Saturday, 18 July 2026

आजमगढ़ हत्या के मुकदमे में क्लीनचिट पाए 2 आरोपी तलब, विवेचक पर कार्रवाई के निर्देश अदालत ने डीजीपी व एसएसपी से मांगी रिपोर्ट, विवेचना में पक्षपात और लापरवाही पर जताई नाराजगी

आजमगढ़ हत्या के मुकदमे में क्लीनचिट पाए 2 आरोपी तलब, विवेचक पर कार्रवाई के निर्देश



अदालत ने डीजीपी व एसएसपी से मांगी रिपोर्ट, विवेचना में पक्षपात और लापरवाही पर जताई नाराजगी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे हत्या के एक मुकदमे में नामजद दो आरोपियों को चार्जशीट से बाहर कर क्लीनचिट देने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को बतौर अभियुक्त न्यायालय में तलब किया है। साथ ही विवेचना में घोर लापरवाही, पक्षपातपूर्ण रवैये, उदासीनता और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का प्रथमदृष्टया संकेत मिलने पर अदालत ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को विवेचक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट न्यायालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मामला मुबारकपुर थाना क्षेत्र का है।


 अभियोजन के अनुसार, अतरडीहा निवासी योगेंद्र सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके बड़े भाई तेजवीर सिंह ने इब्राहिमपुर निवासी रामाश्रय चौरसिया को गाय खरीदने के लिए अग्रिम धनराशि दी थी। 16 सितंबर 2024 को जब तेजवीर सिंह अपने भाई के साथ रामाश्रय के घर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि गाय देवकली तारन निवासी रमेश दुबे को बेच दी गई है। इसके बाद तेजवीर सिंह जब रमेश दुबे से बातचीत करने गए तो रास्ते में पठान बस्ती के पास विवाद हो गया।


 आरोप है कि इसी विवाद के दौरान तेजवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना में योगेंद्र सिंह ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की, लेकिन नामजद आरोपी रमेश दुबे और अमित दुबे का नाम आरोपियों की सूची से हटा दिया। मुकदमे के विचारण के दौरान वादी योगेंद्र सिंह ने अपने अधिवक्ता विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह तथा जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर कहा कि पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद विवेचक ने जानबूझकर दुर्भावनावश दोनों आरोपियों को क्लीनचिट दे दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने वादी का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए रमेश दुबे और अमित दुबे को बतौर अभियुक्त 22 जुलाई 2026 को न्यायालय में तलब करने का आदेश दिया। साथ ही विवेचक की भूमिका की जांच कर उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश डीजीपी और एसएसपी को दिए हैं।

 

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