Sunday, 7 December 2025

जालौन थाना प्रभारी की मौत मामले में महिला सिपाही पर हत्या का आरोप CCTV में आवास से बैग लेकर भागती दिखी आरोपी


 जालौन थाना प्रभारी की मौत मामले में महिला सिपाही पर हत्या का आरोप



CCTV में आवास से बैग लेकर भागती दिखी आरोपी


उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कुठौंद थाने के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की शुक्रवार रात थाना परिसर स्थित उनके सरकारी आवास में सर्विस रिवाल्वर से गोली लगने से मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद एक महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को आवास से बैग लेकर भागते हुए देखा गया। मृतक इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने महिला सिपाही पर पति की हत्या करने का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।


 पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे थाना परिसर में गोली चलने की आवाज आई। जब अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय चारपाई पर मच्छरदानी के अंदर खून से लथपथ पड़े थे। तुरंत उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।


 मृतका पत्नी माया राय का आरोप है कि उनके पति किसी भी हालत में आत्महत्या नहीं कर सकते थे। घटना के समय कोंच कोतवाली में यूपी-112 पर तैनात महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा थाना प्रभारी के कमरे में मौजूद थी। गोली चलने के बाद वह चिल्लाते हुए बाहर निकली और फिर थाना परिसर से भाग गई। परिजनों का कहना है कि महिला सिपाही पीछे के रास्ते से आवास में दाखिल हुई थी और दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी। 


सूत्रों के मुताबिक बहस के दौरान इंस्पेक्टर ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था, जिसे महिला सिपाही ने जूते से ठोकर मारकर खोल दिया। इसके तुरंत बाद गोली चलने की आवाज आई। घटना का एक CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिला सिपाही बैग लिए थाना परिसर से भागती साफ दिखाई दे रही है।


 एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं तथा तीन सदस्यीय डॉक्टर्स पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके का मुआयना किया है।



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आजमगढ़ कंधरापुर जमीनी विवाद में एएनएम के पति की गोली मारकर हत्या, मौके पर पहुंचे एसपी


 आजमगढ़ कंधरापुर जमीनी विवाद में एएनएम के पति की गोली मारकर हत्या, मौके पर पहुंचे एसपी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कंधरापुर थाना क्षेत्र के जुनेदगंज बाइपास स्थित श्याम हॉस्पिटल के पास शनिवार शाम करीब 7 बजे बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने एक युवक को गोली मार दी। गोली लगते ही युवक मौके पर गिर पड़ा और हमलावर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान रौनापार थाना क्षेत्र के मारा कर्मनाथ पट्टी गांव निवासी रजनीश उर्फ राजू पांडेय (उम्र 40 वर्ष) के रूप में हुई है।


 वह जिला महिला अस्पताल में तैनात एएनएम रंजना पांडेय के पति थे। रजनीश शनिवार शाम अपने गांव से बाइक पर जिला मुख्यालय आ रहे थे। जैसे ही वह जुनेदगंज बाइपास के पास पुलिया पर पहुंचे, पीछे से आई बाइक पर सवार बदमाशों ने उन्हें नजदीक से गोली मार दी। गोली उनके दाहिने कंधे में लगी।


 घटना की सूचना मिलते ही मृतक की पत्नी रंजना पांडेय अस्पताल पहुंचीं और रोते-बिलखते कुछ लोगों पर जमीनी विवाद को लेकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। सूचना पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार और सीओ सिटी शुभम तोदी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। एसपी ने स्वयं घटनास्थल का मुआयना किया और फॉरेंसिक टीम को बुलाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


 पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि हत्या का कारण जमीनी विवाद हो सकता है। आरोपी की तलाश में पुलिस ने कई टीम गठित कर दी गई हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है।

आजमगढ़ फूलपुर अंतरजनपदीय टप्पेबाज गैंग के 4 शातिर ठग गिरफ्तार, 4 लाख के गहने- 2 लाख 90 हजार रुपये नकद बरामद अवैध तमंचा-कारतूस सहित 3 लग्जरी कारें जब्त रायबरेली का परिवार चलाता था पूरा गैंग, महिलाओं को झाड़-फूंक का लालच देकर करते थे ठगी


