Thursday, 16 October 2025

आजमगढ़ 2 पुलिसकर्मियों पर गिरी एसपी की गाज, लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबन पुलिस की छवि धूमिल करने, पासपोर्ट सत्यापन में रिश्वत मांगने पर हुई कार्रवाई


 आजमगढ़ 2 पुलिसकर्मियों पर गिरी एसपी की गाज, लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबन


पुलिस की छवि धूमिल करने, पासपोर्ट सत्यापन में रिश्वत मांगने पर हुई कार्रवाई



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अनिल कुमार ने पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। थाना निजामाबाद में तैनात आरक्षी सुमित सिंह और थाना कोतवाली में नियुक्त कांस्टेबल पिन्टू कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है।


थाना निजामाबाद में तैनात आरक्षी सुमित सिंह को अपने पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की। साथ ही, सभी पुलिस कर्मियों को चेतावनी दी गई कि वे अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें, अन्यथा कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।


वहीं बुधवार को थाना कोतवाली में नियुक्त कांस्टेबल पिन्टू कुमार द्वारा पासपोर्ट सत्यापन के कार्य में रुपये मांगने का मामला सामने आया। इस घटना को पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला मानते हुए एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से पिन्टू कुमार को निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू की गई है। आजमगढ़ पुलिस के सोशल मीडिया सेल ने इसकी जानकारी सार्वजनिक की।

आजमगढ़ निजामाबाद तबादले से पहले यह महत्वपूर्ण काम कर गये एसडीएम सुनील कुमार धनवन्ता आगे भी अपनी कार्यशैली को बनाये रखने की कही बात


 आजमगढ़ निजामाबाद तबादले से पहले यह महत्वपूर्ण काम कर गये एसडीएम सुनील कुमार धनवन्ता



आगे भी अपनी कार्यशैली को बनाये रखने की कही बात



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार द्वारा जहां उपजिलाधिकारी निजामाबाद सुनील कुमार धनवन्ता का तबादला कर दिया गया, वहीं एसडीएम निजामाबाद रहते हुए सुनील कुमार धनवन्ता ने अपनी कार्यशैली से एक अमिट छाप भी छोड़ दी।


बताते चलें कि निजामाबाद तहसील के ग्राम गौसपुर में शासकीय अभिलेखों में फर्जी तरीके से दर्ज किए गए नामों को निरस्त कर पूर्ववत स्थिति बहाल करने का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी, निजामाबाद, सुनील कुमार धनवंता ने इस मामले में कठोर कार्रवाई करते हुए आदेश पारित किया। इस आदेश के तहत गाटा संख्या 354 के सभी संघटक नंबरों पर दर्ज खातेदारों के नाम हटाए गए और भूमि को भीटा खाते में पुन: दर्ज करने का निर्देश दिया गया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा-38 (1) के तहत की गई है।


ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी, निजामाबाद, सुनील कुमार धनवंता ने बताया कि ग्राम गौसपुर, परगना व तहसील निजामाबाद में गाटा संख्या 354 के सभी संघटक नंबरों पर फर्जी तरीके से अभिलेखों में नाम दर्ज किए गए थे। वाद में सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह भूमि भीटा खाते की है। इसके आधार पर पारित आदेश में सभी फर्जी रूप से दर्ज खातेदारों के नाम निरस्त कर दिए गए। आदेश के अनुसार, गाटा संख्या 354क (रकबा 0.015 एकड़/0.0060 हेक्टेयर) को भीटा खाते में और गाटा संख्या 354ख (रकबा 1.295 एकड़/0.5244 हेक्टेयर) को पेड़ लगाने हेतु खाते में दर्ज करने का निर्देश दिया गया। यह कार्रवाई आकार पत्र 41 व 45 के अनुसार की गई, जिससे भूमि की मूल स्थिति को बहाल किया जा सका। इस कदम से न केवल शासकीय अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित हुई, बल्कि अवैध कब्जे को रोकने में भी मदद मिलेगी।


एसडीएम सुनील कुमार धनवंता ने स्पष्ट किया कि निजामाबाद तहसील में सुरक्षित श्रेणी की भूमियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ कठोर कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में दिए गए निदेर्शों और चेतावनियों के अनुरूप ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का यह प्रयास है कि शासकीय भूमि का दुरुपयोग रोका जाए और अभिलेखों में पारदर्शिता बनाए रखी जाए। उन्होंने आगे बताया कि इस तरह की कार्रवाइयां भविष्य में भी नियमित रूप से की जाएंगी ताकि अवैध कब्जेदारों को सबक सिखाया जा सके।




