Saturday, 27 May 2023

आजमगढ़ रमाकांत यादव और पूर्व सांसद डंपी कोर्ट में हुए पेश 1998 में फूलपुर के अंबारी चौक के पास हुई थी अंधाधुंध फायरिंग


 आजमगढ़ रमाकांत यादव और पूर्व सांसद डंपी कोर्ट में हुए पेश


1998 में फूलपुर के अंबारी चौक के पास हुई थी अंधाधुंध फायरिंग


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ के एमपीएमएलए कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच फतेहगढ़ जेल से समाजवादी पार्टी के वर्तमान विधायक, पूर्व सांसद रमाकांत यादव को तीन मामलों में पेश किया गया। वहीं पूर्व सांसद अकबर अहमद डंपी की भी इन्हीं में से एक मामले में पेशी हुई। रमाकांत यादव को और अकबर अहमद डंपी को 1998 में फूलपुर के अंबारी चौक के पास हुई अंधाधुंध फायरिंग के मामले में पेश किया गया। इसके अलावा इस मामले में 36 अन्य आरोपी भी पेश हुए।


इसी के साथ इस मुकदमे का ट्रायल शुरू हो गया। रमाकांत यादव की अंबारी चौक फायरिंग मामले के अलावा पिछले साल अहिरौला के माहुल में जहरीली शराब के मामले में भी पेशी हुई। अब इन तीनों मामलों की अगली सुनवाई 9 जून को होगी, जिसमें गवाही दर्ज होगी। रमाकांत यादव के अधिवक्ता आद्या प्रसाद दूबे ने बताया कि रमाकांत यादव की अंबारी में धारा 307 और अहिरौला के शराब कांड के दो मामलों में पेशी थी जिसमें आज चार्ज बना। कोर्ट से निकलते वक्त रमाकांत यादव ने कहा कि सरकार फर्जी मामले में फंसा रही है।


अंबारी फायरिंग मामले में हाईकोर्ट से आए अधिवक्ता ने कहा कि वह भी इस मामले में मुलजिम बनाए गए जब वह साढ़े 18 वर्ष के थे। इसमें पुलिस का यह कहना था कि चुनाव के दौरान रमाकांत यादव और अकबर अहमद डंपी प्रत्याशी थे। दोनों का काफिला अंबारी चौक के पास आमने सामने आ गया था जिसमें अंधाधुंध फायरिंग की गई हालांकि अधिवक्ता ने इसमें पुलिस की थ्योरी पर कई सवाल भी खड़ा किए। बता दें कि वर्ष 1998 के लोकसभा उपचुनाव के दौरान सपा प्रत्याशी रमाकांत यादव बसपा प्रत्याशी अकबर अहमद डंपी दोनों कई बार चुनाव में आमने-सामने हुए लेकिन आज जब कोर्ट में पेशी हुई अब दोनों ही परंपरागत प्रतिद्वंद्वी अगल- बगल ही बैठे थे।

जौनपुर जिस होटल में भाजपा का कार्यालय, वहां चल रहा था सेक्स रैकेट 6 युवतियों समेत 10 गिरफ्तार


 जौनपुर जिस होटल में भाजपा का कार्यालय, वहां चल रहा था सेक्स रैकेट


6 युवतियों समेत 10 गिरफ्तार


उत्तर प्रदेश जौनपुर में टीडी कॉलेज के प्रोफेसर का अपनी ही छात्रा से संबंध बनाने और किस मांगने का वीडियो वायरल है। इसे लेकर शुक्रवार को छात्र नेताओं ने हंगामा भी किया। इसी बीच यहां के एक होटल में सेक्स रैकेट पकड़ा गया है। जिस होटल में भाजपा का कार्यालय है, उसी होटल में सेक्स रैकेट चल रहा था। यहां से छह युवतियों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

होटल के कमरों से कंडोम और आपत्तिजनक कई वस्तुएं भी बरामद की गई है। मिली जानकारी के अनुसार गुप्त सूचना के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में मारे गए छापे से खलबली मच गई। रैकेट का सरगना एक महिला है। वह मौके से फरार हो गई है। होटल के प्रथम तल पर भाजपा नगर कार्यालय का बड़ा बोर्ड लगा है। इस बोर्ड के कारण यह इमारत होटल कम भाजपा कार्यालय का भवन ज्यादा नजर आता है।


सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पास कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि होटल के कारण वहां का माहौल बहुत गंदा किया जा रहा है। लड़किया लाई जाती हैं। उनसे गलत काम कराया जा रहा है। इस पर अतिक्रमण हटाओ अभियान का जायजा लेने के दरौन ही वह होटल में पहुंच गए। होटल के अंदर का नजारा देख दंग रह गए। एक कमरे से तीन लड़कियां और अन्य कमरों में लड़के-लड़कियों का जोड़ा आपत्तिजनक स्थिति में मिला।


कमरे में खुले हुए कंडोम के साथ ही आपत्तिजनक वस्तुएं मिलीं। वहां मौजूद मैनेजर को पकड़ लिया गया है। सभी छह लड़कियों और लड़कों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। एक लड़की की उम्र छोटी लग रही है। इसकी जांच की जा रही है। रैकेट की सरगना एक महिला बताई जा रही है। वह फरार हो गई है। उसकी तलाश पुलिस कर रही है।


पुलिस और एलआईयू तक शिकायत नहीं पहुंची लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट को शिकायत मिल गई। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि होटल गली के अंदर है। हो सकता है कि पुलिस को जानकारी न हुई हो। जर्जर और पुराने भवन में होटल को चलाया जा रहा था। अभियान के तहत वहां से गुजर रहा था तो लोगों ने शिकायत की और होटल में औचक ही पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि वहां कितने समय से यह सब चल रहा था इसकी पड़ताल पुलिस करेगी।

आगरा किन्नर ने ट्रैफिक सिपाही को जड़ा थप्पड़ बीच सड़क पर कपड़े उतार कर किया हंगामा


 आगरा किन्नर ने ट्रैफिक सिपाही को जड़ा थप्पड़


बीच सड़क पर कपड़े उतार कर किया हंगामा


उत्तर प्रदेश के आगरा में एक किन्नर ट्रैफिक सिपाही से किसी बात को लेकर भिड़ गया। ट्रैफिक सिपाही ने जब इसका विरोध किया तो किन्नर ने उसे सबके सामने थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद किन्नर ने हंगामा शुरू कर दिया। बीच सड़क पर कपड़े उतार दिए। किन्नर और सिपाही के बीच हुई कहासुनी को देखकर लोग मौके पर जमा हो गए। सिपाही को बचने के लिए दौड़ लगानी पड़ी। किसी ने इस दौरान पूरे मामले का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।


पूरा मामला दो दिन पुराना थाना ट्रांसयमुना क्षेत्र में टेढ़ी बगिया चौराहे के पास का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों को बताया कि अरोड़ा पेट्रोल पंप के पास एक बाइक मिस्त्री ने किन्नर के साथ मारपीट कर दी थी। किन्नर वहां हंगामा कर रहा था। किन्नर मारपीट की शिकायत लेकर चौराहे पर आया। वहां सिविल नहीं ट्रैफिक पुलिस तैनात थी। उसने ट्रैफिक सिपाही प्रभात कुमार से साथ चलने को कहा। सिपाही ने कहा कि यह काम उसका नहीं है। इसी बात पर विवाद हो गया। आरोप है कि सिपाही ने किन्नर को पीट दिया। किन्नर को गुस्सा आ गया। उसने रौद्र रूप धारण कर लिया। पहले अपने कपड़े उतारे। उसके बाद सिपाही से उलझ गया। मारपीट कर दी। सिपाही को भागना पड़ा। ट्रांसयमुना थाना प्रभारी आनंद प्रकाश ने बताया कि ट्रैफिक सिपाही ने थाने पर तहरीर दी है। पुलिस तहरीर पर मुकदमा लिखकर कानूनी कार्रवाई करेगी।

