Sunday, 28 May 2023

फिरोजाबाद बेटे ने माता-पिता की गोली मारकर की हत्या डर से दूसरे जिले में रहते थे, गये खेत के पट्टे का पैसा लेने


 फिरोजाबाद बेटे ने माता-पिता की गोली मारकर की हत्या


डर से दूसरे जिले में रहते थे, गये खेत के पट्टे का पैसा लेने


उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में रविवार की दोपहर बेटे ने साले के साथ मिलकर मां-बाप की गोली मारकर हत्या कर दी। खबर मिली तो गांव में भगदड़ मच गई। मिली जानकारी के अनुसार लोग भागकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर सीओ व थानाध्यक्ष पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौका मुआयना करके घटना की जानकारी ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना एका थाना क्षेत्र के नगला रमिया गांव में हुई। गांव निवासी राकेश सिंह अपनी पत्नी गुड्डी देवी व परिवार के साथ एटा में रहने लगे हैं। रविवार को वह खेत को पट्टा में उठाने और पैसा लेने के लिए गांव पहुंचे थे। दोपहर में वह दोनों बाइक से खेत की तरफ गए थे। खेत को पट्टा में उठाने के बाद वह वापस एटा लौट रहे थे। रास्ते में हथौली जयसिंहपुर गांव के पास बम्बा रोड पर दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। राहगीरों ने देखा तो आस पास के गांव के लोगों को खबर दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर सीओ पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करके तथ्य जुटाए हैं। मामले की जांच में पुलिस जुटी है।


 परिवार के प्रदीप उर्फ सीटू ने बताया कि उसके बड़े भैया वीटू उर्फ योगेश और भाभी रश्मी जमीन के लालच में काफी परेशान करती थी। उन्होंने पापा द्वारा बनवाए गए घर पर कब्जा भी कर लिया है। इस वजह से माता-पिता एटा जिले में रहने लगे थे। भैया वीटू ने ही साले अंकित के साथ मिलकर हत्या की है। वीटू के आतंक से ही परेशान होकर माता-पिता नगला केवल, निधौली रोड, एटा में किराए के मकान में रहते हैं। बताया कि वीटू ने पूरे परिवार में आंतक बरपा रखा है। उसके ससुराल वाले भी दंबग हैं। वह वीटू के दबंगई पर पूरा साथ देते हैं।


 बताया कि उसे यह पसंद नहीं था कि कोई खेत में हिस्सा ले। रविवार को माता-पिता खेत के पट्टे का पैसा लेने आए थे। बताया कि वह भी माता-पिता के साथ रहकर बीएससी की पढ़ाई कर रहा था। खबर पाकर परिजन व रिस्तेदार भी मौके पर पहुंच गए।

गोरखपुर पत्नी ने खोला घर का दरवाजा, प्रेमी ने साथियों संग रेत डाला पति का गला कत्ल के बाद यूं मिटाए सबूत


 गोरखपुर पत्नी ने खोला घर का दरवाजा, प्रेमी ने साथियों संग रेत डाला पति का गला


कत्ल के बाद यूं मिटाए सबूत


उत्तर प्रदेश गोरखपुर पति की कैद से मुक्त होकर अपनी मनमर्जी की जिंदगी जीने की चाहत में सादिया ने प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर रेलकर्मी पति अफरोज की हत्या कराई थी। उसने पहले भी दो बार हत्या का प्रयास किया था लेकिन सफल नहीं हो पाई थी। घटना वाली रात इरशाद ने अफरोज का पैर पकड़ा तो इरफान ने हाथ, जबकि अभिषेक ने गला रेता था। वहीं बगल में खड़ी सादिया पति को तड़पता हुआ देख रही थी। हत्या के बाद उसने अपने दुपट्टे पर लगे खून के धब्बे भी साफ किए थे।


 महराजगंज के अभिषेक के साथ ही सादिया को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने शनिवार को घटना का खुलासा कर दिया। दोनों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से वे जेल चले गए। घटना में शामिल गोरखनाथ के हड़हवाफाटक निवासी इरशाद व इरफान की तलाश जारी है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर और एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने हत्या की घटना से सिलसिलेवार पर्दा उठाया। दोनों अधिकारियों ने बताया कि गोरखनाथ के दिग्विजयनगर निवासी रेलकर्मी अफरोज की 24 मई की रात में करीब दो बजे उनके बेडरूम में गला काटकर हत्या कर दी गई थी। रेलकर्मी के भाई जावेद ने उनकी पत्नी सादिया व अन्य पर हत्या का केस दर्ज कराया था। जांच में सामने आया कि सादिया से वर्ष 2007 में अफरोज ने परिवार के खिलाफ जाकर शादी की। सादिया के नाम से जमीन लेकर उन्होंने 2012 में दिग्विजय नगर में चार मंजिला आलीशान मकान बनवाया। मकान के ग्राउंड तल पर अफरोज और सादिया रहते थे जबकि अन्य तीन मंजिल पर बने करीब 20 कमरों में किरायदार के रूप में छात्र रहते थे। महराजगंज के कोल्हुई बाजार निवासी अभिषेक चौधरी भी किरायदार के रूप में रहता था। अभिषेक आईआईटी की तैयारी कर रहा था। सादिया ने अभिषेक से नजदीकी बढ़ाई और उसे अपने प्रेम जाल में फंसकर पति की हत्या का प्लान बनाने लगी। सादिया के काफी करीब देखकर अफरोज को उस पर शक हुआ तो उन्होंने उसे कमरा खाली करने के लिए कहा था लेकिन सादिया नहीं चाहती थी कि वह उसे छोड़कर जाए।


सादिया ने अभिषेक से बताया कि वह पिछले 14 साल से पति की कैद में है। अब मुक्त होना चाहती थी। सादिया के प्रेम में फंसकर अभिषेक कत्ल के लिए तैयार हो गया। पहले वह गोली मारकर हत्या करना चाहता था। इसके लिए असलहा खरीदने जोधपुर भी गया था। सादिया ने ही 30 हजार रुपये देकर उसे जोधपुर भेजा था। हालांकि असलहा नहीं मिला तो वहां से तलवार लेकर आया था। घटना वाली रात करीब 08:49 पर अभिषेक घर के पिछले दरवाजे से अंदर दाखिल हुआ था लेकिन तब अफरोज किसी दावत में गया था। दोबारा रात में 12 बजे इरफान और इरशाद उर्फ दिलशाद के साथ आया और फोन कर पहले तल पर रह रहे किरायदार सुमित को बुलाकर दरवाजा खुलवाया।


2007 से अफरोज के साथ रह रही सादिया अब उससे ऊब चुकी थी। मनमर्जी करने में नाकाम होने पर पति का साथ उसे कैद नजर आ रहा था। यही वजह थी कि उसने पहले पति को तलाक के लिए नोटिस भी दिया था। उसे पता था कि घर उसके नाम है। ऐसे में पति को ही छोड़कर जाना पड़ेगा। खर्च के लिए किरायदारों का पैसा काफी है। वह अपने मर्जी से जिससे चाहेगी उससे मिल सकेगी। पर तलाक वाला प्लान काम नहीं आया। उसी दौरान अफरोज की दुर्घटना हो गई थी। उसके बाद मकान में रह रहे एक छात्र को प्रेम जाल में फंसाने के बाद उसके जरिये पति को जहर दिलवाने का भी प्रयास किया लेकिन उसने मना कर दिया और मकान छोड़कर चला गया। उसके बाद अभिषेक को मोहरे के रूप में तलाश लिया।


पहले वह अपने साथियों के साथ ऊपर अपने कमरे में गया और बाद में रात के दो बजे वह अफरोज के बेडरूम में आया। प्लान के अनुसार सादिया बाथरूम जाने के बहाने कमरे का दरवाजा खोल दी। अंदर जाने के बाद अभिषेक ने तलवार से गले पर हमला किया इस दौरान अफरोज की नींद खुल गई तो इरशाद ने उसका पैर पकड़ लिया। वहीं इरफान ने हाथ पकड़ लिया। जबकि अभिषेक ने गला काट दिया। घटना के बाद तीनों पिछले दरवाजे से निकल गए। घटना के वक्त पास मौजूद सादिया का दुपट्टा भी खून से सन गया था उसने पहले अपने दुपट्टे को साफ किया और उसके बाद अफरोज के भाई को घटना की जानकारी दी।

आजमगढ़ मुबारकपुर इकलौते बेटे का फांसी से लटका मिला शव


 आजमगढ़ मुबारकपुर इकलौते बेटे का फांसी से लटका मिला शव


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ मुबारकपुर थाना क्षेत्र में नरांव गांव में शनिवार की रात लगभग दस बजे घर के अंदर एक मजदूर ने धरन से कपड़े के सहारे फांसी लगा ली। परिजन दरवाजा तोड़कर घर में दाखिल हुए और उतारकर नजदीकी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।


मुबारकपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत नरांव निवासी सोनू चौहान 27 वर्ष पुत्र नेम शरन चौहान माता पिता की इकलौती संतान था। वह मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता था। शनिवार की देर रात अपने घर के अंदर जाकर दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद घर के ऊपर भाग में लगी पाइप में साड़ी का फन्दा बनाकर धरन के सहारे लटक गया।


 परिजनों ने जब उसे फंदे पर झूला देखा तो उन्होंने उसे बचाने के लिए घर का दरवाजा तोड़ दिया। वह लोग अंदर पहुंचे और उसे फंदे से नीचे उतारा। उसे फंदे से उतार कर परिजन उपचार के लिए लेकर मुबारकपुर अस्पताल पहुंचे। जहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।मृतक अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी शादी हो गई थी लेकिन अभी तक कोई संतान नहीं थी

वाराणसी आकांक्षा दुबे के कपड़ों की जांच रिपोर्ट आई सामने कई चौंकाने वाले खुलासे, समर सिंह सहित चार लोगों का होगा DNA टेस्ट


 वाराणसी आकांक्षा दुबे के कपड़ों की जांच रिपोर्ट आई सामने


कई चौंकाने वाले खुलासे, समर सिंह सहित चार लोगों का होगा DNA टेस्ट


उत्तर प्रदेश वाराणसी भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। आकांक्षा के कपड़ों की प्रयोगशाला में जांच के बाद कुछ ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिससे जांच का दायरा बढ़ा है। सारनाथ थाने की पुलिस अब जेल में बंद भोजपुरी गायक समर सिंह व उसके दोस्त संजय सिंह सहित चार लोगों की डीएनए जांच कराएगी। इसकी अनुमति भी अदालत से मांगी गई है।


भदोही जिले के चौरी थाना क्षेत्र के वरदहां गांव की रहने वाली आकांक्षा दुबे सारनाथ क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में बीते 26 मार्च की सुबह मृत मिली थीं। तीन डॉक्टरों के पैनल ने आकांक्षा के शव का पोस्टमार्टम किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार फंदा लगाकर लटकने के कारण आकांक्षा की मौत हुई थी। आकांक्षा का बिसरा, कपड़े, वेजाइनल एंड एनल स्वैब पैथॉलाजिकल और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। अब कपड़ों की जांच रिपोर्ट आ गई है।


डीसीपी वरुणा जोन अमित कुमार के मुताबिक, मृतका के कपड़े की जांच रिपोर्ट के आधार पर चार लोगों की डीएनए प्रोफाइलिंग कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए अदालत से अनुमति मांगी गई है। अदालत की अनुमति के बाद गायक समर सिंह व संजय सिंह, अरुण पांडेय व संदीप सिंह के सैंपल लिए जाएंगे। समर और संजय पर आकांक्षा को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला सारनाथ थाने में दर्ज है। दोनों इसी आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेजे गए हैं। 


संदीप वह व्यक्ति है, जो घटना वाली रात आकांक्षा को छोड़ने सारनाथ स्थित होटल गया था। इसकी तस्दीक भी हो चुकी है। संदीप होटल के सीसी कैमरे में कैद है। अरुण पांडेय को भी जांच के दायरे में लिया गया है। जब घटना हुई थी, उससे पहले आकांक्षा अरुण की निजी पार्टी से होकर लौटी थी। इसलिए सभी चारों लोगों की डीएनए प्रोफाइलिंग का निर्णय लिया गया है। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ सड़क पर उतरे डीआईजी और एसपी हटवाये गये अवैध अतिक्रमण, दिया गया आवश्यक दिशा निर्देश


 आजमगढ़ सड़क पर उतरे डीआईजी और एसपी


हटवाये गये अवैध अतिक्रमण, दिया गया आवश्यक दिशा निर्देश


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अपराध नियंत्रण/शांति एवं कानून व्यवस्था तथा आमजन में सुरक्षा का भाव जागृत करने के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक परिक्षेत्र आजमगढ़ अखिलेख कुमार व पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ अनुराग आर्य द्वारा थाना सिधारी क्षेत्र के पहलवान तिराहे से होते हुए थाना कोतवाली क्षेत्र के बवाली मोड, रोडवेज बस अड्डा व चौक घंटाघर तक पैदल गस्त किया गया। जिसके दौरान दुकानदारों द्वारा रास्ते में किये गये अवैध अतिक्रमण को हटवाया गया व आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये गये।

