Thursday, 15 May 2025

आजमगढ़ सिधारी धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने के मामले में मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार 35 लाख रुपये ऐंठने और फर्जी खतौनी की नकल देने का आरोप


 आजमगढ़ सिधारी धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने के मामले में मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार



35 लाख रुपये ऐंठने और फर्जी खतौनी की नकल देने का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सिधारी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने के मामले में मुख्य अभियुक्त अभिनव सिंह उर्फ मन्टू सिंह को गिरफ्तार किया है। अभिनव पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नरहन खास निवासी निर्भय सिंह से 35 लाख रुपये ऐंठ लिए और फर्जी खतौनी की नकल देकर जमीन का बैनामा नहीं किया।


पुलिस के अनुसार, 7 मई 2025 को निर्भय सिंह पुत्र वीरेन्द्र सिंह ग्राम व पोस्ट नरहन खास थाना जीयनपुर जनपद आजमगढ़ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अभिनव सिंह, उनकी पत्नी ऋतिका सिंह, साक्षी सिंह और अनुग्रहण नारायण सिंह ने मिलकर छल-कपट से जमीन बेचने के नाम पर उनसे 35 लाख रुपये लिए। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत के आधार पर सिधारी थाने में मुकदमा अपराध संख्या 216/2025 अंतर्गत धारा 419, 420, 467, 468, 471, 406, 504 और 506 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच कर रहे मूसेपुर चौकी प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने 15 मई 2025 को सुबह 7:10 बजे हाइडिल चौराहे के पास से अभिनव सिंह (34 वर्ष), निवासी शांति मठ, तिवारीपुर, सिधारी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

आजमगढ़ गंभीरपुर सीओ की गाड़ी विद्युत पोल से टकराई, गंभीर रूप से घायल शहर के निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती


 आजमगढ़ गंभीरपुर सीओ की गाड़ी विद्युत पोल से टकराई, गंभीर रूप से घायल



शहर के निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गंभीरपुर बाजार में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। जौनपुर से आजमगढ़ जा रही पुलिस उपाधीक्षक (एलआईयू) प्रज्ञान अजय त्रिपाठी की बोलेरो गाड़ी अनियंत्रित होकर विद्युत पोल से टकरा गई। हादसे में डीएसपी प्रज्ञान गंभीर रूप से घायल हो गए।


सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल डीएसपी को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदपुर ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने भी उनकी हालत को देखते हुए हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। वर्तमान में डीएसपी प्रज्ञान का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

लखनऊ स्लीपर बस में लगी आग, जिंदा जले 5 यात्री आग लगने के बाद कुछ देर तक जलती हुई हालत में दौड़ती रही बस, कई घायल


 लखनऊ स्लीपर बस में लगी आग, जिंदा जले 5 यात्री



आग लगने के बाद कुछ देर तक जलती हुई हालत में दौड़ती रही बस, कई घायल



उत्तर प्रदेश, लखनऊ में गुरुवार की सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। बिहार से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस में आग लग गई। यह हादसा लखनऊ के किसान पथ पर हआ। आग कैसे लगी इसके कारण पता नहीं चल सके। आग लगने के बाद मोहनलालगंज पुलिस मौके पर पहुंची। आग को बुझाने में आधा दर्जन गाड़ियों को एक साथ लगना पड़ा।


 मोहनलालगंज सहित कई दूसरे थानों की पुलिस भी मौके पर मौजूद है। आग कैसे लगी पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है। अभी तक आ रही खबरों के अनुसार बस में करीब अस्सी यात्री थे। मरने वालों में दो बच्चे, दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल है। हादसे का समय सुबह पांच बजे के करीब का बताया जा रहा है। उस वक्त सभी लोग बस में सो रहे थे। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार आग लगने के बाद बस कुछ देर तक जलती हुई हालत में दौड़ती रही। ड्राइवर और कंडक्टर कांच तोड़कर निकल भागे। मुख्य गेट आग लगने की वजह से जाम हो गया। जो लोग दूसरे रास्तों से निकल पाए वो बच गए। सूचना के अनुसार हादसा पीजीआई कल्ली के पास से गुजर रहे किसान पथ पर हुआ। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी।


प्राप्त सूचना के अनुसार मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड ने आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि बस का इमरजेंसी गेट नहीं खुला इस वजह से पीछे बैठे लोग बस में फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि 1 किमी दूर तक आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। बस कुछ दूर तक जलने के बाद भी दौड़ती रही।


मृतकों का विवरण : 1.लख्खी देवी पत्नी अशोक मेहता उम्र करीब 55 साल, 2.सोनी पुत्री अशोक महतो उम्र करीब 26 वर्ष, 3.देवराज पुत्र रामलाल उम्र करीब 3 वर्ष, 4.साक्षी कुमारी पुत्री रामलाल उम्र करीब 2 वर्ष , 5.एक अज्ञात पुरुष.

