Friday, 31 July 2026

वाराणसी कॉल सेंटर पर पुलिस ने मारा छापा, 21 लड़कियों सहित 32 धराये इलेक्ट्रॉनिक सामान किए गए जब्त, फोन के माध्यम से करते थे लोगों से संपर्क


 वाराणसी कॉल सेंटर पर पुलिस ने मारा छापा, 21 लड़कियों सहित 32 धराये



इलेक्ट्रॉनिक सामान किए गए जब्त, फोन के माध्यम से करते थे लोगों से संपर्क


उत्तर प्रदेश, वाराणसी भेलूपुर थाना क्षेत्र के महमूरगंज स्थित रघुनाथ नगर कॉलोनी के साही टॉवर में संचालित एक कथित ट्रेडिंग कॉल सेंटर पर पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने गुरुवार देर रात छापेमारी कर 21 युवतियों सहित 32 लोगों को हिरासत में लिया। सभी को पूछताछ के लिए साइबर थाने भेजा गया है। मौके से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य डिजिटल डाटा भी जब्त किया गया है। 


पुलिस के अनुसार, कॉल सेंटर से लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश, डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन खरीदारी में अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कर्मचारियों द्वारा फोन के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उन्हें कम समय में अधिक लाभ का भरोसा दिलाया जाता था। आरोप है कि निवेशकों से लाखों रुपये तक की रकम जमा कराई जाती थी। शुरुआती दौर में कुछ लोगों को मुनाफा या रकम वापस कर भरोसा बनाया जाता था, जिसके बाद अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था।


 एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कॉल सेंटर में किसकी क्या भूमिका थी और निवेश के नाम पर धन जुटाने का पूरा नेटवर्क कैसे संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि जिस कार्यालय में छापेमारी हुई, वहां एनकेडी एसोसिएट नाम का बोर्ड लगा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इसी नाम से एक कंपनी के सेबी में पंजीकृत होने का दावा किया गया है। हालांकि, पुलिस यह जांच कर रही है कि महमूरगंज स्थित कार्यालय का उस पंजीकृत कंपनी से वास्तव में कोई संबंध था या नहीं। यदि किसी वास्तविक संस्था के नाम और पहचान का दुरुपयोग किया गया है तो उसके पहलुओं की भी जांच की जाएगी। जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक डाटा की गहन पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्र और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। पुलिस पूरे नेटवर्क और धन के प्रवाह की जांच में जुटी हुई है।


https://www.news9up.com/2026/08/21.html

आजमगढ़ अतरौलिया, पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर बदमाश को लगी गोली टोल प्लाजा का बैरियर तोड़कर फरार तस्करों में शामिल था आरोपी तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद, गैंगस्टर, लूट सहित एक दर्जन मुकदमे हैं दर्ज


 आजमगढ़ अतरौलिया, पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर बदमाश को लगी गोली


टोल प्लाजा का बैरियर तोड़कर फरार तस्करों में शामिल था आरोपी


तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद, गैंगस्टर, लूट सहित एक दर्जन मुकदमे हैं दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना पुलिस ने गोतस्करी गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस मुठभेड़ में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस तथा एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की गई है। 


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार बदमाश पर गैंगस्टर, लूट, गोवध, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट सहित करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 को अतरौलिया पुलिस ने सूचना के आधार पर गोवंशीय पशुओं से लदी एक पिकअप को रोकने का प्रयास किया था। चालक वाहन लेकर फरार हो गया और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा का बैरियर तोड़ते हुए आगे निकल गया। बाद में गोपालीपट्टी नहर के पास पिकअप छोड़कर तीनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने वाहन से पांच प्रतिबंधित गोवंशीय पशु और एक मोबाइल फोन बरामद कर गोवध निवारण अधिनियम एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना में संतोष यादव, संतोष सरोज और शमीम के नाम प्रकाश में आए।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत शुक्रवार तड़के करीब 4:20 बजे अतरौलिया थाना पुलिस गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान तीन संदिग्ध एक मोटरसाइकिल से आते दिखाई दिए। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर आरोपियों ने फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में संतोष यादव (24), निवासी समस्तीपुर, थाना जहानागंज, के दाहिने पैर में गोली लग गई, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मौके से पुलिस ने एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की। इस संबंध में अतरौलिया थाने में बीएनएस की धारा 109(1) तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।


 पुलिस के अनुसार गिरफ्तार संतोष यादव थाना जहानागंज का हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध लूट, गोवध, गैंगस्टर, धोखाधड़ी, हत्या के प्रयास तथा आर्म्स एक्ट समेत करीब 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

आजमगढ़ श्रावण व त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट, डीआईजी व एसएसपी ने अपराध समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश कांवड़ यात्रा, नाग पंचमी व रक्षाबंधन की सुरक्षा व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं, साइबर अपराध और कानून-व्यवस्था की तैयारियों की हुई विस्तृत समीक्षा


 आजमगढ़ श्रावण व त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट, डीआईजी व एसएसपी ने अपराध समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश


कांवड़ यात्रा, नाग पंचमी व रक्षाबंधन की सुरक्षा व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं, साइबर अपराध और कानून-व्यवस्था की तैयारियों की हुई विस्तृत समीक्षा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा, नाग पंचमी, रक्षाबंधन एवं अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में अपराध समीक्षा बैठक (क्राइम मीटिंग) आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने की। बैठक में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं शाखा प्रभारियों के साथ आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं, ऑपरेशन दृष्टि, यूपी-112, ऑपरेशन कन्विक्शन, साइबर अपराध नियंत्रण तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। 


अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित विवेचनाओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाए। बैठक में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों की विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही वारंटियों एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी में तेजी लाने, महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक खबरों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। 


डीआईजी और एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को बीट प्रणाली को अधिक सक्रिय बनाने, थानों पर आने वाले प्रत्येक फरियादी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने तथा आगामी त्योहारों के दौरान प्रभावी गश्त, पैदल भ्रमण और पीस कमेटी की बैठकों के माध्यम से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा अवैध शराब, मादक पदार्थों, जुआ, सट्टा, पशु तस्करी एवं अन्य संगठित अपराधों के विरुद्ध अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने तथा जनसुनवाई एवं समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया।

जौनपुर थाना शाहगंज मिशन शक्ति/एंटी रोमियो पुलिस टीम द्वारा 01 मनचला अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार


 जौनपुर थाना शाहगंज मिशन शक्ति/एंटी रोमियो पुलिस टीम द्वारा 01 मनचला अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार


 उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद में अपराध की रोकथाम एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर जौनपुर एवं क्षेत्राधिकारी शाहगंज के निर्देशन व निकट पर्यवेक्षण में दिनांक-30.07.2026 को थाना शाहगंज पर नियुक्त मिशन शक्ति/ एंटी रोमियो टीम द्वारा छात्राओं को मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत उनकी सुरक्षा आदि के तहत चौकी इमरानगंज पर मामूर होकर प्रचार प्रसार किया जा रहा था कि सूचना मिली कि मोलनापुर मोड़ पर 01 मनचला जो आने-जाने वाली लड़कियों पर टिप्पणी व फब्तियां कस रहा है ,की मौके पर पहुंचकर गिरफ्तार किया गया। फर्द गिरफ्तारी के आधार पर थाना शाहगंज पर मु0अ0सं0-262/2026 धारा-296 भारतीय न्याय संहिता 2023 बनाम किसन राजभर पुत्र अच्छेलाल राजभर निवासी ग्राम रफीपुर थाना शाहगंज जनपद जौनपुर के विरुद्ध पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही  की जा रही है।


गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता-

(1) किसन राजभर पुत्र अच्छेलाल राजभर निवासी ग्राम रफीपुर थाना शाहगंज जनपद जौनपुर।


पंजीकृत अभियोग-

(1) मु0अ0सं0-262/2026 धारा-296 बीएनएस, थाना शाहगंज, जौनपुर।


गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम-

1. प्र0नि0 तेज बहादुर सिंह थाना शाहगंज जनपद जौनपुर

2. व0उ0नि0 चंद्रभान यादव मय पुलिस टीम थाना शाहगंज जौनपुर।

जौनपुर थाना खुटहन पुलिस टीम द्वारा 01 वारण्टी अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार


 जौनपुर थाना खुटहन पुलिस टीम द्वारा 01 वारण्टी अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार


उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद में अपराध की रोकथाम एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम मे अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी शाहगंज के निर्देशन व निकट पर्यवेक्षण में थाना खुटहन पुलिस टीम द्वारा मा0 न्यायालय जौनपुर के द्वारा जारी वारन्ट मु0नं0-651/24 धारा 523,504 भादवि के अनुपालन में दिनांक 30.07.2026 को ग्राम पटैला से 01 वारण्टी/अभियुक्त पप्पू उर्फ बनारसी पुत्र जियालाल निवासी पटैला थाना खुटहन जनपद जौनपुर को गिरफ्तार किया गया हैं।



गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता-

पप्पू उर्फ बनारसी पुत्र जियालाल निवासी पटैला थाना खुटहन जनपद जौनपुर। 



गिरफ्तारी करने वाली टीम का विवरण-

1.थानाध्यक्ष विक्रम लक्ष्मण सिंह थाना खुटहन जनपद जौनपुर ।

2.उ0नि0 रामजनम प्रसाद थाना खुटहन जनपद जौनपुर।

3.का0 संजय जायसवाल थाना खुटहन जनपद जौनपुर।

4,रि0का0 अमित सिंह, थाना खुटहन जनपद जौनपुर।

Wednesday, 29 July 2026

आजमगढ़ फूलपुर कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण और एल्बेंडाजोल की दवा से वंचित न रहे-एसडीएम टीकाकरण व राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित


 आजमगढ़ फूलपुर कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण और एल्बेंडाजोल की दवा से वंचित न रहे-एसडीएम



टीकाकरण व राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के तहसील सभागार में बुधवार को उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी), डिप्थीरिया-काली खांसी-टिटनेस (डीपीटी) टीकाकरण एवं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर अंतर्विभागीय कार्यबल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों के सभी पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराने तथा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। उप जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण और कृमिनाशक दवा से वंचित नहीं रहना चाहिए।


 बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर के अधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी एम. एल. अग्रहरी, सहायक शोध अधिकारी उमेश कुमार यादव, वरिष्ठ नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ. आर. बी. वर्मा, डॉ. मोहम्मद अजीम, खंड शिक्षा अधिकारी सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, विकास खंड फूलपुर एवं पवई के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी विभागों ने अभियान के सफल संचालन के लिए समन्वित प्रयास करने का भरोसा जताया।

आजमगढ़ महराजगंज ऑनलाइन गेम के कर्ज ने बनाया ठग, किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉलियां बेचने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार किराये पर लेकर बेच देते थे ट्रॉलियां, पुलिस ने 3 ट्रॉलियां बरामद कर गिरोह का किया खुलासा


 आजमगढ़ महराजगंज ऑनलाइन गेम के कर्ज ने बनाया ठग, किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉलियां बेचने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार



किराये पर लेकर बेच देते थे ट्रॉलियां, पुलिस ने 3 ट्रॉलियां बरामद कर गिरोह का किया खुलासा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के महराजगंज थाना पुलिस ने किसानों से किराये पर लेकर उनकी ट्रैक्टर ट्रॉलियां बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बेची गई तीन ट्रैक्टर ट्रॉलियां भी बरामद कर ली हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ऑनलाइन AVITOR Game खेलने के दौरान उन पर भारी कर्ज हो गया था, जिसे चुकाने के लिए उन्होंने किसानों की ट्रॉलियां हड़पकर बेचने की साजिश रची। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन एवं क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण में महराजगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की।


 पुलिस के अनुसार, नौबरार देवारा जदीद किता प्रथम गांव के चार किसानों ने थाना महराजगंज में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि सुनील यादव ने उनकी ट्रैक्टर ट्रॉलियां किराये पर लीं और अपने साथियों उपेन्द्र यादव, अंकुल यादव तथा गोलू उर्फ संगम मौर्य के साथ मिलकर उन्हें बेच दिया। ट्रॉली वापस मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। तहरीर के आधार पर थाना महराजगंज में चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद पुलिस टीम ने गोवर्धन ढाला के पास से सुनील यादव और उपेन्द्र यादव को गिरफ्तार कर लिया। 


पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों की निशानदेही पर ग्राम नैनीजोर (थाना रौनापार) तथा ग्राम प्रतापपुर से बेची गई तीन ट्रैक्टर ट्रॉलियां बरामद की गईं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ऑनलाइन AVITOR Game खेलते थे, जिससे उन पर काफी कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए वे किसानों से 15 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर ट्रॉलियां लेते, घरेलू परेशानियों का बहाना बनाकर उन्हें बेच देते और प्राप्त धन से अपना कर्ज उतारते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

मथुरा आशिक के प्यार में अपने मासूम बेटे का दबा दिया गला प्रेमी को बता रही थी राज, पति ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा


 मथुरा आशिक के प्यार में अपने मासूम बेटे का दबा दिया गला



प्रेमी को बता रही थी राज, पति ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा


उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बलदेव थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां तीन वर्षीय मासूम की मौत, जिसे परिवार ने पहले सामान्य घटना मानकर दफना दिया था, करीब एक महीने बाद हत्या का मामला निकली। पिता की शिकायत पर पुलिस ने बच्चे की मां के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। 


जानकारी के अनुसार, बलदेव थाना क्षेत्र के छौली गांव निवासी कृष्ण मुरारी अपनी पत्नी रुचि, पांच वर्षीय बेटी और तीन वर्षीय बेटे माधव के साथ रहते हैं। 28 जून 2026 को कृष्ण मुरारी काम पर थे, तभी उनकी पत्नी ने फोन कर बताया कि बेटा माधव काफी देर से सो रहा है और जगाने पर भी नहीं उठ रहा है। सूचना मिलते ही कृष्ण मुरारी घर पहुंचे और बेटे को निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने इसे सामान्य मौत मानते हुए बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। बताया गया कि घटना के लगभग एक महीने बाद 21 जुलाई 2026 को कृष्ण मुरारी ने अपनी पत्नी को किसी युवक से फोन पर बातचीत करते हुए सुना। आरोप है कि बातचीत के दौरान रुचि ने अपने प्रेमी को बताया कि 28 जून 2026 को वह उससे फोन पर बात कर रही थी, तभी बेटा लगातार रो रहा था। बातचीत में बाधा बनने पर गुस्से में उसने बच्चे का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। 


पिता का आरोप है कि जब उन्होंने पत्नी से इस संबंध में पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। रुचि ने बताया कि उसका रोहित नाम के युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था और उसी दौरान हुई घटना में उसने अपने बेटे की हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद कृष्ण मुरारी ने सोमवार रात बलदेव थाने में पत्नी रुचि के खिलाफ नामजद तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) संजीव राय ने बताया कि आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Tuesday, 28 July 2026

आजमगढ़ मेंहनगर/महराजगंज, बिजली विभाग की बड़ी कार्रवाई लापरवाही पर 2 एसडीओ को नोटिस, 2 जेई को चार्जशीट संविदा लाइनमैन का 2 दिन का मानदेय भी रोका गया


 आजमगढ़ मेंहनगर/महराजगंज, बिजली विभाग की बड़ी कार्रवाई


लापरवाही पर 2 एसडीओ को नोटिस, 2 जेई को चार्जशीट


संविदा लाइनमैन का 2 दिन का मानदेय भी रोका गया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे बिजली आपूर्ति व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुख्य अभियंता इंजीनियर रामबाबू ने सख्त कार्रवाई की है। ट्रांसफॉर्मर जलने की घटनाओं के बावजूद समय पर आवश्यक कार्रवाई न करने के मामले में दो उपखंड अधिकारियों (एसडीओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि दो अवर अभियंताओं (जेई) को चार्जशीट दी गई है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों के संविदा लाइनमैन का दो दिन का मानदेय भी रोक दिया गया है।


 मुख्य अभियंता ने बताया कि एसडीओ मेंहनगर प्रीतम चौरसिया और महराजगंज बृजेश राव अपने-अपने क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर जलने की घटनाओं के प्रति अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे थे। वहीं, जेई चित्रसेन प्रसाद और मनोज गुप्ता द्वारा भी समय पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि ट्रांसफॉर्मर जलने के तुरंत बाद समय से पीआर (प्रपोजल/रिपोर्ट) भेज दी जाती, तो खराब ट्रांसफॉर्मर शीघ्र बदल दिए जाते और उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ता। कर्तव्यों के प्रति लापरवाही पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई करते हुए दोनों एसडीओ को नोटिस, दोनों जेई को चार्जशीट और संबंधित संविदा लाइनमैन का दो दिन का मानदेय रोकने का निर्णय लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली आपूर्ति में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आजमगढ़ जहानागंज पुलिसकर्मी के घर के दरवाजे से भैंस खोल ले गए चोर दूसरी बार हुई वारदात, गांव में चोरी से हड़कंप, सूचना पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी


 आजमगढ़ जहानागंज पुलिसकर्मी के घर के दरवाजे से भैंस खोल ले गए चोर



दूसरी बार हुई वारदात, गांव में चोरी से हड़कंप, सूचना पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र के धनहुंआ गांव में मंगलवार रात चोरों ने एक पुलिसकर्मी के घर के बाहर बंधी भैंस चोरी कर ली। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चोरों की तलाश में जुटी है। 


