Friday, 14 November 2025

आजमगढ़ शहर कोतवाली माफिया ध्रुव सिंह की पत्नी सहित 3 को पुलिस ने लिया हिरासत में कोतवाली में पीएसी सहित भारी पुलिस फोर्स तैनात


 आजमगढ़ शहर कोतवाली माफिया ध्रुव सिंह की पत्नी सहित 3 को पुलिस ने लिया हिरासत में



कोतवाली में पीएसी सहित भारी पुलिस फोर्स तैनात


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद की पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रदेश स्तर के चिन्हित माफिया और गैंग लीडर ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत थाना कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत यह कार्रवाई हुई। गिरोह श्रीकृष्ण पाठशाला (इंटर कॉलेज) की मैनेजिंग कमेटी पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा जमाने की साजिश रच रहा था।


शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पांडेय की तहरीर पर कोतवाली थाने में कुंटू सिंह, उनकी पत्नी बंदना सिंह, सुनील कुमार सिंह और नरेन्द्र कुमार सिंह के खिलाफ मामला पंजीकृत किया गया। पुलिस ने बंदना सिंह समेत तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। सुरक्षा के मद्देनजर कोतवाली क्षेत्र में पीएसी की तैनाती की गई है। गिरोह पर आर्थिक लाभ के लिए फर्जी कागजात तैयार करना, विरोधियों को झूठे मुकदमों में फंसाना, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप हैं। पहले भी इस गिरोह के खिलाफ कई मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनकी विवेचना पूरी कर पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है।




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आजमगढ़ शहर कोतवाली माफिया गैंग लीडर ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह समेत 4 पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज स्कूल प्रबंधन पर कब्जे की साजिश में शामिल होने का आरोप


 आजमगढ़ शहर कोतवाली माफिया गैंग लीडर ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह समेत 4 पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज



स्कूल प्रबंधन पर कब्जे की साजिश में शामिल होने का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों पर नकेल कसने के अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हत्या, लूट, गैंगस्टर और अन्य गंभीर अपराधों के कुल 78 मुकदमों में नामजद प्रदेश स्तर के चिन्हित माफिया और गैंग लीडर ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह तथा उनके तीन साथियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर श्रीकृष्ण पाठशाला (इंटर कॉलेज) के प्रबंधन पर कब्जा करने की साजिश रचने के आरोप में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।


थाना कोतवाली पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 601/2025 के तहत धारा 2(ख)(1)/3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 लगाई गई है। प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय के प्रार्थना पत्र पर यह कार्रवाई हुई।


नामजद अभियुक्त, ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह पुत्र रुद्र प्रताप सिंह, निवासी छपरा सुल्तानपुर, थाना जीयनपुर– 78 मुकदमों में शामिल, जिसमें हत्या, लूट, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर के कई मामले, बंदना सिंह पत्नी ध्रुव सिंह, उम्र करीब 34 वर्ष, निवासी छपरा सुल्तानपुर) – फर्जीवाड़े और धमकी के 8 मामले, सुनील कुमार सिंह** (पुत्र स्व. तीर्थराज सिंह, उम्र 57 वर्ष, निवासी ताहिरपुर, थाना रौनापार) – एनडीपीएस, मारपीट और गैंगस्टर के 7 मामले, नरेन्द्र कुमार सिंह पुत्र गोरखनाथ सिंह, उम्र 63 वर्ष, निवासी धरौली, थाना कप्तानगंज– फर्जीवाड़े के 2 मामले।


अभियुक्तों ने आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए गिरोह बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और स्कूल की मैनेजिंग कमेटी में प्रबंधक पद पर कब्जा करने की कोशिश की। विरोध करने वालों को फर्जी मुकदमों में फंसाने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे अपराध किए। इससे पहले थाना कोतवाली पर मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें जांच पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में भेजा जा चुका है। ध्रुव सिंह का आपराधिक इतिहास: 1992 से 2025 तक 78 मामले, जिसमें 10 से अधिक हत्या और हत्या के प्रयास। लूट, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट के कई मुकदमे। आजमगढ़, मऊ, जौनपुर और लखनऊ में दर्ज केस।


पुलिस की आगे की कार्रवाई, साक्ष्यों का संकलन और विधिक प्रक्रिया जारी। गिरोह की आर्थिक पृष्ठभूमि, फर्जी दस्तावेजों के स्रोत और सहयोगियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित। स्कूल प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों की जांच चल रही है।



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आजमगढ़ सिधारी शातिर लुटेरे से पुलिस मुठभेड़, पैर में गोली लगने से घायल, गिरफ्तार महिला से लूटा सोने का चेन बरामद, अवैध तमंचा-कारतूस सहित मोटरसाइकिल जब्त, साथी बिहार फरार


 आजमगढ़ सिधारी शातिर लुटेरे से पुलिस मुठभेड़, पैर में गोली लगने से घायल, गिरफ्तार



महिला से लूटा सोने का चेन बरामद, अवैध तमंचा-कारतूस सहित मोटरसाइकिल जब्त, साथी बिहार फरार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना सिधारी पुलिस ने 14 नवंबर को एक शातिर लुटेरे को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया। अभियुक्त के कब्जे से लूटी गई सोने की चेन, अवैध तमंचा, कारतूस, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई। गिरफ्तार अभियुक्त पूर्व में कई अपराधों में जेल जा चुका है और बिहार निवासी साथी के साथ संगठित गिरोह चलाता है। घटना की शुरुआत 3 नवंबर को थाना सिधारी क्षेत्र के पल्हनी में हुई, जहां एक महिला से सोने की चेन लूट ली गई थी। इस संबंध में मुकदमा अपराध संख्या 482/25, धारा 309(4) BNS के तहत केस दर्ज किया गया था।


 14 नवंबर 2025 को मुखबिर से सूचना मिली कि लूट में शामिल अभियुक्त अवैध हथियार और लूटी चेन के साथ मोटरसाइकिल से बिहार जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम इटौरा (टेउखर) नहर पटरी करनपुर पुल के पास चेकिंग कर रही थी। काले-लाल रंग की पल्सर मोटरसाइकिल (BR 31 AZ 3074) पर सवार अभियुक्त को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भागने लगा और मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई। पुलिस पर फायरिंग की, जिसमें उ0नि0 धर्मेंद्र शर्मा बाल-बाल बचे। दूसरा फायर मिसफायर हो गया। आत्मरक्षार्थ पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अभियुक्त के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया जिससे वह पकड़ा गया। उसे इलाज हेतू जिला अस्पताल भेजा गया। फील्ड यूनिट ने फिंगरप्रिंट, हैंड स्वाब और रक्तयुक्त मिट्टी जैसे वैज्ञानिक साक्ष्य भी एकत्र किए। गिरफ्तार अभियुक्त राजकुमार उर्फ डिम्पल (35 वर्ष), पुत्र शेखर, निवासी ग्राम सेठवल, थाना रानी का सराय, आजमगढ़ है। वह शातिर अपराधी है और साथी पिंकेश (निवासी खगड़िया, बिहार) के साथ महिलाओं से गहने छीनने की घटनाएं करता है। पिंकेश फरार है।


पुलिस ने अवैध देशी तमंचा (.315 बोर), एक जिंदा कारतूस, एक मिसफायर कारतूस, एक खोखा कारतूस, लूटी गई पीली धातु की चेन, रियलमी मोबाइल फोन, ₹1500 नकद और मोटरसाइकिल (नंबर प्लेट पर चुनरी बंधी हुई) बरामद किया। पूछताछ में अभियुक्त ने कबूल किया कि पिंकेश के साथ मिलकर पल्हनी में लूट की और चेन बांटने बिहार जा रहा था।


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Thursday, 13 November 2025

आजमगढ़ पवई प्रेम प्रसंग की आड़ में युवक की निर्मम हत्या ओरिल गांव में तड़के मिला नरेंद्र बिंद का शव, परिजनों ने प्रेमिका के भाइयों पर लगाया हत्या का आरोप


 आजमगढ़ पवई प्रेम प्रसंग की आड़ में युवक की निर्मम हत्या



ओरिल गांव में तड़के मिला नरेंद्र बिंद का शव, परिजनों ने प्रेमिका के भाइयों पर लगाया हत्या का आरोप


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरिल (केवटाना) गांव में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब नहर किनारे एक 23 वर्षीय युवक का शव मिला। मृतक की शिनाख्त जौनपुर जिले के सुइथाकला थाना क्षेत्र निवासी नरेंद्र बिंद पुत्र रामलौटी बिंद के रूप में हुई। परिजनों ने इसे प्रेम प्रसंग से उपजी रंजिश में की गई सुनियोजित हत्या बताया है।


पुलिस व परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार नरेंद्र बुधवार को अपनी ननिहाल आलमपुर बनपुरवा (पवई) आया था। गुरुवार तड़के करीब सवा चार बजे वह ममेरे भाई रामअवतार के साथ बाइक से ओरिल गांव की ओर निकला। रास्ते में नहर के पास नरेंद्र ने रामअवतार को रुकने को कहा और खुद आगे चला गया।


मिनटों बाद रामअवतार के मोबाइल पर नरेंद्र का कॉल आया। घबराई आवाज में उसने सिर्फ इतना कहा – “कुछ लोग मुझे मार रहे हैं…” और फोन कट गया। जब रामअवतार दौड़कर मौके पर पहुंचा तो नरेंद्र खून से लथपथ बेसुध पड़ा था। आनन-फानन में उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।


मृतक की भाभी व परिजनों ने खुलासा किया कि नरेंद्र का करीब एक वर्ष से पास के ही गांव की एक लड़की से प्रेम संबंध था। लड़की के भाइयों व परिजनों को यह रिश्ता नागवार गुजर रहा था। परिजनों का साफ आरोप है कि इन्हीं लोगों ने रंजिश में नरेंद्र को रात के अंधेरे में घेरकर मौत के घाट उतार दिया।


पवई थाना प्रभारी प्रदीप कुमार मिश्रा ने बताया, “परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। कॉल डिटेल्स, मोबाइल लोकेशन व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई होगी।

आजमगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन, 41 फर्जी जमानतदार व 10 खतरनाक अपराधी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेजों से जमानत दिलाने का रैकेट बेनकाब, कोर्ट को चूना लगाने वालों पर कसा शिकंजा हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर एक्ट के आरोपी भी चढ़े हत्थे, कई पर दर्जन भर मुकदमे

आजमगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन, 41 फर्जी जमानतदार व 10 खतरनाक अपराधी गिरफ्तार



फर्जी दस्तावेजों से जमानत दिलाने का रैकेट बेनकाब, कोर्ट को चूना लगाने वालों पर कसा शिकंजा


हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर एक्ट के आरोपी भी चढ़े हत्थे, कई पर दर्जन भर मुकदमे


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शिकंजा’ ने जनपद में पेशेवर जमानतदारों व अपराधियों की कमर तोड़ दी है। गुरुवार को एक साथ छापेमारी कर पुलिस ने 41 फर्जी/पेशेवर जमानतदारों और 10 कुख्यात अपराधियों समेत कुल 51 लोगों को धर दबोचा। ये लोग डकैती, लूट, हत्या, गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मुकदमों में जेल गए आरोपियों को फर्जी कागजातों से बार-बार जमानत दिलवाते थे और कोर्ट को गुमराह करते थे।


पुलिस को मिली शिकायत के बाद खुलासा हुआ कि कुछ वकील महज 2000-3000 रुपये लेकर पेशेवर जमानतदारों से सांठगांठ कर जमानत दिलवाते थे। एक ही खतौनी, एक ही शख्स के कागजातों से दर्जनों आरोपियों की जमानत हो रही थी। जमानतदारों के सभी दस्तावेज वकील अपने पास रखते थे और जरूरत पड़ने पर उनका दुरुपयोग करते थे।पूछताछ में जमानतदारों ने कबूला कि पैसे के लालच में हम जमानत लेते थे। जिनकी जमानत कराई, उनका नाम-पता तक नहीं पता। एक ही कागज पर कई-कई आरोपियों की जमानत करा दी। शपथ-पत्र में पहले की जमानतें छुपाईं ताकि कोर्ट का ध्यान न जाए।” आजमगढ़ जनपद की थाना कोतवाली पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 594/2025 धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 111, बीएनएस के तहत दर्ज किया है। जिसकी  विवेचना पुलिस कर रही हैं।


गिरफ्तार 10 अपराधियों में अधिकांश हिस्ट्रीशीटर हैं। इनमें खलील उर्फ खलीलुर्रहमान (6 मुकदमे), जावेद अख्तर (गैंगस्टर व गोवध एक्ट), शेरू उर्फ ताबिस (गैंगस्टर व गोवध), अफरोज (5 चोरी के केस) जैसे नाम शामिल हैं। ये लोग जमानत पर बाहर आने के बाद फिर अपराध करते पकड़े गए थे।पुलिस ने सभी 51 अभियुक्तों को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवाया। शेष फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने कहा, “न्यायिक प्रक्रिया की शुचिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फर्जी जमानत रैकेट को पूरी तरह खत्म करेंगे।

 

आजमगढ़ पुलिस मुठभेड़ में 3 बदमाशों को लगी गोली, एक अन्य गिरफ्तार एक ही रात में शहर कोतवाली और रानी की सराय क्षेत्र में हुए अलग-अलग एनकाउंटर


 आजमगढ़ पुलिस मुठभेड़ में 3 बदमाशों को लगी गोली, एक अन्य गिरफ्तार


एक ही रात में शहर कोतवाली और रानी की सराय क्षेत्र में हुए अलग-अलग एनकाउंटर



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की पुलिस ने एक ही रात में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में अंतरराज्यीय लूट, छिनैती, चोरी और ठगी गिरोह के चार शातिर अपराधियों को धर दबोचा। इनमें तीन अपराधी पुलिस की गोली से घायल हुए, जबकि एक को बिना गोली लगे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से अवैध तमंचा, पिस्टल, कारतूस, दो मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है।


थाना कोतवाली पुलिस को मुखबिर की सूचना मिली कि बेगूसराय (बिहार) निवासी विकास कुमार शाह (28) और खगड़िया निवासी इन्दल (26) अवैध हथियारों के साथ वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। पुलिस ने वंशी बाजार उकरौडा-ककरहटा मार्ग पर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में विकास कुमार शाह को पैर में गोली लगी, जबकि इन्दल को मौके पर दबोच लिया गया।


पुलिस ने अभियुक्त के पास से .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस, अपाची RTR मोटरसाइकिल बरामद किया गया है। विकास के खिलाफ गाजीपुर, रायबरेली, कुशीनगर और आजमगढ़ में 5 मुकदमे, इन्दल का एक मुकदमा आजमगढ़ में दर्ज हैं।


इसी तरह देर रात ग्राम मझगांव कट के पास हाईवे पर थाना रानी की सराय पुलिस और अपराधियों के बीच दूसरी मुठभेड़ हुई। खगड़िया (बिहार) निवासी विक्की कुमार (33) और रानी की सराय निवासी रितेश सोनकर (42) ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों के दाहिने पैर में गोली लगी। दोनों को तुरंत पीएचसी रानी की सराय से जिला अस्पताल रेफर किया गया।


अभियुक्त के पास से देशी पिस्टल, एक जिंदा व दो खोखा कारतूस, हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, दो मोबाइल और ₹1250 नकद बरामद किया गया है। विक्की के खिलाफ महराजगंज, कुशीनगर व आगरा में 3 मुकदमे, रितेश का एक पुराना मुकदमा रानी की सराय में दर्ज है।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान में ये दोनों सफलताएं अपराधियों में दहशत और आमजन में सुरक्षा की भावना जगाने वाली बताई जा रही हैं। पुलिस महकमे ने सभी टीमों की त्वरित और साहसिक कार्रवाई की सराहना की है।

Wednesday, 12 November 2025

लखनऊ 50 हजार की इनामी महिला प्रियंका सिंह को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार आजमगढ़ सहित 10 जिलों में धोखाधड़ी व जालसाजी के 18 मुकदमे है दर्ज, करोड़ों की ठगी मामले में चल रही थी फरार


 लखनऊ 50 हजार की इनामी महिला प्रियंका सिंह को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार



आजमगढ़ सहित 10 जिलों में धोखाधड़ी व जालसाजी के 18 मुकदमे है दर्ज, करोड़ों की ठगी मामले में चल रही थी फरार



उत्तर प्रदेश, लखनऊ निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में फरार चल रही पीजीआई सौभाग्यम अपार्टमेंट निवासी प्रियंका सिंह को यूपी एसटीएफ ने बुधवार को गिरफ्तार किया। प्रियंका के खिलाफ वर्ष 2019 में ललितपुर थाने में धोखाधड़ी व जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ के एएसपी सत्यसेन यादव के मुताबिक इनामी अपराधियों की धर-पकड़ के अभियान के दौरान एसटीएफ को 50 हजार रुपये की इनामी प्रियंका सिंह के बारे में जानकारी मिली। सर्विलांस की मदद ली गई तो प्रियंका की लोकेशन उसके पीजीआई सौभाग्यम अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 1205 में मिली। इस सूचना पर बुधवार एसटीएफ की टीम ने प्रियंका को वहां से गिरफ्तार किया।


पूछताछ में प्रियंका ने बताया कि वर्ष 2011 में जेकेवी लैंड एंड डेवलपर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम की कंपनी खोली थी। कंपनी का एक दफ्तर ललितपुर में खोला गया और रजिस्टर्ड दफ्तर हजरतगंज के महात्मा गांधी मार्ग पर था। कंपनी में दीपक शुक्ला और आशीष श्रीवास्तव डायरेक्टर थे। प्रियंका सिंह, उनके पति राजेश कुमार सिंह दुर्गेश जायसवाल और विक्रांत त्रिपाठी बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर थे। कंपनी ने लोगों से निवेश के नाम पर खाते खुलवाए और एफडी कराई। जाल में फंसे लोगों ने जब कंपनी में रुपये निवेश करना शुरू किया तो करोड़ों रुपये कंपनी में जमा हो गए। इसके बाद कंपनी के लोग सारे रुपये लेकर भाग गए। इस मामले में ठगी का शिकार हुए लोगों ने वर्ष 2019 में कोतवाली जनपद ललितपुर में कंपनी के लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया। 29 जून को पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर आशीष श्रीवास्तव को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। प्रियंका सिंह के खिलाफ डीआईजी झांसी ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ के अनुसार प्रियंका सिंह के खिलाफ आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, संत रविदासनगर, मऊ, महोबा, लखनऊ और ललितपुर में धोखाधड़ी व जालसाजी के 18 मुकदमे दर्ज हैं।