Thursday, 10 November 2022

आजमगढ़ मोहम्मदपुर अमजद अली इंटर मीडिएट कॉलेज में 3 दिवसीय स्काउट गाइड शिविर का प्रधानाचार्य ने किया उद्घाटन


 आजमगढ़ मोहम्मदपुर अमजद अली इंटर मीडिएट कॉलेज में 3 दिवसीय स्काउट गाइड शिविर का प्रधानाचार्य ने किया उद्घाटन


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अमजद अली इंटर मीडिएट कॉलेज मुहम्मदपुर में स्काउट गाइड का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन विद्यालय के प्रधानाचार्य अब्दुल राजिक द्वारा किया गया। प्रशिक्षण डॉक्टर जयंत कुमार पांडेय ,मोहम्मद सादिक और गोविंदा चौहान द्वारा दिया गया।


 बच्चों को संबोधित करते हुए जयंत कुमार पांडेय ने बताया कि स्काउट एक ऐसा विधा है जिसे हमें विपरीत परिस्थितियों में जीने का सहारा देता है। इस में सर्वप्रथम स्काउट समाज के अंतिम पायदान के लोगों की सेवा का अवसर प्रदान करता है। कार्यक्रम का सफल निर्देशन आलोक कुमार श्रीवास्तव ने किया। 


कार्यक्रम में स्काउट प्रभारी जफर आलम और गाइड प्रभारी मिठाई लाल यादव कार्यक्रम में स्काउट और गाइड को अच्छी शिक्षा देने पर बल दिया तथा बताया कि स्काउट गाइड को अपने जीवन में अनुशासन का पालन आवश्यक है। अगर हम अनुशासन को अपने जीवन में अपना  ले तो हमारा जीवन सफल हो जाता है। प्रशिक्षण में लगभग ढाई सौ छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।



आजमगढ़ गम्भीरपुर से राहुल पांडेय की रिपोर्ट।

आजमगढ़ मेहनगर सड़क पर झाड़ू लेकर उतरे एसडीएम साहब आदेश का सफाई कर्मियों पर नहीं दिखा असर तो खुद उठाया ऐसा कदम


 आजमगढ़ मेहनगर सड़क पर झाड़ू लेकर उतरे एसडीएम साहब


आदेश का सफाई कर्मियों पर नहीं दिखा असर तो खुद उठाया ऐसा कदम


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ नगर पंचायत मेंहनगर में गंदगी का अंबार लगा हुआ था। इसे साफ करने के लिए एसडीएम संत रंजन ने कई बार सफाई कर्मियों को निर्देश दिया था। लेकिन सफाईकर्मियों पर इसका कोई असर नहीं दिखा।


 बुधवार को भी निर्देश दिए जाने के बावजूद सफाई नहीं हुई तो गुरुवार की सुबह पुनः पैदल निकले। गंदगी देखते ही स्वयं सफाकर्मी के हाथ से झाड़ू उठाकर सफाई करने लगे। एसडीएम के सफाई करने से सफाईकर्मी सकते में हो गए। एसडीएम के इस कदम के बाद सफाईकर्मी भी साफ सफाई में जुट गये। पूरे क्षेत्र में इसकी जोरों की चर्चा है।

गोरखपुर गैंगस्टर डा0 अभिषेक यादव की पत्नी और बहन की भी संपत्ति कुर्क अब बैंक खाता, नर्सिंग कॉलेज पर की गई कार्रवाई प्रवेश के लिए डोनेशन एवं निर्धारित से अधिक फीस लेने के बाद न परीक्षा कराये जाने और न ही डिग्री दिये जाने का आरोप


 गोरखपुर गैंगस्टर डा0 अभिषेक यादव की पत्नी और बहन की भी संपत्ति कुर्क


अब बैंक खाता, नर्सिंग कॉलेज पर की गई कार्रवाई


प्रवेश के लिए डोनेशन एवं निर्धारित से अधिक फीस लेने के बाद न परीक्षा कराये जाने और न ही डिग्री दिये जाने का आरोप



