Tuesday, 16 June 2026

आजमगढ़ पुलिस का साइबर ठगी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, 448 शिकायतों से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़ फर्जी फर्मों और म्यूल खातों के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, ₹10 लाख की रकम फ्रीज


 आजमगढ़ पुलिस का साइबर ठगी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, 448 शिकायतों से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़


फर्जी फर्मों और म्यूल खातों के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, ₹10 लाख की रकम फ्रीज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "साइबर ठगी के जड़ में वार" के तहत आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर सेल और अहरौला पुलिस की संयुक्त टीम ने देशभर में साइबर ठगी से जुड़े एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जांच में इनके बैंक खातों से जुड़ी 448 साइबर शिकायतें सामने आई हैं। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन की निगरानी में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पाया कि फर्जी फर्मों के नाम पर खोले गए बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन के लिए किया जा रहा था। एक खाते में मात्र तीन दिनों में करीब 40 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन भी सामने आया। पुलिस ने तकनीकी एवं वित्तीय जांच के आधार पर दुर्वासा मंदिर के पास घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान लगभग 10 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़ी धनराशि फ्रीज कराई गई। आरोपियों के कब्जे से एटीएम कार्ड, फर्जी आधार, पैन व वोटर आईडी, कूटरचित मुहरें, विदेशी सिम कार्ड, मोबाइल फोन, ब्लैंक चेक, एक महिंद्रा थार रॉक्स और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।


 पुलिस के अनुसार गिरोह भोले-भाले लोगों के नाम पर फर्म और बैंक खाते खुलवाकर उनके दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेता था और उन्हीं खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करता था। मामले में थाना अहरौला में संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

आजमगढ़ बरदह शादी की खुशियां मातम में बदलीं, पेड़ से लटका मिला युवक का शव शादी समारोह के दौरान हुई घटना, परिजनों और ग्रामीणों ने जताई हत्या की आशंका


 आजमगढ़ बरदह शादी की खुशियां मातम में बदलीं, पेड़ से लटका मिला युवक का शव



शादी समारोह के दौरान हुई घटना, परिजनों और ग्रामीणों ने जताई हत्या की आशंका



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बरदह थाना क्षेत्र के महुजा गांव में मंगलवार की सुबह एक युवक का शव शीशम के पेड़ से गमछे के सहारे लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। 


जानकारी के अनुसार जौनपुर जनपद के प्रेमराजपुर गांव निवासी 22 वर्षीय करन गौतम अपनी भांजी की शादी में शामिल होने के लिए महुजा गांव आया था। वह पिछले कई दिनों से बहन के घर रहकर शादी की तैयारियों में सहयोग कर रहा था। सोमवार की रात बारात आने के बाद परिवार वैवाहिक कार्यक्रमों में व्यस्त था। इसी दौरान करन घर से कहीं चला गया। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। 


मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने मार्टिनगंज-ठेकमा मार्ग स्थित पुरानी चीनी मिल के सामने एक शीशम के पेड़ से युवक का शव लटका देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर आवश्यक कार्रवाई की। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। वहीं ग्रामीणों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि शव जमीन से सटा हुआ था, जिससे मामला संदेहास्पद प्रतीत होता है। करन गौतम पांच भाइयों में सबसे छोटा था और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। प्रभारी थानाध्यक्ष बरदह ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Monday, 15 June 2026

आजमगढ़ ड्यूटी में लापरवाही पर मुख्य आरक्षी निलंबित, SSP ने बैठाई विभागीय जांच कर्तव्य पालन में अनुशासनहीनता पाए जाने पर हुई कार्रवाई


 आजमगढ़ ड्यूटी में लापरवाही पर मुख्य आरक्षी निलंबित, SSP ने बैठाई विभागीय जांच


कर्तव्य पालन में अनुशासनहीनता पाए जाने पर हुई कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद पुलिस में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने एक मुख्य आरक्षी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता पाए जाने पर संबंधित मुख्य आरक्षी को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य आरक्षी संजू कुमार, जो वर्तमान में जनपदीय सुरक्षा, कमिश्नरेट वाराणसी में ड्यूटी पर तैनात हैं, के विरुद्ध गंभीर अनियमितताओं के तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि वह ड्यूटी अवधि के दौरान अपने निर्धारित कार्यस्थल से अनुपस्थित रहे तथा अपने दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और उदासीनता बरती। 


मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दण्ड एवं अपील नियमावली-1991 के तहत विभागीय जांच संस्थित करते हुए मुख्य आरक्षी के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा गैर-जिम्मेदाराना आचरण पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ पुलिस कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और अनुशासित पुलिसिंग के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Sunday, 14 June 2026

आजमगढ़ सरायमीर दबंगों का आतंक, मारपीट मामले में एफआईआर के बाद भी गिरफ्तारी नहीं पीड़ितों ने एसपी से लगाई गुहार, मुकदमा वापस न लेने पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देने का आरोप


 आजमगढ़ सरायमीर दबंगों का आतंक, मारपीट मामले में एफआईआर के बाद भी गिरफ्तारी नहीं


पीड़ितों ने एसपी से लगाई गुहार, मुकदमा वापस न लेने पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देने का आरोप


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सरायमीर थाना क्षेत्र के सिकरौर सहबरी बाजार में दबंगों की कथित दबंगई से दुकानदारों और स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। मारपीट और तोड़फोड़ के एक मामले में नामजद एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों के अनुसार 7 जून 2026 को सिकरौर बाजार से गुजर रहे एक ट्रक को हरिप्रकाश जायसवाल की दुकान के सामने कुछ लोगों ने रोक लिया। आरोप है कि दबंगों ने ट्रक चालक के साथ मारपीट की और वाहन का शीशा समेत अन्य सामान क्षतिग्रस्त कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे हरिप्रकाश जायसवाल के साथ भी अभद्रता की गई। शोर-शराबा सुनकर पहुंचे नितिन जायसवाल और विनोद यादव ने हस्तक्षेप किया तो उन पर भी हमला कर दिया गया, जिससे दोनों घायल हो गए। घटना की सूचना पर डायल-112 और सरायमीर थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। इस मामले में शिवम जायसवाल की तहरीर पर बसपा नेता प्रमोद गौतम समेत गौरव, अभिषेक गौतम, विनोद गौतम, अमर गौतम और संतोष गौतम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।


 पीड़ित पक्ष का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। शिवम जायसवाल, विनोद यादव और नितिन जायसवाल का कहना है कि आरोपियों के परिवार का एक युवक पुलिस विभाग में सिपाही है, जिसके प्रभाव के चलते स्थानीय पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और ऐसा न करने पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी बाजार के दो दुकानदारों पर हमला करने के आरोप लग चुके हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हैं। शनिवार को पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की। उनका कहना है कि आरोपियों की धमकियों से बाजार के व्यापारी और स्थानीय लोग भयभीत हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।

Saturday, 13 June 2026

आजमगढ़ देवगांव वाराणसी हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, चार की मौत देवगांव के बरडीहा मोड़ के पास ट्रेलर से टकराई आर्टिका कार, एक गंभीर घायल


 आजमगढ़ देवगांव वाराणसी हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, चार की मौत



देवगांव के बरडीहा मोड़ के पास ट्रेलर से टकराई आर्टिका कार, एक गंभीर घायल


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के देवगांव कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा आजमगढ़-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरडीहा मोड़ के पास उस समय हुआ, जब एक आर्टिका कार ट्रेलर से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग वाहन के अंदर बुरी तरह फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। 


पुलिस की मदद से सभी घायलों को संयुक्त सौ शैय्या चिकित्सालय लालगंज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल अजमल आलम पुत्र लाल मोहम्मद की हालत नाजुक देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। बताया गया है कि कार में सवार सभी लोग झारखंड राज्य के पलामू जिले के मेदिनीनगर (डाल्टनगंज) क्षेत्र के मोहनिया गांव के निवासी थे। हादसे की सूचना पुलिस द्वारा मृतकों के परिजनों को फोन के माध्यम से दे दी गई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई ह।

आजमगढ़ शहर कोतवाली वृद्ध हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा, आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार 15 साल पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह, पुलिस ने आरोपी अभय उर्फ मत्तू को दबोचा; तमंचा, चाकू और खून से सने कपड़े बरामद


 आजमगढ़ शहर कोतवाली वृद्ध हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा, आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार


15 साल पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह, पुलिस ने आरोपी अभय उर्फ मत्तू को दबोचा; तमंचा, चाकू और खून से सने कपड़े बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में शहर कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरा गांव में 70 वर्षीय वृद्ध भुआल चौहान की गला रेतकर की गई हत्या का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोपी अभय चौहान उर्फ मत्तू को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पैर में गोली लगी है और उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार 10/11 जून 2026 की रात भुआल चौहान अपने घर के बाहर स्थित पशुशाला के पास बने कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से उनका गला रेतकर हत्या कर दी थी। मामले में मृतक के पुत्र कर्मराज चौहान की तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में गठित पुलिस टीम को सूचना मिली कि हत्याकांड से जुड़ा आरोपी अवैध असलहे के साथ मोटरसाइकिल से बंशी बाजार-उकरौड़ा मार्ग होते हुए एक्सप्रेस-वे की ओर जाने वाला है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन उसकी बाइक फिसलकर गिर गई। पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद आरोपी ने फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई।


 पूछताछ में आरोपी अभय चौहान उर्फ मत्तू ने बताया कि लगभग 15 वर्ष पूर्व उसकी मां के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर वह भुआल चौहान से रंजिश रखता था। इसी दुश्मनी के चलते उसने सोते समय चाकू से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, .315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, हत्या में प्रयुक्त चाकू सहित दो चाकू, खून लगा गमछा तथा खून से सनी टी-शर्ट बरामद की है। मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Friday, 12 June 2026

आजमगढ़ निजामाबाद गुरुद्वारा भूमि पर निर्माण को लेकर बवाल, सिख समाज के विरोध पर पुलिस ने रुकवाया काम भूमि विवाद कमिश्नर न्यायालय में विचाराधीन, 18 जून की सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश


 आजमगढ़ निजामाबाद गुरुद्वारा भूमि पर निर्माण को लेकर बवाल, सिख समाज के विरोध पर पुलिस ने रुकवाया काम


भूमि विवाद कमिश्नर न्यायालय में विचाराधीन, 18 जून की सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद कस्बे में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा की भूमि को लेकर गुरुवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब विवादित भूमि पर निर्माण कार्य कराए जाने की सूचना सिख समुदाय के लोगों को मिली। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग मौके पर पहुंच गए और निर्माण कार्य का विरोध शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया।घटना की सूचना गुरुद्वारा के जत्थेदार बाबा सतनाम सिंह को दी गई, जिसके बाद वह भी मौके पर पहुंचे और प्रशासन को पूरे मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निजामाबाद राकेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रण में लिया। 


बताया जा रहा है कि कस्बा निजामाबाद निवासी अफजल एवं असलम पुत्रगण कमरूद्दीन द्वारा उक्त भूमि पर निर्माण कराया जा रहा था। निर्माण की सूचना फैलते ही दोनों पक्षों के काफी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया और भारी भीड़ जुट गई। गुरुद्वारा के जत्थेदार बाबा सतनाम सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गुरुद्वारा की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भूमि विवाद का मामला वर्तमान में कमिश्नर न्यायालय में विचाराधीन है तथा इसकी अगली सुनवाई 18 जून 2026 को निर्धारित है। ऐसे में न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद निर्माण कार्य कराया जाना उचित नहीं है। थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने दोनों पक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व विभाग की जांच एवं न्यायालय के अंतिम निर्णय तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यथास्थिति बनाए रखी जाए तथा कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की तत्परता और समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हो गई तथा दोनों पक्ष शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौट गए। हालांकि भूमि विवाद को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और अब सभी की निगाहें 18 जून 2026 को होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।