 आजमगढ़ फूलपुर अंतरजनपदीय टप्पेबाज गैंग के 4 शातिर ठग गिरफ्तार, 4 लाख के गहने- 2 लाख 90 हजार रुपये नकद बरामद




अवैध तमंचा-कारतूस सहित 3 लग्जरी कारें जब्त


रायबरेली का परिवार चलाता था पूरा गैंग, महिलाओं को झाड़-फूंक का लालच देकर करते थे ठगी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर थाना पुलिस और स्वाट टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरजनपदीय टप्पेबाज गिरोह के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये ठग विशेष रूप से महिलाओं को झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और बीमारी ठीक करने का झांसा देकर सोने-चांदी के गहने और नकदी ठग लेते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से लगभग 4 लाख रुपये के सोने के आभूषण, 2 लाख 90 हजार रुपये नकद, एक अवैध तमंचा 315 बोर सहित जिंदा कारतूस, तीन लग्जरी कारें और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।


 गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रायबरेली जिले के बछरावां थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद सलीम उर्फ बब्लू, उसकी पत्नी रुकसाना, मोहम्मद कलीम और असगर अली के रूप में हुई है। ये सभी एक ही परिवार और मोहल्ले के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे आजमगढ़, बलिया, मऊ, बस्ती, हरदोई, लखनऊ सहित कई जिलों में दर्जनों ठगी की वारदातें कर चुके हैं। मुख्य आरोपी सलीम उर्फ बब्लू और असगर अली का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों के खिलाफ ठगी, धोखाधड़ी और रिसीविंग स्टोलन प्रॉपर्टी के 10-10 से अधिक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज बताए गये हैं। 


पुलिस के मुताबिक बीते 20 नवंबर 2025 को फूलपुर कस्बा निवासी आशा देवी को ठगों ने झांसे में लेकर उनका मंगलसूत्र, सोने की चेन, झुमका आदि गहने और 15-20 हजार रुपये ठग लिए थे। इसी केस की पड़ताल के दौरान पुलिस को गैंग के ठिकाने का पता चला और शनिवार सुबह करीब 4:05 बजे खानजहांपुर पुलिस बूथ के पास बिलारमऊ-चिरैया मोड़ पर घेराबंदी कर चारों को दबोच लिया गया। आरोपियों ने बताया कि ठगी में महिलाओं को फंसाने में दिक्कत होने पर रुकसाना आगे आकर विश्वास जीतती थी और बाकी सदस्य मौका पाकर गहने-नकदी लेकर फरार हो जाते थे। ये लोग हर वारदात के लिए गाड़ियां बदलते थे ताकि पुलिस को शक न हो। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पूरी टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

आजमगढ़ देवगांव, हत्या मामले में मुख्य आरोपी राणा प्रताप को उम्रकैद, 6 आरोपी बरी 7 अप्रैल 2019 को मसीरपुर में हुआ था खूनी संघर्ष, 8 गवाहों की गवाही के बाद आया फैसला


 आजमगढ़ देवगांव, हत्या मामले में मुख्य आरोपी राणा प्रताप को उम्रकैद, 6 आरोपी बरी


7 अप्रैल 2019 को मसीरपुर में हुआ था खूनी संघर्ष, 8 गवाहों की गवाही के बाद आया फैसला


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में निर्माण कार्य रोकने के विवाद में पड़ोसी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। करीब साढ़े छह साल बाद विशेष सत्र न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा की अदालत ने शनिवार को मुख्य आरोपी राणा प्रताप सिंह को आजीवन कारावास और 65 हजार रुपये जुमार्ने की सजा सुनाई, जबकि सबूतों के अभाव में बाकी छह आरोपियों को बरी कर दिया। 


