर्स में घर को चारों तरफ से घेरा


युवक को हिरासत में लेकर गई थाने, लेकिन छोड़ा...



उत्तर प्रदेश के बदायूं में उस वक्त हड़कंप मच गया जब नोएडा से कई गाड़ियों में भर पुलिस फोर्स बदायूं पहुंच गई। इतनी बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स देखकर लोग हैरान रह गए। पुलिस ने एक घर को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद एक युवक को भी गिरफ्तार कर लिया। दरअसल नोएडा की दादरी थाना पुलिस आधा दर्जन गाड़ियों के साथ बदायूं के एक युवक को गिरफ्तार करने पहुंची थी। मूसाझाग थाना क्षेत्र के नगर पंचायत गुलड़िया के रहने वाले अभिषेक पटेल पर नोएडा में तैनात एक महिला आईपीएस अधिकारी से सोशल मीडिया पर अभद्र चैट करने का आरोप लगा है। युवक ने किसी तरह महिला अधिकारी का मोबाइल नंबर प्राप्त कर लिया था और लगातार उन्हें मैसेज करता रहा।


अधिकारी की शिकायत पर दादरी पुलिस ने सर्विलांस और एसओजी की मदद से युवक की जानकारी जुटाई और मूसाझाग पुलिस की सहायता से दादरी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। भारी पुलिस बल को देखकर नगर पंचायत में दहशत फैल गई। पुलिस ने अभिषेक के घर को चारों तरफ से घेर लिया और बिना किसी को कुछ समझने का मौका दिए युवक को हिरासत में ले लिया। मोहल्ले के लोगों ने कुछ पूछने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के रवैये को देखकर कोई सामने नहीं आया।


पुलिस की अचानक हुई इस कार्रवाई से ग्रामीण हैरान रह गए। मामले में मूसाझाग थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि युवक एक महिला आईपीएस अधिकारी के सोशल अकाउंट पर आपत्तिजनक चैट करता था। शिकायत के आधार पर दादरी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। दादरी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि आरोपी को पूछताछ के बाद माफीनामा लेकर छोड़ दिया गया है।

Friday, 11 April 2025

आजमगढ़ दीदारगंज पत्नी से विवाद के बाद युवक ने लगाई फांसी 2 साल पूर्व हुई थी शादी, वायरिंग का काम करता था मृतक


 आजमगढ़ दीदारगंज पत्नी से विवाद के बाद युवक ने लगाई फांसी



2 साल पूर्व हुई थी शादी, वायरिंग का काम करता था मृतक



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के दीदारगंज थाना क्षेत्र के गदाईपुर गांव में गुरुवार की शाम एक 23 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान सत्यम मौर्या, पुत्र राम विलास के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 


जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 4 बजे सत्यम की मां उमा देवी उसे बुलाने के लिए कमरे में गईं। दरवाजा बंद होने पर उन्होंने आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों ने शोर मचाया और दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो सत्यम कमरे के पंखे से साड़ी के सहारे लटक रहा था। आनन-फानन में परिजन उसे मार्टिनगंज अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


 मृतक के नाना रामदयाल ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजे सत्यम का अपनी पत्नी शिवानी से फोन पर बात के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। सत्यम की शादी 2023 में जहानागंज के बजहा गांव में हुई थी। उनकी पत्नी पिछले एक साल से मायके में रह रही थी। सत्यम वायरिंग का काम करता था और उसका एक पुत्र भी है।

भदोही 4 मौतों से दहल उठा गांव एक-एक कर तालाब से शव निकला तो लोगों का फट गया कलेजा


