Sunday, 23 April 2023

आजमगढ़ भाजपा के नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों की सूची जारी, देखें किसकों कहां से मिला टिकट


 

आजमगढ़ जिले में भी रही अतीक-अशरफ जैसी कई बदनाम जोड़ियां कुछ बने स्वर्गवासी तो कुछ अब फेर रहे माला


 आजमगढ़ जिले में भी रही अतीक-अशरफ जैसी कई बदनाम जोड़ियां



कुछ बने स्वर्गवासी तो कुछ अब फेर रहे माला



उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अभी हाल ही में देश और प्रदेश में सुर्खियां बटोर चुके प्रयागराज जिले के कुख्यात माफिया अतीक अहमद एवं उसके भाई अशरफ की पुलिस अभिरक्षा में हुए हाईप्रोफाइल लाइव मर्डर की घटना ने देश और प्रदेश की मीडिया के साथ ही राजनैतिक गलियारे में भी हलचल मचा दिया। राजनैतिक सरपरस्ती के दम पर अपराध जगत में लंबे समय तक अपना वर्चस्व कायम रखते हुए इन अपराधी भाईयों ने कभी सोचा भी नहीं रहा होगा कि मीडिया के सामने अपना साक्षात्कार देते समय दोनों भाई छुटभैए अपराधियों के हाथों मारे जाएंगे।


 इस घटना ने पुलिस और प्रशासन के साथ ही वारदात की दुनिया और राजनीति के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। खैर बुरे काम का अंजाम भी बुरा होता है। जानकारी के अनुसार आजमगढ़ जनपद में अपराध जगत में कुख्यात रही जोड़ियों के बारे में प्रकाश डाल रहे हैं। अपने जिले में आजादी के बाद शहर क्षेत्र के कालीनगंज मोहल्ले में रहने वाली तवायफ जीतन बाई की चाकू मारकर की गई हत्या पर आपका ध्यान ले जाना चाहते हैं जहां दो दबंग गुटों में वर्चस्व को लेकर तवायफ की हत्या कर दी गई थी।


 इस घटना के बाद गिरोह बनाकर अपराध करने वाले सरगना और उनके दाहिने हाथ कहे जाने वाले जोड़ीदारों पर आपका ध्यान आकृष्ट कराते हैं। जिले में यादव जाति के नेऊर-ध्यान के आलावा फरमान जारी कर डकैती व हत्या की अनगिनत वारदातों के लिए बदनाम दीना- बुझारत की जोड़ी ने तब के जमाने में सुर्खियां बटोर चुके थे। नेऊर-ध्यान के बीच शुरू हुई अनबन के बाद दोनों गुट अलग हो गए और उनके बाद दोनों गिरोह की कमान उनके बच्चों ने संभाला और ध्यान खलीफा के पुत्र दुर्गा- माता प्रसाद तथा नेऊर के पुत्र रामप्रताप यादव ने अपने जोड़ीदार अंगद यादव के साथ अपराध जगत में उतर गए।


 हालांकि दोनों गिरोह के मुखिया बाद में राजनीति का लबादा ओढ़ लिया और विधायक तथा मंत्री बनने तक का सफर तय किया। शहर क्षेत्र में सत्तर एवं अस्सी के दशक में मोहन सेठ-कन्हैया सेठ, ब्रम्हदेव यादव और बसंत सिंह, धर्मू सिंह- ओंकार पाठक, ओमप्रकाश- विनोद के साथ ही फूलपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्र से रमाकांत-उमाकांत की जोड़ी ने भी अपने कुकृत्यों के दम पर बड़ा नाम कमाया।


 इन सबके बीच कुछ और कुख्यात जोड़ियों के बारे में बताते चलें कि भाड़े पर हत्या करने के लिए बदनाम लौटन-पंचम, रुदरी निवासी अशोक-भवानी, अखिलेश- हरिश्चंद्र, साधू- रमायन, छोटकाई- बड़काई, नरसिंह- रवीन्द्र, सच्चू -विमल, मुकेश -मित्तल, कुंटू -गिरधारी के नाम से यह जोड़ियां अपने समय में अपराध की दुनिया में खूब नाम कमाया। इसमें कुछ तो असमय काल के गाल में समा गए और कुछ आज भी बुढ़ापे की वजह से इस दुनिया से अपना मोह भंग कर चुके हैं। 


हां एक बात और कई दशक पूर्व रूपहले पर्दे पर एक फिल्म आई थी दस नंबरी जिसमें अपराध जगत का ही कारनामा दर्शाया गया था। यह तमगा भी अपने जिले खासकर शहर क्षेत्र के रहने वाले कपूर प्रसाद गुप्ता एलवल और मस्सू खान फराशटोला के नाम पुलिस रिकार्ड में दर्ज रहा है।

Saturday, 22 April 2023

आजमगढ़ अतरौलिया अनियंत्रित ट्रैक्टर ने बाइक सवार को रौंदा दवा लेकर घर लौट रहे देवर-भाभी सहित 3 गंभीर रूप से हुए घायल


 आजमगढ़ अतरौलिया अनियंत्रित ट्रैक्टर ने बाइक सवार को रौंदा


दवा लेकर घर लौट रहे देवर-भाभी सहित 3 गंभीर रूप से हुए घायल


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ अतरौलिया थाना क्षेत्र अन्तर्गत थिरईपट्टी मंदिर के पास अनियंत्रित ट्रैक्टर ट्राली बाइक सवार सहित एक बुजुर्ग को अपनी चपेट में लेते हुए खाई में पलट गयी। इस दुर्घटना में बाइक सवार देवर-भाभी की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गया।


जानकारी के अनुसार अहिरौला थाना क्षेत्र के अभयपुर गांव निवासी सर्वेश यादव 32 वर्ष पुत्र प्रवेंद्र यादव अपनी भाभी मिथिलेश यादव 36 वर्ष पत्नी रिखराज के साथ अतरौलिया दवा लेने आए थे। शाम लगभग 5 बजे दवा लेकर अपने घर वापस लौटते समय थाना क्षेत्र के थिरईपट्टी मंदिर के समीप सेनपुर की तरफ से एक डम्फर आने की वजह से वहीं नहर के किनारे अपनी मोटर साइकिल रोक दी, इस दौरान पीछे से आ रही ईंट लदी अनियंत्रित ट्रैक्टर ने मोटर साइकिल सवार देवर भाभी को टक्कर मार दी, इसके साथ ही बगल ही खड़े एक 70 वर्षीय बुजुर्ग त्रिलोकी यादव पुत्र जवाहिर निवासी खालिसपुर को भी अनियंत्रित ट्रैक्टर अपनी चपेट में लेते हुए 20 फुट पुलिया के नीचे जा गिरी।


 स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पीवीआर 1056 मौके पर पहुंच गई और 20 फीट नीचे गिरे सभी घायलों को किसी तरह बाहर निकाला। थाना प्रभारी प्रमेन्द्र कुमार सिंह भी अपने हमराहियों के साथ मौके पर पहुंच गए और घायलों को नजदीकी 100 सैया अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों घायलों की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि महिला मिथिलेश यादव की हालत काफी गंभीर है।

प्रयागराज कौन लेगा हिसाब, जो डरते थे अब वही लूटेंगे अतीक की अरबों की काली कमाई यहां लगा है माफिया का सबसे ज्यादा पैसा


 प्रयागराज कौन लेगा हिसाब, जो डरते थे अब वही लूटेंगे अतीक की अरबों की काली कमाई


यहां लगा है माफिया का सबसे ज्यादा पैसा


उत्तर प्रदेश प्रयागराज माफिया अतीक की हत्या के बाद उसका अरबों का रियल एस्टेट का कारोबार डूब सकता है। महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों तक फैले प्रापर्टी कारोबार में माफिया की काली कमाई भी लगी हुई है। अतीक-अशरफ की हत्या के बाद उसका परिवार पूरी तरह बिखर चुका है। गर्दिश के मौजूदा दिनों का फायदा उठाने की फिराक में कई बिजनेस पार्टनर हैं। इनमें से कुछ कारोबारी एसटीएफ और ईडी के पास भी सूचीबद्ध हैं।


 अतीक की काली कमाई का बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट के कारोबार में लगा हुआ है। दो दर्जन से अधिक फर्में उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन और उसके सालों व करीबियों के नाम हैं। शहर के कई नामचीन बिल्डरों और कारोबारी समूहों के साथ भी अतीक साझीदार रहा है। दर्जन भर से अधिक बड़े बिल्डर प्रत्यक्ष रूप से उसके पार्टनर रहे हैं। इस बीच पहले असद का एनकाउंटर और बाद में अतीक-अशरफ की भी हत्या से उसका रियल एस्टेट कारोबार डूबने की कगार पर है।


 वजह है कि कारोबार संभालने और हिसाब-किताब देखने में सक्षम अतीक की 50 हजार रुपये की इनामी बीवी शाइस्ता परवीन एसटीएफ के डर से छिपती फिर रही है। माफिया के दो जवान बेटे अली और उमर जेल में हैं। शेष दो नाबालिग बेटों को प्रशासन ने बाल गृह में रखा है। अब न कोई हिसाब रखने वाला है, न मांगने वाला। बिजनेस पार्टनरों पर माफिया के परिवार का दबाव भी खत्म हो गया लगता है। मिली जानकारी के अनुसार इसका अंदाजा यूपी में रियल एस्टेट कारोबार में दखल रखने वाले अतीक के करीबी व साझीदार बिल्डर से असद के हिसाब मांगने के वायरल ऑडियो से भी लगता है। यह ऑडियो एसटीएफ की जांच का हिस्सा भी है।

उत्तर प्रदेश अतीक के बाद बचे हैं इतने माफिया मुख्तार अंसारी समेत 39 जेल में, 20 बेल पर हैं बाहर, 5 अब भी फरार


 उत्तर प्रदेश अतीक के बाद बचे हैं इतने माफिया


मुख्तार अंसारी समेत 39 जेल में, 20 बेल पर हैं बाहर, 5 अब भी फरार


उत्तर प्रदेश लखनऊ माफिया अतीक अहमद के अपने भाई अशरफ के साथ मारे जाने के बाद यूपी में कुल 64 माफिया बच गए हैं। इनमें मुख्तार अंसारी समेत 39 माफिया जेल में हैं जबकि 20 जमानत पर बाहर हैं। 5 माफिया अब भी फरारी का जीवन काट रहे हैं। 


मिली जानकारी के अनुसार जमानत पर बाहर माफियाओं में बृजेश सिंह का नाम प्रमुख है जिन्हें लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई अन्य विपक्षी नेता योगी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। उधर, सरकार का दावा है कि यूपी में माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। अपराधियों के खिलाफ एक तरफ जहां बुलडोजर ऐक्शन और धड़पकड़ जारी है वहीं उनके मामलों में सरकार की ओर से मजबूत पैरवी कर जल्द से जल्द और सख्त से सख्त सजा दिलाने की भी कोशिश की जा रही है। 


फरार माफियाओं को पकड़ने की कोशिश की जा रही है तो जेल में बंद और बेल पर बाहर माफियाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पहले यूपी में कुल 66 माफिया चिन्ह्ति थे। अतीक की पुलिस कस्टडी में हत्या और आदित्य राणा उर्फ रवि के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद 64 माफिया रह गए हैं।


जेल में बंद हैं ये माफिया


मुख्तार अंसारी, उधम सिंह, यागेश भदौड़ा, धर्मेंद्र, यशपाल तोमर, हाजी याकूब कुरैशी, शारिक, सुनील राठी, अमर पाल उर्फ कालू, अनुज बरखा, विक्रांत उर्फ विक्की, संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा, अनिल चौधरी, ऋषि कुमार शर्मा, अनुपम दुबे, खान मुबारक समेत 39 माफिया।


बेल पर बाहर हैं ये माफिया


 बृजेश सिंह, सुशील उर्फ मूंछ, विनोद शर्मा, एजाज, डब्बू सिंह उर्फ प्रदीप सिंह, गुड्डू सिंह, अनूप सिंह, संजीव द्विवेदी, राकेश यादव, सुधीर कुमार सिंह, विनोद कुमार उपाध्याय, राजन तिवारी, सउद अख्तर, लल्लू यादव, बच्चू यादव, राजेश यादव, गणेश यादव, कम्मू उर्फ कमरुल हसन और जाबिर हुसैन बेल पर बाहर हैं।


ये हैं फरार माफियाओं की लिस्ट में शामिल 


वेस्ट यूपी का कुख्यात बदन सिंह उर्फ बद्दो, सहारनपुर निवासी पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाला, गौतमबुद्धनगर का मनोज उर्फ आसे, मेरठ का विनय त्यागी उर्फ टिंकू, लखनऊ का जुगनूवालिया उर्फ हरिविंदर और प्रयागराज का जोवद उर्फ पप्पू।

Friday, 21 April 2023

आजमगढ़ डीएम ने 11 अपराधियों को किया जिला बदर अपमिश्रित अवैध शराब बनाने सहित विभिन्न मामलों में हैं सक्रिय


 आजमगढ़ डीएम ने 11 अपराधियों को किया जिला बदर


अपमिश्रित अवैध शराब बनाने सहित विभिन्न मामलों में हैं सक्रिय


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ एसपी अनुराग आर्य द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए चलाये जा रहे विशेष अभियान के अन्तर्गत अपमिश्रित अवैध शराब बनाकर विक्रय करने, गोकसी, चोरी, हत्या के प्रयास, जान से मारने की धमकी, छेड़खानी व अन्य अपराध में सक्रिय अपराधियों पर गुण्डा अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही की गयी है। जिस पर जिला मजिस्ट्रेट आजमगढ़ ने उक्त 11 अपराधियों को 6 माह के लिए जिला बदर किया है।


 थाना जहानागंज से 7, 

थाना पवई से 1, 

निजामाबाद से 1, 

थाना मेंहनाजपुर से 1,

थाना बरदह से 1, अपराधी जिला बदर हुए है।


जिलाबदर हुए 11 अपराधियों में अपमिश्रित अवैध शराब बनाकर विक्रय करने में शेरू यादव पुत्र झिन्नू यादव, निवासी अमदही थाना जहानागंज, 

श्रीकान्त सिंह पुत्र रविन्द्र सिंह निवासी तुलसीपुर थाना जहानागंज, 

दिनेश चौहान पुत्र श्रीनाथ चौहान निवासी लक्ष्मीपुर, थाना जहानागंज, 

दंगल यादव पुत्र बेचन यादव निवासी अमदही थाना जहानागंज, 

भीम यादव पुत्र विक्रमा यादव निवासी बदनपुर थाना जहानागंज, 

सजनू राजभर पुत्र बंशी राजभर निवासी पटहुआ थाना जहानागंज, 

लालसा यादव पुत्र हरिहर यादव निवासी बदनपुर थाना जहानागंज शामिल हैं। 


वहीं गोकशी में हन्नान पुत्र स्व अन्सार निवासी लखमापुर थाना पवई, 

मारपीट व छेड़खानी में रूसी यादव पुत्र पवन यादव निवासी खादा थाना निजामाबाद, 

पंचम बिन्द पुत्र सीताराम निवासी नरवे थाना बरदह के साथ ही चोरी, मारपीट, जान लेवा हमला करने में शोले उर्फ सोलई पुत्र लल्लन निवासी शाहपुर थाना मेंहनाजपुर शामिल हैं।

आजमगढ़ कप्तानगंज हत्यारे ने बताया क्यों उतारा माता-पिता और बहन को मौत के घाट बीती रात पुलिस मुठभेड़ में हुआ गिरफ्तार छोटी बहन की भी हत्या करना चाहता था आरोपी लेकिन नहीं हुआ सफल

आजमगढ़ कप्तानगंज हत्यारे ने बताया क्यों उतारा माता-पिता और बहन को मौत के घाट


बीती रात पुलिस मुठभेड़ में हुआ गिरफ्तार


छोटी बहन की भी हत्या करना चाहता था आरोपी लेकिन नहीं हुआ सफल


उत्तर प्रदेश आजमगढ़ कप्तानगंज थाना क्षेत्र के धन्धारी गांव में 15 अप्रैल को हुए तिहरे हत्याकाण्ड में पुलिस ने बीती रात करीब 12:15 बजे के करीब आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है। जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभियुक्त के पास से देशी तमंचा व कारतूस बरामद किया गया है।


प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, उ0नि0 जितेन्द्र सिंह अपने हमराहियों के साथ उपरोक्त घटना से सम्बन्धित अभियुक्त की तलाश में क्षेत्र देऊरपुर में मौजूद थे। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जिस अभियुक्त द्वारा अपने मां-बाप व बहन की हत्या को अंजाम दिया गया है वह आज अंधेरा होने के बाद कुछ लोगों को दिखा है जो कि पुनः वारदात करने के फिराक में गांव व तालाब के बीच में कहीं है। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी कप्तानगंज व पुलिस टीम जैसे ही इन्नीताल तालाब पुलिया के पास पहुंची, इस दौरान एक व्यक्ति बन्दे वीर बाबा मंदिर के पहले और तालाब वाले रास्ते पर पुलिया के बाये साईड तेजी से अन्दर की तरफ गया और झाड़ियों और गड्ढे मे छिपने का प्रयास किया। पुलिस ने संदेह होने पर आत्मसमर्पण के लिए कहा तो अभियुक्त ने चिल्लाकर पुलिस टीम को जान से मारने की धमकी दी। 


जिस पर थाना प्रभारी कप्तानगंज द्वारा टार्च जलाया गया तो अभियुक्त द्वारा एक फायर टार्च की रोशनी की तरफ लक्ष्य बनाकर पुलिस बल के ऊपर किया गया। पुलिस द्वारा की गई आत्मरक्षार्थ कार्रवाई में अभियुक्त के दाहिने पैर में गोली लग गयी। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।


पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त राजन सिंह ने बताया कि 15 अप्रैल को उसने अपने गांव के उमेश सिंह पुत्र राम रूप सिंह का दो बोरी गेहूं चोरी किया था जिसके वजह से उसके पिता-माता व बहन ने मिलकर रात में उसे डांटा फटकारा व मारा था। जिससे क्षुब्ध होकर उसने रात्रि में करीब ढाई से तीन के बीच उठा और जाकर भूसा वाले घर से दो कुल्हाडी लेकर आया। कुल्हाड़ी से पहले अपने पिता के सिर पर कई वार किया, तब तक मेरी मां जग गयी और मुझे कुल्हाडी सहित पकड़ने का प्रयास किया तथा कुल्हाडी मेरे हाथ से छीन कर फेंक दिया तब में दूसरी कुल्हाडी से मां सुनीता को एक कुल्हाडी मारा और वह घर से बाहर की तरफ भागी जिसको दौड़ाकर कुल्हाड़ी से कई वार कर दिया। तभी मेरी छोटी बहन जग गयी और चिल्लाकर रोड की तरफ भागने लगी कि मैं उसे घेर कर खेत में कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन पर कई वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गयी।


पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जब पुलिस द्वारा अवैध शस्त्र के सम्बन्ध में पूछा गया तो आरोपी राजन सिंह ने बताया कि मैंने कट्टे से इसलिए नहीं मारा यदि कट्टे से मारता तो आवाज की वजह से आस पास के लोग जग जाते और मैं पकड़ा जाता। घटना के बाद मैं जाकर अपना हाथ पैर धोया और दूसरा कपड़ा पहन कर खून से लगे कपड़े व कुल्हाडी चप्पल को पालिथिन में भर कर बैग में रख लिया। पिता की मोबाइल व जेब में रखा 6500 रूपया निकाल लिया तथा कट्टा व कारतूस लेकर वहां से निकल कर गन्ने के खेत में आ गया। बैग लेकर बाहर जाना ठीक न समझते हुये बैग उसी गन्ने के खेत में छिपा दिया और वहां से निकल गया। 


आज साक्ष्य को मिटाने हेतु बैग में रखे खून से लगे कपड़े, चप्पल को जलाने के लिये और छोटी बहन रानी को भी मारने के चक्कर में आजमगढ़ गया था वहा से मालूम हुआ कि सब घर गये है। तत्पश्चात मैं अपने गांव उनको खोजते हुये आया हूं। अभियुक्त के पास मौजूद बैग से कुल्हाडी व घटना के दिन पहने हुए टी-शर्ट, एक लोवर, एक जोडी चप्पल रक्त लगा, 02 मोबाइल व 03 सिम, 2700 रूपये नगद, एक माचिस व प्लास्टिक के बोतल में पेट्रोल भी बरामद हुआ। एक अन्य बहन की हत्या के योजना के सम्बन्ध में पूछताछ के आधार पर थाना कप्तानगंज पर अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है।