Sunday, 23 July 2023

आजमगढ़ तहबरपुर पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली महिला समेत 2 गिरफ्तार


 आजमगढ़ तहबरपुर पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली महिला समेत 2 गिरफ्तार



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अचल सम्पत्ति को अपने नाम कराने की जुगत में लगी महिला ने अपने सहयोगी के साथ पति को इस कदर प्रताड़ित किया कि उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। मृतक के पुत्र द्वारा लगाए गए आरोप के आधार पर पुलिस ने रविवार को मृतक की पत्नी व उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया।


तहबरपुर थाना क्षेत्र के चकिया दूबेरामपुर ग्राम निवासी अच्छेलाल निषाद को उसकी पत्नी ऊषा देवी ने अपने सहयोगी इंद्रजीत निषाद निवासी ग्राम अलहनी थाना कप्तानगंज के साथ जमीन अपने नाम करने के लिए दबाव बनाने लगी। अच्छेलाल द्वारा ऐसा करने से इंकार करने पर ऊषा और उसके सहयोगी इंद्रजीत ने ऐसा दबाव बनाया कि प्रताड़ना से आजिज आकर अच्छेलाल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 


इस मामले में मृतक के पुत्र राज निषाद ने पिता को आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए स्थानीय थाने में बीते शुक्रवार को अपनी मां ऊषा देवी एवं उसके सहयोगी इंद्रजीत के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने रविवार की दोपहर दोनों अभियुक्तों को तहबरपुर बाजार स्थित तिराहे से गिरफ्तार कर लिया।

आजमगढ़ महराजगंज/मेहनाजपुर गैंगरेप व अपहरण के 3 आरोपी गिरफ्तार


 आजमगढ़ महराजगंज/मेहनाजपुर गैंगरेप व अपहरण के 3 आरोपी गिरफ्तार



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ महराजगंज थाने की पुलिस ने नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपित दो युवकों को गिरफ्तार कर एक के कब्जे से अवैध असलहा बरामद किया है। वहीं मेहनाजपुर पुलिस ने किशोरवय लड़की को बहला-फुसला कर भगा ले जाने वाले आरोपी को पकड़ा है।


महराजगंज क्षेत्र की रहने वाली 12 वर्षीय बालिका बीते 22 जून की रात अपनी बहन के साथ घर से शौच के लिए खेतों की ओर गई थी। उसी दौरान पहले से घात लगाए दो कामांध युवकों ने एक लड़की को दबोच लिया और उसके साथ मुंह काला कर मौके से भाग निकले। 


पीड़ित बालिका बदहवास हालत में घर पहुंच कर आपबीती स्वजनों को बताई। इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से लड़की के भाई ने मुकामी थाने में क्षेत्र के महाजी सिंहवारा (टेढ़वा) ग्राम निवासी अनिल यादव उर्फ छोटई एवं हरेन्द्र यादव के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। रविवार की सुबह पुलिस ने इस मामले में वांछित दोनों आरोपियों को क्षेत्र के चपरी पुलिया के समीप गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त अनिल उर्फ छोटई के पास से तमंचा व कारतूस भी बरामद किया है।


 वहीं मेहनाजपुर पुलिस ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसला कर भगा ले जाने के आरोप में नामजद मोनू उर्फ अनय वनवासी को रविवार को दिन में क्षेत्र के तियरा मोड़ से पकड़ा। गिरफ्तार आरोपी तरवां थाना क्षेत्र के पकड़ी कला ग्राम का रहने वाला है।

आजमगढ़ निजामाबाद फल बेच कर आ रहे 3 युवकों पर जानलेवा हमला 2 पक्षों में तनाव, कई थानों की फोर्स पहुंची