अभियोजन के अनुसार, थाना देवगांव क्षेत्र के मसीरपुर गांव निवासी जय प्रकाश सिंह अपने घर पर बारजे का निर्माण करा रहे थे। सुबह करीब 10 बजे पड़ोसी राणा प्रताप सिंह ने काम रुकवा दिया। इस पर जय प्रकाश और उनके छोटे भाई अनिल सिंह ने एतराज जताया तो बात बिगड़ गई। राणा प्रताप सिंह ने अपने भाई विजय प्रताप, बेटे नितेश, चचेरे भाइयों योगेश, ज्ञानेश, ओमप्रकाश और साथी अखिलेश सिंह उर्फ पप्पू के साथ मिलकर ईंट-पत्थर चलाए और असलहों से फायरिंग शुरू कर दी। राणा प्रताप ने निशाना साधकर अनिल सिंह को गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमले में परिवार के कई अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस ने जांच के बाद सभी सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।


 अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता निर्मल कुमार शर्मा व ओमप्रकाश सिंह ने कुल आठ गवाहों को अदालत में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की लंबी बहस के बाद अदालत ने राणा प्रताप सिंह को दोषी मानते हुए उम्रकैद और 65 हजार रुपये जुमार्ने की सजा सुनाई। जुमार्ने की आधी राशि मृतक अनिल सिंह के वारिसान को देने का भी आदेश दिया गया। पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण विजय प्रताप, नितेश, योगेश, ज्ञानेश, ओमप्रकाश और अखिलेश सिंह उर्फ पप्पू को अदालत ने बरी कर दिया।

Saturday, 6 December 2025

जालौन थानाध्यक्ष ने सरकारी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर की आत्महत्या थाना परिसर में देर रात गूंजी गोली, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप गश्त से लौटने के कुछ देर बाद ही उठाया खौफनाक कदम


 जालौन थानाध्यक्ष ने सरकारी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर की आत्महत्या



थाना परिसर में देर रात गूंजी गोली, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप


गश्त से लौटने के कुछ देर बाद ही उठाया खौफनाक कदम



उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कुठौंद थाने में तैनात थाना प्रभारी अरुण कुमार राय ने शुक्रवार देर रात अपने कमरे में सरकारी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन्हें खून से लथपथ पाया। आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मूल रूप से संत कबीर नगर जिले के रहने वाले थाना प्रभारी अरुण कुमार राय शुक्रवार रात क्षेत्र में गश्त करके थाने लौटे थे। साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार, इसके कुछ ही देर बाद थाना परिसर स्थित उनके कमरे से गोली चलने की आवाज आई। मौके पर पहुंचे जवानों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो थानाध्यक्ष खून से लथपथपथ जमीन पर पड़े थे। तुरंत उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 


घटना की सूचना मिलते ही एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार, एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मेडिकल कॉलेज और थाने पहुंच गए। एसपी ने बताया कि आत्महत्या के कारणों की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। मृतक थानाध्यक्ष के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना से पूरे जिले की पुलिस में सनसनी फैल गई है।


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आजमगढ़ सरायमीर एसआईआर को लेकर नायब तहसीलदार ने की समीक्षा


 आजमगढ़ सरायमीर एसआईआर को लेकर नायब तहसीलदार ने की समीक्षा 



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सरायमीर थाना क्षेत्र के कम्पोजिट विघालय राजापुर सिकरौर में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर नायब तहसीलदार फूलपुर राजाराम ने पहुंच कर के व्यवस्थाओं की समीक्षा की और इस दौरान उनके साथ ग्राम पंचायत अधिकारी विनोद कुमार यादव,सुपरवाईजर प्रदीप सोनी और समस्त बीएलओ उपस्थित रहे।


