आजमगढ़ थाना कोतवाली, जिला अस्पताल के सामने जाम, पुलिस से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज के मामले में 5 गिरफ्तार
शव को ससुराल पक्ष को ले जाने से रोककर एफआईआर की मांग कर रहे थे प्रदर्शनकारी
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जिला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने सड़क जाम कर प्रदर्शन करने, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने पांच वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों को सोमवार की देर रात तहबरपुर थाना क्षेत्र के सोहिला गांव से हिरासत में लिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 को गेलवारा निवासी रेनू पत्नी शिवम की मृत्यु के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चरी में लाया गया था। पोस्टमार्टम के बाद मृतका के मायके पक्ष के लोग शव को ससुराल पक्ष के लोगों के साथ ले जाने से रोकते हुए पहले एफआईआर दर्ज कराने की मांग करने लगे। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास करते हुए थाना सिधारी में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा, लेकिन लोग आक्रोशित हो गए। इसी दौरान शाम करीब 3:40 बजे शनि पुत्र रामजी, निवासी हासापुर, थाना तहबरपुर, अपने करीब 20-25 अज्ञात पुरुष एवं महिला सहयोगियों के साथ जिला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने सड़क पर बैठकर और खड़े होकर जाम लगाने लगा। प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस द्वारा सड़क से हटने और जाम समाप्त करने का प्रयास किए जाने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की। आरोप है कि कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर सड़क पर जमे रहे।
घटना के संबंध में थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 0445/2026 संबंधित धाराओ के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। कोतवाली पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार (28), चन्द्र भान राम (54), अमरनाथ (48), रामचेत (52) और चैतूराम (55), सभी निवासी ग्राम सोहिला, थाना तहबरपुर, आजमगढ़ को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी रात करीब 12:50 बजे की गई। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति, कांस्टेबल सुमित कुमार, कांस्टेबल पिंटु यादव, रिजर्व कांस्टेबल राहुल पाण्डेय, उपनिरीक्षक महेन्द्र कुमार सिंह, कांस्टेबल अखिलेश मद्देशिया और कांस्टेबल विशाल यादव शामिल रहे।

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