जानकारी के अनुसार धनहुंआ गांव निवासी सत्यनारायण यादव के घर के दरवाजे पर भैंस बंधी हुई थी। देर रात अज्ञात चोर भैंस की रस्सी खोलकर उसे अपने साथ ले गए। सुबह जब परिवार के लोग उठे तो भैंस गायब मिली। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बताया जा रहा है कि सत्यनारायण यादव के घर पर चोरी की यह दूसरी घटना है। इससे पहले भी उनके यहां चोरी हो चुकी है, जिसके कारण परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से क्षेत्र के लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। घटना की सूचना मिलते ही जहानागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। संभावित मार्गों और संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है तथा जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों ने क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।

Monday, 27 July 2026

आजमगढ़ दीदारगंज वन स्टॉप सेंटर में युवती की आत्महत्या मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू 10 अगस्त तक साक्ष्य व बयान प्रस्तुत करने के लिए आमजन से अपील

आजमगढ़ दीदारगंज वन स्टॉप सेंटर में युवती की आत्महत्या मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू



10 अगस्त तक साक्ष्य व बयान प्रस्तुत करने के लिए आमजन से अपील


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे वन स्टॉप सेंटर में आवासित एक युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है। उप जिला मजिस्ट्रेट सदर अविनाश कुमार गौतम ने बताया कि 7 जुलाई 2026 को सुबह करीब 5:49 बजे वन स्टॉप सेंटर में रह रही नैना, पुत्री राजमन, निवासी फत्तेपुर थाना दीदारगंज ने परिसर स्थित शौचालय में एक्जॉस्ट फैन से दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पीड़िता को बाल कल्याण समिति के आदेश पर 5 जुलाई 2026 को अस्थायी रूप से वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए महिला कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश के निदेशक के अनुरोध पर जिला मजिस्ट्रेट के आदेश से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 196 के तहत उप जिला मजिस्ट्रेट सदर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। इसके अनुपालन में मामले की मजिस्ट्रियल जांच की जा रही है। 


उप जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि यदि इस घटना के संबंध में किसी व्यक्ति के पास कोई जानकारी, साक्ष्य अथवा बयान है तो वह किसी भी कार्य दिवस में 10 अगस्त 2026 की सायं 5 बजे तक उप जिला मजिस्ट्रेट सदर के न्यायालय अथवा कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है। प्रस्तुत किए गए सभी साक्ष्यों और बयानों को जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।

 

Sunday, 26 July 2026

आजमगढ़ सरायमीर 3 बच्चों संग महिला पोखरी में कूदी, 2 मासूम बेटों की मौत बेटी ने बचाई अपनी जान, पारिवारिक विवाद की आशंका, पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी


 आजमगढ़ सरायमीर 3 बच्चों संग महिला पोखरी में कूदी, 2 मासूम बेटों की मौत



बेटी ने बचाई अपनी जान, पारिवारिक विवाद की आशंका, पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के करछा गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक महिला ने अपने तीनों बच्चों के साथ पोखरी में कूदकर जान देने का प्रयास किया। इस घटना में उसके दो मासूम बेटों की डूबने से मौत हो गई, जबकि आठ वर्षीय बेटी ने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह खुद को बंधन से मुक्त कर लिया और गांव पहुंचकर परिजनों को सूचना दी। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।


 पुलिस के अनुसार, करछा गांव निवासी बिंदलेश यादव की पत्नी जयप्रदा (26) रविवार सुबह अपने तीनों बच्चों को दवा दिलाने की बात कहकर घर से निकली थीं। वह सरायमीर कस्बे में वी-मार्ट के पीछे स्थित एक पोखरी के पास पहुंचीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वहां उन्होंने अपनी साड़ी से बच्चों को बांधने के बाद पोखरी में छलांग लगा दी। इस दौरान उनकी आठ वर्षीय बेटी मानवी ने साहस का परिचय देते हुए किसी तरह साड़ी का बंधन खोल लिया और पोखरी से बाहर निकल आई। वह करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक डेढ़ वर्षीय राघव और तीन वर्षीय कृष्ण की डूबने से मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों की सहायता से महिला को पोखरी से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।


 सूचना मिलने पर सरायमीर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जयप्रदा मूल रूप से दीदारगंज थाना क्षेत्र के खरसन गांव की रहने वाली हैं। शुरूआती जांच में घटना के पीछे पारिवारिक कलह की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच कर रही है। 


प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे ने बताया कि महिला का उपचार जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है।

आजमगढ़ जहानागंज सर्पदंश से कक्षा 5 के छात्र की हुई मौत रात में शौचालय जाने के दौरान दरवाजे पर छिपे जहरीले सर्प ने डसा, परिवार में मचा कोहराम


 आजमगढ़ जहानागंज सर्पदंश से कक्षा 5 के छात्र की हुई मौत


रात में शौचालय जाने के दौरान दरवाजे पर छिपे जहरीले सर्प ने डसा, परिवार में मचा कोहराम



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा ताड़ी, पोस्ट किशनपुर निवासी अनिल के 11 वर्षीय पुत्र आयुष की सर्पदंश से मौत हो गई। आयुष प्राथमिक विद्यालय ताड़ी में कक्षा पांच का छात्र था। उसकी असामयिक मौत से परिवार में मातम छा गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। 


परिजनों के अनुसार शुक्रवार की देर रात करीब एक बजे आयुष घर में सो रहा था। शौचालय जाने के लिए जैसे ही उसने मुख्य दरवाजा खोला, चौखट के पास छिपे एक जहरीले सर्प ने उसे डस लिया। सर्पदंश के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। घबराए परिजन उसे तत्काल सिधारी स्थित एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने आयुष का उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। बेटे की मौत पर विश्वास न होने के कारण परिजन उसे खरिहानी बाजार के एक चिकित्सक के पास और बाद में पीजीआई चक्रपानपुर भी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। धार्मिक आस्था के चलते परिजन बालक को अमवा स्थित सती माई स्थान पर भी ले गए, लेकिन कोई चमत्कार नहीं हुआ। इसके बाद वे शव लेकर घर लौट आए। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भीड़ मृतक के घर पहुंच गई। आयुष की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि दी। 


ग्रामीणों ने बरसात के मौसम में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए लोगों से घर और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने, रात के समय पर्याप्त रोशनी का उपयोग करने, जूते-चप्पल पहनकर बाहर निकलने तथा सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचकर उपचार कराने की अपील की है।

आजमगढ़ गंभीरपुर फर्जी दस्तावेजों से 2 पासपोर्ट बनवाने का आरोपी गिरफ्तार नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि बदलकर अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने का आरोप

आजमगढ़ गंभीरपुर फर्जी दस्तावेजों से 2 पासपोर्ट बनवाने का आरोपी गिरफ्तार


नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि बदलकर अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में कूटरचित पासपोर्ट एवं अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले आरोपितों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गंभीरपुर पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपना नाम, पिता का नाम एवं जन्मतिथि बदलकर अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने के आरोप में वांछित अभियुक्त मोहम्मद तारिक को गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस के अनुसार, 13 मई 2026 को थाना गंभीरपुर के वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरविन्द कुमार यादव ने थाना पर तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम मंगरावा रायपुर निवासी मोहम्मद तारिक पुत्र खालिक अहमद ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपने व्यक्तिगत विवरणों में बदलाव किया और अलग-अलग पहचान के आधार पर दो पासपोर्ट बनवा लिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना गंभीरपुर में मुकदमा अपराध संख्या 115/2026 धारा 318(4) बीएनएस एवं 12(1)(बी) पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 338, 336(3) एवं 340 की भी बढ़ोत्तरी की गई। जांच के दौरान आरोपी की तलाश की जा रही थी। 


इसी क्रम में रविवार को उपनिरीक्षक संजय कुमार सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में मौजूद थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रोहुआ मोड़ से मोहम्मद तारिक को दोपहर करीब 2:35 बजे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक संजय कुमार सिंह, कांस्टेबल विश्वामित्र तथा कांस्टेबल सूरज खरवार शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि पासपोर्ट संबंधी दस्तावेजों में फजीर्वाड़ा करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

आजमगढ़ गंभीरपुर/मेंहनगर, घोर लापरवाही पर उप निरीक्षक और रिक्रूट आरक्षी निलंबित एसएसपी ने विभागीय जांच के दिए आदेश, पुलिस कर्मियों को अनुशासन और जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाने की चेतावनी


 आजमगढ़ गंभीरपुर/मेंहनगर, घोर लापरवाही पर उप निरीक्षक और रिक्रूट आरक्षी निलंबित


एसएसपी ने विभागीय जांच के दिए आदेश, पुलिस कर्मियों को अनुशासन और जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाने की चेतावनी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पुलिस विभाग में अनुशासन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने वाले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।


