Sunday, 27 February 2022

आजमगढ़ देवगांव उड़नदस्ता टीम सैयद मलिकपुर गाँव के पास पिकअप से एक लाख नकदी किया बरामद।


  आजमगढ़ देवगांव उड़नदस्ता टीम सैयद मलिकपुर गाँव के पास पिकअप से एक लाख नकदी किया बरामद।



आज़मगढ़  देवगांव विधान सभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक अमला सतर्क दिख रहा है।



 जिसके क्रम मे एस,पी आज़मगढ़ अनुराग आर्य के निर्देश पर सी,ओ  लालगंज मनोज कुमार रघुवंशी तथा प्रभारी निरीक्षक देवगाँव शशि मौलि पांडेय के कुशल नेतृत्व में 

उड़नदस्ता मजिस्ट्रेट की टीम सैयद मलिकपुर गाँव के पास पावर हाउस के समीप चेकिंग कर रहे थे कि उसी समय एक पिकअप को रोक कर तलाशी ली गई।



 जिसमें पीकप ड्राईबर के पास से 1 लाख नकद रुपए बरामद किये गये। नकदी के बारे में आवश्यक प्रमाण नहीं मिलने पर रुपए को सीज कर ट्रेजरी में जमा करा दिया गया।



 इस अवसर पर उड़न दस्ता टीम में एफ़एसटी 4 मजिस्ट्रेट डॉक्टर सौम्य सेन गुप्ता, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार तिवारी , महिला कांस्टेबल बीनू सिंह , महिला कांस्टेबल शीला यादव व सहायक राधेश्याम राम उपस्थित रहे। 


लालगंज से प्रशान्त शुक्ला की खाश रिपोर्ट

हाथरस 50 हजार का इनामी बर्खास्त सिपाही को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार।


 हाथरस 50 हजार का इनामी बर्खास्त सिपाही को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार।




किशोरी से दुष्कर्म का है आरोपी



उत्तर प्रदेश हाथरस किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी सिपाही को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। 



आरोपी सिपाही पिछले कई वर्षों से फरार चल रहा था। पूछताछ के बाद आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। आरोपी बर्खास्त सिपाही पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।



पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगीन मामलों में फरार चल रहे अपराधियों को दबोचने के लिए एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं। शुक्रवार को एसटीएफ आगरा को बड़ी सफलता मिली है।



 सादाबाद थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा बरामई निवासी अजीत पुत्र नवल को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली पुलिस ने बताया कि अजीत के खिलाफ वर्ष 2019 में किशोरी के साथ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। तब से वह लगातार फरार चल रहा है। 




आरोपी के जयपुर में छिपे होने की जानकारी के बाद एसटीएफ आगरा ने पूरी तैयारी से उसे दबोच लिया। अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आगरा राकेश एवं पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ आगरा उदय प्रताप सिंह की मदद से इस आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।




पूछताछ में अजीत सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2011 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के रूप में भर्ती हुआ था। वर्ष 2019 में वह गाजियाबाद जिले में यातायात पुलिस में तैनात था। 




इस दौरान उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 325, 376, 3/4 पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद से वह लगातार छिपकर रह रहा है।




 इस समय वह अपने बहनोई के यहां जयपुर में छिपकर रह रहा था। वर्ष 2012 में उसकी शादी हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। कोतवाली पुलिस ने भी आरोपी को पकड़ने के लिए काफी भागदौड़ की थी। इसके बाद भी पुलिस को सफलता हाथ नहीं लग सकी थी। 




उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

बस्ती भिड़े भाजपा-बसपा समर्थक,आधा दर्जन लग्जरी गाड़ियां क्षतिग्रस्त, दरोगा और सिपाही घायल।


 बस्ती भिड़े भाजपा-बसपा समर्थक,आधा दर्जन लग्जरी गाड़ियां क्षतिग्रस्त, दरोगा और सिपाही घायल।



उत्तर प्रदेश बस्ती जिले के परशुरामपुर थाने से महज 200 मीटर दूर परसरामपुर-पठकापुर संपर्क मार्ग तिराहे पर स्थित बहुजन समाज पार्टी के कार्यालय पर शनिवार की रात करीब 11.20 बजे आधा दर्जन लग्जरी गाड़ियों से पहुंचे भाजपा-बसपा समर्थक आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। दो पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।



दोनों पक्षों की भिड़ंत के दौरान बसपा कार्यालय के बाहर खड़ी बसपा उम्मीदवार राजकिशोर सिंह की गाड़ी और दो अन्य फॉर्च्यूनर पर कोल्डड्रिंक की बोतल, पत्थर व डंडे से वार कर शीशे तोड़ दिए गए। हंगामा सुन कार्यालय के अंदर बैठे राजकिशोर सिंह व उनके सहयोगी बाहर निकले तब तक उत्पात मचा रहे अराजक तत्व अपने वाहनों पर सवार होकर परशुरामपुर थाने की तरफ भाग निकले।



बसपाइयों ने इसकी सूचना तत्काल परशुरामपुर थानाध्यक्ष को दी। उसी दौरान उसी रास्ते से गुजर रही भाजपा की प्रचार में लगी दो फॉर्च्यूनर पर बसपा समर्थकों ने ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला कर दिया।



 पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया। दोनों पक्षों की आधा दर्जन लग्जरी गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं।



जानकारी के अनुसार कार्यालय पर मौजूद बसपा प्रत्याशी राजकिशोर सिंह और उनके भाई बृजकिशोर सिंह सुरक्षित हैं। इस घटना में एक दरोगा और सिपाही घायल हुए हैं। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि परशुरामपुर तिराहे पर बसपा व

 भाजपा समर्थकों के बीच में झड़प की सूचना मिली है। मौके पर फोर्स पहुंच चुकी है। दोनों पक्षों के कुछ लोग भी घायल हुए हैं।

Saturday, 26 February 2022

मऊ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नोटिस जारी।


 मऊ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नोटिस जारी।



गृहमंत्री अमित शाह के विरुद्ध दाखिल फौजदारी निगरानी एडमिट।



विशेष न्यायालय एमपी/एमएलए कोर्ट में सुनवाई के लिए 15 मार्च की तिथि नियत।




उत्तर प्रदेश मऊ विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए दिनेश कुमार चौरसिया ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के विरुद्ध दाखिल परिवाद को सुनवाई के बाद क्षेत्राधिकार से बाहर होने का हवाला देते हुए खारिज करने के विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए श्वेता चौधरी के 18 फरवरी के आदेश के विरूद्ध दाखिल फौजदारी निगरानी को एडमिट कर लिया। 



जानकारी के अनुसार साथ ही विपक्षी संख्या दो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। तथा सुनवाई के लिए 15 फरवरी की तिथि नियत किया।



मामले के अनुसार दोहरीघाट थाना क्षेत्र के भगवानपुरा कस्बा दोहरीघाट निवासी नवल किशोर शर्मा ने विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी की अदालत में एक परिवाद दाखिल किया था। जिसमें केंद्रीय मंत्री अमित शाह को आरोपी बनाया।




 परिवादी ने उल्लेख किया था कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने 2 फरवरी को उत्तर प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनाव में बदायूं के सहसवान विधान सभा क्षेत्र के कस्बा इस्लाम नगर के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि सपा अध्यक्ष के साथ आजम खान, मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद जैसे माफिया बाहुबली दिखते थे। जब से प्रदेश में योगी सरकार आई बाहुबली नहीं बजरंगबली दिखते हैं।




 आरोप है उनके इस भाषण से धार्मिक भावनाओं को ठेस एवं आघात पहुंचा है। विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए श्वेता चौधरी ने प्रार्थना पत्र को 18 फरवरी को सुनवाई के बाद ग्राहता के अवसर पर ही मामला क्षेत्राधिकार से बाहर होने के चलते खारिज कर दिया।



 उक्त आदेश के विरुद्ध वादी मुकदमा की ओर से जिला जज की कोर्ट में फौजदारी निगरानी दाखिल किया। जिसे सुनवाई के लिए विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए कोर्ट मे स्थानांतरित कर दिया। जहां सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश ने निगरानी को एडमिट कर लिया। 




तथा विपक्षी संख्या दो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नोटिस जारी किया तथा सुनवाई के लिए 15 मार्च की तिथि नियत किया।

आजमगढ़ सरायमीर थाना के टेवखर गाँव मे रामबली राजभर जो पुलिस की चोरी से बेचता है गाजा पुलिस ने गाजा को किया बरामद।


 आजमगढ़ सरायमीर थाना के टेवखर गाँव मे  रामबली राजभर जो पुलिस की चोरी से बेचता है गाजा पुलिस ने गाजा को किया बरामद।



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ सरायमीर थाना के टेवखर गाँव मे  रामबली राजभर जो पुलिस की चोरी से गाजा बेचते है जिसकी शिकायत आए दिन मेरे पास आती थी तो दिनाँक 25 / 02 / 2022 को लगभग दोपहर 1 बजे के करीब मै पहुचा जिसका विडिओ रिकार्डिग बनाते हुए सूचना  कर्ता के  बताए गए स्थान पर पहुचा तो वहा एक झोले मे गाजा रखा हुआ मिला जिसकी सूचना सरायमीर थाने की पुलिस को दिया।


 


जब इसकी जानकारी राम बली राजभर को हुई तो वह कही भाग गये जब तक पुलिस पहुचती तब तक राम बली राजभर अपने घर से कही भाग गए मौके पर पहुचे  सिपाही हिमांशु व साथ मे एक और सिपाही झोले मे रखे गाजा को अपने साथ लेकर थाना सरायमीर चले गए।



आजमगढ़ सरायमीर से जनार्दन चौहान की रिपोर्ट

बाराबंकी थाने में फंदे से लटकता मिला दरोगा का शव।


 बाराबंकी थाने में फंदे से लटकता मिला दरोगा का शव।


 

उत्तर प्रदेश बाराबंकी जिले की फतेहपुर कोतवाली में तैनात दरोगा का शनिवार की सुबह थाने में बने आवास के बरामदे में फंदे से शव लटकता मिला।