Friday, 26 May 2023

आजमगढ़ मेंहनाजपुर जनसेवा केन्द्र में चोरी का 24 घंटे में अनावरण, 2 अभियुक्त गिरफ्तार


 आजमगढ़ मेंहनाजपुर जनसेवा केन्द्र में चोरी का 24 घंटे में अनावरण, 2 अभियुक्त गिरफ्तार



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ मेंहनाजपुर थाना पुलिस ने बुधवार की रात क्षेत्र के सिधौना बाजार स्थित जनसेवा केंद्र का ताला तोड़कर हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए वारदात में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक लैपटाप व नकदी बरामद कर लिया। बीते 25 मई को सिधौना बाजार में बेला मार्ग पर जनसेवा केंद्र का संचालन करने वाले विपिन सिह पुत्र राजेश सिह निवासी ग्राम हिलालपुर ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि गुरुवार की सुबह वह अपनी दुकान पर पहुंचे तो देखा कि दुकान का ताला टुटा हुआ था। दुकान के अन्दर सामान इधर-उधर बिखरे पड़े थे। साथ ही दुकान में रखे लैपटाप, प्रिन्टर, आधार फिंगर डिवाइस, एटीएम स्वैपर, लैपटाप फैन लेमिनेटर व कैश काउण्टर से 11 हजार रुपए गायब थे। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।


शुक्रवार को वरिष्ठ उपनिरीक्षक मोतीलाल पटेल को जरिए मुखबिर सूचना मिली कि जनसेवा केंद्र में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो युवक मोटर साईकिल से ईटैली बाजार से सिधौना की तरफ आ रहे हैं। सूचना पाकर पुलिस चेकिंग शुरू हो गई। इस दौरान उस रास्ते से गुजर रहे बाइक सवार युवकों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस चेकिंग देख दोनों युवक बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किए लेकिन पुलिस ने घेरेबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। 


पकड़े गए युवकों में ओमकार सिंह पुत्र शिवसकल सिंह स्थानीय ग्राम बेला व जितेन्द्र गुप्ता पुत्र सुदामा गुप्ता ग्राम लालमऊ के निवासी बताए गए। उनके कब्जे से एक लैपटाप, लैपटाप फैन, एक माउस व 4800 रुपये बरामद किए गए।

आजमगढ़ गम्भीरपुर अगवा किशोरी बरामद, अभियुक्त गिरफ्तार


 आजमगढ़ गम्भीरपुर अगवा किशोरी बरामद, अभियुक्त गिरफ्तार



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ गम्भीरपुर पुलिस ने क्षेत्र से लगभग तीन माह पूर्व बहला-फुसलाकर अगवा की गई किशोरी को शुक्रवार की सुबह मोहम्मदपुर बाजार से बरामद करते हुए उसे अगवा करने वाले अभियुक्त को दबोच लिया।


बताते हैं कि गम्भीरपुर थाना क्षेत्र से फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में बहला फुसलाकर कर अगवा की गई किशोरी के पिता ने इस मामले में क्षेत्र के अमौड़ा ग्राम निवासी अनाम साहिल पुत्र इमरान के खिलाफ पुत्री को भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।


घटना की छानबीन कर रही पुलिस को शुक्रवार की सुबह जरिए मुखबिर सूचना मिली कि अपहरण का आरोपी युवक अगवा की गई किशोरी के साथ क्षेत्र के मोहम्मदपुर बाजार में मौजूद है। पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और बताए गए स्थान पर दबिश देकर किशोरी समेत आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया।

आजमगढ़ एसओ के सामने बोला परिवार को बना दूंगा श्मशान घाट एसपी कार्यालय के सामने शव को लेकर पहुंचे परिजनों ने घंटों किया हंगामा