 आजमगढ़ निजामाबाद फल बेच कर आ रहे 3 युवकों पर जानलेवा हमला


2 पक्षों में तनाव, कई थानों की फोर्स पहुंची


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जिले के निजामाबाद कस्बे में शनिवार देर रात फल बेच कर आ रहे तीन युवकों पर एक पक्ष के लोगों ने हमला बोल दिया। घटना में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। दो पक्षों के बीच का मामला होने के चलते कस्बे में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। भारी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंची।


कस्बा निवासी संतोष सोनकर (25), शिवम सोनकर (18) और अमित सोनकर 18 की कस्बे में ही फल की दुकान है। रात नौ बजे के लगभग तीनों युवक दुकान बंद कर घर जा रहे थे। कस्बा के थाना मोड़ पर पहले से ही घात लगाए 20 से ज्यादा लोगों ने तीनों पर लाठी-डंडा व धारदार हथियार से हमला कर दिया।


शोर होने पर जबतक लोग जुटे तक तबतक हमलावर फरार हो गए। हमले में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना पर सीओ सदर के नेतृत्व में निजामाबाद पुलिस ने घायलों को स्थानीय अस्पताल भेजा। जहां से तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मारपीट के इस मामले से पूरे कस्बे में अफरातफरी मच गई। कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। घटना को ले कर कस्बे में तनाव की स्थिति देखने को मिली।

मेरठ धमाके के साथ आग का गोला बना थाना 3 पुलिसकर्मी झुलसे, 39 साल का रिकॉर्ड हुआ राख


 मेरठ धमाके के साथ आग का गोला बना थाना


3 पुलिसकर्मी झुलसे, 39 साल का रिकॉर्ड हुआ राख


उत्तर प्रदेश मेरठ के सरधना थाने में जिस समय आग लगी उस वक्त थाने का अधिकतर स्टाफ बाहर गश्त पर था। आठ बजे ड्यूटी की शिफ्ट बदलनी थी। 10-12 पुलिसकर्मी भी अपने-अपने काम में लगे हुए थे। शाम करीब सात बजे अचानक लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। मेस में रखे सिलिंडर एक के बाद एक फटते रहे और आग पूरे परिसर मे फैलती चली गई।


बाहर खड़े दोपहिया वाहनों में तेज धमाके शुरू हुए तो पुलिसकर्मी भी दहशत में आ गए। धमाकों की आवाज से आसपास के लोग भी दहल उठे। दो घंटे तक लगी आग ने लोगों की सांसे अटका दीं। पुलिस वाले आग बैरक और एसओ कार्यालय के अंदर तक न पहुंचे इसके लिए अपने-अपने तरीके से जुगाड़ करते रहे। कोई मिट्टी डाल रहा था तो कोई पानी डालकर आग पर काबू करने का प्रयास करता रहा।


थाने में तैनात सिपाही सुमित राजौरा पर कंप्यूटर के रिकॉर्ड की जिम्म्मेदारी थी। सुमित राजौरा अपने साथी राजकुमार के साथ मिलकर पिछले कई दिनों से कंप्यूटर के डाटा को रीड कर रहा था, लेकिन आग की चपेट में आने से कंप्यूटर से लेकर हार्ड डिस्क भी जलकर राख हो गई। सुमित ने सीपीयू को वहां से उठाकर भागने की भी कोशिश की, जिससे हार्ड डिस्क बच सके, लेकिन सफल नहीं हो सका, आग में मालखाने के इंचार्ज हेमेंद्र पुण्डीर, कांस्टेबल केशव अत्री और सुमित दुजाना झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां सुमित की हालत गंभीर बताई जा रही है।


जहां पर आग लगी थी उसके पास में ही महिला पुलिसकर्मियों की बैरक है। यहां हादसे के समय एक एसआई और तीन कांस्टेबल आराम कर रही थीं। जब आग लगी तो वहां पर शोर मच गया। तभी उन्होंने डर की वजह से बैरक के गेट को अंदर से बंद कर लिया। गनीमत रही कि बैरक से चंद कदमों पहले ही आग पर काबू पा लिया गया। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।