Saturday, 27 May 2023

आजमगढ़ महाराजगंज प्यार के धोखे में इज्जत गंवा बैठी युवती ने की आत्महत्या पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी


 आजमगढ़ महाराजगंज प्यार के धोखे में इज्जत गंवा बैठी युवती ने की आत्महत्या


पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पहले अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर शादी का झांसा देकर उसकी इज्जत लूटता रहा। मन भर जाने के बाद कलयुगी प्रेमी ने प्रेमिका युवती को दुत्कार दिया। प्यार के जाल में फस कर पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। घटना महाराजगंज थाना क्षेत्र में घटित हुई बताई गई है। इस मामले में मृतका की मां द्वारा आरोपित किए गए युवक को पुलिस ने शनिवार की सुबह क्षेत्र के नरोत्तमपुर पुलिया के पास धर दबोचा।


बताते हैं कि बीते 24 मई को महराजगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने स्थानीय थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उसकी पुत्री को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के मेहमौनी ग्राम निवासी जितेंद्र कुमार यादव पुत्र दशरथ अपने प्रेम जाल में फंसा कर शादी करने का झांसा देते हुए उसका शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में प्रेमी युवक ने युवती के साथ शादी करने से इंकार कर दिया।


 युवती ने आपबीती अपने परिजनों को बताई। सच्चाई जानने के बाद युवती के परिजन युवक पर शादी के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से उसके घर पहुंचे तो युवक के परिजनों द्वारा पीड़ित पक्ष को जान से मारने की धमकी देते हुए बैरंग वापस लौटा दिया गया। इस बात की जानकारी होने पर व्यथित युवती ने आत्महत्या कर ली। मृतक पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज कर घटना की जांच शुरू की। शनिवार की सुबह आरोपी जितेंद्र कुमार यादव महाराजगंज थाना क्षेत्र के नरोत्तमपुर नहर पुलिया के समीप पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इस मामले में आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

आजमगढ़ अपहरण व हत्या मामले में 3 आरोपियों को आजीवन कारावास प्रत्येक पर लगा 50 हजार रुपए अर्थदंड, साक्ष्य के अभाव में 3 अन्य आरोपी दोषमुक्त


 आजमगढ़ अपहरण व हत्या मामले में 3 आरोपियों को आजीवन कारावास

प्रत्येक पर लगा 50 हजार रुपए अर्थदंड, साक्ष्य के अभाव में 3 अन्य आरोपी दोषमुक्त


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अपहरण तथा हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर पचास हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 6 रामानंद ने शनिवार को सुनाया।


 अभियोजन कहानी के अनुसार सिधारी थाना क्षेत्र के बागलखराव निवासी रामचंद्र की गांव के सुखनंदन पुत्र झुलई के परिवार से पुरानी रंजिश चली आ रही थी।इसी रंजिश के कारण दो नवंबर 2005 को सुखनंदन का लड़का लल्लू यादव तथा आनंद उर्फ बबलू पुत्र रामअवध तथा अजय विश्वकर्मा पुत्र राजू विश्वकर्मा वादी मुकदमा रामचंद्र के लड़के अमरजीत को गाय की दवा लेने के बहाने घर से बुलाकर ले गए। दूसरे दिन सुबह अमरजीत की लाश तमसा नदी के उस पार अजमतपुर कोडर में मिली। मृतक अमरजीत के पिता रामचंद्र ने इस हत्या के लिए लल्लू,आनंद तथा सुखनंदन समेत 8 लोगों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। दौरान मुकदमा सुखनंदन तथा बंशराज की मृत्यु हो गई। 


अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रीश कुमार चौहान ने रामचंद्र, राजबली, शिवनाथ, रामदुलारे, अशोक मौर्य, डॉक्टर प्रेमनाथ नाडर, रिटायर्ड सी ओ शंकरदत्त शुक्ला को बतौर गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया।दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी लल्लू, आनंद तथा अजय विश्वकर्मा को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को पचास हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।जबकि पर्याप्त सबूतों के अभाव में आरोपी लहरु ,बुद्धू तथा छन्नू को दोष मुक्त कर दिया।