 पुलिस विभाग से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, थाना गंभीरपुर पर तैनात रिक्रूट आरक्षी रूद्र प्रताप सिंह पर अपने पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता बरतने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने थाना क्षेत्र में दर्ज एक अभियोग के वांछित अभियुक्त एवं हिस्ट्रीशीटर की निगरानी के लिए निर्धारित संतरी पहरा एवं निगरानी ड्यूटी का समुचित निर्वहन नहीं किया तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की भी अवहेलना की। मामले को गंभीर मानते हुए एसएसपी ने 25 जुलाई 2026 को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए। इसी प्रकार थाना मेंहनगर पर नियुक्त उप निरीक्षक उमेश कुमार सिंह को भी घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि उन्होंने थाना में दर्ज अभियोग के वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं चोरी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए कोई प्रभावी एवं सार्थक प्रयास नहीं किया तथा उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की। इसे पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली एवं छवि को प्रभावित करने वाला गंभीर कृत्य मानते हुए एसएसपी ने उनके विरुद्ध भी तत्काल निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए।


 एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि सभी अपने पदीय दायित्वों का पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बागपत STF-पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर शूटर पर हत्या, लूट और रंगदारी समेत 36 मुकदमे दर्ज, पिस्टल व बाइक बरामद


 बागपत STF-पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर


शूटर पर हत्या, लूट और रंगदारी समेत 36 मुकदमे दर्ज, पिस्टल व बाइक बरामद


उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सिंघावली अहीर-सैड़भर मार्ग पर शनिवार शाम एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम की कुख्यात सुशील मूछ गिरोह के 50 हजार रुपये के इनामी शूटर विकुल उर्फ खूनी से मुठभेड़ हो गई। पुलिस कार्रवाई के दौरान गोली लगने से विकुल उर्फ खूनी की मौत हो गई। मौके से पुलिस ने उसके कब्जे से पिस्टल और एक बाइक बरामद की है। पुलिस के अनुसार मारे गए विकुल उर्फ खूनी निवासी भभीसा, जिला शामली पर हत्या, लूट, रंगदारी सहित गंभीर अपराधों के कुल 36 मुकदमे दर्ज थे। वह कुख्यात सुशील मूछ गिरोह का सक्रिय शूटर था और कई चर्चित आपराधिक घटनाओं में वांछित चल रहा था।


 पुलिस ने बताया कि विकुल शामली के भभीसा निवासी बदमाश भीम की हत्या में भी शामिल था। इसके अलावा उसने मुखबिरी के शक में सहारनपुर जिले के मानपुर गांव की महिला प्रधान की हत्या की वारदात को भी अंजाम दिया था। हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपने गांव के अशोक नामक व्यक्ति से खर्चे के लिए रुपये की मांग की थी। रुपये देने से इनकार करने पर उसने अशोक को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था, जिसके बाद विकुल पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई थी। शनिवार को एसटीएफ और बागपत पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे घेर लिया। जवाबी फायरिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में विकुल उर्फ खूनी गोली लगने से मारा गया। पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Saturday, 25 July 2026

अमरोहा 3 बहनों ने एक युवक से की शादी एक के नाबालिग होने के दावे पर जांच शुरू पुलिस बोली—नाबालिग होने की पुष्टि पर होगी कानूनी कार्रवाई


 अमरोहा 3 बहनों ने एक युवक से की शादी

एक के नाबालिग होने के दावे पर जांच शुरू


पुलिस बोली—नाबालिग होने की पुष्टि पर होगी कानूनी कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के अमरोहा में तीन बहनों द्वारा एक युवक से विवाह करने का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित विवाह के वीडियो के बाद तीनों में से एक लड़की के नाबालिग होने का दावा सामने आया है। इसके बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है, जबकि पुलिस भी पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई है। हालांकि, न्यूज़9यू0पी0 किसी भी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। 


जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के एक गांव की दो सगी और एक मौसेरी बहन ने बीते 17 जुलाई को नगर के एक मंदिर में नजदीकी गांव के एक युवक से विवाह किया था। इस कथित विवाह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। बाद में एक अन्य वीडियो भी सामने आया, जिसमें तीनों युवतियां अपनी मर्जी से विवाह करने और उसके पीछे की वजह बताती नजर आईं।


 बताया जा रहा है कि तीनों बहनें यूट्यूब पर रील बनाती हैं और उनके चार लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जबकि युवक उनके वीडियो का कैमरा संचालन करता है। बताया गया कि गुरुवार को चारों लोग कोतवाली और बाद में क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने खुद को बालिग बताते हुए अपनी इच्छा से विवाह करने की बात कही थी। लेकिन शुक्रवार को मामले में नया मोड़ तब आया, जब बाल कल्याण समिति को एक युवती की हाईस्कूल की मार्कशीट प्राप्त हुई। दस्तावेज के आधार पर दावा किया गया कि उसकी उम्र करीब 15 वर्ष है। 

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज ने बताया कि मामले का संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया गया है और सभी संबंधित पक्षों को जांच के लिए तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया ने कहा कि यदि जांच में किसी युवती के नाबालिग होने या किसी अन्य कानूनी उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि युवक की उम्र और विवाह से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि विवाह के बाद से चारों अपने घर नहीं लौटे हैं और नगर के एक मोहल्ले में किराए के कमरे में रह रहे हैं।

आजमगढ़ लालगंज, 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया लेखपाल भूमि की पैमाइश कराने के नाम पर मांगी थी रिश्वत, एंटी करप्शन ने ट्रैप कर आरोपी को किया गिरफ्तार


 आजमगढ़ लालगंज, 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया लेखपाल



भूमि की पैमाइश कराने के नाम पर मांगी थी रिश्वत, एंटी करप्शन ने ट्रैप कर आरोपी को किया गिरफ्तार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन संगठन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लालगंज तहसील में तैनात एक लेखपाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। भूमि की पैमाइश कराने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया और शुक्रवार रात तरवां थाना क्षेत्र के परमानपुर बाजार में आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ धर दबोचा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मेहनाजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। 


जानकारी के अनुसार, तरवां क्षेत्र के काश्तकार धर्मेंद्र शर्मा उर्फ बबलू ने एंटी करप्शन थाना, आजमगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लालगंज तहसील में तैनात लेखपाल संतलाल गौतम भूमि की पैमाइश कराने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर एंटी करप्शन टीम ने जिलाधिकारी से अनुमति प्राप्त की। इसके बाद दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की मौजूदगी में ट्रैप की पूरी योजना तैयार की गई। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता ने शुक्रवार रात करीब आठ बजे लेखपाल को परमानपुर बाजार स्थित एक चाय की दुकान पर बुलाकर रिश्वत की रकम सौंपी। रुपये हाथ में लेते ही पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 500-500 रुपये के 20 नोट, कुल 10 हजार रुपये, बरामद किए गए।


 एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक आनंद वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार लेखपाल संतलाल गौतम लालगंज तहसील में तैनात है और उसका कार्यक्षेत्र तरवां हल्का है। आरोपी के विरुद्ध मेहनाजपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे स्थानीय पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

Thursday, 23 July 2026

आजमगढ़ फूलपुर तांत्रिक बनकर 2 बहनों से दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर लंबे समय तक शोषण का आरोप


 आजमगढ़ फूलपुर तांत्रिक बनकर 2 बहनों से दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार



झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर लंबे समय तक शोषण का आरोप


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे फूलपुर थाना क्षेत्र में झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर दो सगी बहनों के साथ दुष्कर्म तथा तीसरी बहन से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि वह खुद को तांत्रिक बताकर वर्षों से पीड़ित परिवार के संपर्क में था और अंधविश्वास का फायदा उठाकर बहनों का शारीरिक शोषण करता रहा।


 पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को पीड़िता ने थाना फूलपुर में तहरीर देकर बताया कि गहनी खुर्द निवासी महफूज पुत्र अबूबकर पिछले चार-पांच वर्षों से उनके घर आता-जाता था। घटना के दिन उसने मंत्र-जाप के बहाने पीड़िता के माता-पिता को घर के बाहर बैठा दिया और अंदर झाड़-फूंक के दौरान उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद पीड़िता की दो सगी बहनों ने भी आरोप लगाया कि आरोपी ने तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक के नाम पर उन्हें डरा-धमकाकर लंबे समय तक दुष्कर्म किया। विरोध करने या किसी को बताने पर तांत्रिक विद्या से जान से मारने की धमकी भी देता था। इस मामले में थाना फूलपुर पर मुकदमा अपराध संख्या 232/2026 संबंधित धारा के तहत दर्ज किया गया है।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत फूलपुर पुलिस ने आरोपी महफूज (40) पुत्र अबूबकर, निवासी गहनी खुर्द, थाना फूलपुर को 22 जुलाई की रात करीब 11:26 बजे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार वर्मा और कांस्टेबल गौरव यादव शामिल रहे।

आजमगढ़ सरायमीर, नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास पॉक्सो कोर्ट ने एक लाख छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, साक्ष्य के अभाव में सह-आरोपी बरी