 भदोही 4 मौतों से दहल उठा गांव


एक-एक कर तालाब से शव निकला तो लोगों का फट गया कलेजा



उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के दुर्गागंज के शेरपुर गोपलहां में हुई दर्दनाक घटना के बाद सुनील की जिंदगी पूरी तरह से उजड़ गई। चार दिन पहले ही उसने अपनी मां को खोया था। अब पत्नी और बच्चों की मौत ने उसे झकझोर कर रख दिया। घटनास्थल पर बदहवास रो रहा सुनील उस समय को कोस रहा था, जब वह कमरे से बाहर पाही (घर से करीब 20 मीटर दूर बनी एक छोटी झोपड़ी) पर गया था। वह बार-बार यही कह रहा था कि काश वह कमरे से निकलकर न गया होता तो ऐसा न होता।


दुर्गागंज के शेरपुर गोपलहां में एक साथ चार मौतों ने हर किसी को झकझोर दिया। विवाहिता ने ऐसा कदम क्यों उठाया। यह तो जांच का विषय है, लेकिन घटनास्थल के पास जितनी मुंह उतनी बातें सुनने को मिली। तालाब से एक- एक कर सभी का शव बाहर निकाला गया तो मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। लोगों का कलेजा फटा जा रहा था।


घटना करीब तीन से चार के बीच की है। विवाहिता अन्नू का पति सुनील उसके साथ ही था। भोर में लगभग तीन बजे के बाद अपने कमरे से करीब 20 मीटर दूर बने पाही पर पिता उदयराज के पास गया। इसी बीच अन्नू अपने तीनों बच्चों के साथ तालाब की ओर निकली थी। उसके पड़ोस की ही महिला अमृता ने उसे बच्चों के साथ जाते हुए देखा भी था, लेकिन वह यह समझ नहीं पाई कि अन्नू बच्चों के साथ खुद को मौत के हवाले करने जा रही है। कुछ देर बाद गांव के जीतनारायण तालाब की तरफ शौच करने गए तो उन्हें मोबाइल के टॉर्च की रोशनी दिखाई थी। वे उसे उठाए और लेकर घर चले आए।


इधर, लगभग पांच बजे सुनील जब कमरे में पहुंचा तो पत्नी को ढूंढने लगा। उसने उसके मोबाइल पर फोन किया तो पता चला कि जीतनारायण के पास मोबाइल है। जीतनारायण ने बताया कि तालाब के पास उसे मोबाइल मिला। जिसके बाद सभी लोग तालाब की तरफ दौड़ पड़े। तालाब के पास महिला के चप्पल पड़े थे। इससे परिवार के लोग बदहवास हो गए। पुलिस को सूचना दी गई। गांव के कुछ लोग तालाब में उतर कर ढूंढ़ने लगे। इसके बाद दिव्यांश का शव तालाब में मिला। उसके बाद बारी-बारी सभी के शव निकाले गए।

आजमगढ़ तरवां हत्या का सनसनीखेज मामला, एक बहन की मौत, दूसरी बहन की हालत थी गंभीर न्याय के लिए थाने पहुंचे पीड़ित को पुलिस ने भगाया


 आजमगढ़ तरवां हत्या का सनसनीखेज मामला, एक बहन की मौत, दूसरी बहन की हालत थी गंभीर


न्याय के लिए थाने पहुंचे पीड़ित को पुलिस ने भगाया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के तरवां थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक युवक ने अपनी बहन की हत्या और दूसरी बहन को जहर देने का गंभीर आरोप लगाते हुए स्थानीय कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। पीड़ित आलोक (26 वर्ष), पुत्र रामसहाय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), आजमगढ़ के समक्ष प्रार्थना पत्र दायर कर छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आलोक ने अपने प्रार्थना पत्र में सोनू (30 वर्ष), पुत्र दुन्नू, दुन्नू (55 वर्ष) पुत्र राजन, रुकमीना देवी (50 वर्ष), पत्नी दुन्नू,रानी (20 वर्ष) पुत्री दुन्नू, मोनू उर्फ मंजीत (25 वर्ष), पुत्र दुन्नू निवासी विशुनपुर, थाना तरवां, जनपद आजमगढ़ अर्जुन (25 वर्ष) पुत्र अनिल निवासी-शेर्रा, थाना तरवां, जनपद आजमगढ़ के खिलाफ आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी छोटी बहन ज्योति (नाबालिग, कक्षा 10 की छात्रा) को 6-7 साल पहले अभियुक्त सोनू ने अन्य आरोपियों की साजिश के तहत भगा लिया था। उस समय पुलिस ने कथित तौर पर आरोपियों के प्रभाव के कारण कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में, ज्योति का सोनू के साथ जबरन विवाह करा दिया गया। विवाह के बाद, ज्योति को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा।