उत्तर प्रदेश गोरखपुर कोतवाली थाने में दर्ज गैंगस्टर केस में दुर्गाबाड़ी निवासी डॉ. अभिषेक यादव के साथ उसकी पत्नी डॉ. मनीषा यादव, शाहपुर के बशारतपुर में रहने वाली बहन डॉ. पूनम यादव भी आरोपी हैं। इसी कारण इनकी संपत्तियों को भी कुर्क किया गया है। बहन व पत्नी की भी कॉलेज के दाखिला में भूमिका मिलने पर गैंगस्टर के तहत दर्ज केस में आरोपी बनाया गया है। डॉ. अभिषेक, पत्नी व बहन के अलावा शक्तिनगर निवासी डॉ. सी प्रसाद उर्फ चौथी, बस्ती जिले के लालगंज, खोरिया निवासी शोभितानंद यादव, गुलरिहा थानाक्षेत्र के करमहा निवासी श्याम नारायण मौर्य व मोगलहा निवासी विशाल त्रिपाठी भी गिरोह के गुर्गे बताए गए हैं। आरोप है कि सभी ने मिलकर 2015 से गिरोह चला रहे हैं।


एसएसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने 16 सितंबर को आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी विवेचना तिवारीपुर थाने की पुलिस कर रही है। मामले में पैरामेडिकल कॉलेज के छात्रों ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया है कि वर्ष 2018-19 एएनएम, जीएनएम वर्ष 2019-20 में एएनएम, जीएनएम और सत्र 2020-21 व 2021-22 में प्रवेश के लिए डोनेशन एवं निर्धारित से अधिक फीस ली गई है। इसके बाद न परीक्षा कराई गई और न डिग्री दी गई।


प्रथम सत्र के छात्रों को यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी बताकर पंजीकरण कराया गया। बाद में स्टेट मेडिकल फैकल्टी बताया जा रहा है। पता चला कि संस्था की मान्यता नहीं है। कूटरचित दस्तावेज पर मान्यता ली गई है। सीएमओ की जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। पुलिस ने मामले में पिपराइच थाने में केस दर्ज किया था। डॉ. अभिषेक पर 20 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें लखनऊ के हुसैनगंज में भी दर्ज मुकदमा शामिल है। गोरखपुर में वर्ष 2016 में दर्ज 14 मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लग गई थी, जिसे फिर से खोला गया था। मई 2022 में तत्कालीन एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने सभी मुकदमों की जांच कराकर एक ही दिन चार्जशीट दाखिल कराई थी। इसके बाद गैंगस्टर का ग्राउंड तैयार हो गया था। बाद में गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की गई।



इन संपत्तियों को किया गया कुर्क-जटेपुर उत्तरी स्थित आवास, जंगल नकहा नंबर दो स्थित राज गोशाला, हुमायूंपुर स्थित राज नर्सिंग होम, हॉस्टल, जंगल अहमद शाह अली उर्फ तुर्रा स्थित राज नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेज, दो कार, चार स्कूल बस, एक माल वाहन, दो बाइक। डॉ. मनीषा यादव के तीन खाते, डॉ. अभिषेक के दो, राज शिक्षण प्रशिक्षण सेवा समिति के सात खाते, स्व. डॉ. राजाराम जिसके नामिनी डॉ. अभिषेक के तीन, राज कुमारी के चार खाते जिसके नामिनी डॉ. अभिषेक यादव हैं।

Wednesday, 9 November 2022

आजमगढ़ पुलिस ने 16 लाख कीमत की 102 मोबाइल किया बरामद एसपी सिटी ने पुलिस लाइन में मोबाइल स्वामियों को उनका मोबाइल लौटाया


 आजमगढ़ पुलिस ने 16 लाख कीमत की 102 मोबाइल किया बरामद


एसपी सिटी ने पुलिस लाइन में मोबाइल स्वामियों को उनका मोबाइल लौटाया


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पुलिस की सर्विलांस टीम ने 102 लोगों के खोये हुए मोबाइल फोन को बरामद किया है। जिसे पुलिस लाइन सभागार आजमगढ़ में उनके स्वामियों को सौंप दिया गया। 



अपर पुलिस अधीक्षक नगर शैलेन्द्र लाल ने बताया कि बरामद 102 मोबाइल फोन की कीमत लगभग 16 लाख रुपये है। जनता के खोये हुए मोबाइल के संबंध में प्राप्त प्रार्थना पत्रों के आधार पर यह बरामदगी की गई है। पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ अनुराग आर्य द्वारा सर्विलांस सेल जनपद आजमगढ़ को गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी हेतु निर्देशित किया गया था। 