ग्राम प्रधान शफीक अहमद को मौजूदगी में नायब तहसीलदार ने रिकार्ड और प्रगति की गहन जानकारी ली और बीएलओ से उपस्थित जानी बीएलओ ने बताया की शत प्रतिशत फार्म जमा कर दिया गया है। नायब तहसीलदार राजाराम ने निर्देश देते हुए बोले की इस दौरान अगर कोई व्यक्ति बाहर से आता-जाता  मिले तों उसका भी फार्म भरना सुनिश्चत करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति छूटने ना पाए। इस अवसर पर ग्रामवासी चनका बिन्द, एहतेशाम, मोहम्मद ऐकराम, गोविंद, पंचायत सहायक रामकिशोर, नजरुल इस्लाम सहित तमाम ग्रामवासी मौजूद थे।



आजमगढ़ सरायमीर से अबुलबशर आजमी की रिपोर्ट।

Friday, 5 December 2025

आजमगढ़ लोकसभा में गूंजी संविदा कर्मियों की पीड़ा, सांसद धर्मेन्द्र ने उठाई आवाज कहा, लाखों संविदा कर्मियों को स्थायी करे सरकार, बंद हो अन्याय सड़क से संसद तक लड़ाई कर संविदा कर्मियों को दिलाएंगे न्याय-सांसद धर्मेन्द्र यादव


 आजमगढ़ लोकसभा में गूंजी संविदा कर्मियों की पीड़ा, सांसद धर्मेन्द्र ने उठाई आवाज



कहा, लाखों संविदा कर्मियों को स्थायी करे सरकार, बंद हो अन्याय


सड़क से संसद तक लड़ाई कर संविदा कर्मियों को दिलाएंगे न्याय-सांसद धर्मेन्द्र यादव



उत्तर प्रदेश आजमगढ़, समाजवादी पार्टी के नेता लोकसभा मुख्य सचेतक लोक लेखा समिति भारत के सदस्य एवं सांसद आजमगढ़ से धर्मेंद्र यादव ने शुक्रवार को लोकसभा में उन लाखों संविदा कर्मियों शिक्षामित्र अनुदेशकों रोजगार सेवकों आंगनबाड़ी कार्यकतार्ओं पंचायत कर्मी और रसोइयों की आवाज उठाई जिनके कंधों पर व्यवस्था चलती है लेकिन जिनकी अपनी जिंदगी और सुरक्षा में गुजरती है। उन्होंने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश में 18 लाख से ज्यादा और देश के कई करोड़ संविदा कर्मियों की संविदाकर्मी की नौकरी की असुरक्षा वेतन की कमी नियमित लाभ नहीं मिलने से समाज में सबसे परेशान उपेक्षित और निरीह है। उन्होंने कहा कि आशा बहू को केवल 2000 रोजगार सेवकों को 8850 शिक्षामित्र को 10000 आंगनबाड़ी को केवल 5000 सहायिकाओं को 2700 अनुदेशकों को केवल 8700 सहायकों को 5000 रसोइयों को केवल 2000 का मानदेय दिया जा रहा है। साथ ही साथ उनके ठेकेदार जो नियुक्तिकर्ता है जिसने उनकी नियुक्ति की है, वह भी उनका शोषण कर रहे हैं।


 जबकि देश में सबसे ज्यादा सेवा यही संविदा कर्मचारी कर रहे हैं और अभी हाल ही में हो रही एसआईआर भी इन्हीं संविदा कर्मियों के द्वारा किया जा रहा है। जिसमें कई संविदा कर्मियों ने आत्महत्या कर लिया और कई की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मेरी मांग है कि केंद्र सरकार जो 5 ट्रिलियन इकोनामी की बात करती है जो विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की बात करती है वह इन संविदा कर्मियों को स्थाई करें और उन्हें स्थाई कर्मियों की जो सुविधाएं , बीमा, सेवाएं , स्वास्थ्य लाभ उनको और उनके परिवार को उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नीतियों का सवाल नहीं बल्कि उन परिवारों की उम्मीद गरिमा का सवाल है जो हर दिन संपूर्ण समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। हम समाजवादी लोग अखिलेश यादव जी के नेतृत्व में सड़क से संसद तक उनके साथ खड़े रहेंगे जब तक हमारे इन सभी कर्मियों को न्याय नहीं मिलता। हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी।