Friday, 14 January 2022

पहले चरण में 11 जिलों की 58 सीटों के लिए आज से जारी होगी अधिसूचना


 पहले चरण में 11 जिलों की 58 सीटों के लिए आज से जारी होगी अधिसूचना



नामांकन के समय प्रत्याशी के साथ सिर्फ दो व्यक्ति ही जा सकेंगे निर्वाचन अधिकारी के कक्ष तक





लखनऊ उत्तर प्रदेश  18वीं विधानसभा के चुनाव के लिए शुक्रवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। पहले चरण में 11 जिलों की 58 सीटों के लिए अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। पहली बार चुनाव आयोग ने नामांकन के लिए ऑनलाइन की सुविधा दी है।



इस चरण की सीटों पर 10 फरवरी को होगा मतदान


मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि पहले चरण के लिए शुक्रवार को अधिसूचना जारी की जाएगी। पहले चरण की 58 विधान सभा सीटों में 9 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। 


उन्होंने बताया कि विधान सभा की 403 सीटों के लिये 7 चरणों में चुनाव संपन्न होगा। मतदान 10 फरवरी, 14 फरवरी, 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। पहले चरण के नामांकन की अंतिम तिथि 21 जनवरी है। नामांकन पत्रों की जांच 24 जनवरी को होगी और 27 तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इस चरण की सीटों पर मतदान 10 फरवरी को होगा।



नामांकन के समय केवल दो गाड़ियों का ही प्रयोग


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया की नामांकन के समय प्रत्याशी के साथ सिर्फ दो व्यक्ति निर्वाचन अधिकारी के कक्ष तक जा सकेंगे। प्रत्याशी सुविधा एप के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन कर आवेदन पत्र की प्रति निर्वाचन अधिकारी के समक्ष जमा कर सकते हैं।


 कोविड-19 संक्रमण के चलते नामांकन के समय किसी भी प्रत्याशी को जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रत्याशी द्वारा नामांकन के समय केवल दो गाड़ियों का ही प्रयोग किया जा सकेगा।

Thursday, 13 January 2022

आजमगढ़ मेहनाजपुर में प्रेमी ने गला दबाकर की थी महिला एलआईसी एजेंट की हत्या


 आजमगढ़ मेहनाजपुर में प्रेमी ने गला दबाकर की थी महिला एलआईसी एजेंट की हत्या




आजमगढ़ मेहनाजपुर पुलिस ने महिला एलआईसी एजेंट की हत्या के आरोप में उसके प्रेमी तथा उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है।


 पुलिस के अनुसार महिला की हत्या उसके प्रेमी ने गला दबाकर की थी। पुलिस ने उसके निशानदेही पर ग्राम भवरपुर पुलिया उदंती नदी के पास से मृतका का लेडीज पर्स जिसमे एलआईसी के कागजात, आधार कार्ड, ईश्रम कार्ड, पैन कार्ड, एलआईसी जमा करने की रशीद आदि प्रपत्र और श्रृंगार के समान लिपिस्टिक, नेल पालिस, बाडी स्प्रे, बिंदिया, सीसा कंघी, एक जोड़ी जूती व हत्या में प्रयुक्त जायलो महिन्द्रा गाड़ी बरामद किया है।



भवरपुर गांव के पास नदी के पुल के नीचे मिली थी शव


जानकारी के अनुसार, मेहनाजपुर के मऊपरासीन ने रमाशंकर गौड़ पुत्र स्व0 रामकिरत गौड़ ने थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी कि मेरी भाभी सीमा गौड़ पत्नी गौरीशंकर गौड़ 8 जनवारी को समय करीब सायं 04.00 बजे अपने घर से मेहनाजपुर बाजार के लिए निकली थी लेकिन रात को वापस नहीं आयी। 9 जनवरी को सुबह लगभग 09.30 बजे सूचना मिली की मेरी भाभी का शव भवरपुर गांव के पास नदी के पुल के नीचे पानी के बीचोबीच पड़ा है। इस तहरीर पर पुलिस ने कार्यवाही शुरू कर दी।


 


प्रेमी ने स्कार्फ से गला कस कर मार डाला 


पुलिस ने गुरूवार को मृतका सीमा गौंड़ की हत्या के आरोप में सूरज गुप्ता पुत्र रामसरन गुप्ता चकिया कसरावल मेहनाजपुर को चिल्लुपुर गांव के मंदिर के पास से सड़क पर समय 04.30 बजे सुबह गिरफ्तार कर लिया।



 पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मेरे और सीमा के बीच प्रेम सम्बन्ध था, सीमा गौड़ को इधर-उधर घूमने के लिए मना करने के बाद भी न मानने पर जायलो महिन्द्रा से बैठाकर ले गया जहाँ रास्ते में बातजीत के दौरान कहा-सुनी हो गई इसके बाद मैने सीमा का गला स्कार्फ से कस कर मार डाला और शव को छिपाने के उद्देश्य से पानी में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी को संरक्षण देने वाले उसके साथी गोबिन्द मौर्या पुत्र रामफल मौर्या निवासी पुरानी बाजार मेहनाजपुर को हत्या के बाद अपने घर छिपा कर शरण देने खाना खिला कर अपने साथ सुलाने के आरोप में गिरफ्तार कर दोंनों को जेल भेज दिया।



गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम



गिरफ्तार करने वाली टीम थानाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, उ0नि0 राकेश कुमार सिंह, उ0नि0 राजकुमार सिंह क0आ0 चन्द्रमा मिश्रा, का0 यशवन्त कुमार सिंह, का0 उमेश यादव, ओपी दिनेश यादव, मु0आ0 विनोद सरोज, का0 शनि नागर, का0 प्रदीप पाण्डेय, का0 आदेश यादव, का0 हाश्शि खान, का0 अवनीश सिंह, का0 सुनील प्रजापति, का0 विकास सरोज, का0 गुलाब यादव शामिल रहे।

आजमगढ़ दरोगा की वर्दी में साधु करता था नकली नोटों का व्यापार


 आजमगढ़ दरोगा की वर्दी में साधु करता था नकली नोटों का व्यापार


3.15 लाख रूपए के नकली नोट बरामद, दो महिला सहित 6 गिरफ्तार


आजमगढ़ आजमगढ़ पुलिस व स्वाट टीम प्रथम ने पेशेवर जाली नोट का धन्धा करने वाले दो महिला सहित 6 बदमाशों को लखराव पुल के दक्षिण पुराने मन्दिर के बरामदे से गिरफ्तार कर लिया है। 




जबकि दो मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने उनके पास से जाली भारतीय करेन्सी नोट करीब 03 लाख 15 हजार रूपए बरामद किया। इस मामले में खास बात यह भी थी कि नकली नोट को ले जाने ले आने में कार का इस्तेमाल होता था और कार में आगे गैंग का सरगना रामचरित यादव उर्फ साधू जो लीडर है वह दरोगा की वर्दी पहन कर बैठता था जिससे चेकिंग वगैरह में बचा जा सके।




 महिलाओं को भी इसीलिए बिठाया जाता था कि शक न हो। पकड़े गये आरोपियों में रामचेत यादव उर्फ साधू पुत्र राजा यादव, प्रेम विश्वकर्मा पुत्र रामकेश विश्वकर्मा महराजगंज, आशीष चन्द पुत्र गुलाबचंद इस्माइलपुर रौनापार, राजेश सिंह पुत्र देवनरायन सिंह बनहरा रौनापार, मनीता पत्नी अशोक कुमार गोरखपुर महराजगज, सुषमा विश्वकर्मा पत्नी रमेश विश्वकर्मा तेरही कप्तानगज बताया। 




दोनो महिलाओं को इनका साथी आशीष चन्द पुत्र गुलाबचंद इस्माइलपुर रौनापार मोटरसाइकिल से लेकर आया जबकि शेष सभी सदस्य सत्यजीत सिंह के साथ स्विफ्ट डिजायर कार से आये थे। आरोपियों ने जाली भारतीय करेन्सी नोट को तैयार कर असली के रुप में पिछले कई वर्षाे से संलिप्त रहें है।



गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान बताया गया कि पिछले एक वर्ष मे करीब दस लाख रुपये के जाली करेन्सी नोट को असली के रुप मे हम लोगों द्वारा चलाया जा चुका है। सत्यजीत सिंह व राजेश सिंह पुत्रगण देवनरायन सिंह बनहरा रौनापार जनपद आजमगढ तथा उसके साथ फरार उसका साथी नाम पता अज्ञात उक्त कूटरचित जाली करेन्सी नोट को तैयार करते हैं।



 उसके मोबाइल की दुकान ग्राम केवटहिया से ग्राहकों को असली नोटो के साथ जाली नोट को चलाया जाता है। महिला सदस्यों के माध्यम से ग्राहको को चांदपट्टी बाजार एवं केवटहिया बाजार रौनापार, महराजगंज बाजार तथा आजमगढ शहर के बवाली मोड से रोडवेज के बीच मे स्थित विभिन्न चाय पान व चाट की दुकानो पर ग्राहको को डिलिवरी महिला सदस्यो के द्वारा किया जाता है। 




गिरफ्तारी टीम में डी0के0 श्रीवास्तव व उ.नि. मधूसूचन चौरसिया उ.नि. संजय सिंह, हे0का0 सुरेन्द्र यादव, हे0का0 दिलीप पाठक, हे0का0 सतेन्द्र यादव, का0 पवन यादव, का0 अभिमित तिवारी, का0 अमित कुमार सिंह ’एसओजी (प्रथम) आजमगढ’ का0 मानवेन्द्र, का0 अप्पू कुमार, म0का0 ज्योति, म0का0 अम्बिया खातून, का0 अवध नारायन, का0 रविन्द्र कुमार का0 धर्मेन्द्र सोनी, शामिल रहे। 




पुलिस टीम द्वारा उपरोक्त सराहनीय कार्य के लिये पुलिस अधीक्षक ने 25000/- रुपये इनाम की घोषणा की गयी है।


दिल्ली चुनाव आयोग द्वारा संवेदनशील सीटों की सूची, आजमगढ़ की 7 विधानसभा सीटें की चिन्हित।


 दिल्ली चुनाव आयोग द्वारा संवेदनशील सीटों की सूची, आजमगढ़ की 7 विधानसभा सीटें की चिन्हित।



खर्च के लिहाज से संवेदनशील सीटों की सूची

संवेदनशील सीटों EC की पैनी नजर रहेगी

यूपी की 403 सीटों में 33 सीटें चिन्हित की

33 सीटों को चुनाव आयोग ने किया चिन्हित

यूपी के 16 ज़िले में 33 विधानसभा सीट हैं।

आजमगढ़ की 7 विधानसभा सीटें चिन्हित की

गोपालपुर, सकरी, आजमगढ़, निजामाबाद, फूलपुर।

दीदारगंज और लालगंज विधानसभा सीटें चिन्हित

सहारनपुर की नकुड़ विधानसभा सीट भी शामिल

गाजीपुर की 4 विधानसभा सीटें चिन्हित की गईं

गाजीपुर,जंगीपुर, मोहम्मनाबाद,जमानिया सीट है।

कुशीनगर और महाराजगंज की एक-एक सीट

कौशाम्बी ज़िले में 2 विधानसभा सीट चिन्हित

ललितपुर में ललितपुर और महरौनी सीट शामिल

अमेठी, गौरीगंज, तिलोई, जगदीशपुर भी शामिल

हरदोई में एक, आगरा में फतेहपुर सीकरी सीट

मथुरा में छाता और मथुरा विधानसभा सीट।।

अलीगढ़,गाज़ियाबाद,बागपत में एक-एक सीट

शामली की कैराना विधानसभा भी संवेदनशील।

Wednesday, 12 January 2022

स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी


 स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी



सुल्तानपुर यूपी सरकार के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने उन्हें 24 जनवरी को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा में रहते हुए देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिस पर सुल्तानपुर के एमपी एमएलए कोर्ट ने आदेश जारी किया है। 24 जनवरी को मामले में सुनवाई होगी। 



यह आदेश 2016 में हाईकोर्ट द्वारा जारी किया गया था तब उन्होंने इस पर स्टे ऑर्डर ले लिया था। स्वामी प्रसाद प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री थे। जहां से उन्होंने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया और 14 जनवरी को वह सपा में शामिल होंगे।

लखनऊ उत्तर प्रदेश भाजपा को दूसरा बड़ा झटका, कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने भी दिया इस्तीफा



 लखनऊ उत्तर प्रदेश भाजपा को दूसरा बड़ा झटका, कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने भी दिया इस्तीफा



यूपी में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफा देने के 24 घंटे के अंदर ही योगी सरकार के एक और मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।




सरकार में वन, पर्यावरण एवं जन्तु उद्यान मंत्री रहे दारा सिंह चौहान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में पिछड़ों, वंचितों, दलितों, किसानों और बेरोजगार नौजवानों के साथ के प्रति उपेक्षात्मक रवैया अपनाया गया है। 



उन्होंने योगी सरकार पर दलितों व पिछड़ों के आरक्षण से खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राजभवन भेज दिया है

सपा का साथ या फिर भाजपा में वापसी, जानिए क्या कहा स्वामी प्रसाद मौर्य ने


 सपा का साथ या फिर भाजपा में वापसी, जानिए क्या कहा स्वामी प्रसाद मौर्य ने



लखनऊ उत्तर प्रदेश  शायद ही किसी ने सोचा होगा कि ठीक सात दिन पहले तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ लोकभवन में एक ही मंच पर श्रमिकों के खाते में पैसा ट्रांस्फर करते नज़र आ रहे श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा को छोड़ देंगे।



 सपा में जॉइन करेंगे या फिर भाजपा में होगी वापसी इस बात पर अभी स्वामी प्रसाद मौर्या ने अपनी रणनीति जाहिर नहीं की है।

उन्होंने कहा कि वे अखिलेश से इस मामले में बात करेंगे। उनके करीबियों और पार्टी के विधायकों की मानें तो वह संगठन में तवज्जो न मिलने के कारण नाराज थे। शायद यही वजह रही कि उन्होंने कहा कि सीएम योगी, पीएम मोदी, अमित शाह व जेपी नड्डा आदि से उन्हें कोई नाराजगी नहीं है। मेरी नाराजगी गलत नीतियों के कारण थी।



दूसरी ओर चर्चा है कि बेटे उत्कृष्ट मौर्य समेत समाज के कुछ लोगों के टिकट की चाह को वाजिब राह न मिलने से भी वह भीतर ही भीतर खिन्न थे। 



वह क्यों नाराज हो गए? उनकी नाराजगी की क्या वजहें थी? इनका खुलासा अब उनके इस्तीफे के बाद धीरे-धीरे होने लगा है। सियासी जानकारों की मानें तो वह संगठन में अहमियत न दिए जाने के कारण तो नाराज थे।

मौर्य बसपा सरकार में मायवती, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबू सिंह कुशवाहा के बाद चौथे नंबर के नेता थे। 



बसपा में वह सहकारिता मंत्री रहे। माना जाता है कि वह श्रम विभाग जैसा महत्वहीन विभाग दिए जाने से खिन्न थे। उन्होंने इस बारे में पार्टी स्तर पर कई बार अपना विरोध भी जताया। हाल में गठित भाजपा की प्रदेश चुनाव समिति में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया जबकि भाजपा में आए उनसे कई जूनियर नेता इस समिति में शामिल किए गए।



वहीं कुछ दिन पहले पार्टी के लखनऊ में हुए पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में उनकी बेटी को मंच से न बोलने देने पर कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की थी। तब से ही बात साफ हो गई थी कि कहीं कुछ गड़बड़ जरूर चल रही है, जो उनके इस्तीफे के साथ ही साफ हो गई।