आजमगढ़ एसडीएम निजामाबाद सुनील कुमार धनवंता सहित 3 का हुआ तबादला मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने की कारवाई


 आजमगढ़ एसडीएम निजामाबाद सुनील कुमार धनवंता सहित 3 का हुआ तबादला



मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने की कारवाई


उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के पत्र के आधार पर जनहित और शासकीय कार्यहित में विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों/उप जिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया है। यह निर्णय भारत निर्वाचन आयोग के अनुमोदन के बाद अपरिहार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।


आदेश के अनुसार, निम्नलिखित परिवर्तन किए गए हैं:

 1. सुनील कुमार धनवंता, उपजिलाधिकारी निजामाबाद/उपजिलाधिकारी (न्यायिक) निजामाबाद/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 348-निजामाबाद, को अब उप जिलाधिकारी (न्यायिक) मार्टिनगंज नियुक्त किया गया है।

 2. चन्द्र प्रकाश सिंह, उपजिलाधिकारी (न्यायिक) सगड़ी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 344-गोपालपुर, को उपजिलाधिकारी निजामाबाद/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 348-निजामाबाद के पद पर स्थानांतरित किया गया है।

 3. संत रंजन, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) मार्टिनगंज/उपजिलाधिकारी (न्यायिक) बूढ़नपुर/अतिरिक्त अधिकारी (प्रथम), को उपजिलाधिकारी (न्यायिक) सगड़ी/आजमगढ़ नियुक्त किया गया है।



अलीगढ़ 2 रिटायर इंस्पेक्टर समेत 7 को 20-20 साल की सजा दलित लड़की से गैंगरेप मामले में 23 साल बाद आया फैसला


 अलीगढ़ 2 रिटायर इंस्पेक्टर समेत 7 को 20-20 साल की सजा


दलित लड़की से गैंगरेप मामले में 23 साल बाद आया फैसला



उत्तर प्रदेश, अलीगढ़ खैर थाना क्षेत्र में 2002 में हुए किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में 23 साल बाद बुधवार को न्यायालय ने फैसला सुना दिया। एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अंजू राजपूत की अदालत ने सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल की सजा और जुर्माना सुनाया। दोषियों में दो सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर भी शामिल हैं, जिनमें से एक मामले का प्रथम विवेचक था।


मामला 30 अक्टूबर 2002 का है, जब खैर क्षेत्र के एक गांव निवासी ने अपनी 17 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज की थी। पिता ने गांव के साहब सिंह, रामेश्वर और प्रकाश पर अपहरण और हत्या की नीयत का आरोप लगाया था। पुलिस ने 26 दिसंबर 2002 को टप्पल के हामिदपुर के पास से किशोरी को बरामद किया और दो आरोपियों, बौना और पप्पू उर्फ बिजेंद्र, को गिरफ्तार किया। हालांकि, शुरुआती चार्जशीट में तीन नामजद आरोपियों के नाम हटा दिए गए।


हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीसीआईडी ने जांच शुरू की और तीन चरणों में नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इनमें रामेश्वर, प्रकाश, खेमचंद्र, बसपा नेता राकेश मौर्या, साहब सिंह, जयप्रकाश, सेवानिवृत्त एसएचओ रामलाल वर्मा, उनका बेटा बौबी और प्रथम विवेचक पूर्व एसएचओ पुत्तूलाल प्रभाकर शामिल थे।


सत्र परीक्षण के दौरान साहब सिंह की मृत्यु हो गई, जबकि राकेश मौर्या का नाम कोर्ट के निर्देश पर मुकदमे से हटा दिया गया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने रामेश्वर, प्रकाश, खेमचंद्र, जयप्रकाश, रामलाल वर्मा, बौबी और पुत्तूलाल प्रभाकर को दोषी ठहराया। रामेश्वर, प्रकाश और रामलाल पर 60-60 हजार रुपये, जबकि अन्य पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की 75% राशि पीड़िता को दी जाएगी।


एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह ने बताया कि मुल्जिमों ने किशोरी के साथ दुराचार किया था। वादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र सिंह तोमर ने मजबूती से पैरवी की। राकेश मौर्या के खिलाफ शासन की अनुमति के बाद मुकदमा चलाने की तैयारी है। सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है। यह फैसला पीड़िता और समाज के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Wednesday, 15 October 2025

आजमगढ़ फूलपुर महिला को बेहोश कर रस्सी से बांधा, लूटे गहने और नकदी पुलिस ने घटना को बताया संदिग्ध, जांच में जुटी, इलाके में दहशत का माहौल


 आजमगढ़ फूलपुर महिला को बेहोश कर रस्सी से बांधा, लूटे गहने और नकदी



पुलिस ने घटना को बताया संदिग्ध, जांच में जुटी, इलाके में दहशत का माहौल



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के सदरपुर बरौली गांव में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक घर में घुसकर सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने शेफ़ा, पत्नी नोमान को बेहोश कर रस्सी से बांध दिया और उनके गहने व नकदी लूटकर फरार हो गए। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, शेफ़ा अपने 10 साल के बच्चे के साथ सो रही थीं, तभी घात लगाए चोरों ने उन्हें बेहोश कर घायल कर दिया। चोरों ने उनके गले का हार, सोने की बाली, तीन बूंदे, झुमकी और कुछ नकदी लूट ली। सुबह शेफ़ा को होश आया, लेकिन हालत बिगड़ने पर वह फिर बेहोश हो गईं। उनके बच्चे ने दादा को जगाया, जिन्होंने शोर मचाकर ग्रामीणों को एकत्र किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। प्रभारी निरीक्षक सच्चिदानंद ने बताया कि घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है और तहरीर न मिलने के बावजूद सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

आजमगढ़ सरायमीर युवती की संदिग्ध मौत, शमशान घाट से पुलिस ने शव को लिया कब्जे में रात को घर में हुई थी शिवांगी की मौत, शव पोस्टमार्टम को भेजा


 आजमगढ़ सरायमीर युवती की संदिग्ध मौत, शमशान घाट से पुलिस ने शव को लिया कब्जे में



रात को घर में हुई थी शिवांगी की मौत, शव पोस्टमार्टम को भेजा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव में बीती रात 24 वर्षीया शिवांगी प्रजापति की उनके घर की पहली मंजिल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रात को परिजनों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद घर में मातम छा गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया और सुबह शव को शमशान घाट ले गए।


चिता सजाने की तैयारी के दौरान पुलिस को घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की और औपचारिक कार्रवाई के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

Tuesday, 14 October 2025

आजमगढ़ जीयनपुर 9 दिन पहले धमकी, फिर पेड़ से लटकी मिली युवक की लाश पत्नी ने सास, जेठ और जेठानी पर लगाया हत्या का आरोप


 आजमगढ़ जीयनपुर 9 दिन पहले धमकी, फिर पेड़ से लटकी मिली युवक की लाश



पत्नी ने सास, जेठ और जेठानी पर लगाया हत्या का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के रामपुर जमालुद्दीन पट्टी गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 28 वर्षीय देवेंद्र प्रजापति का शव मंगलवार सुबह घर से 700 मीटर दूर सिवान में नाले के पास नीम के पेड़ पर गमछे के सहारे लटका मिला। मृतक की पत्नी गुड्डी देवी ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या करार देते हुए सास, जेठ और जेठानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।


देवेंद्र प्रजापति की शादी 1 जून 2025 को गुड्डी देवी से हुई थी। गुड्डी का आरोप है कि शादी के बाद से ही सास, जेठ और जेठानी द्वारा दहेज के लिए देवेंद्र को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इस सिलसिले में 15 दिन पहले जीयनपुर कोतवाली में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इसके अलावा, एक सप्ताह पहले भी मारपीट और पैसे की मांग को लेकर कोतवाली में तहरीर दी गई थी। गुड्डी ने बताया कि जमीन विवाद को लेकर भी परिवार में तनाव था, जिसमें सास, जेठ और जेठानी कथित तौर पर देवेंद्र से जमीन अपने नाम करवाना चाहते थे। गुड्डी का दावा है कि इसी विवाद में देवेंद्र की हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाया गया।


शव मिलने के बाद गांव की दर्जनों महिलाएं और पुरुष जीयनपुर कोतवाली पहुंचे और कोतवाली का घेराव करने का प्रयास किया। पुलिस ने समझा-बुझाकर स्थिति को शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मृतक की पत्नी ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला संवेदनशील होने के कारण इलाके में तनाव का माहौल है, और पुलिस ने स्थिति पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।