सर्विलांस सेल ने खोये हुए मोबाइल फोन की बरामदगी हेतु लगातार प्रयास किया। जिसके परिणामस्वरुप जनता के कुल 102 मोबाइल फोन नाम पता कर सर्विलांस सेल ने बरामद किया है जिसकी कीमत लगभग 16 लाख रुपये है। टीम में सर्विलांस प्रभारी उ0नि0 विनय कुमार दुबे, हे0 का0 चन्द्रमा मिश्र, का0 यशवन्त सिंह तोमर, का0 उमेश कुमार यादव, का0 इन्द्रेश वरूण, का0 आलोक सिंह, का0 वसीक, ओ0पी0 दिनेश कुमार यादव शामिल थे जिनके प्रयास से चोरी के मोबाइल बरामद किये गये।

आजमगढ़ पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत कहा जबरदस्ती किसानों की जमीन कोई नहीं ले पायेगा लामबन्द रहेंगे तो सरकार कुछ नहीं कर पायेगी-टिकैत


 आजमगढ़ पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत


कहा जबरदस्ती किसानों की जमीन कोई नहीं ले पायेगा

लामबन्द रहेंगे तो सरकार कुछ नहीं कर पायेगी-टिकैत



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जनपद के मंदुरी स्थित हवाई पट्टी के विस्तारीकरण को लेकर सरकार की तरफ से चल रहे किसानों की जमीन के अधिग्रहण के प्रस्ताव के विरोध में किसान नेता राकेश टिकैत आज समीप के जमुआ गांव में किसान पंचायत में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किसानों में जोश भरते हुए कहाकि अगर किसान अपनी जमीन नहीं बेचना चाहते हैं तो कोई उनकी जमीन जबरदस्ती नहीं ले पाएगा। ग्रामीणों को इसके लिए एकजुटता दिखानी होगी। सरकार द्वारा एक-एक कर कमजोर कड़ी को तोड़ने का प्रयास किया जायेगा लेकिन अगर सभी लामबंद रहेंगे तो सरकार कुछ नहीं कर पाएगी।



उन्होने कहा कि यह आंदोलन तभी खड़ा हो पाएगा, जब लोग अपनी जमीन का अधिग्रहण नहीं कराएंगे। उन्होंने पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में टाटा फैक्ट्री और राजस्थान के जालौर में अडाणी के रिफाइनरी प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि विरोध के चलते लोगों को लौटना पड़ा। राकेश टिकैत ने कहा कि आजमगढ़ में मंदुरी में जो वर्तमान हवाई पट्टी है उसी से काम चलाना चाहिए, विस्तारीकरण के नाम पर जबरदस्ती किसानों की हरी-भरी खेती वाली जमीनों को नहीं लेना चाहिए, किसान कहां जाएंगे। ग्रामीणों को मुआवजे के लालच के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि अगर ऐसा होगा तो फिर आंदोलन नहीं खड़ा हो पाएगा। खुद के बारे में राकेश टिकैत ने कहा कि वह आंदोलन में तभी साथ देंगे जब कोई किसान एक भी जमीन न बेचे। इसके बाद देखते कि सरकार कैसे जमीन लेती है।


 उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं को भी आवाहन किया कि उनको किसानों के साथ लगातार खड़ा रहना चाहिए। विदित हो कि एक दिन पहले ही इस किसान पंचायत में सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर व पूनम पंडित भी आई थी और उन्होंने भी अधिग्रहण के प्रस्ताव के खिलाफ मोर्चा खोला था।

आजमगढ़ फरार शिक्षिका के घर धारा 82 की नोटिस चस्पा 10 साल से दूसरे के स्थान पर कर रही थी नौकरी


 आजमगढ़ फरार शिक्षिका के घर धारा 82 की नोटिस चस्पा


10 साल से दूसरे के स्थान पर कर रही थी नौकरी



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ नगर कोतवाली के सिविल लाइन में कंधरापुर थाना की पुलिस ने फरार शिक्षिका के घर धारा 82 की नोटिस चस्पा की है। वह बिलरियागंज शिक्षा क्षेत्र में दूसरे के स्थान पर नौकरी कर रही थी। मामला उजागर होने के बाद से फरार है। शिक्षिका के विरूद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा चल रहा है।