 आजमगढ़ सरायमीर, नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास



पॉक्सो कोर्ट ने एक लाख छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, साक्ष्य के अभाव में सह-आरोपी बरी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के बाद हत्या के चर्चित मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास और एक लाख छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सह-आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया। यह फैसला पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी ने गुरुवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार 11 फरवरी 2021 को सरायमीर थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय किशोरी अपनी मां के कहने पर रिश्ते के चाचा जितेंद्र यादव उर्फ जित्तू के साथ घर गई थी। जब वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश की और बाद में जितेंद्र के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर दूसरे दिन गांव के एक कुएं से किशोरी का शव बरामद हुआ। मामले में प्रांजल यादव निवासी असई मोलनापुर, थाना दीदारगंज को भी गिरफ्तार किया गया था।


 विवेचना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा और दौलत यादव ने 10 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जितेंद्र यादव उर्फ जित्तू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और एक लाख छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि प्रांजल यादव को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

आजमगढ़ निजामाबाद सपा विधायक आलम बदी आज़मी का निधन लंबी बीमारी के बाद मातबरगंज स्थित आवास पर हुआ निधन, राजनीतिक व सामाजिक जगत में शोक की लहर

आजमगढ़ निजामाबाद सपा विधायक आलम बदी आज़मी का निधन



लंबी बीमारी के बाद मातबरगंज स्थित आवास पर हुआ निधन, राजनीतिक व सामाजिक जगत में शोक की लहर


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलम बदी आज़मी का बुधवार देर रात लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने शहर के मातबरगंज स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह 92 वर्ष के थे।


 आलम बदी आज़मी के निधन की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वरिष्ठ नेता के रूप में आलम बदी आज़मी का राजनीतिक और सामाजिक जीवन लंबे समय तक जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उनके निधन को आजमगढ़ की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

 

आजमगढ़ दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं का आंदोलन, गिरिजाघर चौराहे पर किया चक्का जाम न्यायिक कार्य का बहिष्कार, पुलिस अधिकारियों के समझाने पर खत्म हुआ जाम 7 वर्ष या अधिक सजा वाले मामलों में प्रैक्टिस पर रोक संबंधी आदेश का किया विरोध


 आजमगढ़ दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं का आंदोलन, गिरिजाघर चौराहे पर किया चक्का जाम


न्यायिक कार्य का बहिष्कार, पुलिस अधिकारियों के समझाने पर खत्म हुआ जाम


7 वर्ष या अधिक सजा वाले मामलों में प्रैक्टिस पर रोक संबंधी आदेश का किया विरोध



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया आदेश के विरोध में दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं का आंदोलन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने पूरे दिन न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए गिरिजाघर चौराहे पर चक्का जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और पुलिस प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। चक्का जाम की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, एसपी ट्रैफिक पंकज श्रीवास्तव, सीओ सिटी शुभम तोड़ी तथा शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह से वार्ता की। वार्ता के बाद अधिवक्ताओं ने चक्का जाम समाप्त कर दिया और दीवानी न्यायालय परिसर लौट गए।


 इसके बाद दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ की साधारण सभा की बैठक अध्यक्ष प्रभाकर सिंह की अध्यक्षता में हुई, जबकि संचालन मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित ने किया। बैठक में अधिवक्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश का विरोध जताया, जिसमें सात वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले मामलों में एफआईआर दर्ज होने पर अधिवक्ता की प्रैक्टिस पर रोक लगाने का उल्लेख है। अधिवक्ताओं ने इसे अपने पेशेवर अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस पर व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता है।


 बैठक में अधिवक्ता चंदन यादव के प्रकरण पर भी चर्चा की गई और सर्वसम्मति से पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय दोहराया गया। प्रदर्शन में अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह, मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित, पूर्व अध्यक्ष सूबेदार यादव, वीरेंद्र यादव, रामदरश यादव, मुखराम यादव, जितेंद्र यादव, कृष्ण कुमार पांडेय, शशिकांत पांडेय, अशोक कुमार पांडेय, बेलाल अहमद बेग, जनार्दन एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद चक्का जाम समाप्त हो गया और यातायात सामान्य हो गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।

Wednesday, 22 July 2026

आजमगढ़ मुबारकपुर शव दफनाने को लेकर 2 पक्ष आमने-सामने, 6 घंटे की पंचायत के बाद हुआ समझौता पुलिस व राजस्व विभाग की सक्रियता से टला संभावित टकराव न्यायालय के फैसले तक बड़े कब्रिस्तान में होंगे अंतिम संस्कार

आजमगढ़ मुबारकपुर शव दफनाने को लेकर 2 पक्ष आमने-सामने, 6 घंटे की पंचायत के बाद हुआ समझौता


पुलिस व राजस्व विभाग की सक्रियता से टला संभावित टकराव


न्यायालय के फैसले तक बड़े कब्रिस्तान में होंगे अंतिम संस्कार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे मुबारकपुर थाना क्षेत्र के अलीनगर मोहल्ला में मंगलवार को शव दफनाने को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित कर संभावित टकराव टाल दिया। करीब छह घंटे चली पंचायत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता होने पर मृतक का शव दफनाया गया। 


जानकारी के अनुसार अलीनगर निवासी 85 वर्षीय मोहम्मद शमीम का सोमवार रात निधन हो गया था। मंगलवार सुबह परिजन शव को दफनाने के लिए कब्र खोदने पहुंचे तो ईदगाह कमेटी के सदस्यों ने आपत्ति जताई। एक पक्ष संबंधित भूमि को कब्रिस्तान, जबकि दूसरा पक्ष उसे ईदगाह की जमीन बता रहा था। इससे दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति बन गई। सूचना पर नायब तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक जयनारायण सिंह, लेखपालों की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में दोनों पक्षों को मुबारकपुर थाने बुलाकर वार्ता कराई गई। सहमति बनी कि भूमि विवाद का अंतिम निर्णय न्यायालय करेगा। तब तक भविष्य में किसी भी मृतक का शव पास स्थित बड़े कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। थाना प्रभारी मुबारकपुर ने बताया कि आपसी सहमति से विवाद का समाधान करा दिया गया है और क्षेत्र में पूरी तरह शांति है।

 

आजमगढ़, इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, नारेबाजी कर जताया विरोध प्रैक्टिस पर रोक संबंधी प्रस्तावित व्यवस्था को बताया अधिवक्ताओं के अधिकारों के खिलाफ


 आजमगढ़, इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च


पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, नारेबाजी कर जताया विरोध


प्रैक्टिस पर रोक संबंधी प्रस्तावित व्यवस्था को बताया अधिवक्ताओं के अधिकारों के खिलाफ



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से संबंधित आदेश के विरोध में मंगलवार को दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। विरोध स्वरूप अधिवक्ताओं ने दीवानी कचहरी से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इससे पूर्व दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ की साधारण सभा की आपात बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने तथा संचालन मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित ने किया।


 बैठक में अधिवक्ताओं ने उस न्यायिक व्यवस्था का विरोध किया, जिसके तहत सात वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले मुकदमे में एफआईआर दर्ज होते ही अधिवक्ता की प्रैक्टिस पर रोक लगाने की बात कही गई है। अधिवक्ताओं का कहना था कि इससे उनके पेशेवर अधिकार प्रभावित होंगे और इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श आवश्यक है। बैठक में शासकीय अधिवक्ता इन्द्रेश मणि त्रिपाठी पर हुए प्राणघातक हमले की निंदा करते हुए हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की गई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर तक मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। 


बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता और गरिमा न्याय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

Monday, 20 July 2026

आजमगढ़ अहरौला प्रसूता मौत मामले में डॉक्टर दंपती की तलाश तेज, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी आरोपित डॉक्टर अकबर खान और डॉ0 निकहत खान नहीं मिले, पुलिस ने कई ठिकानों पर की तलाश


 आजमगढ़ अहरौला प्रसूता मौत मामले में डॉक्टर दंपती की तलाश तेज, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी


आरोपित डॉक्टर अकबर खान और डॉ0 निकहत खान नहीं मिले, पुलिस ने कई ठिकानों पर की तलाश



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र के रसूलपुर अहमद अली (माहुल) में प्रसूता की मौत के मामले में नामजद आरोपित शहनाज मेमोरियल चिकित्सालय के संचालक डॉ0 अकबर खान और उनकी पत्नी डॉ0 निकहत खान की तलाश में अहरौला पुलिस ने रविवार शाम व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। हालांकि पुलिस को दोनों आरोपित नहीं मिले, लेकिन करीब एक घंटे तक चली कार्रवाई से पूरे मोहल्ले में हड़कंप मचा रहा।


 थानाध्यक्ष अहरौला मंतोष सिंह के नेतृत्व में चौकी प्रभारी माहुल यश सिंह पटेल, उपनिरीक्षक नीतेश चौबे तथा करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीम शाम करीब आठ बजे माहुल के पठान मोहल्ला स्थित डॉ. अकबर खान के आवास पर पहुंची। पुलिस ने उनके घर की गहन तलाशी लेने के साथ ही उनके भाइयों के आवास सहित अन्य संभावित ठिकानों पर भी तलाश की। छापेमारी के दौरान आरोपित डॉक्टर दंपती का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि अचानक बड़ी संख्या में पुलिस बल के पहुंचने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग अपने-अपने घरों में चले गए।


 थानाध्यक्ष मंतोष सिंह ने बताया कि प्रसूता की मौत के मामले में नामजद आरोपित डॉ0 अकबर खान और डॉ0 निकहत खान की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभिन्न संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही है और दोनों आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आजमगढ़ रौनापार प्रेम विवाह के 6 महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा


 आजमगढ़ रौनापार प्रेम विवाह के 6 महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत



मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र के बेलकुंडा रसूलपुर गांव में रविवार देर शाम एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। 


जानकारी के अनुसार, सीबू पत्नी लकी की रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि मृतका करीब छह माह पहले अपने घर से लकी के साथ चली गई थी। इसके बाद दोनों ने प्रेम विवाह कर साथ रहना शुरू कर दिया था।


 घटना की सूचना पर रौनापार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

चंदौली गेस्ट हाउस में प्रेमिका संग मिला पति पत्नी ने रंगे हाथ पकड़कर की जमकर पिटाई, वीडियो वायरल

चंदौली गेस्ट हाउस में प्रेमिका संग मिला पति


पत्नी ने रंगे हाथ पकड़कर की जमकर पिटाई, वीडियो वायरल 



उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक गेस्ट हाउस में पति के अपनी कथित प्रेमिका के साथ मिलने पर जमकर हंगामा हो गया। पति को रंगे हाथ पकड़ने पहुंची पत्नी ने दोनों की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। 


जानकारी के अनुसार, मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के धर्मशाला खोवा मंडी गली स्थित एक गेस्ट हाउस में एक युवक अपनी कथित प्रेमिका के साथ ठहरा हुआ था। इसकी जानकारी मिलने पर रविवार शाम करीब चार बजे उसकी पत्नी मौके पर पहुंच गई। गेस्ट हाउस में पति को प्रेमिका के साथ देखकर पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा और उसने दोनों की जमकर पिटाई कर दी। घटना के दौरान गेस्ट हाउस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पति-पत्नी के बीच काफी देर तक कहासुनी भी होती रही। मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह मामला शांत कराया। इस दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 


खबर लिखे जाने तक मुगलसराय कोतवाली प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

Sunday, 19 July 2026

आजमगढ़ लापरवाही पर प्रभारी निरीक्षक मेहनगर निलंबित पॉक्सो, हत्या और गैंगस्टर मामलों में कार्रवाई में शिथिलता पर गिरी गाज उपनिरीक्षक अभिराज को मिली मेहनगर के नए थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी


 आजमगढ़ लापरवाही पर प्रभारी निरीक्षक मेहनगर निलंबित


पॉक्सो, हत्या और गैंगस्टर मामलों में कार्रवाई में शिथिलता पर गिरी गाज


उपनिरीक्षक अभिराज को मिली मेहनगर के नए थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उदासीनता, अनुशासनहीनता तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में जनपद के मेहनगर थानाध्यक्ष निहार नंदन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश जारी किए गए हैं। उनकी जगह उपनिरीक्षक अभिराज मेहनगर के नए थानाध्यक्ष बनाए गए हैं। 


पुलिस विभाग के अनुसार संबंधित प्रभारी निरीक्षक पर पॉक्सो, हत्या और गैंगस्टर अधिनियम से जुड़े मामलों में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी में शिथिलता बरतने, जनसुनवाई एवं जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही करने के आरोप पाए गए। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एसएसपी ने कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

Saturday, 18 July 2026

आजमगढ़ कोतवाली 3.14 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा, फर्जी कस्टम अधिकारी सहित 2 गिरफ्तार 50 से 90 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 2.63 करोड़ रुपये हड़पे, रुपये मांगने पर दी जान से मारने की धमकी


 आजमगढ़ कोतवाली 3.14 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा, फर्जी कस्टम अधिकारी सहित 2 गिरफ्तार



50 से 90 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 2.63 करोड़ रुपये हड़पे, रुपये मांगने पर दी जान से मारने की धमकी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद की कोतवाली पुलिस ने करोड़ों रुपये की निवेश ठगी के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतने, भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराने और बाद में रकम हड़पने का आरोप है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शनिवार को कंधरापुर बाजार से गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। 


पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के अनंतपुरा कटरा निवासी शेखर श्रीवास्तव ने मुकदमा दर्ज कराया था कि मातवरगंज स्थित नगर पालिका मार्केट के एक फ्लैट में रहने वाले विकास राय शर्मा, विशाल राय, अनिल कुमार शर्मा, अद्भुत राय शर्मा, अंशु सिंह और ममता शर्मा संगठित रूप से निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करते हैं। शिकायत के मुताबिक विकास राय शर्मा स्वयं को कस्टम विभाग का कर्मचारी बताता था और फर्जी कस्टम आईडी तथा कूटरचित दस्तावेज दिखाकर लोगों का विश्वास हासिल करता था। उसने अपने एक रिश्तेदार को दिल्ली में कस्टम कमिश्नर बताते हुए तांबा, कपड़ा, सोना और मोबाइल के कारोबार में निवेश कराने पर 50 से 90 प्रतिशत तक लाभ दिलाने का दावा किया।


 शिकायतकर्ता के अनुसार शुरुआत में भरोसा कायम करने के लिए आरोपियों ने कुछ लाभांश वापस भी किया, जिससे विश्वास और बढ़ गया। इसके बाद शेखर श्रीवास्तव, उनके भाई जयंत श्रीवास्तव और पिता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने अलग-अलग तिथियों में आरोपियों के बैंक खातों में कुल 3 करोड़ 14 लाख रुपये निवेश कर दिए। आरोप है कि आरोपियों ने केवल 51 लाख रुपये वापस किए, जबकि शेष 2 करोड़ 63 लाख रुपये हड़प लिए। जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में थाना कोतवाली पर मुकदमा अपराध संख्या 377/2026 धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 352, 351(3) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को महिला उपनिरीक्षक शशि सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कंधरापुर बाजार से दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास राय (30) और विशाल राय (34) निवासी ग्राम जोल्हापुर, थाना कंधरापुर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई। दोनों वर्तमान में गौतमबुद्ध नगर के एक फ्लैट में रह रहे थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है, जबकि मामले में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस का कहना है कि निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

आजमगढ़ हत्या के मुकदमे में क्लीनचिट पाए 2 आरोपी तलब, विवेचक पर कार्रवाई के निर्देश अदालत ने डीजीपी व एसएसपी से मांगी रिपोर्ट, विवेचना में पक्षपात और लापरवाही पर जताई नाराजगी

आजमगढ़ हत्या के मुकदमे में क्लीनचिट पाए 2 आरोपी तलब, विवेचक पर कार्रवाई के निर्देश



अदालत ने डीजीपी व एसएसपी से मांगी रिपोर्ट, विवेचना में पक्षपात और लापरवाही पर जताई नाराजगी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे हत्या के एक मुकदमे में नामजद दो आरोपियों को चार्जशीट से बाहर कर क्लीनचिट देने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को बतौर अभियुक्त न्यायालय में तलब किया है। साथ ही विवेचना में घोर लापरवाही, पक्षपातपूर्ण रवैये, उदासीनता और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का प्रथमदृष्टया संकेत मिलने पर अदालत ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को विवेचक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट न्यायालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मामला मुबारकपुर थाना क्षेत्र का है।


 अभियोजन के अनुसार, अतरडीहा निवासी योगेंद्र सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके बड़े भाई तेजवीर सिंह ने इब्राहिमपुर निवासी रामाश्रय चौरसिया को गाय खरीदने के लिए अग्रिम धनराशि दी थी। 16 सितंबर 2024 को जब तेजवीर सिंह अपने भाई के साथ रामाश्रय के घर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि गाय देवकली तारन निवासी रमेश दुबे को बेच दी गई है। इसके बाद तेजवीर सिंह जब रमेश दुबे से बातचीत करने गए तो रास्ते में पठान बस्ती के पास विवाद हो गया।


 आरोप है कि इसी विवाद के दौरान तेजवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना में योगेंद्र सिंह ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की, लेकिन नामजद आरोपी रमेश दुबे और अमित दुबे का नाम आरोपियों की सूची से हटा दिया। मुकदमे के विचारण के दौरान वादी योगेंद्र सिंह ने अपने अधिवक्ता विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह तथा जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर कहा कि पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद विवेचक ने जानबूझकर दुर्भावनावश दोनों आरोपियों को क्लीनचिट दे दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने वादी का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए रमेश दुबे और अमित दुबे को बतौर अभियुक्त 22 जुलाई 2026 को न्यायालय में तलब करने का आदेश दिया। साथ ही विवेचक की भूमिका की जांच कर उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश डीजीपी और एसएसपी को दिए हैं।

 

आजमगढ़ पवई महिला पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार पैर में लगी गोली, तमंचा, कारतूस और नकदी बरामद


 आजमगढ़ पवई महिला पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार



पैर में लगी गोली, तमंचा, कारतूस और नकदी बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के पवई कस्बे में एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ की कार्रवाई की कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। उसके कब्जे से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा 220 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। 


पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को पवई कस्बे में एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी सुजीत मौर्य महिला को एकतरफा पसंद करता था और लंबे समय से उसका पीछा कर रहा था। घटना की रात महिला के घर में चोरी-छिपे घुसने के बाद उसने महिला की गर्दन पर लगातार दो वार और हाथ पर एक वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। इस मामले में थाना पवई में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही थी।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में गठित पुलिस टीम शुक्रवार-शनिवार की रात क्षेत्र में गश्त और आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी खंडोरा अंडरपास के पास छिपा हुआ है। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी दोबारा तमंचा लोड करने लगा। इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लग गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने महिला पर हमला करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने घायल आरोपी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई भेज दिया। घटनास्थल से वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य भी संकलित किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमे के अलावा पुलिस टीम पर फायरिंग और अवैध शस्त्र रखने के आरोप में एक अन्य मुकदमा भी दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ जिला कारागार में बंद युवक की इलाज के दौरान मौत चोरी के मामले में 3 दिन पहले भेजा गया था जेल जेल प्रशासन ने बीमारी और नशे की लत बताई वजह


 आजमगढ़ जिला कारागार में बंद युवक की इलाज के दौरान मौत


चोरी के मामले में 3 दिन पहले भेजा गया था जेल


जेल प्रशासन ने बीमारी और नशे की लत बताई वजह



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार में चोरी के आरोप में निरुद्ध एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र स्थित नया चौक निवासी 24 वर्षीय विक्रम के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 


जानकारी के अनुसार, विक्रम के खिलाफ जीयनपुर थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज था। वह पहले भी इस मामले में जेल जा चुका था और बाद में जमानत पर रिहा हो गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान नियमित रूप से न्यायालय में पेश न होने पर अदालत ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद जीयनपुर पुलिस ने तीन दिन पहले उसे उसके घर से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया था। 


जेलर विजय कुमार पांडेय ने बताया कि विक्रम नशे का आदी था तथा उसमें डाउन सिंड्रोम से संबंधित लक्षण भी पाए गए थे। जेल में नशा नहीं मिलने के कारण वह बेचैन रहता था और भ्रम की स्थिति में भी था। गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जेल चिकित्सक द्वारा रेफर किए जाने के बाद उसे कारागार पुलिस की अभिरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात करीब साढ़े आठ बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई। वहीं, मृतक के भाई विक्की ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि गिरफ्तारी के समय विक्रम पूरी तरह स्वस्थ था। उन्होंने कहा कि मात्र तीन दिन के भीतर उसकी हालत इतनी गंभीर कैसे हो गई, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ कार के अंदर मिला दरोगा का शव कार से शराब की बोतल बरामद, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस


 लखनऊ कार के अंदर मिला दरोगा का शव



कार से शराब की बोतल बरामद, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस



उत्तर प्रदेश लखनऊ, राजधानी लखनऊ में गाजीपुर थाने की सर्वोदयनगर चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक अजय कुमार उर्फ अजय ठाकुर (36) का शव शुक्रवार दोपहर पारा थाना क्षेत्र के मोहान रोड पर उनकी कार के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। कार अंदर से लॉक थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शीशा तोड़कर शव बाहर निकाला। 


प्रारंभिक आशंका ब्रेन हैमरेज या दिल का दौरा पड़ने से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस के अनुसार, अजय कुमार मूल रूप से हापुड़ जिले के मेहताब सेन (इंद्रगढ़ी) के निवासी थे। वर्तमान में वह पारा क्षेत्र के हंसखेड़ा स्थित विनायकपुरम कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे थे। वह वर्ष 2021 से 2024 तक पारा थाने में भी तैनात रह चुके थे।


 बताया गया कि गुरुवार दोपहर से वह चौकी नहीं पहुंचे थे। चौकी प्रभारी सचिन कौशिक सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। शुक्रवार को सर्विलांस के जरिए उनके मोबाइल की लोकेशन बुद्धेश्वर चौराहे से पहले मोहान रोड पर मिली। इसके बाद गाजीपुर और पारा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, जहां उनकी कार सड़क किनारे खड़ी मिली। कार के सभी दरवाजे अंदर से बंद थे। पुलिस ने पीछे का शीशा तोड़कर देखा तो चालक सीट पर अजय कुमार का शव पड़ा था। उनका चेहरा काला पड़ चुका था तथा नाक और मुंह से खून निकल रहा था। फॉरेंसिक टीम ने मौके से कार के भीतर शराब की एक बोतल भी बरामद की है।


 डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। उनकी पत्नी कोमल लगभग एक माह पहले बच्चों के साथ हापुड़ गई थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, दरोगा की कार गुरुवार दोपहर से ही मोहान रोड किनारे खड़ी थी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी।

Friday, 17 July 2026

आजमगढ़ जीयनपुर,सिधारी, एसएसपी ने सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही को किया निलंबित विभागीय जांच के आदेश; अनुशासनहीनता पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी


 आजमगढ़ जीयनपुर,सिधारी, एसएसपी ने सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही को किया निलंबित


विभागीय जांच के आदेश; अनुशासनहीनता पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार लगातार कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और अनुशासनहीनता पाए जाने पर एक उपनिरीक्षक एवं एक मुख्य आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।


 पुलिस विभाग से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, थाना जीयनपुर में तैनात उपनिरीक्षक गोपाल प्रसाद मौर्य ने एक विवेचना में बिना उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाए गंभीर धाराओं में परिवर्तन कर दिया। इसे विवेचना में घोर लापरवाही तथा विभागीय आदेशों की अवहेलना मानते हुए उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं थाना सिधारी में तैनात मुख्य आरक्षी अखिलेश कुमार पर ड्यूटी के दौरान स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता एवं पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप पाया गया। इस मामले में भी तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।


 एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जनपद पुलिस कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और अनुशासित पुलिसिंग के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Wednesday, 15 July 2026

आजमगढ़ देवगांव सीएमओ के औचक निरीक्षण में 3 कर्मचारी अनुपस्थित मिले, वेतन रोकने के निर्देश सीएचसी और लालगंज संयुक्त चिकित्सालय का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुविधाओं का लिया जायजा


 आजमगढ़ देवगांव सीएमओ के औचक निरीक्षण में 3 कर्मचारी अनुपस्थित मिले, वेतन रोकने के निर्देश



सीएचसी और लालगंज संयुक्त चिकित्सालय का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुविधाओं का लिया जायजा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवगांव तथा 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, लालगंज का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के पंजीकरण और साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सीएचसी देवगांव में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक मिली और अधिकांश चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर उपस्थित पाए गए। 


हालांकि उपस्थिति पंजिका की जांच में कनिष्ठ सहायक विवेकानंद तिवारी तथा मेडिकल आफिसर डॉ. फणीस और डॉ. राजेश कुमार बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले। इस पर सीएमओ ने तीनों से स्पष्टीकरण तलब करने और अग्रिम आदेश तक उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सीएमओ ने 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, लालगंज का निरीक्षण किया। यहां चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक मिली। मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए उन्होंने पंजीकरण में हो रही असुविधा दूर करने के लिए तत्काल एक अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर संचालित करने के निर्देश दिए। डॉ. वर्मा ने कहा कि सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनधिकृत अनुपस्थिति, लापरवाही या स्वास्थ्य सेवाओं में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि जनपद के स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित एवं औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा।

आजमगढ़ फूलपुर अम्बारी शराब की दुकानों पर पुलिस की सघन जांच, क्यूआर स्कैन कर परखी गई बोतलों की वैधता मिलावटी शराब की बिक्री रोकने को अभियान, दुकानदारों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सख्त हिदायत

 

आजमगढ़ फूलपुर अम्बारी शराब की दुकानों पर पुलिस की सघन जांच, क्यूआर स्कैन कर परखी गई बोतलों की वैधता


मिलावटी शराब की बिक्री रोकने को अभियान, दुकानदारों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सख्त हिदायत


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे फूलपुर कोतवाली के अम्बारी क्षेत्र में अवैध एवं मिलावटी शराब की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से मंगलवार देर शाम अम्बारी चौकी प्रभारी सतेंद्र कुमार ने पुलिस बल के साथ सरकारी मदिरा दुकानों पर सघन जांच अभियान चलाया। अचानक हुई कार्रवाई से शराब ठेकों पर हड़कंप मच गया और दुकानदारों में हलचल देखी गई।


