Saturday, 13 December 2025

आजमगढ़ में 32 उपनिरीक्षक का हुआ तबादला, देखें सूची


 

आजमगढ़ मेहनगर पुलिस मुठभेड़ में शातिर बदमाश को लगी गोली चोरी का लाखों का DJ उपकरण, अवैध हथियार बरामद 10 से अधिक मामलों में वांछित था आरोपी

आजमगढ़ मेहनगर पुलिस मुठभेड़ में शातिर बदमाश को लगी गोली


चोरी का लाखों का DJ उपकरण, अवैध हथियार बरामद


10 से अधिक मामलों में वांछित था आरोपी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना मेहनगर क्षेत्र में पुलिस और अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में एक शातिर चोर राजेश कुमार घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी का लगभग साढ़े तीन लाख रुपये का DJ साउंड सिस्टम और अवैध तमंचा बरामद किया गया। आरोपी के खिलाफ चोरी, लूट और धोखाधड़ी सहित 10 से अधिक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज बताए गए हैं। घटना बीते 8-9 दिसंबर 2025 की रात की है, जब ग्राम रहिला तितलियापार निवासी गौतम कुमार की DJ दुकान का शटर काटकर चोरों ने मिक्सर, स्पीकर, एम्प्लीफायर समेत महंगे उपकरण चोरी कर लिए थे। इस संबंध में थाना मेहनगर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।


 जांच में आरोपी राजेश कुमार, संदीप कुमार और आदित्य कुमार का नाम सामने आया। तीनों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया और माल को मंगई नदी किनारे झाड़ियों में छिपा दिया था। 12 दिसंबर 2025 की रात करीब 11:05 बजे मुखबिर की सूचना पर SHO मेहनगर संजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने किसान जूनियर हाईस्कूल अहिआई के पास घेराबंदी की। आत्मसमर्पण करने को कहा गया तो राजेश कुमार ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली उसके पैर में लगी और वह घायल हो गया। उसे तुरंत CHC मेहनगर ले जाकर इलाज कराया गया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पांच बोरों में छिपाया गया चोरी का माल बरामद किया, जिसमें DJ मशीन समेत कई महंगे उपकरण शामिल हैं। साथ ही एक .315 बोर तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखे भी मिले। 


पूछताछ में राजेश ने कबूल किया कि वह संदीप और आदित्य के साथ गिरोह बनाकर दुकानों में रात में ताला काटकर चोरी करता था। भारी सामान को बोरे में भरकर नदी किनारे छिपाते थे और बाद में बेचने की योजना बनाते थे। पुलिस ने राजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में SHO संजय सिंह के अलावा उ0नि0 आदिल खां, का0 जयकिशन, हीरालाल यादव, अभिषेक यादव, अजय राय और सोनू यादव शामिल रहे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में यह कार्रवाई हुई।


https://youtu.be/97ZYAidzDZA?si=-huK5QZXDCB0m9Kt

Friday, 12 December 2025

आजमगढ़ 2 बंदी रक्षक निलम्बित, फरार बंदी पर 25 हजार रूपये का इनाम जिला अस्पताल से फरार कैदी मामले में दोनों बदी रक्षकों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा


 आजमगढ़ 2 बंदी रक्षक निलम्बित, फरार बंदी पर 25 हजार रूपये का इनाम



जिला अस्पताल से फरार कैदी मामले में दोनों बदी रक्षकों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला अस्पताल से इलाज के दौरान गंभीर आरोपों में बंद एक कैदी शुक्रवार तड़के फरार हो गया। लापरवाही पर दोनों बंदी रक्षक तत्काल निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि फरार बंदी पर एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मिली जानकारी के अनुसार गुजरात, अहमदाबाद के थाना ईसापुर का रहने वाला उदय उर्फ़ गुजराती छह दिसंबर को पाइल्स के इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती था। उसकी सुरक्षा में बंदी रक्षक विनोद दूबे और गौसूल आजम खान तैनात थे। शुक्रवार की भोर करीब साढ़े तीन बजे वह शौचालय जाने के बहाने उठा और पीछे के गेट से चकमा देकर फरार हो गया। देर तक बाहर न आने पर जब दोनों बंदी रक्षक अंदर पहुंचे, तब तक वह गायब हो चुका था। 


तलाश में सफलता न मिलने पर बंदी रक्षकों ने जेल प्रशासन को सूचना दी। सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच कर वापस लौट गए। विभागीय आदेश के तहत दोनों बंदी रक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। जेलर अनिल कुमार पांडेय की तहरीर पर दोनों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसी के साथ बंदी की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर टीमों को सक्रिय कर दिया है।


https://www.news9up.com/2025/12/blog-post_12.html


https://youtu.be/ESZ8K-9zpIo?si=FpdUilO0z4b9r9Yf

आजमगढ़ जिला अस्पताल से उम्रकैद का कैदी फरार, पुलिस को दिया चकमा पाइल्स की बीमारी का इलाज कराने आए कैदी ने टॉयलेट जाने के बहाने भाग निकला