जानकारी के अनुसार इसकी जानकारी पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।



 उसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। फतेहपुर कोतवाली के हल्का नंबर 4 में तैनात सब इंस्पेक्टर वेद प्रकाश यादव आजमगढ़ जिले के थाना कंधरापुर क्षेत्र के मूल निवासी हैं।



 उनकी पत्नी व दो बच्चे लखनऊ में रहते हैं। 2012 बैच के दरोगा वेद प्रकाश जिले के असंद्रा थाना क्षेत्र में दिलावरपुर चौकी के इंचार्ज थे। 



सितंबर माह में उनका तबादला फतेहपुर कोतवाली में हुआ था। शनिवार को काफी समय बीतने के बाद सब इंस्पेक्टर आवास से बाहर नहीं निकले तब चौकी इंचार्ज ने उन्हें फोन किया। कई बार फोन करने पर जब फोन नहीं उठा तो वह मौके पर पहुंचे तो सभी दरवाजे अंदर से बंद मिले।




जिस पर एक चौकीदार को दीवार के रास्ते अंदर भेजा गया तो दरोगा का शव बरामदे में रस्सी से लटकता मिला। जिससे हड़कंप मच गया। मामले की सूचना प्रभारी निरीक्षक ने पुलिस के अधिकारियों व परिजनों को दी। जिस पर लखनऊ में रहने वाली दरोगा की पत्नी मौके पर पहुंची। एएसपी पूर्णेन्दु सिंह ने बताया दरोगा मानसिक रूप से परेशान था उसका इलाज लखनऊ के प्रतिष्ठित डॉक्टर से चल रहा था।

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की बड़ी कार्यवाही , 55 अफसरों की समाप्त की सेवाएं।


 उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की बड़ी कार्यवाही , 55 अफसरों की समाप्त की सेवाएं।




उत्तर प्रदेश लखनऊ बिना किसी पूर्व सूचना के सालों से गायब चल रहे अवर अभियंताओं (जेई) के खिलाफ यूपी पावर कारपोरेशन ने बड़ी कार्यवाही  की है। ऐसे 55 अवर अभियंताओं की सेवाएं कारपोरेशन ने समाप्त कर दी हैं।




जानकारी के अनुसार ऊर्जा विभाग में जेई की भारी कमी के बावजूद यह अभियंता तमाम सूचनाओं और नोटिसों के बावजूद अपने तैनाती स्थल पर न तो हाजिर हुए और न ही विभाग को गायब रहने का कोई कारण ही बताया।




पावर कारपोरेशन के तमाम अवर अभियंता लंबे समय से ड्यूटी से नदारद चल रहे हैं। इनकी कोई सूचना भी विभाग के पास नहीं है। इनके ड्यूटी से गायब रहने की अवधि पांच से 10 साल के बीच है। गायब चल रहे ऐसे अवर अभियंताओं की संख्या 91 है, जो कारपोरेशन और उसकी सहयोगी विद्युत कंपनियों में कार्यरत हैं। 




इन सभी लोगों से विभाग द्वारा समाचार पत्रों सहित विभिन्न माध्यमों से बार-बार कार्यभार ग्रहण करने का आग्रह किया जा रहा था लेकिन इनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया।

जांच सहित तमाम औपचारिकताएं पूरी करते हुए पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने इन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश कर दिया है। इस संबंध में कारपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज का कहना है कि विभाग में अवर अभियंताओं का अत्यधिक महत्व है। लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। इसी को देखते हुए 55 अवर अभियंताओं की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।





इन 55 अवर अभियंताओं की सेवाएं हुईं समाप्त

रणधीर सिंह, संतोष कुमार वर्मा, हशमते आजम, संजय पासवान, दिनेश राम, जगजीवन कुमार, अनिल कुमार, शिवराज वर्मा, राजीव कुमार सिंह, सर्वेश नारायण, सुमित जैसवाल, शेषमणि विश्वकर्मा, मोहन सिंह यादव, सिद्धार्थ गुप्ता. अशोक यादव, शैलेंद्र कुमार, अनूप कुमार, राजेंद्र कुमार, रमेश चंद्र, अनिल कुमार, मनिंद्र कुमार गुप्ता, साधू शरण वर्मा, रूपेश कुमार मौर्या, शैलेष प्रजापति, सत्यवीर सिंह, महफूज अली, सचिन कुमार जैन, सुबोध चंद्र प्रेमी, राजेश्वर विश्वकर्मा, अनिल कुमार सोनकर, मीनाक्षी सिंह, कोमल सिंह, गिरिजेश कुमार, महेंद्र सिंह, गौरव कुमार श्रीवास्तव, मुकेश कुमार कुशवाहा, जयप्रकाश, संदीप कुमार गुप्ता, छोटेलाल, दिनेश चंद, राम सिंह, बृजेश यादव, हेमंत कुमार, कुलदीप, प्रतोष कुमार, राजीव कुमार, गंभीर सिंह, अरविंद कुमार रे, प्रदीप कुमार, संजीव कुमार, गंभीर सिंह, शिवशंकर प्रसाद, मनीष लाल, गंगा सागर शर्मा, मिश्रीलाल मौर्य