Wednesday, 14 May 2025

आगरा लुटेरी दुल्हन को आजीवन कारावास की सजा शादी के 3 दिन बाद पति को जहर देकर मार डाला, जेवरात लेकर हो गई थी गायब


 आगरा लुटेरी दुल्हन को आजीवन कारावास की सजा


शादी के 3 दिन बाद पति को जहर देकर मार डाला, जेवरात लेकर हो गई थी गायब



उत्तर प्रदेश, आगरा में शादी के तीन दिन बाद ही लुटेरी दुल्हन ने पति को जहर देकर मार दिया था। बाद में घर से रात को ही नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गई। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर उत्तराखंड के जिला उधमपुर के थाना कुंडा क्षेत्र के गांव बैली जोड़ी निवासी मृतक की पत्नी तारा उर्फ रुबीना को दोषी पाया। एडीजे-21 विराट कृष्ण श्रीवास्तव ने दोषी को आजीवन कारावास के साथ 75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।


थाना जगदीशपुरा में आवास विकास सेक्टर-4 निवासी मृतक की बहन विशेषा देवी ने 25 मई 2016 को थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि छोटा भाई निर्मल सिंह 21 मई को उत्तराखंड के जिला उधमपुर के थाना कुंडा क्षेत्र के गांव बैली जोड़ी निवासी तारा से विवाह कर उसे घर लेकर आया था। घर में खुशी का माहौल था। 25 मई 2016 की सुबह उनका भतीजा भारत पिता को कमरे में जगाने गया था। वह बेड पर पड़े थे।


यह देख उसकी चीखें निकल गई। शोर सुनकर पड़ोस के लोग घर आ गए। भाई निर्मल को निजी अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घर से पत्नी तारा और नकदी व जेवरात भी गायब थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उत्तराखंड से तारा को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि तारा का असली नाम रुबीना था। वह पूर्व से ही शादीशुदा थी। वह ज्यादा उम्र के अविवाहित लोगों को जाल में फंसाकर उनसे शादी करती।


मौका मिलते ही ससुराल से नकदी और जेवरात लेकर फरार हो जाती थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी जहर से हत्या की पुष्टि हुई थी। अभियोजन की तरफ से विशेषा देवी, मृतक के पुत्र भारत, डॉक्टर प्रभात सिंह, पुलिस कर्मी धारा सिंह, एसओ तेजबहादुर सिंह, एसआई राजीव कुमार और विधि विज्ञान प्रयोशाला के अधिकारी कर्नल कुंवर प्रताप सिंह को गवाही के लिए अदालत में पेश किया गया।

आजमगढ़ निजामाबाद सबइंस्पेक्टर सहित 3 पुलिसकर्मी निलंबित अवैध असलहा लहराने के वायरल वीडियो मामले में एसएसपी ने की कारवाई


 आजमगढ़ निजामाबाद सबइंस्पेक्टर सहित 3 पुलिसकर्मी निलंबित



अवैध असलहा लहराने के वायरल वीडियो मामले में एसएसपी ने की कारवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निज़ामाबाद थाना क्षेत्र के कुजियारी गांव में एक कार्यक्रम के दौरान कुछ युवकों द्वारा अवैध असलहा लहराने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हेमराज मीना ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में जांच के बाद सबइंस्पेक्टर सुधीर पांडेय, हेड कांस्टेबल राकेश तिवारी और सौरभ पाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


वायरल वीडियो में युवकों को असलहा लहराते देखा गया था, जिसके बाद एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निज़ामाबाद थाना प्रभारी हीरेंद्र प्रताप सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा। जांच के दौरान अन्य थानों से पुलिस बल बुलाकर वीडियो में दिखाई देने वाले आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार कर निज़ामाबाद थाने लाया गया।


हालांकि, घटना के 24 दिन बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र सौंपा, जिसमें गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मियों पर मोबाइल के माध्यम से पैसे लेने और अन्य सामान हड़पने के गंभीर आरोप लगाए गए। परिवार ने इसके समर्थन में एक वीडियो और वॉयस रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की। इन साक्ष्यों की जांच के बाद आरोपों को सत्य पाया गया, जिसके आधार पर तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।


निलंबित पुलिसकर्मियों ने अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को एकतरफा और गलत बताया है। उनका दावा है कि प्रस्तुत साक्ष्य झूठे हैं या तोड़-मरोड़ कर पेश किए गए हैं। मामले की उच्चस्तरीय जांच जारी है, जिसमें तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपों की पुष्टि की जा रही है।


एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि उक्त पुलिसकर्मियों ने एक व्यक्ति को अवैध तमंचे के साथ पकड़ा था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया और पैसे की मांग की। जांच में इन आरोपों की पुष्टि होने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

आजमगढ़ सपा विधायक रमाकांत यादव सहित 4 को 3 माह की सजा पवई चौराहा अवरुद्ध करने का मामला