 आजमगढ़ जिला अस्पताल से उम्रकैद का कैदी फरार, पुलिस को दिया चकमा



पाइल्स की बीमारी का इलाज कराने आए कैदी ने टॉयलेट जाने के बहाने भाग निकला



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मंडलीय कारागार का एक उम्रकैद का कैदी जिला अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। फरार कैदी की पहचान उदय उर्फ गुजराती (मूल निवासी - अहमदाबाद, गुजरात) के रूप में हुई है। वर्तमान में उसका पता गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र बताया जा रहा है। उदय को गोरखपुर में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। 


मिली जानकारी के अनुसार प्रशासनिक आधार पर उसे 6 सितंबर 2021 को गोरखपुर जेल से आजमगढ़ मंडलीय कारागार ट्रांसफर कर दिया गया था। तब से वह पिछले चार वर्षों से यहीं बंद था।कैदी की पुरानी बीमारी (पाइल्स) के कारण उसका इलाज चल रहा था। उसे हर 15 दिन में खून चढ़ाना पड़ता था। इसी सिलसिले में 5 दिन पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आज तड़के करीब 3:30 बजे उदय टॉयलेट जाने के बहाने उठा और मौके का फायदा उठाकर अस्पताल से फरार हो गया। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तो ड्यूटी पर तैनात दो जेल वार्डन उसे तलाशने लगे। 


जब काफी खोजबीन के बाद भी पता नहीं चला तो मामले की सूचना जेल प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही जेल के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कैदी का कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार कोतवाली पुलिस थाने में अज्ञात समय में भागने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जेल अधिकारियों के अनुसार, फरार कैदी गंभीर रूप से बीमार है और उसे हर पखवाड़े ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है। जल्द ही उसकी हालत बिगड़ सकती है, जिससे पुलिस को उम्मीद है कि वह जल्द पकड़ा जा सकता है।



https://www.news9up.com/2025/12/2-25.html


https://youtu.be/ESZ8K-9zpIo?si=FpdUilO0z4b9r9Yf

गोरखपुर 4 गर्लफ्रेंड वाले फर्जी आईएएस ने जब एसडीएम को जड़ा थप्पड़ AI से मिनटों में बनाता था फर्जी सरकारी दस्तावेज, 4 राज्यों में फैला था नेटवर्क


 गोरखपुर 4 गर्लफ्रेंड वाले फर्जी आईएएस ने जब एसडीएम को जड़ा थप्पड़



AI से मिनटों में बनाता था फर्जी सरकारी दस्तावेज, 4 राज्यों में फैला था नेटवर्क


उत्तर प्रदेश, गोरखपुर, सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला फर्जी IAS ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार सिंह गिरफ्त में है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अब तक 40 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया और करीब 5 करोड़ रुपये व दो इनोवा कारें ठग लीं।आरोपी गौरव सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा कार पर लाल-नीली बत्ती लगवाकर घूमता था। उसके साथ 10-15 लोगों का दल रहता था – कुछ बॉडीगार्ड बनकर और कुछ फाइलें लेकर। गोरखपुर के भटहट क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में भी उसने IAS बनकर निरीक्षण किया था। शिक्षकों ने जब पूछताछ की तो उसने कहा कि केंद्र सरकार ने उसे 18 जिलों की मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा है।


 पुलिस पूछताछ में गौरव ने कबूल किया कि एक बार बिहार के एक असली सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) ने उससे रैंक और बैच पूछ लिया था। जवाब में उसने SDM को दो थप्पड़ जड़ दिए। शर्मिंदगी के कारण उस SDM ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। शुरुआत में गौरव नकली ID और कागजात बाहर से बनवाता था, लेकिन AI तकनीक आने के बाद वह खुद ही मिनटों में अखबार की फर्जी कतरनें, सरकारी पत्र, टेंडर नोटिस और प्रोजेक्ट फाइलें तैयार करने लगा। उसका साला अभिषेक कुमार, जो सॉफ्टवेयर व एडिटिंग में माहिर है, इस काम में उसका मुख्य सहयोगी था। सोशल मीडिया पर IAS बनकर गौरव ने कई लड़कियों से दोस्ती की और चार गर्लफ्रेंड बना लीं। उसके फोन से बरामद चैट में तीन लड़कियों के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। इनमें तीन लड़कियां गोरखपुर की बताई जा रही हैं। किसी को भी उसकी शादी और असली पहचान के बारे में पता नहीं था।