 आजमगढ़ एसओ के सामने बोला परिवार को बना दूंगा श्मशान घाट


एसपी कार्यालय के सामने शव को लेकर पहुंचे परिजनों ने घंटों किया हंगामा


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ठीक सामने उस समय काफी हंगामा शुरू हो गया जब एक शव को आटो में लेकर पहुंचे परिजनों ने हंगामा कर दिया। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वे मामले में न्याय नहीं कर रहे हैं, हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। दर्जनों की संख्या में पहुंचे महिलाओं सहित ग्रामीणों ने करीब घंटे भर जमकर हंगामा किया। मृतक के परिजन ने एसओ के सामने खुलेआम चेतावनी दी कि अगर न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं हुई तो हम लोग हत्यारे के परिवार को श्मशान बना देंगे। काफी मान-मनौव्वल के बाद परिजन शव को लेकर घर चले गये। बता दें कि बीती रात हुई मारपीट में घायल की इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को घर न ले जाकर पुलिसिया कार्रवाई पर अंगुली उठाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया था।


बताते चलें कि जिले के कोतवाली नगर स्थित कोलबाज बहादुर में किशोरी के साथ छींटाकशी को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। इस विवाद के बाद मामला मारपीट में तब्दील हो गया। इस मारपीट में जमकर लाठी-डंडे चले। इस मारपीट में बलिराम साहनी और राजू को गंभीर चोटें लगी। गंभीर रूप से घायल दोनों लोगों को आस-पास के लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया जहां इलाज के दौरान बलिराम साहनी की मौत हो गई। इस मामले की शिकायत मृतक के बेटे सनी साहनी ने कोतवाली में दर्ज कराया। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में सनी ने भोला साहनी, शिवम साहनी, डिप्टी साहनी, दरोगा साहनी और विकास साहनी के विरूद्ध नामजद मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी चारों आरोपियों की तलाश की जा रही है।


इस बारे में जिले के एसपी सिटी शैलेन्द्र लाल का कहना है कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह पूरा मामला छींटाकशी को लेकर हुआ था। जिसमें एक व्यक्ति को चोट आई जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। पांच आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि मामले में फरार चारों आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ महराजगंज दोहरे हत्याकांड में 5 दोषियों को आजीवन कारावास 21 साल पहले घर पर चढ़कर मारी थी गोली


 आजमगढ़ महराजगंज दोहरे हत्याकांड में 5 दोषियों को आजीवन कारावास



21 साल पहले घर पर चढ़कर मारी थी गोली


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जिले के डिंगूरपुर गांव में 21 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर 31-31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। गुरुवार को यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट रमेश चंद्र द्वितीय ने सुनाया। इसी मामले में चार आरोपियों की मुकदमा कार्रवाई के दौरान मौत हो चुकी है। एक के नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई।


अभियोजन के अनुसार महराजगंज थाना क्षेत्र के करमहा डिंगूरपुर गांव में 13 अगस्त 2002 को नागपंचमी के दिन प्रधान रामजीत उर्फ जित्तन व चार वर्षीया बालिका मनीषा की गोली लगने से मौत हो गई थी। मृतक प्रधान की पत्नी कैलाशी देवी ने थाने में गांव के 11 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

आरोप लगाया था कि घटना के दिन लगभग साढ़े बजे पुरानी रंजिश में गांव के रमाकांत सिंह, अशोक सिंह, संत विजय सिंह, सुनील सिंह और पांच छह अन्य व्यक्ति बंदूक व तमंचा से लैस होकर उसके घर पर चढ़ आए और गोलीबारी की। गोली लगने से प्रधान रामजीत समेत कई लोग घायल हो गए। इलाज के दौरान प्रधान रामजीत व मनीषा की मौत हो गई। पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह पटेल व प्राइवेट कौसिल श्रीप्रकाश राय ने वादी कैलाशी समेत 23 गवाहों को पेश किया और दलील को रखा।


अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 21 साल बाद रमाकांत सिंह, संत विजय सिंह, सुनील सिंह, यशवंत सिंह व दिनेश सिंह को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 31-31 हजार रू जुर्माना की सजा सुनाया।