थाने में लगी आग की घटना में करीब 39 साल का रिकॉर्ड जल गया। थाने में सबसे पुराना रिकॉर्ड 1984 का था, जिसके सभी दस्तावेज मालखाने में रखे हुए थे। आग की चपेट में आने से पूरा मालखाना जलकर राख हो गया। ऐसे में वहां पर रखा पूरा रिकॉर्ड भी जल गया। हालांकि अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।


थाने में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज पुराने केसों के होते हैं, जिसमें ज्यादतर मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। थाने में आग क्यों लगी और इसके पीछे क्या कारण रहा इसकी तह तक जाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। जिसमें यह भी देखा जाएगा कि कहीं यह किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं है। फिलहाल मुख्यालय को भी थाने में लगी आग की घटना के बारे में अवगत करा दिया गया है।

Saturday, 22 July 2023

जौनपुर/फतेहपुर एएसपी सुधाकर यादव का कमरे में मिला शव पूर्व डीजीपी जगमोहन के छोटे भाई थे एएसपी, 4 दिन की छुट्टी पर आये थे अपने घर


 जौनपुर/फतेहपुर एएसपी सुधाकर यादव का कमरे में मिला शव


पूर्व डीजीपी जगमोहन के छोटे भाई थे एएसपी, 4 दिन की छुट्टी पर आये थे अपने घर


उत्तर प्रदेश फतेहपुर पीएसी में तैनात एएसपी सुधाकर यादव का अपने कमरे में शव मिला है। वह चार दिन की छुट्टी पर अपने घर जौनपुर आए थे। यहां रात में सभी के साथ भोजन किया। सुबह देर तक नहीं उठने पर परिजनों ने देखा तो शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। अस्पताल लेकर भागे। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई है। सुधाकर यादव पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव के छोटे भाई थे।


 सुधाकर यादव जौनपुर में स्थित पैतृक गांव तरहठी मुंगराबादशाहपुर में आए हुए थे। परिवार के लोगों के मुताबिक सुधाकर यादव दो दिन पूर्व ही अपने घर परिजनों से मिलने आए थे। उनके बड़े भाई पूर्व ब्लाक प्रमुख बृजलाल यादव का परिवार गांव में ही रहता है। छुट्टी लेकर वह चार दिनों के लिए गांव आए हुए थे। देर रात परिजनों के साथ भोजन करके वह अपने कमरे में सोने के लिए चले गये। सुबह नौ बजे तक वह अपने कमरे से नहीं निकले तो परिजन उन्हें चाय के लिए जगाने गये। अंदर देखा तो उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हो रही थी। लोगों ने फौरन डाक्टरों को सूचित किया।


 सुधाकर को लेकर लोग फ़ौरन एक निजी अस्पताल गए। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। माना यह जा रहा है कि रात को ही उन्हें हार्ट अटैक हुआ और बिस्तर पर ही उनकी मौत हो गई। सुधाकर यादव नोएडा, वाराणसी, चंदौली, मीरजापुर, मुरादाबाद में तैनात रह चुके हैं। फिलहाल 12वीं पीएसी में बतौर एडिशनल एसपी फतेहपुर में तैनात थे।

आजमगढ़ एसपी ने उपनिरीक्षक फूलपुर विपिन सिंह को किया लाइन हाजिर


 आजमगढ़ एसपी ने उपनिरीक्षक फूलपुर विपिन सिंह को किया लाइन हाजिर


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर कोतवाली में तैनात दरोगा को शिकायत लेकर पहुंचे पीड़ित से मारपीट के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है। पीड़ित ने जिले के एसपी अनुराग आर्य से न्याय की गुहार लगाई थी। दरोगा के दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल है। एसपी अनुराग आर्य ने दरोगा को लाइन हाजिर करते हुए विभागीय जांच बैठा दिया है।


फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के खुरासो गांव निवासी एक व्यक्ति की जमीन पर विपक्षी मिट्टी आदि पाट कर कब्जा कर रहा था। पीड़ित ने इसकी शिकायत यूपी 112 पर किया। सूचना पर पुलिस पहुंची और विपक्षी के कवायद पर रोक लगा दिया। इसके साथ ही पीड़ित को कागजात आदि के साथ थाने आने को कहा। पीड़ित थाने पर पहुंचा तो कोतवाल ने उसे अगले दिन बुलाया।


अगले दिन पीड़ित फिर से कागजात आदि लेकर पहुंचा तो उस दिन कोतवाल नहीं मिले। प्रभारी दरोगा विपिन सिंह थाने पर मौजूद थे। पीड़ित उनके पास पहुंचा और प्रकरण बताते हुए कागजात आदि देख लेने को कहा। पीड़ित की फरियाद सुनकर दरोगा विपिन सिंह भड़क गए और अपनी कुर्सी छोड़ उठ गए।

इसके बाद पीड़ित को अपशब्द कहते हुए उसकी पिटाई शुरू कर दी। थाना परिसर में ही लोगों के सामने दरोगा ने पीड़ित को ताबड़तोड़ कई थप्पड़ जड़े।


 इस दौरान किसी ने वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही एसपी अनुराग आर्य ने दरोगा विपिन सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दिया।


एएसपी ग्रामीण अरुण कुमार दीक्षित ने कहा कि सोशल मीडिया पर फूलपुर कोतवाली पर तैनात दरोगा द्वारा एक व्यक्ति को पीटे जाने का वीडियो वायरल हुआ। जिसे संज्ञान में लते हुए एसपी के निर्देश पर दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कानपुर देहात जनसुनवाई में पहुंचीं बुजुर्ग महिला, कारण जान एसपी भी हैरान खुद दफ्तर के बाहर तक आए, अपनी गाड़ी से भेजा घर


 कानपुर देहात जनसुनवाई में पहुंचीं बुजुर्ग महिला, कारण जान एसपी भी हैरान


खुद दफ्तर के बाहर तक आए, अपनी गाड़ी से भेजा घर


उत्तर प्रदेश कानपुर देहात में सिकंदरा कस्बे में रह रहीं रोहिणी गांव की 70 साल की बुजुर्ग महिला रामकली गुरुवार को एसपी से मिलने माती पहुंचीं। उनकी कोई शिकायत नहीं थी फिर भी जनसुनवाई में पहुंची थीं। एसपी ने उनसे बात की और चिलचिलाती धूप में आने का कारण जाना तो हैरान रह गए। बुजुर्ग को लेकर एसपी खुद दफ्तर के बाहर तक आए और अपनी गाड़ी से उनके घर भिजवाया।


सिकंदरा के रोहिणी गांव की रहने वाली रामकली (70) गुरुवार दोपहर एसपी वीबीजीटीएस मूर्ति के जनसुनवाई कार्यक्रम में उनसे मिलने पहुंचीं थी । दफ्तर के अंदर बिना किसी प्रार्थना पत्र के पहुंची रामकली ने एसपी से कहाकि लल्ला अब पुलिस अच्छे से काम कर रही है। वह सिकंदरा से सिर्फ उसके लिये धन्यवाद देने आईं हैं।

उन्होंने एसपी को अपने नाती जैसा बताया और खूब आशीर्वाद दिया। बुजुर्ग रामकली की बातों पर एसपी भी भावुक हो गए।


 उनका हालचाल लेने के बाद पूछा कि सिकंदरा वापस कैसे जाएंगी। जब पता चला कि वह सवारी से निकल जाएंगी तो एसपी अपने कार्यालय से उन्हें साथ लेकर बाहर निकले और अपनी गाड़ी पर बैठाकर उन्हें सिकंदरा भेजा। वर्तमान में वह सिकंदरा कस्बे के बिरहाना चौराहे के पास रह रहीं हैं।