 आरोप है कि सोनू और अन्य अभियुक्त मोटरसाइकिल, अंगूठी और चेन की मांग करते थे। ज्योति ने मजबूरी में यह सब सहन किया और 11 अगस्त 2024 को उसने एक पुत्र को जन्म दिया। आलोक ने बताया कि 3 जनवरी 2025 की रात करीब 10 बजे, ज्योति और उनकी दूसरी बहन पूजा (जो अपने भतीजे की देखभाल के लिए सोनू के किराए के मकान पर गई थीं) की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सोनू ने दोनों को दवा दी, जिसके बाद वे बेहोश हो गईं। ज्योति का नवजात बच्चा जोर-जोर से रो रहा था, लेकिन सोनू दरवाजा बंद कर चुपके से बैठा रहा। सूचना मिलने पर आलोक और उनके परिवार के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। पड़ोसियों की मदद से खिड़की तोड़कर कमरे में प्रवेश किया गया, जहां ज्योति और पूजा बेहोश पड़ी थीं। आलोक दोनों बहनों को तुरंत पीजीआई चक्रपानपुर ले जाया, जहां डॉक्टरों ने ज्योति को मृत घोषित कर दिया। पूजा की गंभीर हालत को देखते हुए उसे सदर अस्पताल, आजमगढ़ रेफर किया गया। कई दिनों के इलाज के बाद पूजा की हालत में सुधार हुआ।


 आलोक और उनके परिवार का दावा है कि सोनू और अन्य अभियुक्तों ने साजिश रचकर ज्योति को जहर देकर मार डाला और पूजा को भी साक्ष्य मिटाने के लिए जहर देने की कोशिश की, लेकिन पूजा की जान बच गई। आलोक ने यह भी बताया कि अभियुक्त अब भी उनके परिवार को गंदी गंदी गालियां दे रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आलोक ने बताया कि उन्होंने और उनकी मां उर्मिला ने घटना की शिकायत थाना तरवां और पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, उन्होंने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर थानाध्यक्ष तरवां को मुकदमा दर्ज करने और जांच करने का आदेश देने की गुहार लगाई है। कोर्ट के आदेश पर तरवां पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

Thursday, 10 April 2025

आजमगढ़ अहरौला कमरे में चल रहा था धर्म परिवर्तन का खेल सूचना पर पुलिस ने मारा छापा, एक व्यक्ति हिरासत में


 आजमगढ़ अहरौला कमरे में चल रहा था धर्म परिवर्तन का खेल


सूचना पर पुलिस ने मारा छापा, एक व्यक्ति हिरासत में



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के अरूशा गांव में बृहस्पतिवार को एक घर में कई लोग एकत्रित होकर धर्म परिवर्तन करा रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर चली गई। ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर 30 से अधिक महिलाएं और पुरुष मौजूद थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गतिविधि में बाहरी लोग शामिल हैं, जो स्थानीय लोगों को देवी-देवताओं की पूजा करने से रोकते हैं और लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिलसिला लगातार चल रहा था, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित करने का फैसला किया।


अहरौला थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और घटनास्थल पर पहुंची। वहां कुछ लोग मौजूद थे, जिनमें से गृह स्वामी को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि मामले की तह तक जाया जा सके। थानाध्यक्ष ने कहा कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।