 आजमगढ़ सपा विधायक रमाकांत यादव सहित 4 को 3 माह की सजा




पवई चौराहा अवरुद्ध करने का मामला


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पवई चौराहे पर सड़क अवरुद्ध करने के 19 साल पुराने मामले में जनपद के चिह्नित माफिया, पूर्व सांसद और सपा विधायक रमाकांत यादव सहित चार दोषियों को मंगलवार को सजा सुनाई गई। सिविल जज सीनियर डिवीजन व एमपी-एमएलए कोर्ट ने रमाकांत यादव, दयाराम भाष्कर, रामकिशुन राजभर और रामकृपाल को 3-3 माह के कारावास और 1300-1300 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

घटना 5 अप्रैल 2006 की है, जब रमाकांत यादव ने 200-250 समर्थकों के साथ पवई चौराहे पर टेंट लगाकर कलान-अजमगढ़ और मित्तूपुर मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया था। इससे आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी हुई और प्रशासनिक कार्य बाधित हुए। तत्कालीन थानाध्यक्ष पवई मूलचंद चौरसिया की तहरीर पर पवई थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।


अभियोजन पक्ष ने तीन गवाहों की गवाही और ठोस साक्ष्यों के आधार पर मामला मजबूत किया। कोर्ट ने रमाकांत यादव (निवासी सरांवा, थाना दीदारगंज), दयाराम भाष्कर (निवासी मैनुद्दीनपुर, थाना पवई), रामकिशुन राजभर (निवासी गद्दोपुर, थाना पवई) और रामकृपाल (निवासी बस्ती चक गुलरा, थाना पवई) को दोषी ठहराया। कोर्ट ने आईएस-133 गैंग के लीडर रमाकांत यादव सहित चारों को सजा सुनाई।

पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने इसे ऑपरेशन कनविक्शन की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि जनपद पुलिस माफिया और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेगी। यह सजा कानून के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत करेगी।

Tuesday, 13 May 2025

गोरखपुर बहन की शादी से 4 दिन पहले 2 भाइयों ने लगाई फांसी मां ने बताई बेटों की आत्महत्या करने की चौंकाने वाली वजह


 गोरखपुर बहन की शादी से 4 दिन पहले 2 भाइयों ने लगाई फांसी



मां ने बताई बेटों की आत्महत्या करने की चौंकाने वाली वजह



उत्तर प्रदेश, गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र के लकुड़ी गांव में बहन की शादी से चार दिन पहले दो सगे भाइयों ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। मृतकों की पहचान सत्यम (18) और संदीप (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस के अनुसार, सत्यम का एक लड़की से प्रेम संबंध था। बताया जाता है कि सत्यम ने लड़की के साथ पांच माह पहले मंदिर में शादी रचा ली थी। 15 मई 2025 को सत्यम की छोटी बहन रिया की शादी होने वाली थी, जिसके लिए वह 6 मई 2025 को गांव लौटा था। अगले दिन वह अपनी प्रेमिका को लेकर गोरखपुर चला गया। 11 मई 2025 को लड़की के परिजनों ने सत्यम के घर पहुंचकर गाली-गलौज और मारपीट की। मां कलावती का आरोप है कि लड़की के चचेरे भाई रवि ने धमकी दी कि सत्यम की दोनों बहनों को उठा ले जाएंगे। इसके बाद लड़की के परिजनों ने सत्यम को गोरखपुर में उसके कमरे पर मारपीट कर लड़की को अपने साथ ले गए। इस प्रताड़ना से आहत होकर सत्यम ने दिनाँक 11/05/2025 दिन रविवार दोपहर करीब 3 बजे घर के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।


सत्यम की मौत का सदमा बड़ा भाई संदीप बर्दाश्त नहीं कर सका। 12/05/2025 दिन सोमवार को सुबह लगभग 05:00 से 06:00 के बीच आत्महत्या कर लिया। उपरोक्त लोग कभी भी पीड़िता कि लड़कियों कि हत्या व पीड़िता कि लड़कियों को उठवा सकते हैं। जिससे पीड़िता काफी डरी व सहमी हैं।


मां कलावती ने लड़की के परिजनों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने कहा कि सत्यम और संदीप की आत्महत्या के लिए चार लोग जिम्मेदार हैं। इस घटना के बाद शादी वाले घर में कोहराम मच गया। रिया की शादी टालनी पड़ी और वह सदमे में अचेत होकर अस्पताल में भर्ती है।


सोमवार देर रात गोला पुलिस की मौजूदगी में दोनों भाइयों के शव पोस्टमार्टम के बाद मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार के लिए लाए गए। बड़ी बहन सुनीता ने दोनों भाइयों की चिता को मुखाग्नि दी। बवाल की आशंका के चलते मुक्तिधाम और गांव में पुलिस बल तैनात किया गया। गोला थाना प्रभारी अंजुल चतुर्वेदी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 206/2025 अंतर्गत धारा 352,351(3),309(6),108, भारतीय न्याय सहिंता (BNS) 2023 दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


दो भाइयों की आत्महत्या से लकुड़ी गांव में शोक की लहर है। मां कलावती का कहना है कि अब उनके पास केवल एक बेटी बची है और जीने का सहारा खत्म हो गया। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।