उप निरीक्षक जफर खान ने बताया कि नगर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन निवासी रेखा सिंह पुत्री अवधेश कुमार सिंह, पत्नी स्व. अनिरूद्ध कुमार सिंह बिलरियागंज शिक्षा क्षेत्र के शोधन पट्टी स्थित प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक की। वह 10 साल से दूसरे के स्थान पर नौकरी कर रही थी। 


आरोपी शिक्षिका के विरूद्ध कंधरापुर थाना में मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रही है। कोर्ट के आदेश पर आरोपी शिक्षिका रेखा सिंह के घर पर मुनादी की कार्रवाई की गई। उसके घर पर धारा 82 की नोटिस चस्पा की गई।

उन्नाव सीओ ऑफिस के सामने ओएफसी महिला कर्मी को गोली मारी दो तमंचे लेकर पहुंचा था आरोपी


 उन्नाव सीओ ऑफिस के सामने ओएफसी महिला कर्मी को गोली मारी


दो तमंचे लेकर पहुंचा था आरोपी



उत्तर प्रदेश उन्नाव में सीओ कार्यालय के सामने मंगलवार को दिनदहाड़े ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर में तैनात कार सवार महिला कर्मचारी को युवक ने गोली मार दी। महिला को ईलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। उधर, आसपास के लोगों ने आरोपित को तमंचे के साथ दबोच लिया और पिटाई के बाद पुलिस को सौंप दिया। आरोपित महिला के ननद का बेटा बताया गया है, जिसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।


सिविल लाइन पश्चिम खेड़ा की अमित कुशवाहा कानपुर ओएफसी में जूनियर वर्क मैनेजर (जेडब्ल्यूएम) हैं। जानकारी के अनुसार अमित की शादी रायबेरली के थाना खीरो के तुगना गांव के चंद्रभान के साथ हुई थी। चार साल से दंपति में विवाद है। अमित सोमवार को रायबरेली कोर्ट में पति से तलाक मामले में गवाही देने आई थीं। मंगलवार को सीओ दफ्तर के सामने संत मीता शाह समाधि स्थल पर लगे मेले में मां विजय लक्ष्मी व भाई अजय के साथ आई थीं।


समाधि स्थल पर दर्शन के बाद अमित कार में बैठ गई। भाई-मां खरीदारी कर रहे थे। इसी बीच एक युवक ने अमित पर फायर झोंक दिया। दो गोलियां सिर व गले में लगने से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गई। जख्मी अमित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। भाई अजय प्रकाश ने अमित के ननद के बेटे गोकुल को नामजद किया है। पुलिस ने गोकुल पर केस दर्ज कर जांच रही है।


सीओ आफिस के बाहर महिला को गोली मारे जाने से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। संत मीता शाह समाधि स्थल पर लगे मेले में चौकसी को लेकर पुलिस कितनी सतर्क थी यह पता चल गया। सवाल उठने लगा है कि पुलिस अपने आफिस के बाहर लोगों को सुरक्षित नहीं कर पा रही है तो दूर दराज इलाके में सुरक्षा कैसी होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।


पुरवा पुलिस की निष्क्रियता से क्षेत्र में आपराधिक मामले बढ़ते जा रहे हैं। कुछ दिन पहले मंगतखेड़ा में हुए बड़े मामले में पुलिस की खूब किरकिरी हुई थी। एक के बाद एक लगातार बड़ी घटनाएं हो रही है लेकिन पुरवा पुलिस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सीओ विक्रमाजीत के कार्यालय के सामने मेला लगा था। उस समय सीओ बक्सर ड्यूटी पर थे। सुरक्षा की जिम्मेदारी कोतवाली प्रभारी चंद्रभान की थी। मेले में ना तो सुरक्षा का इंतजाम था और ना ही ट्रैफिक दुरुस्त करने की व्यवस्था। आरोपित युवक ने एक के बाद एक दो बार तमंचे में गोली मारी और पुलिस बेसुध रही।


गनीमत थी कि मेले में मौजूद लोगों ने घेराबंदी कर आरोपित को हिम्मत जुटाकर दबोचा ना होता तो पुलिस उसे कब गिरफ्तार कर पाती, पता नहीं। भीड़ ने ही बताया कि पुलिस मौके पर पहुंची थी तो युवक को गाड़ी में बैठाने ले जा रही थी। तब भीड़ ने बताया कि युवक ने गाड़ी में बैठी महिला को गोली मारी है।