 पुलिस टीम ने अम्बारी, बिलारमऊ, भेड़िया और पलिया बाजार स्थित सरकारी शराब की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान शराब की बोतलों पर लगे क्यूआर कोड को मोबाइल फोन से स्कैन कर उनकी वैधता और गुणवत्ता की जांच की गई। साथ ही दुकानदारों को केवल अधिकृत एवं गुणवत्तापूर्ण शराब की बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। चौकी प्रभारी सतेंद्र कुमार ने दुकानदारों को ठेकों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगने देने, सड़क और मार्ग पर वाहनों का जमावड़ा न होने देने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 


पुलिस की इस कार्रवाई से शराब दुकानों के संचालकों में दिनभर चर्चा का माहौल रहा। वहीं स्थानीय लोगों ने भी अभियान की सराहना करते हुए इसे मिलावटी शराब की बिक्री और अव्यवस्था पर अंकुश लगाने की दिशा में प्रभावी कदम बताया। अभियान में चौकी प्रभारी के साथ पुलिसकर्मी अरविंद यादव, प्रवीण दुबे, सुनील यादव, प्रदीप कुमार, अमन यादव, अच्छेलाल, बुद्धिराम सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

Tuesday, 14 July 2026

आजमगढ़ सरायमीर पुलिस मुठभेड़ मे गोली लगने से एक घायल सहित 3 गिरफ्तार तमंचा, कारतूस, गोकशी के उपकरण और 23.700 किलो गोवंशीय मांस बरामद; एक आरोपी फरार


 आजमगढ़ सरायमीर पुलिस मुठभेड़ मे गोली लगने से एक घायल सहित 3 गिरफ्तार



तमंचा, कारतूस, गोकशी के उपकरण और 23.700 किलो गोवंशीय मांस बरामद; एक आरोपी फरार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में गोकशी की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस और बदमाशों के बीच मंगलवार को मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार घेराबंदी के दौरान एक आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में की गई आत्मरक्षार्थ कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उनका एक अन्य साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि खासडीह बरईपुर बड़ी नहर के पास कुछ लोग गोवंश का वध कर मांस बिक्री के लिए ले जा रहे हैं।


 सूचना पर प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी बोरियां छोड़कर भागने लगे। पीछा करने पर मेराज उर्फ साजिद खान ने पुलिस पर तमंचे से फायर कर दिया। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी देने के बावजूद वह दोबारा फायरिंग का प्रयास करने लगा। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए सीएचसी भेजा गया। उसके दो साथियों गालिब और शहजाद को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। 


पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे अपने फरार साथी अरहम के साथ मिलकर सुनसान स्थान पर गोवंश का वध करते थे और मांस को आसपास के गांवों में बेचते थे। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से गोकशी में प्रयुक्त लकड़ी का ठीहा, चार चाकू, दो चापड़ तथा 23.700 किलोग्राम गोवंशीय मांस बरामद किया। 


पशु चिकित्साधिकारी ने प्रथम दृष्टया बरामद मांस को प्रतिबंधित पशु का मांस बताया है और जांच के लिए नमूने सुरक्षित कराए गए हैं। पुलिस ने मेराज उर्फ साजिद खान के खिलाफ पुलिस पर फायरिंग, आयुध अधिनियम और उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अन्य दोनों आरोपियों के विरुद्ध भी गोवध निवारण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिले में गोवध और गो-तस्करी के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।

आजमगढ़ थाना कोतवाली, पुलिस मुठभेड़ मे अंतरजनपदीय ठग-चोर गैंग के 2 बदमाश गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली घायल आरोपी पर चोरी, ठगी, आर्म्स एक्ट व गैंगस्टर समेत 17 मुकदमे दर्ज, तमंचा और चोरी की बाइक बरामद


 आजमगढ़ थाना कोतवाली, पुलिस मुठभेड़ मे अंतरजनपदीय ठग-चोर गैंग के 2 बदमाश गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली



घायल आरोपी पर चोरी, ठगी, आर्म्स एक्ट व गैंगस्टर समेत 17 मुकदमे दर्ज, तमंचा और चोरी की बाइक बरामद



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने सोमवार देर रात मुठभेड़ के दौरान अंतरजनपदीय ठग-चोर गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। दोनों आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस तथा चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई है।


 पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई 2026 को सदर अस्पताल परिसर से सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चोरी होने के मामले में कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी दौरान सूचना मिली कि दो बदमाश अवैध असलहे के साथ बाग लखराव पुलिया के रास्ते शहर की ओर आ रहे हैं। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में राजेश यादव (24), निवासी दुल्लहपुर, गाजीपुर के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका साथी विजय यादव (36) को भागने के दौरान पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक .315 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा चोरी की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की है। 


पुलिस के मुताबिक घायल आरोपी राजेश यादव पर गाजीपुर, मिर्जापुर, मऊ और आजमगढ़ में चोरी, ठगी, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत 17 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली थाने में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट एवं अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़/गोरखपुर, पुलिस मुठभेड़ मे एक लाख का इनामी ढेर बसपा नेता कलामुद्दीन हत्याकांड का था आरोपी, 2024 से चल रहा था फरार


 आजमगढ़/गोरखपुर, पुलिस मुठभेड़ मे एक लाख का इनामी ढेर


बसपा नेता कलामुद्दीन हत्याकांड का था आरोपी, 2024 से चल रहा था फरार


उत्तर प्रदेश, आजमगढ़/गोरखपुर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और गोरखपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार देर रात हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल मुस्तफिजुल को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, बदमाश की फायरिंग में मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए, जिनका उपचार चल रहा है।


 पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब 11 बजे रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के पास एसटीएफ और पुलिस की टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुन्दनपुर निवासी मुस्तफिजुल रहमान का पुलिस से सामना हो गया। पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देख आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। उसकी फायरिंग में मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए। मौके से पुलिस ने .32 बोर की एक पिस्टल, एक मोटरसाइकिल तथा भारी मात्रा में कारतूस और खोखे बरामद किए हैं। घायल आरोपी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


 पुलिस के मुताबिक मुस्तफिजुल रहमान आजमगढ़ में बसपा नेता कलामुद्दीन हत्याकांड का आरोपित था और वर्ष 2024 से फरार चल रहा था। उसके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस हिरासत से फरार होने, धमकी सहित गंभीर अपराधों के कुल 10 मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2021 के हत्या के मामले में उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।


 पुलिस अभिलेखों के अनुसार, मुस्तफिजुल के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2003 में मेहनगर थाने में चोरी के मामले में दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2008 और 2011 में हत्या के प्रयास के मामलों में उसका नाम सामने आया। वर्ष 2012 में हत्या और आपराधिक साजिश के मामले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें बाद में न्यायालय के आदेश पर धारा 82/83 के तहत उद्घोषणा और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की गई। वर्ष 2021 में उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। वर्ष 2024 में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हुए, जबकि 10 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत से फरार होने का मामला भी दर्ज किया गया। वर्ष 2026 में हरदोई जिले के बिलग्राम थाने में भी उसके विरुद्ध एक और मुकदमा दर्ज किया गया था।

Monday, 13 July 2026

आजमगढ़ में रातभर चला पुलिस का अभियान, 13 गैर-जमानती वारंटी गिरफ्तार सर्किल नगर के 4 थानों में दबिश देकर की गई कार्रवाई, एसएसपी बोले—वारंटियों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी


 आजमगढ़ में रातभर चला पुलिस का अभियान, 13 गैर-जमानती वारंटी गिरफ्तार


सर्किल नगर के 4 थानों में दबिश देकर की गई कार्रवाई, एसएसपी बोले—वारंटियों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे न्यायालयों द्वारा जारी गैर-जमानती वारंटों (एनबीडब्ल्यू) के शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए आजमगढ़ पुलिस ने रविवार रात सर्किल नगर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर 13 वारंटियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की विधिक कार्रवाई की जा रही है। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में संचालित अभियान अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी की निगरानी में चलाया गया। अभियान शुरू होने से पहले क्षेत्राधिकारी नगर ने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस टीमों की ब्रीफिंग कर न्यायालयों से जारी गैर-जमानती वारंटों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में वारंटियों के संभावित ठिकानों पर सघन दबिश दी। 


अभियान के दौरान थाना कोतवाली से चार, थाना सिधारी से एक, थाना रानी की सराय से सात तथा थाना कंधरापुर से एक वारंटी को गिरफ्तार किया गया। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि न्यायालयों द्वारा जारी वारंटों का समयबद्ध निष्पादन आजमगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कानून से बचने का प्रयास करने वाले वारंटियों और वांछित अभियुक्तों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि न्यायालय के आदेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो और जनपद में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे।