Tuesday, 5 August 2025

आजमगढ़ निजामाबाद फिर एक बार चर्चा में आयें आईएएस सुनील कुमार धनवन्ता पूर्व में सत्ता पक्ष के नेताओं के विरोध के चलते बने थे मीडिया की सुर्खियां और अब...


 आजमगढ़ निजामाबाद फिर एक बार चर्चा में आयें आईएएस सुनील कुमार धनवन्ता




पूर्व में सत्ता पक्ष के नेताओं के विरोध के चलते बने थे मीडिया की सुर्खियां और अब...




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी सुनील कुमार धनवन्ता आज फिर चर्चा में बने हुए हैं। कुछ दिनों पूर्व सत्ता पक्ष के लोगों के विरोध का सामना करते हुए वे मीडिया की सुर्खियां बने रहें, सत्ता पक्ष के नेताओं द्वारा उनके कार्यशैली पर अंगुली उठाते हुए धरना प्रदर्शन भी किया गया था। आज फिर वही आईएएस अधिकारी सुनील कुमार धनवन्ता आज फिर चर्चा का केन्द्र बने हुए हैं हां बस अन्तर इतना है कि इस बार कारण कुछ और है।



बता दें कि जनपद की तहसील निजामाबाद ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम के तहत शिकायतों के निस्तारण में लगातार दूसरी बार जून और जुलाई 2025 में उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी निजामाबाद, सुनील कुमार धनवंता ने बताया कि शासन की शीर्ष प्राथमिकता के अनुरूप आईजीआरएस संदर्भों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री संदर्भ, आयुक्त संदर्भ, जिलाधिकारी संदर्भ, आनलाइन संदर्भ, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन संदर्भ और शासन परिषद संदर्भों का निस्तारण समय पर किया गया, जिसमें जून और जुलाई 2025 में एक भी संदर्भ डिफॉल्ट नहीं हुआ। तहसील स्तर पर स्थल निरीक्षण और फीडबैक के माध्यम से शिकायतों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है। इस उपलब्धि के लिए तहसील निजामाबाद को दोनों माह में 100 अंक प्राप्त हुए हैं। यह उपलब्धि तहसील प्रशासन की कार्यकुशलता और जन शिकायतों के प्रति गंभीरता को दर्शाती है।

Monday, 4 August 2025

आजमगढ़ शहर कोतवाली, पुलिस टीम के साथ अभद्रता और मारपीट 3 नामजद सहित 5 के खिलाफ मुकदमा दर्ज


 आजमगढ़ शहर कोतवाली, पुलिस टीम के साथ अभद्रता और मारपीट



3 नामजद सहित 5 के खिलाफ मुकदमा दर्ज



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस पीआरवी टीम के साथ गाली-गलौज, अभद्रता और मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना में तीन नामजद सहित पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर पुलिस कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार, वर्दी से छेड़छाड़ और सरकारी बाइक को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करने का भी आरोप है। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपियों की दबंगई साफ नजर आ रही है।


पीआरवी कर्मी सच्चिदानंद ने कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। शिकायती पत्र के अनुसार, सच्चिदानंद की तैनाती कंधरापुर थाने पर है। वह अपने साथी चालक राजेश राय के साथ हर्रा की चुंगी पर पेट्रोल भरवाने गए थे। पेट्रोल भरवाने के बाद चौक पर फल खरीदने के दौरान एक व्यक्ति के साथ तीन बाइक सवार युवकों ने धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस कर्मियों से मदद की गुहार लगाई।


जब सच्चिदानंद और राजेश राय ने बीच-बचाव का प्रयास किया, तो तीनों युवकों के साथ दो अन्य लोग भी वहां आ गए। इन लोगों ने पुलिस कर्मियों के साथ गाली-गलौज, हाथापाई और वर्दी की कॉलर पकड़कर खींचने की घटना को अंजाम दिया, जिससे सच्चिदानंद की शर्ट के बटन टूट गए। पुलिस कर्मियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी नहीं माने। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और सरकारी बाइक को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की। हालांकि, आसपास के लोगों के पहुंचने के कारण आरोपी अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सके। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों की पहचान अंकित सोनकर (पुत्र टिल्लू सोनकर), मोनू सोनकर, सोनू सोनकर और दो अन्य के रूप में की है।


 एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


https://www.news9up.com/2025/08/2_5.html

Sunday, 3 August 2025

आजमगढ़ निजामाबाद झाड़ियों में फेंका मिला नवजात शिशु का शव मां की ममता पर उठे सवाल, समाजसेवियों ने करवाया अन्तिम संस्कार

आजमगढ़ निजामाबाद झाड़ियों में फेंका मिला नवजात शिशु का शव



मां की ममता पर उठे सवाल, समाजसेवियों ने करवाया अन्तिम संस्कार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र के बनगांव आरा मशीन के पास रविवार सुबह करीब 10 बजे एक नवजात शिशु का कपड़े में लपेटा हुआ शव मृत अवस्था में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई।


 बताया जा रहा है कि शनिवार रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण सुबह तक क्षेत्र में आवागमन कम था। बारिश थमने के बाद जब लोगों का आना-जाना शुरू हुआ, तब किसी ने सड़क किनारे कपड़े में लपेटे नवजात के शव को देखा और इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी।


मौके पर पहुंचे समाजसेवी मनीष राय, स्थानीय पत्रकार और ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए नवजात के शव का अंतिम संस्कार करवाया। यह घटनास्थल आजमगढ़-सुल्तानपुर-लखनऊ सड़क पर बनगांव गांव में स्थित है, जो निजामाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। नवजात का शव सड़क किनारे मिलने से पूरे क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर यह शिशु कहां से आया और इसे यहां क्यों छोड़ा गया। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। कई लोग इसे "कलयुग की मां" की संज्ञा दे रहे हैं, जो अपने बच्चे को जन्म देकर सड़क किनारे फेंक कर चली गई। इस घटना ने मां की ममता को शर्मसार कर दिया है। 


ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी अमानवीय घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नवजात का शव कहां से और कैसे यहां पहुंचा। अभी तक शिशु के माता-पिता या इस घटना के पीछे की परिस्थितियों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चचार्एं जोरों पर हैं, और लोग इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

 

आजमगढ़ रौनापार पुलिस मुठभेड़ में चोरी के प्रयास के मुख्य अभियुक्त को लगी गोली, गिरफ्तार पुलिस ने बरामद किया हथियार और मोटर साइकिल, एक बाल अपचारी भी हिरासत में


 आजमगढ़ रौनापार पुलिस मुठभेड़ में चोरी के प्रयास के मुख्य अभियुक्त को लगी गोली, गिरफ्तार



पुलिस ने बरामद किया हथियार और मोटर साइकिल, एक बाल अपचारी भी हिरासत में



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद की रौनापार थाना पुलिस ने 02 अगस्त 2025 को एक मुठभेड़ के दौरान शराब की दुकान में चोरी के प्रयास के मुख्य अभियुक्त शिवम यादव को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में एक बाल अपचारी को भी हिरासत में लिया गया।


31 जुलाई 2025 को रौनापार थाना क्षेत्र के ग्राम महुला में राजकुमार गोंड़ की सरकारी शराब की दुकान पर छह अज्ञात चोरों ने चोरी का प्रयास किया था। सीसीटीवी फुटेज में असलहा लिए चोरों की गतिविधियां दर्ज हुईं, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने लाटघाट-महुला हाईवे पर पांडे का पुरा पुल के पास घेराबंदी की। इस दौरान अभियुक्त शिवम यादव ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित फायरिंग की। इससे शिवम यादव के दाहिने पैर में गोली लगी। चार अन्य अभियुक्त अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।


पुलिस ने शिवम यादव के कब्जे से एक देशी तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और एक बिना नंबर प्लेट की टीवीएस स्पोर्ट मोटरसाइकिल बरामद की। शिवम यादव, महुला डाड़ी निवासी, का आपराधिक इतिहास लंबा है, जिसमें हत्या का प्रयास, अपहरण, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे 10 मामले दर्ज बताए गए हैं। इस घटना के आधार पर रौनापार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। घायल अभियुक्त को इलाज के लिए सीएचसी अजमतगढ़ भेजा गया है। पुलिस अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में छापेमारी कर रही है। 


इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष मंतोष सिंह, उपनिरीक्षक विवेक सिंह, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका सराहनीय रही।


https://youtu.be/yorlLqNG690?si=luNnw9FuR0kYDvnG

आजमगढ़ अतरौलिया लेखपालों ने पंचायती राज मंत्री को सौंपा ज्ञापन अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग


 आजमगढ़ अतरौलिया लेखपालों ने पंचायती राज मंत्री को सौंपा ज्ञापन



अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया के निरीक्षण भवन में रविवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लेखपालों ने पंचायती राज मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की। लेखपालों ने पारिवारिक, स्वास्थ्य और सामाजिक समस्याओं का हवाला देते हुए शासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।


लेखपालों ने बताया कि राजस्व विभाग के अधीनस्थ कर्मचारी होने के बावजूद सीमित वेतन में काम करने वाले अधिकांश लेखपाल मध्यम या निम्न वर्ग से हैं। दूरस्थ नियुक्तियों के कारण उनके परिवार दो हिस्सों में बंट गए हैं, जिससे आर्थिक बोझ के साथ-साथ वृद्ध माता-पिता और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिजनों की देखभाल में दिक्कत हो रही है। कुछ महिला लेखपालों ने बताया कि दूरस्थ तैनाती के कारण उनके विवाह में बाधा आ रही है या वैवाहिक जीवन संकट में है।


ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 23 अगस्त 2018 के शासनादेश के तहत दो चरणों में करीब 700 लेखपालों को गृह मंडल में स्थानांतरण मिल चुका है। इस वर्ष मई में ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, लेकिन स्थानांतरण आदेश अभी तक जारी नहीं हुए। लेखपाल नागेंद्र तिवारी, रोशन द्विवेदी, सचिन राजपूत, योगिता सिंह सहित अन्य ने मंत्री से मांग की कि पारिवारिक और स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखकर जल्द स्थानांतरण आदेश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे हजारों लेखपालों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

आजमगढ़ गंभीरपुर ट्रक में ट्रेलर ने मारी टक्कर, खलासी की हुई मौत रानीपुर रजमो बाईपास पर रात 2 बजे हुआ हादसा


 आजमगढ़ गंभीरपुर ट्रक में ट्रेलर ने मारी टक्कर, खलासी की हुई मौत



रानीपुर रजमो बाईपास पर रात 2 बजे हुआ हादसा




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर रजमो बाईपास पर शनिवार देर रात करीब 2 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ। बरहज से सोनभद्र जा रहे एक ट्रक में पीछे से तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में ट्रक के खलासी अवधेश पटेल पुत्र सोमनाथ सिंह, निवासी चकताकिया, नारायणपुर, मिर्जापुर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक ड्राइवर दिनेश चौबे निवासी भाटपार रानी, देवरिया को हल्की चोटें आईं। हादसे की सूचना मिलते ही गंभीरपुर पुलिस और पीआरबी मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल मोहम्मदपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अवधेश पटेल को मृत घोषित कर दिया। 


गंभीरपुर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने ट्रेलर और ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Saturday, 2 August 2025

आजमगढ़ सदर मण्डलायुक्त ने 12 अधिकारियों का रोका वेतन तहसील दिवस में औचक निरीक्षण के दौरान मिले थे अनुपस्थित, नो वर्क नो पे के सिद्धान्त पर की कार्रवाई


 आजमगढ़ सदर मण्डलायुक्त ने 12 अधिकारियों का रोका वेतन



तहसील दिवस में औचक निरीक्षण के दौरान मिले थे अनुपस्थित, नो वर्क नो पे के सिद्धान्त पर की कार्रवाई



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मण्डलायुक्त विवेक तथा डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने शनिवार को तहसील सदर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 12 अधिकारी अनुपस्थित मिले। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुपस्थित अधिकारियों का इस आशय का स्पष्टीकरण प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया कि नो वर्क, नो पे के सिद्धान्त के तहत उनका वेतन अवरुद्ध करते हुए उनकी अनाधिकृत अनुपस्थिति को उनकी सेवा में व्यवधान क्यों न माना जाय। 


अनुपस्थित अधिकारियों में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता, विद्युत विभाग के सहायक अभियन्ता, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र, खण्ड शिक्षा अधिकारी रानी की सराय, बीडीओ पल्हनी, बीडीओ रानी की सराय, बीडीओ सठियांव, सहायक विकास अधिकारी कृषि, चकबन्दी अधिकारी जहानागंज, चकबन्दी अधिकारी सठियांव तथा चकबन्दी अधिकारी सगड़ी सम्मिलित हैं। मण्डलायुक्त एवं डीआईजी ने इस अवसर पर आमजन से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को भी सुना तथा समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तरण समय सीमा के अन्दर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराये जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया। आमजन से समस्याओं की सुनवाई के दौरान ग्राम परसूपुर निवासी एक व्यक्ति द्वारा अवगत कराया गया कि गांव की नवीन परती पर अवैध अतिक्रमण किया गया है, जिसे अतिक्रमणमुक्त कराने हेतु मा. उच्च न्यायालय द्वारा 6 माह पूर्व आदेश पारित किया गया है, परन्तु लगातार प्रयास के बाद भी उक्त भूमि को अतिक्रमणमुक्त नहीं कराया गया है। 


मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपजिलाधिकारी, सदर नरेन्द्र कुमार गंगवार को निर्देश दिया कि प्रकरण में सम्बन्धित लेखपाल की भूमिका की जॉंच कर आख्या दें। इसी प्रकार कस्बा मुबारकपुर निवासी मुहम्मद सालिम द्वारा इस आशय का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया कि उनके द्वारा अपने तीन बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र हेतु गत फरवरी माह में आवेदन किया गया है, जिस पर उपजिलाधिकारी, सदर द्वारा ईओ मुबारकपुर से रिपोर्ट मांगी गयी, परन्तु बार-बार नगर पालिका कार्यालय से सम्पर्क किए जाने के बावजूद कई माह बाद भी नगर पालिका परिषद मुबारकपुर से कोई रिपोर्ट नहीं भेजी गयी है। 


मण्डलायुक्त विवेक ने इसे गंभीरता लेते हुए उपलिाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि मामले की जॉंच कर दोषी कार्मिकों को चिन्हित करें तथा तीन दिन के अन्दर आख्या दें। जन समस्याओं की सुनवाई के दौरान ग्राम दूधनारा निवासी अशोक द्वार प्रार्थना पत्र दिया गया कि उपजिलाधिकारी के न्यायालय से आदेश पारित होने के उपरान्त भी बार-बार सम्पर्क किए जाने बाद भी राजस्व निरीक्षक व लेखपाल द्वारा पत्थर नसब की कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसके नतीजे में उनकी जमीन खाली पड़ी हुई है तथा उन्हें काफी नुक्सान उठाना पड़ रहा है। गत मई माह से प्रकरण लम्बित मिलने पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त किया तथा एसडीएम को त्वरित निस्तारण कराये जाने का निर्देश दिया।


इस दौरान दोनों अधिकारियों के समक्ष राजस्व के 47, पुलिस के 4 तथा विकास से सम्बन्धित एक प्रार्थना कुल 53 प्रार्थना प्रस्तुत किये गये। मण्डलायुक्त व डीआईजी द्वारा 6 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने पुलिस से सम्बन्धित मामलों की सुनवाई किया तथा आगामी दिनों के पड़ने वाले त्योहारों, प्रतियोगी परीक्षाओं आदि अवसरों पर क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु थाना प्रभारियों को निर्देशित किया।