 SP सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि आरोपी का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में फैला हुआ था। कई बिल्डरों और कारोबारियों को नौकरी व सरकारी ठेकों का लालच देकर ठगी की गई। बरामद दस्तावेज और फोन डेटा से नए खुलासे हो रहे हैं। बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश पुलिस से संपर्क किया गया है। जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्य भी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।

गोरखपुर सीएम योगी के काफिले के आगे अचानक आ गई बस इंस्पेक्टर-दरोगा लाइन हाजिर, 50 से अधिक पुलिसकर्मी जांच के दायरे में


 गोरखपुर सीएम योगी के काफिले के आगे अचानक आ गई बस


इंस्पेक्टर-दरोगा लाइन हाजिर, 50 से अधिक पुलिसकर्मी जांच के दायरे में



उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा व्यवस्था में एक बार फिर बड़ी चूक सामने आई है। 4 दिसंबर 2025 को गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में सीएम के काफिले के ठीक आगे अचानक एक प्राइवेट बस आ जाने से असुरन चौराहे के पास काफिले को कुछ सेकंड के लिए रोकना पड़ा। घटना को अत्यंत गंभीर मानते हुए एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शाहपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज राय और असुरन चौकी इंचार्ज दरोगा रविंद्र चौबे को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही बेलीपार थानाध्यक्ष, सीओ बांसगांव और एसपी ट्रैफिक की फाइलें भी खोल दी गई हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी जांच के दायरे में हैं। सभी की उस दिन की ड्यूटी, तैनाती, मौके पर मौजूदगी और ब्लू बुक सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की गहन जांच की जा रही है। पूरे प्रकरण की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़े ब्लू बुक प्रोटोकॉल का मामूली उल्लंघन भी बड़ी सुरक्षा चूक माना जाता है, इसलिए जवाबदेही तय करना जरूरी है। गौरतलब है कि इसी साल जुलाई में भी गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे उद्घाटन के दौरान सीएम के कार्यक्रम में सुरक्षा तैयारी में चूक पाई गई थी। उस मामले में खजनी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अर्चना सिंह को हटा दिया गया था और सीओ खजनी के खिलाफ जांच चल रही है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Thursday, 11 December 2025

आजमगढ़ नगर कोतवाली, पुलिस की वर्दी पहनकर बिना टिकट यात्रा करने वाली महिला गिरफ्तार संदिग्ध चाल-ढाल से खुला राज, वर्दी सहित 230 रुपये बरामद, तीसरी बार पकड़ी गई


 आजमगढ़ नगर कोतवाली, पुलिस की वर्दी पहनकर बिना टिकट यात्रा करने वाली महिला गिरफ्तार



संदिग्ध चाल-ढाल से खुला राज, वर्दी सहित 230 रुपये बरामद, तीसरी बार पकड़ी गई



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस की पूरी वर्दी पहनकर बस और ट्रेन में बिना टिकट घूमने वाली 29 वर्षीय महिला को आजमगढ़ पुलिस ने रोडवेज बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महिला खुद को पुलिसकर्मी बताकर आमजन और परिवहन विभाग को लगातार ठग रही थी। यह उसका तीसरा अपराध है। आज दोपहर चौकी प्रभारी रोडवेज उ0नि0 सौरभ त्रिपाठी और महिला थानाध्यक्ष प्रज्ञा सिंह अपनी टीम के साथ रोडवेज बस स्टैंड पर शांति-व्यवस्था ड्यूटी पर तैनात थे। 


इसी दौरान यूपी पुलिस की पूरी वर्दी (कंधे पर मोनोग्राम, बेल्ट, पी-कैप, जूते-मोजे) पहने एक महिला संदिग्ध ढंग से घूमती दिखी। उसकी चाल-ढाल और बातचीत पुलिसकर्मी जैसी नहीं लग रही थी। पूछताछ में पहले तो उसने झूठ बोला, लेकिन सख्ती करने पर अपना असली नाम नीतू चौहान पुत्री धनकु चौहान (29 वर्ष), निवासी बनकटा बुजुर्ग, थाना राजेसुल्तानपुर, जिला अम्बेडकर नगर बताया। उसने कबूल किया कि वह पुलिस में नहीं है और सिर्फ वर्दी पहनकर बस-ट्रेन में मुफ्त यात्रा करती है। महिला पुलिसकर्मी द्वारा जामा तलाशी लेने पर उसके पास से पूरी यूपी पुलिस वर्दी, बेल्ट मय चपरास, दोनों कंधों पर बैज, गोल्डन चिन्ह वाली पी-कैप, पुलिस पैटर्न के जूते-मोजे और एक लाल पर्स में 230 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस जांच में पता चला कि नीतू चौहान पहले भी पुलिस वर्दी के दुरुपयोग के अपराध में दो बार पकड़ी जा चुकी है।